बरेली में सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) वकील

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बरेली, भारत

1978 में स्थापित
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लीगल एक्सपर्ट एसोसिएट्स, जिसकी स्थापना १९७८ में दिवंगत श्री मोहम्मद अहमद रिज़वी द्वारा की गई थी, एक प्रतिष्ठित...
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1- बरेली, भारत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) कानून के बारे में: बरेली, भारत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) कानून का संक्षिप्त अवलोकन

Bareilly में पीपीपी एक संरचना है जिसमें सरकार और निजी पक्ष मिलकर सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर या सेवाएं विकसित करते हैं। यह सामने आने वाले निर्बलों को दूर करने के लिए दीर्घकालीन अनुबंधों का उपयोग करता है। राष्ट्रीय-स्तर पर नीति और राज्य-स्तर के निर्देश इस प्रक्रिया को संचालित करते हैं।

इसमें केंद्र एवं राज्य के नियामक ढांचे, bidding दस्तावेज, और मॉडल कनसेशन एग्रीमेंट (MCA) जैसे उपकरण शामिल रहते हैं। यह कानूनी ढांचा निजी निवेश, गुणवत्ता नियंत्रण और सेवाओं के रखरखाव के लिए जिम्मेदारी निर्धारित करता है

“PPP is a long-term contract between a public sector authority and a private party for providing a public asset or service.”

यह आधिकारिक परिभाषा निवेशन-समर्थन के साथ भारतीय नीति-निर्धारण में प्रयुक्त होती है। स्रोत: NITI Aayog और Department of Economic Affairs (DEA) की PPP Guidelines https://dea.gov.in https://niti.gov.in

बरेली के लिए विशेष ध्यान धन्यवाद: UP राज्य-स्तर की PPP नीति और स्थानीय नगर-निगम के नियम भी روابط बनाते हैं। यह शहर-स्तर पर स्वीकृति, भूमि-आवंटन और अनुबंध-नियमन में सहायक होते हैं।

2- आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। बरेली, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

संयंत्र/परियोजना की प्रकृति के अनुसार वकील की भूमिका आवश्यक हो सकती है। नीचे Bareilly क्षेत्र के लिए प्रचलित परिदृश्य दिए गए हैं।

परिदृश्य 1: पानी आपूर्ति या जल CEU से जुड़ा PPP प्रोजेक्ट
Bareilly शहर के जल-आपूर्ति सुधार के लिए निजी भागीदारी परामर्श और अनुबंध-योजनाओं की तैयारी में वकील की जरूरत पड़ती है। RFQ, RFP, बिड-समिति, और मॉडेल कनसेशन एग्रीमेंट की समीक्षा महत्वपूर्ण है।

परिदृश्य 2: ठोस-स्वच्छता (solid waste management) PPP
नगर निगम के ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नयी अनुबंध संरचना बनाते समय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक होता है। अनुबंध-नियमन, जोखिम-हस्तांतरण और राजस्व-नगद प्रवाह के प्रावधान स्पष्ट करने पड़ते हैं।

परिदृश्य 3: शहरी यातायात और परिवहन (bus-rail mobility) परियोजनाएं
बस-रेपिड ट्रांज़िट, पार्किंग और स्मार्ट-रोडिंग जैसे मॉड्यूल में निजी पार्टनरशिप लाने के समय विधि-सहायता चाहिए होती है। RFP, KPI सेटिंग, और निगरानी संस्थाओं के प्रावधान स्पष्ट करने होते हैं।

परिदृश्य 4: शैक्षणिक और कौशल-परियोजनाएं
स्कूल भवन, कौशल संस्थान या अस्पताल-समर्थक शिक्षा केंद्रों के लिए PPP स्थापित करते समय भूमि-स्वामित्व, टैक्स-आदेश और लाभ-रहित शर्तों पर स्पष्टीकरण जरूरी होता है।

परिदृश्य 5: सार्वजनिक-निजी भागीदारी के लिए वैधता और पेयरेखा
विधिक विवादों, अनुबंध-उल्लंघन, या परियोजना-समाप्ति पर विवाद-समाधान के लिए Arbitral proceedings का चयन और कार्यान्वयन जरूरी होता है।

परिदृश्य 6: सरकारी वित्त पोषण और Viability Gap Funding (VGF)
VGF जैसे वित्तीय प्रवेशों के नियम, अनुपालन और दस्तावेजीकरण के लिए कानून-आधारित मार्गदर्शन आवश्यक रहता है।

3- स्थानीय कानून अवलोकन: बरेली, भारत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  • भारतीय संविदा अधिनियम 1872 - अनुबंध-निर्माण, वैधानिक बाध्यता, और अनुबंध-नियमों को नियंत्रित करता है।
  • आर्बिट्रेशन और सुलह अधिनियम 1996 - विवाद-समाधान में वैकल्पिक मंच, मध्यस्थता और सुलह के नियम प्रदान करता है; PPP समझौतों में अक्सर यह विकल्प रहता है।
  • UP सार्वजनिक-निजी भागीदारी नीति 2017 (नीति-निर्देश) - उप-राज्य स्तर पर PPP के लिए निर्देश, प्रक्रियाएं और मानक bidding दस्तावेजों के मार्गदर्शन देता है।

ऊपर के कानूनों के साथ Model Concession Agreement (MCA) और Model Bid Documents का प्रयोग किया जाता है ताकि Bareilly जैसे शहरों में प्रक्रियाएँ एकरूप रहें।

स्रोत-संदर्भ: Department of Economic Affairs, Government of IndiaNITI Aayog • UP PPP नीति-निर्देश

4- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PPP क्या है?

PPP एक दीर्घकालीन अनुबंध है जिसमें सार्वजनिक प्राधिकार और निजी पक्ष सार्वजनिक संपत्ति या सेवा प्रदान करने के लिए साझे रहते हैं।

यह अनुबंध निजी निवेश, डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी साझा करता है।

Bareilly me PPP प्रोजेक्ट के लिए किन-किन संस्थाओं की भूमिका होती है?

सरकार, नगरपालिका, और स्थानीय विकास प्राधिकरण के साथ निजी भागीदार मुख्य भूमिका निभाते हैं। कानून के अनुसार bidding, अनुबंध-नियमन और dispute-resolution कराया जाता है।

पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए कौन सा कानून लागू होता है?

भारतीय संविदा अधिनियम 1872, Arbitration and Conciliation Act 1996, और UP PPP नीति जैसे नियम लागू होते हैं।

क्या VGF से वित्त पोषण संभव है?

हाँ, Viability Gap Funding (VGF) एक वित्तीय गुंजाइश है जिसे केंद्र या राज्य सरकारें उपलब्ध करा सकती हैं।

क्या IPR और land-asset transfer PPP में अहम हैं?

हाँ, भूमि स्वामित्व, भूमि-अधिग्रहण, भूमि-रूड़ी और बौद्धिक संपत्ति अधिकार स्पष्ट होने चाहिए।

PKI और सुरक्षा-प्रपत्र कब आवश्यक होता है?

RFQ, RFP, and Concession Agreement जैसे दस्तावेजों में सुरक्षा-प्रपत्र, तकनीकी शर्तें और वित्तीय-प्रस्ताव की गारंटी दी जाती है।

PPP के लिए कौन से चयन-मानदंड आवश्यक होते हैं?

Value for Money, service quality, risk transfer, and project feasibility are primary criteria. Transparent bidding is mandatory.

आर्बिट्रेशन बनाम अदालत किसे चुनना उचित रहता है?

Arbitration अक्सर faster and less public होता है, विशेषकर कॉन्ट्रैक्ट-डिस्प्यूट्स में। अदालतें अंतिम राहत दे सकती हैं अगर कीमत-समझौते में ठोस दलील हो।

RTI से जानकारी माँगना कितना मददगार है?

RTI के माध्यम से प्रोजेक्ट-जानकारियाँ, bidding-criteria और Performance-Highlights प्राप्त होते हैं।

कानूनी सलाह कब लेनी चाहिए?

जब RFQ/RFP बनाये जा रहे हों, या Concession Agreement draft किया जा रहा हो, तब तुरंत वकील से सलाह लें।

कौन से अनुमानित चरण हैं जो Bareilly में शुरू होते हैं?

नीति-आकलन, feasibility study, bidding दस्तावेज़ तैयार करना, bids का मूल्यांकन, और अनुबंध-नियमन होते हैं।

PPP परियोजना के dispute-Resolution के विकल्प क्या हैं?

Arbitration, conciliation और mediation प्रमुख विकल्प हैं; अनुबंध में स्पष्ट dispute-resolution clause होना चाहिए।

राजस्व-गुणवत्ता और प्रदर्शन-स्वीकृति कैसे स्थापित होती है?

KPIs और performance-based payments Contract में निर्धारित होते हैं; testing और acceptance criteria भी लिखित रहते हैं।

क्या Bareilly में भूमि-स्वामित्वकरण में जटिलताएँ हो सकती हैं?

हाँ, भूमि acquisition और transfer के मामले में स्थानीय प्रशासन की सहमति आवश्यक होती है और भूमि-प्रयोग का कानूनी ढांचा स्पष्ट होना चाहिए।

क्या PPP प्रोजेक्ट में पारदर्शिता जरूरी है?

बिल्कुल, सार्वजनिक-उपयोग के कारण transparency और RTI-आधारित जानकारी प्रमुख मानी जाती है।

5- अतिरिक्त संसाधन

  • NITI Aayog - Public-Private Partnership (PPP) नीति और मार्गदर्शक दस्तावेज़. https://niti.gov.in
  • Department of Economic Affairs (DEA) - PPP Guidelines और MCA आदि के दस्तावेज़. https://dea.gov.in
  • UP State Infrastructure Development Corporation (UPSIDC) - उत्तर प्रदेश में PPP-उन्मुख परियोजनाओं की सलाह और नियमावली. https://iddup.in

6- अगले कदम

  1. अपना परियोजना-वास्तविक विवरण बनाएं: उद्देश्य, लागत, अनुमानित समय-रेखा और लाभ।
  2. UP PPP नीति के अनुरूप परियोजना-डिज़ाइन करें और आवश्यक दस्तावेज़ सूची बनाएं।
  3. Bareilly के स्थानीय निकाय-प्राधिकरण से प्रारम्भिक स्वीकृति लें।
  4. PPP अनुभव रखने वाले वकील/कानूनी सलाहकार का चयन करें; पूर्व-योग्यता देखें।
  5. पहला कानूनी आकलन करवाकर RFQ/ RFP ड्राफ्ट कराएं और की-वर्ड चेकलिस्ट बनाएं।
  6. Bid evaluation और अनुबंध-नीतियों के लिए मूल्य-योजना तैयार रखें।
  7. شكل-समझौते पर हस्ताक्षर से पहले सभी दुष्परिणामों का जोखिम-आकलन करें और चोरी-रहित दस्तावेज रखें।

उद्धरण स्रोत:

“PPP is a long-term contract between a public sector authority and a private party for providing a public asset or service.”
“PPP in infrastructure should be chosen when it offers value for money, improved service delivery and faster project delivery.”

ऊपर के उद्धरण और परिभाषाएँ DEA और NITI Aayog की आधिकारिक सामग्री से लिए गए हैं। वास्तविक दस्तावेज़ और पन्नों के लिए देखें: DEA, NITI Aayog

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