गिरिडीह में सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
गिरिडीह, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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1. गिरिडीह, भारत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) कानून का संक्षिप्त अवलोकन

गिरिडीह जिला झारखंड के अंतर्गत आता है और यहाँ भी जल, सडक और नगरपालिका सेवाओं में पीपीपी मॉडल काम में लाया जा सकता है।

पीपीपी कानून का उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना, जोखिम सही पक्ष को सौंपना और जीवन-काल के लिए लागत-कार्य प्रभावी व्यवस्था बनाना है।

केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर इन परियोजनाओं के लिए मॉडल कंसession एग्रीमेंट, वैधता-गांरंटी और वित्तीय सहायता के ढांचे तय करती हैं।

“Public-Private Partnership in infrastructure aims to deliver value for money, transfer risk to the party best suited to manage them, and ensure sustainable service delivery.” - National PPP Policy, NITI Aayog
“The Arbitration and Conciliation Act, 1996 provides for settlement of disputes by arbitration or conciliation.” -Government of India
“The Public Procurement (Preference to Local Suppliers) Order, 2017 promotes local industry while ensuring fair competition in government procurement.” -Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT)

गिरिडीह-झारखंड में पीपीपी के लिए केंद्र की नीति और राज्य स्तर की पहलें मिलकर काम करती हैं।

यह मार्गदर्शिका खास तौर पर निवासियों, व्यवसायों और प्रशासनिक विभागों के लिए संजीदा सूचना देता है ताकि वे सही कानूनी कदम उठा सकें।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे दिए गए परिदृश्य गिरिडीह के संदर्भ में प्रासंगिक हो सकते हैं। हर स्थिति में विशेषज्ञ अधिवक्ता आपकी जरूरत के अनुसार उचित अनुबंध और अधिकार-रक्षित उपाय सुझाएंगे।

  • सड़क और पुल परियोजनाओं की एमसीए-आधारित निविदा के समय उचित जोखिम-हस्तांतरण तय कराना आवश्यक हो।
  • जल-आपूर्ति परियोजना के लिए टैरिफ निर्धारण और सेवा स्तर मानकों पर अनुबंध-विशेष सलाह चाहिए।
  • स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाओं में लाइसेंसिंग, फाइनेंशियल मॉडेल और भुगतान-निर्धारण स्पष्ट करने को लेकर कानून-परामर्श।
  • झगड़े-निर्णय के लिए द्विपक्षीय मध्यस्थता या अंर्त-न्यायिक विवाद समाधान की जरूरत संभव है।
  • स्थानिक-उद्योग नीति और स्थानीय सामग्री के नियम के अनुसार स्थानीय सप्लायर्स को स्थान-निर्धारण में सहायता चाहिए।
  • पूर्व-चुनौतियों से भरे अनुबंधों का संशोधन या संश्लेषण कराना हो तो अनुभवी वकील की सलाह जरूरी है।

गिरिडीह जिले में संभावित परिदृश्य के साथ निश्चय करने हेतु एक विशेषज्ञ कानूनी सलाहकार से मिलना व्यवहारिक है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

पीपीपी परियोजनाओं को संचालित करने के लिए नीचे बताए गये कानून और नियम सामान्यतः लागू होते हैं।

  • Indian Contract Act, 1872 - अनुबंध निर्माण, मानक शर्तें, जोखिम-हस्तांतरण आदि के लिए मूल कानून।
  • Arbitration and Conciliation Act, 1996 - विवादों का समधान arbitration द्वारा करने की व्यवस्था। 2015 और 2019 में सुधार हुए हैं।
  • Public Procurement (Preference to Local Suppliers) Order, 2017 - स्थानीय सप्लायर्स को प्राथमिकता देते हुएPROCUREMENT प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बनाये रखना।

गिरिडीह में इन कानूनों के साथ झारखंड राज्य नीति और जिला-स्तर पर समन्वय से PPP प्रोजेक्ट चलते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PPP क्या है?

PPP एक सहयोगी ढांचा है जिसमें निजी क्षेत्र सार्वजनिक सेवाओं या बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करता है।

गिरिडीह में कौन-सी परियोजनाएं PPP के दायरे में आ सकती हैं?

सडक निर्माण, जल-आपूर्ति, नगरपालिका सेवाओं, ठोस-अपशिष्ट प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्र PPP के लिए सामान्य तौर पर रुचि रखते हैं।

क्या मेरे पास PPP अनुबंध में मुकदमा करने का अधिकार है?

हाँ, अनुबंध-रहित या अनुचित निर्णय पर आप मध्यस्थता, अदालत या वैधानिक उपाय चुन सकते हैं।

PPPs में कौन सा जोखिम किसके पास रहता है?

जोखिम आम तौर पर परियोजना-डिजाइन, फाइनेंसिंग, संचालन और मॉनिटरिंग से जुड़ा होता है। सही हस्तांतरण लागत कम करने में मदद करता है।

मेरा जिला गिरिडीह कैसे तय करेगा कि कौन-सी परियोजना PPP है?

सम्भावित लाभ, तकनीकी व्यवहार्यता, वित्तीय व्यवहार्यता और मूल्य-व्यवस्था के आधार पर राज्य-नीति और केंद्र के दिशानिर्देश लागू होते हैं।

क्या शासन-क्षेत्र में स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को प्राथमिकता मिलती है?

हाँ, Public Procurement Order के अनुसार स्थानीय सप्लायर्स को प्राथमिकता मिल सकती है, यदि गुणवत्ता और कीमत उचित हो।

PPPs के लिए कौन सा मार्गदर्शक दस्तावेज़ उपलब्ध है?

Model Concession Agreement और Viability Gap Funding दिशानिर्देश जैसे दस्तावेज़ उपयोग में आते हैं।

किस तरह विवाद हल होते हैं?

आमतौर पर arbitration या mediation के जरिए विवाद हल होता है। कानूनी तौर पर अनुबंध में arbitration clause अनिवार्य होता है।

क्या मैं निजी पार्टनर की तलाश कर सकता हूँ?

हाँ, जिला प्रशासन या राज्य-स्तरीय nodal agency से PPP प्रोजेक्ट के लिए पार्टनर-नोटिस/नीलामी की जानकारी मिलती है।

गिरिडीह निवासियों के लिए क्या सावधानियाँ हैं?

स्थानीय कानून और अनुबंध की शर्तों को समझना ज़रूरी है; अनुचित भुगतान या जोखिम-हस्तांतरण से बचना चाहिए; अग्रिम जाँच करें।

क्या मैं विपक्षी पक्ष के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता हूँ?

हाँ, सार्वजनिक रिकॉर्ड, आरटीआई और जिला प्रशासन के सूचना-आयुक्त से जानकारी माँगी जा सकती है।

मैं कैसे शुरू करूँ?

कानूनी सलाहकार से पहले परियोजना-व्यवहार्यता, अनुबंध की शर्तें और अधिकार-रक्षा पर स्पष्ट समझ बनाएं।

5. अतिरिक्त संसाधन

इनमें से आॅफिशियल स्रोतों पर दिए गए दस्तावेज आपके अनुरोध के अनुसार विशेष अनुबन्ध, जोखिम-हस्तांतरण और भुगतान-नीतियों को समझने में मदद करेंगे।

6. अगले कदम

  1. परियोजना-स्कोप और आपके पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करें।
  2. गिरिडीह जिले के PPP संहिता और राज्य नीति का संक्षिप्त आकलन करें।
  3. एक अनुभवी वकील या कानूनी सलाहकार के साथ पहली बैठक करें।
  4. अनुबंध-ड्राफ्टिंग और जोखिम-हस्तांतरण के मॉडल तैयार करवाएं।
  5. अनुदान, टैक्स और वित्तीय घटकों पर स्पष्टता के लिए वित्तीय सलाह लें।
  6. स्थानीय आपूर्तिकर्ता और हितधारकों से व्यापक जानकारी जुटाएं।
  7. दस्तावेज़-पड़ताल के बाद आवेदन-पत्र, निविदा-नियमानुसार तैयारी करें और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के लिए रिडर्ड-डायरेक्ट करें।

गिरिडीह निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: परियोजना की संपूर्ण जानकारी मांगे, स्थानीय कानून-शर्तें पढ़ें, और किसी भी अनुबंध पर दस्तखत से पहले अपने कानूनी सलाहकार से परामर्श लें।

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