लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ रियल एस्टेट वकील

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रियल एस्टेट वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

LEXAMEET PROFESSIONAL'S LLP - A LAW FIRM
लखनऊ, भारत

2020 में स्थापित
English
LEXAMEET PROFESSIONAL'S LLP भारत में स्थित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जो देश भर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों को कानूनी...

1980 में स्थापित
English
1980 में स्थापित, डी एस चौबे एंड एसोसिएट्स (एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स) लखनऊ, भारत में आधारित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म...
Advo Talks
लखनऊ, भारत

2019 में स्थापित
English
AdvoTalks, जो अकरशन श्रीवास्तव द्वारा मुख्य विधि अधिकारी वत्सल्य अजीत श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में स्थापित एक...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
लखनऊ, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
लखनऊ, भारत

English
एटी लॉ चैम्बर एक गतिशील पूर्ण-सेवा कानूनी फर्म है जिसका मुख्यालय लखनऊ, भारत में स्थित है, और इसके अतिरिक्त...
जैसा कि देखा गया

भारत रियल एस्टेट वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें रियल एस्टेट के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मैं अपने माता-पिता की सुरक्षा के लिए मुकदमा दाखिल कर सकता/सकती हूँ?
रियल एस्टेट
मेरे माता-पिता के असम स्थित घर में एक किरायेदार पाँच महीनों से किराया एवं दो महीनों से बिजली का बिल नहीं चुका रहा है और घर खाली करने से इनकार कर रहा है। इसके अतिरिक्त वह मेरे वृद्ध माता-पिता को गाली देता है और उत्पीड़न करता है। मैं भारत के...
वकील का उत्तर Solomon & Co. द्वारा

सीमित जानकारी के आधार पर निम्नलिखित कानूनी उपचार किए जा सकते हैं:किरायेदार को परिसर खाली करने के लिए कानूनी नोटिस भेजना।आपके माता-पिता को होने वाले उत्पीड़न के संबंध में किरायेदार के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करना।किरायेदार के खिलाफ निष्कासन मुक़दमा...

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1 उत्तर

1. लखनऊ, भारत में रियल एस्टेट कानून के बारे में

लखनऊ में रियल एस्टेट कानून का उद्देश्य है खरीदारों और विक्रेताओं के बीच पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना।

यह क्षेत्रीय नियम UP रेरा और पंजीकरण विभाग के अधीन लागू होते हैं, ताकि परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

RERA का प्रमुख लक्ष्य है खरीदार सुरक्षा एवं परियोजना सूचना की पारदर्शिता बढ़ाना और प्रमाणित दस्तावेजों के साथ लेनदेन करना आसान बनाना।

“The Real Estate Regulation and Development Act, 2016 aims to protect home buyers and promote transparency in real estate transactions.”

Source: rera.gov.in

UP रेरा Uttar Pradesh के भीतर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए नियंत्रण और निगरानी करता है।

“UP RERA acts as the regulatory authority for real estate projects in the state of Uttar Pradesh to ensure transparency and accountability.”

Source: up-rera.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे Lucknow के वास्तविक माहौल मेंLEGAL सहायता क्यों जरूरी है, यह चार से छह प्रमुख परिदृश्यों में दिया गया है।

  • Lucknow के Gomti Nagar या Aliganj क्षेत्र के एक प्रोजेक्ट ने UP रेरा में पंजीकरण नहीं किया था; खरीदारों ने जोखिम उठाते हुए क्लेम दायर किया।
  • एक भूखंड के टाइटल पर असमर्थता दिखी: विक्रेता के पास मालिकाना प्रमाण पत्र स्पष्ट नहीं था, और ब्योरे में अड़चन आई।
  • ग्रुप हाउसिंग के बिक्री अनुबंध में स्टाम्प ड्यूटी तथा भुगतान अनुसूची गलत थी;律师 ने सही गणना और संशोधन की सलाह दी।
  • एक प्रोजेक्ट में डिलीवरी लेट हो रही थी और OC/CC की अनुपलब्धता थी; कानूनी सलाह से कानूनी विकल्प स्पष्ट हुए।
  • Power of Attorney के जरिये बिक्री की व्यवस्था थी; ऑथराइजेशन के अधिकारों और वैधानिकता की जाँच जरूरी थी।
  • डील की तैयारी के समय title search, encumbrance certificate और पूर्व प्रतिकूल ऋण की जाँच आवश्यक थी ताकि बाद में विवाद न हो।

इन परिस्थितियों में एक अनुभवी advokāt, वकील या कानूनी सलाहकार के साथ परामर्श आवश्यक रहता है ताकि वैधानिक बिंदु मजबूत हों और नुकसान से बचा जा सके।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

Lucknow, भारत में रियल एस्टेट को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानूनों का संक्षिप्त सार यहां है।

  • Real Estate Regulation and Development Act, 2016 (RERA) - यह कानून परियोजनाओं की पंजीकरण, सूचना disclosure और व्यक्तिगत खरीदार सुरक्षा पर बल देता है।
  • Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority Rules, 2019 - UP क्षेत्र के भीतर UP RERA के नियम और प्रक्रियाएँ निर्धारित करता है।
  • Transfer of Property Act, 1882 - संपत्ति के ट्रांसफर के अधिकार, बिक्री, नियुक्ति और अन्य अनुबंध सम्बंधी नियमों का आधार है।
  • Indian Stamp Act, 1899 - संपत्ति दस्तावेजों की stamp duty तथा पंजीकरण से जुड़ा प्रमुख कानून है।

UP RERA के अनुसार परियोजनाओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य है; बिना पंजीकरण के बिक्री वैध नहीं मानी जाती।

Source quotes:

“The UP RERA regulates real estate projects in the state and enforces transparency and accountability.”

Source: up-rera.in

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RERA क्या है?

RERA एक केंद्रीय अधिनियम है जो खरीदार सुरक्षा, परियोजना पारदर्शिता और विक्रेता जवाबदेही को बढ़ाता है।

UP रेरा में पंजीकरण क्यों जरूरी है?

पंजीकरण से परियोजना पर निगरानी बनी रहती है, डिलीवरी समय और भुगतान के नियम स्पष्ट होते हैं।

Lucknow में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय कौन से दस्तावेज चाहिए?

खरीदार-फ्रेम के अनुरूप पहचान पत्र, पते का प्रमाण, खरीद-फरोख्त अनुबंध, संपत्ति का title डाक्यूमेंट्स और stamp duty सर्टिफिकेट साथ रखें।

टाइटल क्लियर nahi है तो क्या करें?

title search करवाएं, encumbrance certificate माँगें, और आवश्यक हो तो कानूनी नोटिस भेजकर समस्या हल करें।

बिक्री-समझौते में किन बिंदुओं की कड़ाई से जाँच करें?

कीमत संरचना, भुगतान अनुसूची, फीस, penalties, तारीखें और dispute resolution क्लॉज़ को स्पष्ट रखें।

OC और CC क्या होते हैं और क्यों जरूरी हैं?

OC/CC संरचना-स्वीकृति प्रमाण हैं; वे निर्माण-कार्य के पूर्ण होने और उपयोग के लिए प्रमाणित दस्तावेज हैं।

Encumbrance Certificate क्या है?

EC यह बताता है कि संपत्ति पर कोई बंधक, किसी दूसरे पेचीदा दावों की स्थिति क्या है; इसे चेक करें।

Stamps और Registration शुल्क कितने होते हैं?

UP में stamp duty कानून के अनुसार लगता है; दरें समय समय पर राज्य सरकार तय करती है।

Power of Attorney से बिक्री क्या सुरक्षित है?

POA द्वारा बिक्री वैध हो सकती है पर प्राधिकार के दायरे और वैधानिकता की जाँच आवश्यक है।

क्या प्रोजेक्ट UP रेरा में पंजीकृत होना जरूरी है?

हां, UP में डेवेलपर्स को अपने प्रोजेक्ट UP रेरा में पंजीकृत कराना अनिवार्य है, अन्यथा कानूनी जोखिम होता है।

अगर प्रोजेक्ट देरी से पूरा होता है तो क्या कानूनी उपाय हैं?

कानूनी नोटिस, डิลॉयड-रिपेयर क्लॉज़ और compensation मांगने के विकल्प उपलब्ध होते हैं।

कानूनी सलाह लेने के लिए कितना समय लगेगा?

सामान्यत: पहली सलाह 30-60 मिनट में ले ली जाती है, फिर केस कॉम्प्लेक्स के अनुसार समय बढ़ सकता है।

Lucknow के लिए ऑनलाइन वकील ढूंढना कैसे शुरू करें?

स्थानीय बार काउंसिल की सूची, रेफरेंसेस और पूर्व केस-विकास देखकर मिलान करें।

कौन से डॉक्यूमेंट ऑडिट करवाने चाहिए?

title, sale agreement, project approvals, NOC, और अन्य रजिस्ट्रेशन दस्तावेज जांचें।

5. अतिरिक्त संसाधन

रियल एस्टेट से जुड़ी सही मार्गदर्शक संस्थाएं नीचे दी गई हैं।

  • UP Real Estate Regulatory Authority (UP RERA) - आधिकारिक स्रोत और नियम
  • National Real Estate Development Council (NAREDCO) - उद्योग संघ
  • Confederation of Real Estate Developers' Associations of India (CREDAI) - राष्ट्रीय नेटवर्क

Source quotes के लिए देखें:

“UP RERA regulates real estate projects in the state and enforces transparency and accountability.”

Source: up-rera.in

“The Real Estate Regulation and Development Act, 2016 aims to protect home buyers and promote transparency in real estate transactions.”

Source: rera.gov.in

6. अगले कदम

  1. अपनी आवश्यकता स्पष्ट करें; résidential, commercial या प्लॉट डील है यह तय करें।
  2. Lucknow में रियल एस्टेट स्पेशलिस्ट advokāt/advani खोजें और पहचान-पत्र जाँचें।
  3. Bar Council of Uttar Pradesh से वकील की पंजीकृत मान्यता.verify करें।
  4. पहली परामर्श में परियोजना, दस्तावेज और timeline पर स्पष्ट लिखित plan बनाएं।
  5. डॉक्यूमेंट्स की चेकलिस्ट बनाकर सभी कागजात साथ लाएं; title, OC, CC, agreement आदि।
  6. रिस्क्स, फीस और फीस-structure पर स्पष्ट retainers समझौता करें।
  7. कानूनी कदम लेने से पहले रुचि-समझौते और dispute resolution क्लॉज़ को review करें।

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