जोधपुर में सर्वश्रेष्ठ पुनर्गठन और दिवालियापन वकील
अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।
मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।
जोधपुर, भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
1. जोधपुर, भारत में पुनर्गठन और दिवालियापन कानून का संक्षिप्त अवलोकन
जोधपुर में पुनर्गठन और दिवालियापन कानून व्यापारिक संकट के समय संपत्ति के मूल्य संरक्षण तथा ऋण चुकाने की समय सीमा तय करने के उद्देश्य से लागू होते हैं. प्रमुख ढांचा Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 के तहत आता है. यह कोड कॉर्पोरेट डेब्टर, व्यक्तिगत उपक्रम और साझेदारी फर्मों के लिए पुनर्गठन तथा दिवालियापन समाधान को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करता है.
Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 consolidates and amends the laws relating to reorganization and insolvency resolution of corporate persons, partnerships and individuals in a time bound manner.
IBC के अलावा स्थानीय स्तर पर Corporate Debt Resolution, compromise और arrangement आदि प्रक्रियाओं के लिए Companies Act 2013 तथा SARFAESI जैसे प्रावधान भी प्रचलित हैं. जोधपुर में वाणिज्यिक न्यायाधिकरण, बैंकों के बकायों के तात्पर्य और अदालत के समन्वय से मामले आगे बढ़ते हैं. स्थानीय व्यवसायों के लिए यह जरूरी है कि वे कोर्ट-सम्बन्धी प्रक्रियाओं और बैंकों के साथ बातचीत की सही रणनीति समझें.
उद्धरण स्रोत: Legislation.gov.in - Insolvency and Bankruptcy Code, 2016; Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) वेबसाइट.
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
जोधपुर में एक MSME या होटल जैसे पर्यटन-आधारित व्यवसाय का ऋण डिफॉल्ट हो गया है. ऐसे में IBC के अनुसार CIRP या वैकल्पिक समाधान-योजनाओं के लिए अनुभवी advक की जरूरत पड़ती है ताकि क्रेडिटर्स, डेब्टर और स्टेकहोल्डर के हित संतुलित हों.
secured creditors के साथ litigation और asset recovery की स्थिति उत्पन्न हो. SARFAESI के अंतर्गत संपत्ति परिसंपत्ति-आधारित समाधान की दिशा में कानूनी सलाह आवश्यक होती है.
कंपनी का पुनर्गठन, प्रस्तावित compromise और arrangement प्रक्रियाओं के लिए Companies Act 2013 की धारा 230-232 के अंतर्गत योजना के निर्माण में विशेषज्ञ सलाह चाहिए.
व्यक्तिगत व्यवसायी द्वारा personal insolvency का जोखिम है; ऐसे मामलों में IBC के अंतर्गत व्यक्तिगत दिवालियापन प्रक्रिया की तैयारी, दस्तावेज और प्रतिनिधित्व वकील के द्वारा किया जाना चाहिए.
Cross-border या बहु-राज्य वित्तीय क्रेडिटर्स के साथ dispute होने पर व्यवहारिक मार्गदर्शन और कॉम्प्रिहेन्सिव प्लान के लिए लोकल advक की आवश्यकता होती है.
जब creditors की समिति (CoC) बनती है और एक वास्तविक, व्यवहारिक पुनरुद्धार योजना बनानी हो, तब स्टेकहोल्डर-फ्रेंडली और समयबद्ध प्रस्ताव बनाने हेतु कानून-जानकार की भूमिका अहम हो जाती है.
3. स्थानीय कानून अवलोकन
Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 - कॉर्पोरेट डेब्टर, व्यक्तिगत उपक्रम और साझेदारी फर्मों के पुनर्गठन तथा दिवालियापन निपटान के लिए मुख्य विधि है. यह समयबद्ध समाधान लक्ष्य करता है और क्रेडिटर्स, debtors, information utilities आदि के बीच संतुलन स्थापित करता है.
Companies Act, 2013 - धारा 230-232 के अंतर्गत एक प्रस्तावित compromise और arrangements के माध्यम से पुनर्गठन की प्रक्रिया को व्यवस्थित करती है. यह खास तौर पर प्राइवेट/ पब्लिक कंपनियों के लिए प्रासंगिक है.
SARFAESI Act, 2002 - सिक्योर्ड क्रेडिटर्स के माध्यम से सुरक्षित संपत्ति (loan secured assets) की enforcement और asset reconstruction के लिए विशेष प्रावधान देता है. यह बैंकिंग क्षेत्र में पुनर्गठन के साथ asset recovery का प्रमुख उपकरण है.
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IBC क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
IBC एक केंद्रीय कानून है जो कॉर्पोरेट डेब्टर, व्यक्तिगत उपक्रम एवं साझेदारी फर्मों के पुनर्गठन और insolvency resolution को समयबद्ध बनाता है. इसका लक्ष्य मूल्य-संरक्षण के साथ दिवालियापन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और त्वरित समाधान प्रदान करना है.
CIRP शुरू कैसे होता है?
किसी क्रेडिटर या ड Debtor के द्वारा insolvency petition दायर की जाती है. NCLT इस पीटिशन को स्वीकार कर CIRP की प्रक्रिया आरम्भ करवाता है और एक IP (Insolvency Professional) नियुक्त होता है. फिर एक Moratorium लागू हो सकता है ताकि assets पर परिस्थिति नियंत्रण में रहे.
Moratorium कब लागू होता है और इसका क्या मतलब है?
Moratorium एक कानूनी रोक है जो CIRP के दौरान debtors की assets पर आवेदन से रोक लगाता है. इससे नया ऋण नहीं लिया जा सकता और creditors द्वारा asset-sketching में देरी नहीं होती.
Resolution Plan कौन बनाता है और उसे कैसे मंजूरी मिलती है?
Insolvency Professional और CoC मिलकर एक Resolution Plan बनाते हैं. Plan को NCLT के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है और अदालत योजना की व्यवहारिकता, legality और सभी पक्षों के हितों के अनुरूप होने की पुष्टि करती है.
कौन सा समय-सीमा निर्धारित है और क्या एक्सटेंशन मिल सकता है?
IBC के अंतर्गत CIRP सामान्यतः 180 दिन में पूरा करने की कोशिश होती है, और कुछ मामलों में अदालत द्वारा अधिक समय दिया जा सकता है. राजस्थान के क्षेत्र में भी यह समय-सीमा लागू मानी जाती है.
यदि कंपनी दिवालिया हो जाए तो क्या बच सकता है?
अगर viable योजना बनती है और CoC/ NCLT द्वारा अनुमोदित होती है, तो पुनर्गठन संभव है. अन्यथा संपत्तियों का liquidation संभव है, जिससे creditors के लिए मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित होती है.
क्या IBC व्यक्तिगत ऋणदाताओं के लिए भी प्रযोज्य है?
हाँ, IBC व्यक्तिगत उपक्रमों और व्यक्तियों पर भी लागू होता है. व्यक्तिगत insolvency प्रक्रिया से गुजरने वाले व्यक्तियों के लिए अलग पूर्व-आयोजन और प्रक्रिया निर्धारित है.
जोधपुर में उपयुक्त वकील कैसे खोजें?
जोधपुर में एक अनुभवी पुनर्गठन व पारदर्शी insolvency केस का मार्गदर्शन करने वाले advक ढूंढ़ना महत्वपूर्ण है. स्थानीय बार एसोसिएशन, रेफरेंस, और IBBI के पंजीकृत insolvency professionals से संपर्क करें.
क्या दस्तावेज चाहिए होंगे?
कंपनी के पंजीकरण, वित्तीय स्टेटमेंट, बैलेंस शीट, ऋण अनुबंध, creditor statements, और past audit reports जैसे दस्तावेज साथ रखें. व्यक्तिगत insolvency के लिए भी आय-जीवन-खर्च विवरण और संपत्ति विवरण जरूरी होते हैं.
IBC और SARFAESI के बीच अंतर क्या है?
IBC मुख्य रूप से insolvency resolution के लिए है, जबकि SARFAESI secured asset recovery के लिए है. दोनों में उद्देश्य creditors के हितों की सुरक्षा है, पर प्रक्रियात्मक मार्ग अलग हैं.
Cross-border insolvency क्या संभव है?
हां, अन्तर्राष्ट्रीय क्रेडिटर्स वाले मामलों में cross-border insolvency के नियम लागू हो सकते हैं. इस प्रकार के मामलों में स्थानीय और विदेशी पक्षों के बीच समन्वय जरूरी होता है.
क्या पुनर्गठन के लिए तात्कालिक राहत मिलती है?
हाँ, moratorium के द्वारा तात्कालिक सुरक्षा मिलती है ताकि बिक्री, ट्रांसफर या नया ऋण लेने जैसी गतिविधियाँ रोक सकें. यह पुनर्गठन के समय-निर्धारण में मदद करता है.
जोधपुर में मेरा केस किस कोर्ट/बेंच में जाएगा?
IBC के तहत CIRP के मामलों की सुनवाई NCLT के समक्ष होती है. राजस्थान में case के अनुसार Jaipur या अन्य किसी नजदीकी bench की पुष्टि अपने advक से करें.
कानूनी सहायता कैसे बढ़िया प्राप्त करें?
विशेषज्ञ advक के साथ initial consultation लें, उनके अनुभव, क्षेत्रीय विशेषज्ञता, और बिलिंग संरचना पर स्पष्ट agreement बनाएं. स्थानीय court और regulator के साथ उनके पास अच्छा नेटवर्क हो सकता है.
5. अतिरिक्त संसाधन
Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - insolvency professionals, information utilities और प्रक्रियाओं के regulation के लिए आधिकारिक संस्था. https://www.ibbi.gov.in
National Company Law Tribunal (NCLT) और National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) - CIRP, compromise और arrangement आदि मामलों की न्यायिक सुनवाई के लिए प्रमुख न्यायिक संस्थान. https://nclt.gov.in
Reserve Bank of India (RBI) - बैंकिंग और पुनर्गठन से जुड़ी नीतियाँ और मार्गदर्शक निर्देश. https://www.rbi.org.in
6. अगले कदम
अपने व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का प्राथमिक आकलन करें. नकदी प्रवाह, ऋण आकार और स्थिरता को समझना जरुरी है.
जोधपुर क्षेत्र के अनुभवी पुनर्गठन वकील या advक से संपर्क करें और पहले परामर्श लें.
कौन सा मार्ग उपयुक्त है, CIRP, compromise-योजना या SARFAESI जैसी वैकल्पिक व्यवस्था, यह विशेषज्ञ के साथ मिलकर तय करें.
जरूरी दस्तावेज़ एकत्र करें जैसे वित्तीय स्टेटमेंट, ऋण अनुबंध, creditor statements और auditing रिकॉर्ड.
CoC और NCLT के साथ संचार की योजना बनाएं; कानूनी खर्चों का एक आंसर-शीट बनाएं.
स्थानीय regulatory और regulator के दिशानिर्देशों के अनुसार दस्तावेज़ प्रस्तुत करें और समय-सीमाओं पर नजर रखें.
हक की रक्षा के लिए अपने अधिकारों और संभावित अवसरों को समझने के लिए स्थानीय advक के साथ नियमित अपडेट रखें.
Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से जोधपुर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पुनर्गठन और दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।
प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।
जोधपुर, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।
अस्वीकरण:
इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।
हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।