उदयपुर में सर्वश्रेष्ठ पुनर्गठन और दिवालियापन वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Paliwal Legal Associates - Udaipur Chamber
उदयपुर, भारत

1971 में स्थापित
English
पालीवाल लीगल एसोसिएट्स - उदयपुर चैंबर उदयपुर, भारत के केंद्र में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म के रूप में खड़ा है, जो...
जैसा कि देखा गया

1. उदयपुर, भारत में पुनर्गठन और दिवालियापन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

उदयपुर राजस्थान का एक प्रमुख औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्र है; यहाँ भी कंपनियाँ कभी-कभार पुनर्गठन या दिवालियापन के चरण से गुजरती हैं. केंद्र सरकार द्वारा लागू Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) इन घटनाओं के लिए एक स्पष्ट, समय-सीमित ढांचा प्रदान करता है. इस कानून के अंतर्गत कॉर्पोरेट देनदारों के लिए CIRP, परिसमापन और पुनर्वास के उपाय निर्धारित हैं.

मुख्य सिद्धांत के अनुसार ऋणदाता-समूह और संचालन ऋणदाता मिलकर एक प्रस्ताव पेश करते हैं ताकि viable देनदार का पुनर्वास संभव हो सके. उदयपुर के स्थानीय उद्योग-समूहों के लिए यह प्रक्रियागत clarity और creditor-प्रोटेक्शन सुनिश्चित करता है. IBC के अनुसार समय-सीमा, नियुक्त प्रोफेशनल की भूमिका और मध्यस्थता के प्रावधान स्पष्ट हैं.

“The Code provides for a time-bound mechanism for resolution of insolvent companies.”
- Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI)

“The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 aims to consolidate and amend the laws relating to insolvency and bankruptcy of corporate persons, individuals and partnerships.”
- Official Government Sources

नियमित रूप से राजस्थान-उदयपुर क्षेत्र में NCLT, NCLAT के फैसलों से IBC के लागू करने की दिशा तय होती है. CIRP के दौरान moratorium, resolution plan के अनुमोदन आदि प्रक्रियागत कदम स्थानीय अदालतों के निर्देशों के अधीन रहते हैं. हाल के वर्षों में IBC के ढांचे में समय-सीमा और प्रक्रिया-तंत्र को सुदृढ़ करने पर जोर रहा है.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: पुनर्गठन और दिवालियापन कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों के साथ उदयपुर, राजस्थान से संबंधित वास्तविक उदाहरण

  • उदयपुर-आधारित निर्माता को अचानक नकदी प्रवाह संकट का सामना

    फाइनेंशियल क्रेडिटर्स के साथ CIRP-या पुनर्गठन के विकल्प पर निर्णय लेना है. इस स्थिति में एक अधिवक्ता आईबीबीआई-रेजिस्टर्ड पेशेवरों के साथ मिलकर रणनीति बनाता है और कोर्ट-निर्देशित समय-सीमा के भीतर समाधान तक पहुँचने का प्रयास करता है.

  • बैंक-डिप्लॉयमेंट के कारण संघर्ष से गुजर रहे MSME

    यू-आदि उद्यम के लिए डी-क्रेड्ट फैसिलिटी में देरी, क्रेडिट गारंटी और पुनर्गठन योजना बनाना आवश्यक हो सकता है. para-legal सलाहकार के साथ मिलकर चर्चा, नोटिस-प्रतीकार और CIRP-फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

  • उदयपुर के उद्योग समूह में प्राइवेट इक्विटी-घटना के बाद पुनर्विकास

    IVR के साथ एक योजना बनाकर देनदार के हितों और कर्जदाताओं के दावों के समन्वय के लिए अधिवक्ता मार्गदर्शन देते हैं. योजना-निर्वাহী (Resolution Professional) चयन और क्रियान्वयन के समय सलाह जरूरी होती है.

  • MSME के लिए फास्ट-ट्रैक CIRP के दायरे में आने का प्रश्न

    यदि डिफॉल्ट सीमा तक पहुँचा है तो फास्ट-ट्रैक CIRP के विकल्प पर कानूनी सलाह आवश्यक है. उदयपुर के स्थानीय फर्में कम समय में प्रक्रिया पूरी कराने के लिए मार्गदर्शन करती हैं.

  • PGCD (Personal Guarantor of Corporate Debtor) के मामलों में संदेह

    व्यक्ति-गैरेन्टर के दायित्व और देनदार के अधिकारों के बीच संतुलन बनाना होता है. वकील ऐसे मामलों में उचित सुरक्षा उपाय और प्रक्रिया संबंधी विकल्प सुझाते हैं.

  • कॉर्पोरेट डेरिवेशन के विवादों के विरुद्ध अपील/चर्चा

    NCLT/ NCLAT के फैसलों के विरुद्ध अपील या संशोधित योजना पर काम करने के लिए विशेषज्ञ सहायता जरूरी है. स्थानीय अदालत के संदर्भ में सही दायरे और तर्कों का चयन किया जाता है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: उदयपुर, राजस्थान में पुनर्गठन और दिवालियापन को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  1. Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) - कॉर्पोरेट देनदारियों के पुनर्गठन, दिवालियापन और परिसमापन के लिए केंद्रीय कानून.
  2. Companies Act, 2013 - कॉर्पोरेट गवर्नेंस, संरचना-विन्यास और कुछ पुनर्गठन योजनाओं के लिए आवश्यक प्रावधान.
  3. Recovery of Debts Due to Banks and Financial Institutions Act, 1993 (RDDBFI Act) - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण-वसूली के लिए वैकल्पिक मार्ग.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IBC क्या है?

IBC एक केंद्रिय कानून है जो ऋणदाता-समूह और देनदार के बीच त्वरित और निष्पक्ष पुनर्गठन, बिक्री या परिसमापन के उपाय निर्धारित करता है. उदयपुर में भी इसका लाभ उठाकर viable व्यवसाय को बचाने की कोशिश की जाती है.

CIRP क्या है और यह कैसे काम करता है?

CIRP एक समय-सीमित प्रक्रिया है जिसमें एक Resolution Professional नियुक्त होता है. यह प्रोफेशनल देनदार के मूल्यांकन, पुनर्गठन योजना बनाने और क्रेडिटर्स के सामने पेश करने का कार्य करता है.

Moratorium क्या होता है?

Moratorium के दौरान देनदार पर नए समर्थ दावे नहीं दायर किए जाते. यह პერიოड बिक्री-चर्चाओं और पुनर्गठन की योजना बनाते समय creditors के हितों की सुरक्षा करता है.

कौन-कोन आवेदन फाइल कर सकता है?

फाइनेंशियल क्रेडिटर्स, डिपॉजिटर्स, क्रेडिटर्स कमेटी आदि CIRP या अन्य IBC-प्रक्रियाओं के लिए NCLT में आवेदन कर सकते हैं. उदयपुर के व्यवसायों के लिए स्थानीय कानूनी सलाहकार इसे सही तरह से मैनेज करते हैं.

MSME के लिए Fast Track CIRP कब लागू होता है?

Fast Track CIRP छोटे डिफॉल्ट्स के लिए होता है और सामान्य CIRP की तुलना में समय-सीमा कम होती है. यह उदयपुर के छोटे-से-मझोले उद्योगों के लिए तेज समाधान देता है.

Resolution Professional कौन होता है?

Resolution Professional एक स्वतंत्र प्रोफेशनल होता है जो CIRP के दौरान सभी क्रियाकलापों की निगरानी, मूल्यांकन और योजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार रहता है.

क्या देनदार को परिसमापन से पहले पुनर्गठन का विकल्प मिलता है?

हाँ, CIRP के दौरान समग्र पुनर्गठन योजना प्रस्तावित की जा सकती है और creditors द्वारा अनुमोदित होने पर देनदार के viabilty को बचाने की कोशिश की जाती है.

क्या IBC घरेलू रूप से लागू होता है?

हाँ, IBC भारत के सभी राज्यों में लागू होता है और राजस्थान-उदयपुर के मामलों में भी NCLT- Jaipur Bench या अन्य संबंधित बेंच निर्णय लेते हैं.

Cross-border insolvency के मामले क्या होते हैं?

Cross-border insolvency में बाहरी राज्यों या विदेशी देनदारों के दावों का निपटान शामिल हो सकता है. IBBI और NCLT-NCLAT के निर्देशों के अनुसार कदम उठते हैं.

गलत/कथित प्रसंस्करण पर क्या किया जा सकता है?

यदि आपको CIRP या अन्य IBC-कार्यवाही में अनुचित व्यवहार दिखे, तो आप तुरंत अपने कानूनी सलाहकार से संपर्क करें और उचित अपील/पुनर्विचार की प्रक्रिया शुरू करें.

उदयपुर में वकील कैसे चुनें?

स्थानीय बार काउंसिल, उद्योग-समुदाय और IBC-प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के साथ बातचीत करें. पहले क्लाइंट-फीडबैक, केस-वॉल्यूम और फीस-शर्तें स्पष्ट करें.

IBC के हिसाब से शुल्क-निर्धारण कैसे होता है?

IBC-प्रक्रिया में प्रोफेशनल्स की फीस और खर्च 논-उचित रूप से मामला-आधारित तय होते हैं. एक स्पष्ट Retainer Agreement पहले से बनवाने में लाभ है.

Cross-check करना क्यों जरूरी है?

NCLT/NCLAT के चरणों के साथÍ local-उद्योग की स्थिति जाँचना जरूरी है ताकि पुनर्गठन संभव हो सके और परिसमापन से बचा जा सके.

क्या पुनर्गठन के बाद कर-लाभ मिल सकता है?

रेगुलेशन और कर-सरकार के दृष्टिगत पुनर्गठन के कुछ लाभ हो सकते हैं; यह गणना विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है और आपकी स्थिति के अनुसार बदलेगा.

IBC-नियमन में कोई हालिया परिवर्तन कब लागू हुए?

IBC में समय-सीमा, फास्ट-ट्रैक-सीआईआरपी, PGCD-सेक्शन आदि पर हालिया संशोधन रहे हैं; स्थानीय वकील इन परिवर्तन को आपके केस में अनुवादित कर देते हैं.

5. अतिरिक्त संसाधन

6. अगले कदम: पुनर्गठन और दिवालियापन वकील खोजने के लिए 6 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने व्यवसाय के वास्तविक वित्तीय स्थिति का संक्षिप्त आकलन करें और स्पष्ट उद्देश्य तय करें.
  2. IBC के तहत कौन सा मार्ग सबसे उपयुक्त है, यह तय करने के लिए उदयपुर के अनुभवी अधिवक्ता से initial consultations लें.
  3. स्थानीय बार-एसोसिएशन और उद्योग संघों से IBC-विशेषज्ञ वकीलों की सिफारिश माँगें.
  4. कानूनी टीम के साथ एक preliminary assessment meeting के लिए appointment लें और प्रैक्टिकल-फीस-निर्धारण पर स्पष्ट हो जाएं.
  5. पहली कानूनी सलाह के साथ एक Retainer Agreement पर हस्ताक्षर करें; scope, फीस और deliverables स्पष्ट हों.
  6. उदयपुर में NCLT/आवश्यक न्यायायिक फेज के लिए मार्गदर्शक-प्रशंसापत्र और पूर्व केस-प्रोफाइल प्राप्त करें.
  7. कानूनी रणनीति बनाते समय creditors-समूह, vendors और management की संलग्नता सुनिश्चित करें और समय-सीमा के भीतर कदम उठाएं.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से उदयपुर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, पुनर्गठन और दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

उदयपुर, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।