गोड्डा में सर्वश्रेष्ठ समलैंगिक एवं एलजीबीटी वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
गोड्डा, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. गोड्डा, भारत में समलैंगिक एवं एलजीबीटी कानून का संक्षिप्त अवलोकन

गोड्डा Jharkhand में है और यहाँ के निवासी भारतीय कानून के द्वारा एलजीबीटी अधिकारों से लाभ उठाते हैं।

2018 में सुप्रीम कोर्ट ने 377 IPC को संवैधानिक तरीके से पढ़-down किया था, जिससे बराबर के निजी और सहमति वाले संबंधों को अपराध नहीं माना जाता है.

2019 में ट्रांसजेंडर Persons Protection of Rights Act ने ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को मान्यता दी है और भेदभाव के विरुद्ध संरक्षण प्रदान किया है।

“Section 377 IPC to the extent it criminalizes consensual sexual conduct between adults of the same sex is unconstitutional.”

डायरेक्ट हुक्मे-नोटिस: गोड्डा जैसे जिलों में स्थानीय पुलिस, पंचायतें और स्कूल‑कालेज राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप संचालित होते हैं; राज्य‑स्तर पर अलग से एलजीबीटी‑कानून नहीं है।

“The transgender person has the right to self-identified gender.”

सारांश के तौर पर Godda के निवासियों को अधिकार-उपलब्धियों के मामले में राष्ट्रीय कानून ही लागू होते हैं, और स्थानीय अदालतों में इन्हीं सिद्धांतों पर मुकदमे चलते हैं।

उद्धरण स्रोत: NAVTEJ SINGH JOHAR बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट, 2018; NALSA बनाम यूनियन ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट, 2014; ट्रांसजेंडर प्र Persons Protection of Rights Act, 2019

आधिकारिक संदर्भ के लिए देखें: Supreme Court of India, National Legal Services Authority (NALSA), Ministry of Social Justice & Empowerment

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

गोड्डा‑आधारित एलजीबीटी मामलों में कानूनी सलाह विशेषकर जरूरी हो जाती है।

  • सहमति‑पूर्वPrivate रिश्तों के अधिकार, भेदभाव या अपराधी आरोप से सुरक्षा चाहिए तो वकील चाहिए।
  • ट्रांसजेंडर पहचान के कानूनन मान्यता, पर्मिशन और दस्तावेज़ीकरण में सहायता चाहिए तो एडवोकेट जरूरी है।
  • परिवार, शिक्षा संस्थान या नियोक्ता में भेदभाव से निपटने हेतु लिखित शिकायत/याचिका बनानी हो तो कानूनी सलाह लें।
  • पुलिस या न्यायालय के समक्ष प्रमाण‑पत्र, रिकॉर्डिंग या गवाही चाहिए तो विशेषज्ञ वकील मदद करेंगे।
  • घर-परिवार से संबंधित उथल-पुथल के मामलों में गोड्डा जिले के स्थानीय वकील से मार्गदर्शन लें।
  • महत्वपूर्ण विकल्प: अदालत में हस्तक्षेप/उपचाराधीन सुरक्षा‑आदेश (protections) या भरण‑पोषण संबंधी मामलों के लिए advokat जरूरी है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Section 377 IPC (संवेदनशील भाग) - समलैंगिक निजी सहमति-सम्बन्ध
    स्वतंत्र वयस्कों के निजी सहमति वालेSame‑sex संबंधों को अब अपराध के रूप में नहीं माना जाता है। स्थानीय अदालतों में इस दायरे के भीतर मुकदमे कमजोर पड़ते हैं।
  • Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019
    ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान, सम्मान, भेदभाव-निवारण और शिक्षा-रोजगार में अवसर सुनिश्चित करने के लिए यह कानून है।
  • संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21
    समानता, अभिव्यक्ति, जीवन‑जीवन की गरिमा जैसे मूल अधिकार एलजीबीटी समुदाय को संरक्षित करते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोड्डा में समलैंगिक रिश्ते कानूनन क्या मान्य हैं?

हां, संविधान के अंतर्गत समानता व गरिमा के अधिकार से यह मान्य हैं। 377 IPC का वह भाग जो समलैंगिक निजी संबंधों को अपराध ठहराता है, अब असंवैधानिक है।

क्या सगाई/विवाह का आधिकारिक रूप से मान्यता है?

यह समय-सीमा में स्पष्ट नहीं है। भारत में अभी तक देशव्यापी समलैंगिक विवाह अधिकारपूर्ण मान्यता नहीं पा सका है।

ट्रांसजेंडर पहचान को कैसे मान्यता मिलती है?

आत्म‑पहचान के आधार पर पंजीकरण और प्रमाण पत्र मिलना संभव है। ट्रांसजेंडर Persons Protection Act के अनुसार भेदभाव-निवारण और सहायता प्रावधान हैं।

गोड्डा में कानून कैसे मदद करता है?

District Court और DLSA से कानूनी सहायता मिल सकती है। मुफ्त वकालत उपलब्धता (Legal Aid) के अवसर भी रहते हैं।

कौन सी फाइलिंग/दस्तावेज जरूरी होंगे?

पहचान पत्र, निवासी प्रमाण पत्र, शिक्षा/रोजगार के प्रमाण, चिकित्सकीय प्रमाण आदि आवश्यक हो सकते हैं।

पीड़ित होने पर क्या कदम उठाने चाहिए?

सबसे पहले सुरक्षित स्थान बनाएं, फिर स्थानीय थाने या DLSA से संपर्क करें, फिर ADVOCATE से मार्गदर्शन लें।

क्या एलजीबीटी समूह के लिए अदालत‑सहायता मुफ्त मिलती है?

हाँ, राष्ट्रीय कायदे के तहत NALSA की मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध हो सकती है। स्थानीय DLSA भी मदद दे सकता है।

निजता और पहचान का अधिकार कैसे सुरक्षित किया जा सकता है?

गोपनीयता के साथ कानूनी नोटिस, शिकायत और गवाही‑रजिस्टर से सुरक्षा संभव है; व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले पूर्ण सहमति लें।

स्कूल/कॉलेज में भेदभाव से कैसे लड़ें?

विश्वविद्यालय/स्कूल के प्रिंसिपल या शिक्षा विभाग के खिलाफ शिकायत दाखिल करें; ट्रांसजेंडर‑अनुसरण और समावेशी नीति लागू करने के निर्देश मांगें।

पुलिस से मदद कैसे प्राप्त करें?

धार्मिक भेदभाव या अवैध रोक-टोक से बचने के लिए उच्च-स्तरीय शिकायत दर्ज करें; सक्षम वकील से परामर्श लें।

क कानूनी उपचार के लिए कितना समय लगता है?

यह परिस्थिति पर निर्भर है। सामान्यत: याचिका दाखिले के बाद न्यायिक प्रक्रिया में कुछ महीने से वर्ष तक लग सकते हैं।

गोड्डा में अगर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी करे तो क्या करें?

स्थानीय फोरम/प्रशासनिक कार्यालय से शिकायत दर्ज करें; आवश्यक हो तो अदालत में सुरक्षा‑आह्वान करें।

मैं किस प्रकार की कानूनी सहायता के योग्य हूँ?

यदि आप LGBTQI‑क्यों के rights, भेदभाव‑रोधी protection या पहचान‑सत्यापन से जुड़ा मामला संभाल रहे हैं तो लाभ मिल सकता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Naz Foundation - LGBTQ अधिकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत संगठन। जानकारी, परामर्श और सहायता सेवाएं। https://www.nazindia.org
  • Humsafar Trust - महाराष्ट्र‑आधारित बड़े अधिकारिक संगठन; सूचना‑सलाह और हेल्पलाइन। https://www.humsafar.org
  • Orinam - लिंग-विविधता और एलजीबीटी सुझाओं के लिए ऑनलाइन संसाधन; शिक्षा‑समर्थन. https://www.orinam.net

6. अगले कदम

  1. सबसे पहले अपने कानूनी मुद्दे को स्पष्ट करें-क्या भेदभाव है, संरक्षण चाहिए या पहचान से जुड़ा मामला है।
  2. अपने दस्तावेज एकत्र करें-पहचान, स्थान‑प्रमाण, शिक्षा/रोजगार प्रमाण आदि।
  3. Godda के District Legal Services Authority (DLSA) या स्थानीय एडवोकेट से पहली बैठक लें।
  4. ऐसे LGBT‑friendly वकील/एडवोकेट चुनें जो स्थानीय संदर्भ समझते हों।
  5. अगर संभव हो तो निशुल्क कानूनी सहायता के लिए आवेदन करें (NALSA/ DLSA)।
  6. प्राथमिकता सुरक्षा‑उपाय, गवाही सुरक्षा और गोपनीयता के नियम समझें।
  7. आगे की योजना बनाएं-याचिका, शिकायत, या स्मरण-रिपोर्ट कैसे दाखिल करनी है, यह तय करें।

गोड्डा निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: स्थानीय अदालतों/थाने से पहले एक कप टकराइए-भरोसेमंद और LGBT‑अनुकूल अधिवक्ता चुनें। साथ ही अपने समुदाय‑समर्थन समूहों से संपर्क बढ़ाएं, ताकि मानसिक और सामाजिक सहारा मिलता रहे।

आधिकारिक स्रोत और सहायता के लिए लिंक: Supreme Court of India, NALSA, Ministry of Social Justice & Empowerment

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