हैदराबाद में सर्वश्रेष्ठ समलैंगिक एवं एलजीबीटी वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

RVK Law Associates
हैदराबाद, भारत

2015 में स्थापित
English
हैदराबाद, भारत स्थित आरवीके लॉ एसोसिएट्स एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...
SJ Law Firm
हैदराबाद, भारत

2005 में स्थापित
English
एसजे लॉ फर्म, 2005 में स्थापित, हैदराबाद, भारत में आधारित एक प्रतिष्ठित विधिक अभ्यास है, जिसके मियापुर और गाचीबाउली...
Kamal & Co. Advocates
हैदराबाद, भारत

1998 में स्थापित
English
कमल एवं कंपनी एडवोकेट्स, जिसकी स्थापना 1998 में हुई थी, विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाएँ प्रदान करता है,...

1999 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
कृष्णा मुर्ति पसुपुला | हाई कोर्ट अधिवक्ता एवं कानूनी सलाहकार, हैदराबाद में स्थित, व्यापक अभ्यास क्षेत्रों में...
हैदराबाद, भारत

English
हैदराबाद, भारत में स्थित एचिवर्स लॉ फर्म एक प्रमुख कानूनी प्रतिष्ठान है जो आपराधिक और सिविल कानून के व्यापक...
Legal Luminaries LLP
हैदराबाद, भारत

2017 में स्थापित
English
Legal Luminaries LLP, 2017 में स्थापित, हैदराबाद, तेलंगाना, भारत में आधारित एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है। यह फर्म पारिवारिक कानून,...
Misra Law Office
हैदराबाद, भारत

English
मिस्रा लॉ ऑफिस, जो 1970 के दशक में दिवंगत ओम प्रकाश मिस्रा—बार एसोसिएशन के दो बार निर्वाचित अध्यक्ष—द्वारा स्थापित...
Sai Krishna Azad Advocate
हैदराबाद, भारत

2003 में स्थापित
English
साई कृष्ण आज़ाद एडवोकेट एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है जो भारत में स्थित है और तलाक और पारिवारिक कानून, नागरिक और...
Legal Universe Advocates
हैदराबाद, भारत

English
लीगल यूनिवर्स एडवोकेट्स, अधिवक्ता सयदा असीमा उननीसा द्वारा स्थापित, जो तेलंगाना उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस...
Somireddy Law
हैदराबाद, भारत

2017 में स्थापित
English
सोमिरेड्डी लॉ ग्रुप (एसएलजी) एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है जिसका हाइड्राबाद, भारत और संयुक्त राज्य में कार्यालय है,...
जैसा कि देखा गया

1. हैदराबाद, भारत में समलैंगिक एवं एलजीबीटी कानून के बारे में: हैदराबाद, भारत में समलैंगिक एवं एलजीबीटी कानून का संक्षिप्त अवलोकन

हैदराबाद, तेलंगाना में समलैंगिक व एलजीबीटी अधिकार केंद्रीय कानून के दायरे में रहते हैं। 2018 के Navtej Singh Johar बनाम Union of India फैसले ने IPC की धारा 377 के उन हिस्सों को असंवैधानिक ठहराया जो वयस्कों के निजी सम्बन्धों को अपराध बनाते थे। इसका परिणाम निजि जीवन की गरिमा और समानता पर सकारात्मक प्रभाव रहा।

2019 के Transgender Persons Protection Act ने transgender पहचान, अधिकार और भेदभाव से सुरक्षा के दायरे मजबूत किए। तेलंगाना व हैदराबाद में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में transgender समुदाय के लिए कानून द्वारा सुरक्षा की दिशा विकसित की गई है। फिर भी भेदभाव और अनुपालन में क्षेत्रीय भिन्नताएँ देखी जाती हैं।

“Section 377 IPC को व्यापक रूप से देखते हुए, consenting adults के बीच निजी स्थितियों में समान सम्बन्धों पर अपराध नहीं लगाया जा सकता।” - Navtej Singh Johar v Union of India, 2018

Supreme Court of India के निर्णय इस विषय की आधिकारिक प्रविष्टि हैं।

“Transgender persons have the right to equality before the law and to protection from discrimination; the State must provide for their empowerment.” - NALSA v Union of India, 2014

National Legal Services Authority transgender अधिकारों के लिए राष्ट्रीय मार्गदर्शक है।

“Equality before the law” और “equal protection of laws” संविधान के अनुच्छेद 14 के मूल अधिकार हैं।

संविधान ऑफ इंडिया पर अनुच्छेद 14 का पाठ उपलब्ध है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: समलैंगिक एवं एलजीबीटी कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। हैदराबाद, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

  • हैदराबाद में निजी रिश्ते पर पुलिस दबाव या गलत आरोप लगने के मामले आ सकते हैं। ऐसे मामलों में वकील FIR दर्ज करवाने और निजि जीवन की सुरक्षा के उपाय सुझाने में मदद करते हैं।

  • ट्रांसजेंडर पहचान पर दस्तावेज़ संशोधन की जरूरत हो। जिला मजिस्ट्रेट के साथ पहचान पत्र या प्रमाण पत्र के लिए कानूनी मार्गदर्शन आवश्यक है।

  • कार्यस्थल या छात्रावास में भेदभाव की शिकायत हो। कॉन्टैक्ट-लॉ या कानून के अनुसार उचित उपाय बनाने हेतु advicer की जरूरत रहती है।

  • छोटे बच्चों के लिए सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य या यौन शोषण के मामले हों। POCSO कानून के तहत कानूनी सहायता देना जरूरी हो सकता है।

  • समलैंगिक विवाह या वैधानिक साझेदारी के लिए समान अधिकारों की मांग हो। वर्तमान में भारत में समान विवाह कानून की स्थिति स्पष्ट है, फिर भी उच्च न्यायालयों में मामले चल रहे हैं; वकील रणनीति निर्धारित कर सकते हैं।

  • गुणवत्ता से विवाह के बाद डॉक्यूमेंट्स, नाम-गिनती परिवर्तन, सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध सुरक्षा की जरूरत हो। क्षेत्रीय प्रक्रिया स्पष्ट करने हेतु कानूनी सलाह चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: हैदराबाद, भारत में समलैंगिक एवं एलजीबीटी को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों के नाम से उल्लेख करें

Indian Penal Code की धारा 377, हालांकि consenting adults के private सम्बन्धों के लिए सीमित है, पर सार्वजनिक घटनाओं में अभी भी सुरक्षा-उच्चारणों के लिए दृष्टिगत है।

Transgender Persons Protection of Rights Act, 2019 transgender पहचान, सुरक्षा और भेदभाव-विरोधी अधिकार प्रदान करती है। यह कानून राष्ट्रीय स्तर पर transgender समुदाय के लिए संरचना बनाता है।

संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 19 जैसे मौलिक अधिकार समलैंगिक एवं एलजीबीटी व्यक्तियों के अधिकारों की आधारशिला हैं। यह राज्यों के कानूनों के ऊपर सामान्य अधिकार सुनिश्चित करते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत में समलैंगिक विवाह वैध है?

नहीं, भारत में एक साथ रहने वाले समान-लिंग जोड़े के लिए अभी तक वैध समलैंगिक विवाह कानून लागू नहीं है। कुछ मामले उच्च न्यायालयों में विचाराधीन हैं।

हैदराबाद में ट्रांसजेंडर पहचान को официаль दस्तावेज़ में कैसे बदला जा सकता है?

Transgender Persons Protection Act 2019 के अनुसार पहचान के अधिकार की प्रक्रिया होती है। जिले केsdistrict magistrate के माध्यम से पहचान-पत्र तथा gender marker परिवर्तन के लिए आवेदन देना पड़ता है।

यदि निजी जीवन के कारण पुलिस से दुर्व्यवहार हो तो क्या करें?

सबसे पहले एक सत्यापित शिकायत दर्ज करवाएं। किसी LGBTQ-फ्रेंडली advicer से संपर्क कर कानूनी रणनीति बनाएं।

क्या किसी LGBT व्यक्ति के लिए रोजगार या शिक्षा में भेदभाव कानूनन सुरक्षित है?

केंद्रीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 व्यापक अधिकार देते हैं, पर भेदभाव के विरुद्ध शिकायत के लिए स्थानीय कानून और नीतियाँ आवश्यक हैं।

ट्रांसजेंडर व्यक्ति के लिए चिकित्सा सेवाओं में क्या अधिकार हैं?

नागरिकों के समकक्ष स्वास्थ्य अधिकार उपलब्ध होते हैं, पर वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में क्षेत्रीय बाधाएं हो सकती हैं।

क्‍या विवाह के बिना बच्चे को गोद लेने या पालन-पोषण की अनुमति है?

भारत में समलैंगिक दम्पत्ति के लिए वैधानिक गोद लेने की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। यह क्षेत्र कानून-निर्भर है और न्यायालयीन निर्देशों पर निर्भर रहता है।

Hyderabad में LGBT समर्थित वकील कैसे खोजें?

स्थानीय LGBTQ संगठनों, हेल्पलाइन और कानूनी एडवाइज़री केंद्रों से सिफारिशें लें। सरकारी सहायता और समाजिक संगठन भी मुफ्त या कम-शुल्क पर कानून सेवा देते हैं।

सरकारी सहायता एवं कानून-समर्थन के स्रोत कौन से हैं?

NALSA, Transgender Protection Act और संविधान के मौलिक अधिकार यह मार्ग बताते हैं। NGO और हेल्पलाइन भी राहत प्रदान करते हैं।

क्या ट्रांसजेंडर व्यक्ति के लिए नौकरी न्यायसंगत है?

कानून भेदभाव-विरोधी सुरक्षा देता है, पर वास्तविक अनुपालन संस्थानों पर निर्भर है। HR-नीतियाँ और संस्थागत नीति भी महत्वपूर्ण हैं।

क्या विक्षिप्तों के लिए संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं?

हाँ, समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार सभी व्यक्तियों के लिए समान रूप से सुरक्षित हैं, चाहे लिंग पहचान कुछ भी हो।

Same-sex अंतरंगता PRIVATE में सुरक्षित है?

हाँ, निजी स्तर पर वयस्कों के बीच सहमति से होने वाले कार्य अब अवैध नहीं माने जाते हैं, अगर यह कानूनी दायरे के भीतर हो।

समलैंगिक व्यक्ति के लिए किस प्रकार की कानूनी मदद सबसे पहले उपयोगी है?

सबसे पहले यह निर्धारित करें कि मुद्दा भेदभाव, पहचान के अधिकार, या सुरक्षा से जुड़ा है। फिर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार या पुलिस-शिकायत के लिए उपयुक्त वकील चुनें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Humsafar Trust - LGBTQ सहायता सेवाएं, कानूनी सलाह और शिक्षा कार्यक्रम. वेबसाइट: https://www.humsafars.org/
  • Naz Foundation India - राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और कानूनी सहायता. वेबसाइट: https://nazindia.org/
  • Orinam - दक्षिण भारत-आधारित संसाधन और समुदाय-समर्थन. वेबसाइट: https://orinam.org/

6. अगले कदम

  1. अपने मुद्दे का संक्षिप्त विवरण लिखें; कौन सा कानून या अधिकार प्रभावित है यह स्पष्ट करें।
  2. कानूनी दस्तावेज़ एकत्र करें जैसे पहचान पत्र, रोजगार प्रमाण, कॉलेज/स्कूल रिकॉर्ड, मेडिकल रिकॉर्ड आदि।
  3. हैदराबाद में LGBTQ-समर्थक वकील या कॉन्टैक्ट नंबरों की सूची बनाएं।
  4. स्थानीय NGO और हेल्पलाइन से प्रारम्भिक सलाह लें और उनके साथ एक योजना बनाएं।
  5. पहला कानूनी परामर्श बुक करें; उपलब्ध प्रश्न-पत्र और आवश्यक दस्तावेज़ लेकर जाएं।
  6. यदि आवश्यक हो, तो अदालत में दाखिल करने के लिए तैयारी करें और उचित दलीलें बनाएं।
  7. अगले चरणों के लिए सतर्क रहें; सुरक्षा और गोपनीयता प्राथमिकता होनी चाहिए।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से हैदराबाद में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, समलैंगिक एवं एलजीबीटी सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

हैदराबाद, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।