जयपुर में सर्वश्रेष्ठ समलैंगिक एवं एलजीबीटी वकील

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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

LEGATIO LEGAL
जयपुर, भारत

2017 में स्थापित
उनकी टीम में 3 लोग
English
लेगैटिओ लीगल जयपुर, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित कानूनी फर्म है, जो कॉर्पोरेट संस्थाओं और व्यक्तियों दोनों को...
Dhee Legal Advisors
जयपुर, भारत

English
Dhee लीगल एडवाइजर्स, जिसका मुख्यालय भारत में स्थित है, एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है जिसे उसकी व्यापक कानूनी सेवाओं के लिए...
जयपुर, भारत

2015 में स्थापित
English
सन् 2015 में प्रबंध भागीदार श्री अजातशत्रु एस. मीना द्वारा स्थापित, एएसएम लॉ चैंबर्स तेजी से भारत में एक अग्रणी...

English
अनिल कुमार एडवोकेट एवं कंसल्टेंट्स जयपुर, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जिसका पारिवारिक कानून, आपराधिक...
SURANA LAW CHAMBER
जयपुर, भारत

2022 में स्थापित
English
सुराना लॉ चैंबर, जोकि बापू नगर, जयपुर, राजस्थान में स्थित है, एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है जो नागरिक विधि, आपराधिक...
Prabhansh Sharma and Associates
जयपुर, भारत

English
प्रभांश शर्मा एंड एसोसिएट्स जयपुर, राजस्थान में स्थित एक गतिशील विधिक फर्म है जो आपराधिक न्याय, तलाक सेवाएँ और...
जयपुर, भारत

2015 में स्थापित
English
केपी एसोसिएट्स जयपुर और नई दिल्ली में कार्यालयों वाला एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जो विविध ग्राहकों को व्यापक...

English
SAG Legal जयपुर स्थित एक कानून फर्म है जो आपराधिक, नागरीय और पारिवारिक मामलों को संभालती है, जिसमें विशेष रूप से जमानत...
The Infinite Law Firm
जयपुर, भारत

English
The Infinite Law Firm, headquartered in Jaipur, was founded by Advocate Supriya Saxena to advance the concept that law is infinite, wherein every remedy is available to a client. The firm began as a small team of lawyers and has grown into a multi-litigation office with experienced lawyers from...
जैसा कि देखा गया

जयपुर, भारत में समलैंगिक एवं एलजीबीटी कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में एलजीबीटी अधिकारों के लिए प्रमुख बदलाव निजी जीवन की स्वतंत्रता और समानता से जुड़े हैं।

2018 के जन-विरोधी तब्दील होने वाले धारा 377 के अंश को सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक माना और निजी, सहमति वाले वयस्क रिश्तों को सुरक्षा दी।

राजस्थान में नागरिक अधिकारों की गारंटी संविधान के अनुरूप है, पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की व्यवहारिक जिम्मेदारी अदालतों के निर्णयों के अनुसार है।

उद्धरण: Navtej Singh Johar बनाम Union of India, 2018, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि निजी सहमति वाले वयस्क समलैंगिक संबंध अपराध नहीं हैं।

"The decision recognises private, consensual sexual relations between adults as not an offense."

ADDITIONAL NOTE: यातयात, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर के लिए संवैधानिक अधिकार लागू होते हैं, जिनमें आर्टिकल 14, 19 और 21 शामिल हैं।

उद्धरण: भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों के मूल सिद्धांतों पर सरकारी पाठ और जन-हित அமைச்சक दस्तावेज देखें।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

निर्णय-प्रक्रिया में कानूनी सहायता आवश्यक होने पर जयपुर-राजधानी स्थिति विशेष रूप से मायने रखती है।

नीचे जयपुर से संबंधित वास्तविक-प्रकार के 5 परिदृश्य दिए गए हैं, जिनमें वकील जरूरी हो सकता है।

  • सह-जीवन-संबंध के अधिकार नहीं मिलना: एक समलैंगिक जोड़ा जयपुर में साझा निवास और संपत्ति अधिकार के बारे में स्पष्ट मार्ग चाहता है, पर अभी तक संयुक्त अधिकार सुरक्षित नहीं हैं।
  • गैर-मान्यता के खिलाफ पहचान-समायोजन: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए नाम और लिंग परिवर्तन के दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन, पासपोर्ट, वोटर-आईडी में अद्यतन के लिए कानूनी सलाह चाहिए।
  • शैक्षणिक हस्तक्षेप या कार्यस्थल पर भेदभाव: स्कूल, कॉलेज या कार्यालय में लैंगिक अभिज्ञान पर भेदभाव या उत्पीड़न की स्थिति में वकील मदद दे सकता है।
  • 零-झगड़ा-समन्वय और पारिवारिक विवाद: परिवार के भीतर एलजीबीटी सदस्य के अधिकार, सुरक्षा और संरक्षण के लिए कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है।
  • स्वायत्त संगठन के पंजीकरण और संचालन: जयपुर-आधारित एलजीबीटी संगठन पंजीकरण, कर-छूट और प्रशासनिक अनुपालन के लिए वकील से मार्गदर्शन चाहिए।

इसी अवधि में एक अनुभवी advokaat से परामर्श सबसे बेहतर तरीका है ताकि स्थानीय अधिनियमों और अदालतों के मार्ग स्पष्ट हों।

स्थानीय कानून अवलोकन

जयपुर-राज्य राजस्थान के भीतर प्रभावी 2-3 विशिष्ट कानून और सरकारी प्रावधान नीचे दिए गए हैं।

  • भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 377 (आंशिक रूप से लागू): निजि और सहमति वाले वयस्क संबंधों पर लागू अधिकारों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के कारण कानून का प्रवर्तन सीमित हो चुका है।
  • Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा के अधिकार सुनिश्चित करता है।
  • भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14, 19, 21): समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन-जीविका की सुरक्षा के अधिकार स्पष्ट किए गए हैं।
"Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 provides for rights and social inclusion of transgender people."

जयपुर में इन अधिकारों के अनुप्रयोग के लिए स्थानीय थाने, नालसा सहायता केंद्र और सिविल कोर्ट में सही दस्तावेज़ीकरण आवश्यक होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जयपुर में समलैंगिकता वैध है?

हाँ, consensual adult same-sex relations कानूनन अपराध नहीं रहते।

हालांकि, अन्य कानूनों के अनुसार गैर-सहमति, नाबालिग या अपराध-प्रेरित गतिविधियाँ दंडनीय हो सकती हैं।

क्या समलैंगिक विवाह संभव है?

वर्तमान में भारत में समलैंगिक विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं है। कुछ मामले अदालत में लंबित हैं पर न्यायिक मानक फैलाव अभी नहीं है।

जयपुर में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए पहचान-समायोजन कैसे संभव है?

नाम-लिंग परिवर्तन के लिए न्यायालयीय प्रक्रिया, डॉक्यूमेंट अपडेट (आधार, पैन, पासपोर्ट) और सामाजिक पहचान के लिए कानून मदद लेनी चाहिए।

एलजीबीटी व्यक्ति पर जबरन विवाह-समझौतों का दबाव गलत है कैसे निपटें?

जाति, धर्म या परिवार के दबाव के विरुद्ध कानूनी संरक्षण उपलब्ध है। आप सुरक्षित जगह और पुलिस शिकायत से संरक्षण ले सकते हैं।

एलजीबी भेदभाव के खिलाफ कौन से क्षेत्र में रिफॉर्म उपलब्ध हैं?

संवैधानिक अधिकारों से संरक्षण मिल सकता है, पर राज्य-स्तर पर स्पष्ट भेदभाव-निवारण कानून अभी पूरा नहीं है।

JAIPUR में लिंग-स्व-परिचय कानून के अंतर्गत दस्तावेज किस प्रकार बदले जा सकते हैं?

आमतौर पर अदालत के निर्देश से नाम, लिंग आदि दस्तावेज बदले जाते हैं; कई सेवाओं के लिए प्रमाण-पत्र आवश्यक होते हैं।

कानून-व्यवहार में क्या करना चाहिए अगर पुलिस से भेदभाव हो?

शिकायत थाने में दर्ज कराएं, रिकॉर्डिंग रखें और वकील की सहायता लें; जरूरत हो तो उच्च न्यायालय-या राष्ट्रीय विधिक सहायता से संपर्क करें।

एलजीबीटी बच्चे वाले परिवारों के लिए क्या अधिकार हैं?

बच्चे के हित सर्वोपरि हैं; शिक्षा और स्वास्थ्य सम्बन्धी समावेशन के लिए स्थानीय स्कूल-प्रोफाइलिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियाँ लागू होती हैं।

क्या चिकित्सा उपचारों पर किसी प्रकार का कानूनी नियंत्रण है?

अनुमति के बिना किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए; चिकित्सीय निर्णय व्यक्ति-स्वतंत्रता के अंतर्गत आते हैं, पर मेडिकल-फेयर-हैबिल्डिंग जरूरी है।

Jaipur में कानूनी सहायता कहाँ मिल सकती है?

एलजीबीटी संगठनों, सरकारी विधिक सहायता केंद्रों और निजी वकीलों से सहायता मिलती है; ऑनलाइन सलाह भी उपलब्ध है।

क्या_same-sex पार्टनरों के लिए संपत्ति अधिकार संभव हैं?

संविधानिक सुरक्षा मिल भी सकती है, पर अभी तक समान-स्तर के व्यक्तिगत अधिकार की पूर्ण कानूनी मान्यता नहीं है।

अतिरिक्त संसाधन

नीचे जयपुर-देशीय परे तीन विश्वसनीय संगठन हैं, जो एलजीबीटी समुदाय को सहायता देते हैं।

  • Humsafar Trust - Mumbai-based राष्ट्रीय एलजीबीटी अधिकार संगठन. https://www.humsafar.org.in
  • Naz Foundation India - Delhi-आधारित LGBT अधिकार संस्था. https://nazindia.org
  • Sangama - Bengaluru-आधारित मानव-अधिकार समूह, जिसका LGBTQ+ कार्यक्रम सक्रिय है. https://www.sangama.org

जयपुर में स्थानीय सहायता के लिए इन संगठनों के डाटा या राजस्थान-आधारित समकक्ष विकल्प भी देखे जा सकते हैं।

अगले कदम

  1. अपनी स्थिति स्पष्ट करें: आप कौन सा कानून लागू करना चाहते हैं उसकी पहचान करें।
  2. जयपुर-निवासी होने के कारण स्थानीय वकील की तलाश शुरू करें।
  3. एलजीबीटी-विशेषज्ञता वाले वकीलों की सूची बनाएं और उनके अनुभव जाँचें।
  4. पहली फ्री-ऑन-लाइन या TED-कंसल्टेशन लें और जवाब-देही समझें।
  5. कानूनी सहायता के लिए आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र करें-आधार, पैन, पासपोर्ट, परीक्षा-फॉर्म आदि।
  6. सम्पूर्ण समझौता न बनाएं-कानूनी सलाह लें, संविदा और फीस-विवरण स्पष्ट करें।
  7. सुरक्षित स्थान पर रहकर उनकी सलाह अनुसार कदम उठाएं और जरूरी शिकायतें दर्ज करवाएं।

जयपुर निवासियों के लिए उचित ढंग से कानूनी कदम उठाने से अधिकारों की रक्षा संभव है।

official sources and quotes

"The Constitution guarantees equality before the law and equal protection of laws for all citizens, including LGBT individuals."
"Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 provides for protection and welfare measures for transgender persons."
"Relevant provisions of the Indian Penal Code and constitutional rights align to safeguard personal liberty and privacy."

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अस्वीकरण:

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