हज़ारीबाग में सर्वश्रेष्ठ यौन उत्पीड़न वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
हज़ारीबाग, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1) हज़ारीबाग, भारत में यौन उत्पीड़न कानून के बारे में: [ हज़ारीबाग, भारत में यौन उत्पीड़न कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

यौन उत्पीड़न से सुरक्षा हर महिला का अधिकार है और यह कानून-प्रणालियों में स्पष्ट रूप से दिया गया है। हर कार्यस्थल में 10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान पर विशेष प्रावधान लागू होते हैं। उल्लेखित कानून का उद्देश्य सुरक्षित कार्य-परिसर और उचित redressal प्रणाली प्रदान करना है।

भारत में POSH कानून “The Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013” के अंतर्गत आता है। इसका प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं के कार्यस्थल पर उत्पीड़न रोकना और शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

The Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 provides for prevention, prohibition and redressal of sexual harassment of women at workplace.
It applies to all establishments employing 10 or more workers and requires the constitution of an Internal Complaints Committee (ICC) in every such establishment.

हज़ारीबाग के resident होने के कारण महिलाओं के लिए निवारण-प्रक्रियाएं राज्य-स्तर के निर्देशों तथा केंद्र सरकार की गाइडलाइनों के अनुरूप चलती हैं। Vishaka Guidelines का ऐतिहासिक प्रभाव POSH के प्रारम्भिक स्वरूप में रहा, जिसे 2013 Act ने पूरक किया।

2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [यौन उत्पीड़न कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। हज़ारीबाग, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

यदि आप या आपके साथ किसी महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है, तो एक कानूनी सलाहकार आपकी स्थिति को समझकर उचित कदम बता सकता है। नीचे हज़ारीबाग-झारखण्ड-परिसर के अनुरूप संभावित परिदृश्य दिए गए हैं।

  • एक निजी कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी द्वारा शारीरिक या मौखिक उत्पीड़न का आरोप। स्थिति में ICC के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जाती है और कानूनी सहायता आवश्यक हो सकती है।
  • विद्यालय, कॉलेज या संस्थान में शिक्षिका के विरुद्ध दुराचार के मामले, जहाँ संस्थान की आंतरिक पब्लिक-प्राइवेसी-नीतियाँ लागू होनी चाहिएं।
  • लोक-कार्यस्थल (सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र) में मातृत्व या जातिगत भेदभाव के साथ यौन उत्पीड़न के संकेत/कथन हो, जिसे चुनौती देने के लिए वकील की जरूरत हो सकती है।
  • हड़ताल, बदनामी या प्रतिशोध प्रदर्शन के शक-Victimization के मामले, जहाँ शिकायत के बाद नौकरी से हटाने जैसे दुष्प्रभाव का खतरा हो।
  • ICC द्वारा संतोषजनक समाधान न मिलने पर IPC के प्रावधान (जैसे 354A, 509) के तहत क्रिमिनल मामला दर्ज कराने की दिशा में मार्गदर्शन चाहिए।
  • हज़ारीबाग-झारखण्ड के किसी कार्यालय-उद्योग में स्थानीय-स्तरीय कानूनी सहायता या मुफ्त वकील (NALSA) उपलब्ध करवाने की जरूरत हो।

इन स्थितियों में एक अनुभवी advokat या कानूनी सलाहकार परिसर-विशेष (POSH) अनुभव के साथ आपके अधिकारों के अनुसार कदम बताएगा।

3) स्थानीय कानून अवलोकन: [ हज़ारीबाग, भारत में यौन उत्पीड़न को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

The Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013 यानी POSH Act 2013, कार्यस्थान पर महिलाओं के लिए सुरक्षा-व्यवस्था बनाती है। यह कानून 10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थाओं पर अनिवार्य ICC गठन और शिकायत प्रक्रिया स्थापित करता है।

भारतीय दंड-संहिता (IPC) की धाराएं जैसे 354A (यौन उत्पीड़न), 354 (महिला की आधुनिकता-आभूषण आदि को असम्मानित करना) और 509 (शब्द, संकेत या हरकत से असम्मानित करना) कई केसों में POSH शिकायत के साथ-साथ दंडनीय ठहरती हैं।

इन कानूनों के अंतर्गत हज़ारीबाग के कार्यालय, स्कूल, फैक्टरियाँ, अस्पताल आदि सभी संस्थानों में शिकायत-प्रक्रिया और पुलिस-प्रत्यारोपण का स्थान-स्थापना होता है। राज्य के सरकारी पोर्टलों और NCW/NALSA जैसी संस्थाओं से मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े तैयार करें]

POSH Act क्या है?

POSH Act 2013 यौन उत्पीड़न को रोकने, रोकथाम करने और शिकायत-निवारण के लिए कानून है। यह विशेष रूप से महिलाओं के workplaces को संरक्षित करता है और ICC बनाकर संचालित होता है।

यह कानून किस पर लागू होता है?

यह उन सभी establishments पर लागू होता है जिनमें 10 या अधिक कर्मचारी हों। सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के संस्थान इसके दायरे में आते हैं।

ICC क्या है और कौन बना सकता है?

ICC एक Internal Complaints Committee है जो शिकायतों की जांच करती है। हर संस्थान में 10+ कर्मचारियों के लिए ICC बनना अनिवार्य है; ICC में महिला सदस्य के साथ पुरुष सदस्य भी हो सकता है।

मैं शिकायत कैसे दर्ज कराऊँ?

शिकायत aggrieved woman या उसके स्थान-परिचित द्वारा ICC में दर्ज करवाई जा सकती है। शिकायत लिखित रूप में या मौखिक भी हो सकती है, परन्तु लिखित दीर्घ-रिकॉर्ड रखना बेहतर है।

कितने समय में कार्रवाई होनी चाहिए?

कानून कहता है कि शिकायत के प्राप्त होने के बाद ICC जल्द-से-जल्द और समय-सीमाओं के भीतर जांच शुरू करे। समय-सीमा संस्थान और राज्य-निर्देशों के अनुसार भिन्न हो सकती है।

क्या मैं IPC के तहत भी मामला दर्ज करा सकता/सकती हूँ?

हाँ, यदि मामला गंभीर हो या उचित हो, तो IPC की धाराओं जैसे 354A, 509 आदि के तहत criminal case दर्ज किया जा सकता है। POSH एक विशेष workplace-प्रणाली है, पर IPC लागू हो सकता है।

मेरा लिंग POSH के दायरे में आता है?

POSH Act महिलाओं के लिए बना है। पुरुष शिकायत== औचित्य-भरोसे पर निर्भर हो सकता है, पर मुख्य सुरक्षा दायरा महिलाओं के लिए है।

क्या शिकायत के बाद मेरी नौकरी-स्थिति प्रभावित हो सकती है?

उत्पीड़न के बारे में शिकायत करने पर प्रतिशोध-रूपी कार्रवाई से बचाव के लिए कानूनी सुरक्षा और संरक्षण प्रावधान हैं।

क्या मैं सार्वजनिक-हेल्पलाइन या helpline का उपयोग कर सकता/सकती हूँ?

हाँ, Jharkhand में महिला helpline और राष्ट्रीय संसाधन उपलब्ध हैं। 1091 जैसे helplines सहायता प्रदान करते हैं और स्थानीय पुलिस-स्टेशन से संपर्क किया जा सकता है।

क्या मुझे वकील चाहिए?

जी हाँ, POSH मामलों में एक अनुभवी advokat की सलाह मददगार रहती है-ICC-ki प्रक्रिया, साक्ष्य-संग्रह और अदालत-निपटान के लिए।

क्या POSH पुरुषों के लिए है?

POSH मुख्यतः महिलाओं के लिए है, लेकिन workplace-न्याय-क्षेत्र में अन्य प्रकार के उत्पीड़न के लिए IPC आदि के अनुसार कानून लागू होते हैं।

मेरा मामला अगर संस्थान-नन-सरकारी है, तो रास्ता क्या है?

ICC के पास शिकायत के अलावा राज्य-स्तर के समाज कल्याण विभाग, NCW/NALSA जैसी संस्थाओं से सहायता ली जा सकती है; मुफ्त कानूनी सहायता भी उपलब्ध हो सकती है।

अगर मैं शिकायत वापस लेना चाहती/चाहता हूँ तो क्या करना होगा?

फिर भी ICC द्वारा दिए गए निर्णयों और संबंधित अदालतों के निर्देशों का पालन आवश्यक है; कुछ परिस्थितियों में पुनर्विचार संभव हो सकता है।

हज़ारीबाग, झारखण्ड में स्थानीय सहायता कहाँ मिलेगी?

स्थानीय वकील, Jharkhand Bar Association से संपर्क करें; NCW/NALSA के लोक-आमंत्रण और फ्री-लीगल-एड उपलब्ध हैं।

5) अतिरिक्त संसाधन: [यौन उत्पीड़न से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं]

  • National Commission for Women (NCW) - राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के अधिकारों के लिए सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करता है। https://ncw.nic.in/
  • National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त या सुगम कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार। https://nalsa.gov.in/
  • Jharkhand State Legal Services Authority (JLSA) - राज्य-स्तरीय कानूनी सहायता कार्यक्रम और क्लिनिकेस के लिए स्थानीय संसाधन।

6) अगले कदम: [यौन उत्पीड़न वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया]

  1. अपनी शिकायत के प्रकार और वर्तमान स्थिति स्पष्ट करें।
  2. ICC प्रक्रिया के भीतर अपने विकल्प और समय-सीमा समझें।
  3. जो आपसे जुड़े दस्तावेज (ईमेल, संदेश, गवाहों के नाम आदि) इकट्ठा करें।
  4. हज़ारीबाग में POSH-विशेषज्ञ advokat या कानूनी सलाहकार ढूंढें-BAR काउंसिल/लोकल लॉ-डायरेक्टरी देखें।
  5. NALSA/NCW जैसी आधिकारिक संस्थाओं से मुफ्त या सशुल्क कानूनी सहायता के विकल्प पूछें।
  6. पहले मुलाकात में प्रश्न तय करें: ICC-प्रक्रिया, साक्ष्य-प्रबंध, संरक्षण-कब-कैसे आदि।
  7. अगर संभव हो, एक लिखित समस्या-पत्र और एक समय-रेखा साझा करें ताकि वकील सही दिशा दे सके।

आधिकारिक उद्धरण

“The Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 provides for prevention, prohibition and redressal of sexual harassment of women at workplace.”
“The Act applies to all establishments employing 10 or more workers and requires the constitution of an Internal Complaints Committee in every such establishment.”
“An Act to provide for the prevention, prohibition and redressal of sexual harassment of women at workplace.”

इन उद्धरणों के स्रोत के लिए आप निम्न आधिकारिक पन्नों को देख सकते हैं: NCW, NALSA, WCD (PIB/Ministry पेज) POSH Act.

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