कोलकाता में सर्वश्रेष्ठ सामाजिक सुरक्षा विकलांगता वकील

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कोलकाता, भारत

English
सुमन कर्मकार, अधिवक्ता, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...
PRUDENS ADVOCATUS
कोलकाता, भारत

English
प्रुडेंस एडवोकेटस भारत में एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो विभिन्न प्रैक्टिस क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाओं के...
Advocate Debasis Mitra
कोलकाता, भारत

2010 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
कोलकाता उच्च न्यायालयदेबासिस मित्रा कोलकाता के प्रख्यात वकीलों में से एक हैं, जिनके पास न्यायिक क्षेत्र में...
कोलकाता, भारत

English
Legalglobus लॉ फर्म, जिसका मुख्यालय कोलकाता, भारत में है, कई अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी सेवाएँ प्रदान करती है।...

English
लॉ चैंबर ऑफ़ मोहम्मद आमर ज़ाकी भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक कंपनी के रूप में उभरी है, जो आपराधिक, तलाक, नागरिक,...
Sinha & Company, Advocates
कोलकाता, भारत

1993 में स्थापित
English
दिसंबर 1993 में श्री परितोष सिन्हा द्वारा स्थापित, सिन्हा एंड कंपनी, एडवोकेट्स भारत में एक प्रमुख पूर्ण-सेवा विधिक...
Sandip Agarwal and Co
कोलकाता, भारत

2000 में स्थापित
English
संदीप अग्रवाल एंड कंपनी, जिसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है, एक राष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र...
LEXMOTION
कोलकाता, भारत

English
भारत स्थित एक प्रतिष्ठित विधि फर्म, LEXMOTION, दिवालियापन सेवाओं, नागrik कानून और जिला अटॉर्नी प्रतिनिधित्व सहित विभिन्न...

2015 में स्थापित
English
आर एंड एस कोलकाता लीगल सॉल्यूशन्स भारत में एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म के रूप में खड़ी है, जो सिविल, आपराधिक, पारिवारिक...
जैसा कि देखा गया

1. कोलकाता, भारत में सामाजिक सुरक्षा विकलांगता कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कोलकाता में विकलांगता के लिए कानून का मूल ढांचा भारत सरकार के केंद्रीय कानून पर निर्भर है।

यह कानून समान अवसर, अधिकारों की सुरक्षा और पूर्ण सामाजिक भागीदारी को सक्षम बनाता है।

2016 के अधिकारों के विरुद्ध विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम के तहत 21 विकलांगताओं को मान्यता दी गई है; इसमें शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में समावेशन को प्राथमिकता मिलती है।

कानून के अनुसार सरकारी नौकरियों में आरक्षण सहित अन्य सुविधाएँ भी निर्धारित की गई हैं ताकि विकलांग व्यक्ति भी समाज के सभी क्षेत्रों में भाग ले सकें।

“An Act to provide for the equal opportunity, protection of rights and full participation of persons with disabilities.”

- अधिकारों के लिए विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 के प्राक्कथन से

“The Act provides for reservation in the services of the government for persons with disabilities and defines the rights of PWDs to education, employment and participation in society.”

- आधिकारिक संस्थागत संक्षेप का संकल्पनात्मक उद्धरण

“Every person with a disability is entitled to equal opportunity in education and employment.”

- आधिकारिक वर्णन से लिया गया सार

कोलकाता में रहने वालों के लिए स्थानीय क्रियाओं में सामान्यतः उपलब्ध सेवाओं में विकलांगता प्रमाणपत्र, पेंशन लाभ, शिक्षा में आरक्षण और पहुँच-विधेयक शामिल होते हैं।

मूल प्रावधानों के साथ 4 प्रतिशत सरकारी नौकरी में विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण जैसी स्पष्ट गाइडलाइनों की दिशा तय की गई है।

स्थानीय स्तर पर पश्चिम बंगाल सरकार के विकलांग कल्याण विभाग और जिला स्तर पर जिला विकलांग कल्याण कार्यालय से सहायता मिलती है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे कुछ सामान्य परिस्थितियाँ दी गई हैं जहां कानूनी सलाह व्यावहारिक रूप से मददगार हो सकती है।

  • कोलकाता के निवासी को विकलांगता प्रमाणपत्र के सत्यापन, नवीनीकरण या दस्तावेजी कठिनाई हो, तो कानूनी सलाह जरूरी हो सकती है।
  • सरकारी नौकरी में विकलांगता आरक्षण के आवेदन पर निर्णय गलत हो या काट-फाड़ हो, तो अपील व पात्रता स्पष्ट करने के लिए advokat/वकील चाहिए।
  • शिक्षा संस्थाओं में प्रवेश के समय विकलांगता के कारण अवसर-समायोजन (रेसोनबल एकॉमोडेशन) माँगा जाना पर सही मार्गदर्शन चाहिए।
  • पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों के लिए आवेदन में देरी या खामियाँ हो तो कानूनी सहायता फायदेमंद हो सकती है।
  • डिसेबिलिटी प्रमाणपत्र के निरस्तीकरण, घटाने या विवादित निर्णय के विरुद्ध अपील/सुधार हेतु वकील की जरूरत पड़ती है।

कोलकाता के वास्तविक संदर्भ में लोकल वकील आपकी स्थिति के अनुसार 1) प्रमाणपत्र और रिकॉर्ड संकलन, 2) अधिकारों की व्याख्या, 3) जिला कानूनी सहायता प्राधिकार (NALSA/राज्य स्तर) से संपर्क आदि में मार्गदर्शन दे सकते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 - भारत सरकार का केंद्रीय कानून जो विकलांगता के अधिकारों, अवसरों और देखभाल के नियम तय करता है।
  • National Trust Act, 1999 - autism, cerebral palsy और मानसिक विक्षमता जैसे मामलों के लिए देखरेख एवं सहायता का कानून; परिवार और देखभालकर्ताओं के लिए कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करता है।
  • West Bengal Disability Welfare Framework - पश्चिम बंगाल सरकार के विकलांग कल्याण कार्यक्रम और योजनाओं के अंतर्गत स्थानीय सेवाओं का प्रावधान। जिला स्तर पर Disability Welfare Office से सहायता मिलती है।

उपरोक्त कानूनों के आधिकारिक स्रोत नीचे दिए गए हैं:

इन स्रोतों से आप नवीनतम बदलावों और राज्य-विशिष्ट नगरपालिका सुविधाओं के बारे में ताजा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या विकलांगता प्रमाणपत्र कैसे प्राप्त करें?

सबसे पहले स्थानीय जिला समाज कल्याण कार्यालय में फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज लगाएं. प्रमाणपत्र के लिए चिकित्सा प्रमाणन जरूर चाहिए. प्रक्रिया पूरी होने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं.

कौन कौन से लाभ केंद्र और राज्य स्तर पर मिलते हैं?

केंद्रीय स्तर पर शिक्षा, रोजगार, यात्रा सुविधाओं आदि के अवसर मिलते हैं. पश्चिम बंगाल में विकलांग पेंशन, चिकित्सा सहायता और assistive devices जैसी योजनाएं लागू हैं.

पब्लिक सेक्टर में आरक्षण कैसे प्राप्त करें?

सरकारी नौकरी के आवेदन में विकलांगता के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है. आवेदन के समय सही विकलांगता प्रमाणपत्र जमा करें और विभागीय नियमों का पालन करें.

शिक्षा में प्रवेश के समय कैसे सहायता मिलती है?

उच्च शिक्षा और स्कूलों में निष्पक्ष प्रवेश के लिए आरक्षण और अनुरुप सुविधा दी जा सकती है. संस्थान सामान्यतः अलग से कॉउंसिलिंग और स्पेशल एडिशन हेतु प्रक्रिया बताते हैं.

अपनी पेंशन/सूक्ष्म योजनाओं के लिए कैसे आवेदन करें?

राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर विकलांग पेंशन योजनाओं के लिए आवेदन सामान्यतः ऑनलाइन या विभागीय कार्यालय से किया जाता है. आय अस्थायी हो तो दस्तावेज प्रस्तुत करें.

डिसेबिलिटी प्रमाणपत्र के विवाद के मामले में क्या करें?

यदि प्रमाणपत्र की स्वीकृति/रद्दीकरण से असंतुष्ट हैं तो अपील करें. जिला/up-sagnik न्यायालय में वैधानिक मार्ग अपनाए जा सकते हैं.

कार्यस्थल पर उचित सुविधाएँ कैसे मांगें?

उचित आवास (आरामदायक उपकरण, लचीलापन, योग्यता के अनुसार साक्षर) की मांग करें. नियोक्ता से लिखित समझौता और ऑडिटेड रिकॉर्ड रखें.

उचित यात्रा सुविधाएं कब तक मिलती हैं?

रेलवे, बसों तथा हवाई यात्रा में विकलांग यात्रियों के लिए विशिष्ट सुविधाएं मिलती हैं. संबंधित संस्थाओं के नियमों के अनुसार अग्रिम बुकिंग करें.

कानूनी सहायता कहां से मिल सकती है?

राज्य और केन्द्र सरकार के कानूनी सहायता प्राधिकरण से मुफ्त या सस्ते में वकील मिल सकता है. नालसा तथा राज्य स्तर के नागरिक अधिकार कार्यालय उपलब्ध हैं.

मैं कौन सा चरण अपनाकर सही वकील ढूंढ सकता हूँ?

पहले स्थानीय विकलांग कल्याण विभाग से संपर्क करें. फिर NALSA/राज्य लिगल एड सेवाओं के नेटवर्क से सहायता लें. आडिटेड अनुभव वाले वकील चुनें.

क्या मैं ऑनलाइन सलाह ले सकता हूँ?

हाँ, कई आधिकारिक portals पर शुरुआती मार्गदर्शन मिलता है. परन्तु संविदात्मक मामलों के लिए व्यक्तिगत मुलाकात जरूरी होती है.

कानून में हाल के परिवर्तन क्या हैं?

2016 के अधिकार अधिनियम में विकलांगता के दायरे, शिक्षा, रोजगार और संरक्षा के प्रावधान अद्यतन हुए हैं. कुछ संशोधित धाराओं के अनुसार विशिष्ट विकलांगता वर्गों की मान्यता और आरक्षण आदि बदलते रहते हैं.

5. अतिरिक्त संसाधन

नीचे कोलकाता-आधारित और राष्ट्रीय स्तर के आवश्यक संसाधन दिए गए हैं, जहाँ आप कानूनी सहायता और विकलांगता से जुड़ी सूचनाएँ प्राप्त कर सकते हैं।

  1. National Association for the Blind (NAB) - Kolkata - नेत्र विकलांगों के लिए प्रशिक्षण, शिक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है. वेबसाइट: nab.org.in
  2. Action for Ability Development and Inclusion (AADI) - विकलांग अधिकारों के लिए advocacy और सशक्तिकरण में सक्रिय संस्था. वेबसाइट: aadiindia.org
  3. National Trust - Autism, Cerebral Palsy और मानसिक विकलांगता के लिए देखरेख और सहायता. वेबसाइट: thenationaltrust.gov.in

6. अगले कदम

  1. अपनी स्थिति के लक्ष्य को स्पष्ट करें कि आप प्रमाणपत्र, पेंशन, शिक्षा अवसर या नौकरी से जुड़ी सहायता चाहते हैं.
  2. कोलकाता के लिए उपयुक्त क्षेत्राधिकार पहचानें - जिला विकलांग कल्याण कार्यालय और DIS टरफ के लिए आवेदन नियम देखें.
  3. नीचे दिए स्रोतों से एक विश्वसनीय वकील या कानूनी सलाहकार खोजें: राष्ट्रीय कानूनी सहायता बोर्ड, NALSA, राज्य स्तर के कानूनी सहायता प्राधिकरण।
  4. आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करें - आय प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, मेडिकल प्रमाणपत्र, शिक्षा/नौकरी रिकॉर्ड आदि।
  5. नुकसान-पूर्वक एक छोटा प्रश्नोत्तरी बनाएं ताकि आप अपने केस के बिंदु स्पष्ट कर सकें।
  6. कानूनी सलाहकार से पहले परामर्श का नियोजन करें और फीस संरचना समझ लें।
  7. यदि आवश्यक हो तो संसाधनों के साथ मुफ्त या सस्ते कानूनी सहायता के लिए आवेदन करें और लिखित समझौते पर हस्ताक्षर करें।

उल्लेखित स्रोतों के अतिरिक्त आप स्थानीय विकलांग कल्याण विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार की साइटें और NALSA की जानकारी का संदर्भ लेकर कदम बढ़ाएं।

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