पटना में सर्वश्रेष्ठ सामाजिक सुरक्षा विकलांगता वकील

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Indian Legal Solution
पटना, भारत

2017 में स्थापित
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Indian Legal Solution, established in 2017, operates as a widely read Indian legal blog and knowledge platform that engages law students and practitioners across the country. It maintains MSME and LLP registrations and has earned recognition as a top legal website, including a ranking as the 4th...
Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
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एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
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वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. पटना, भारत में सामाजिक सुरक्षा विकलांगता कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पटना भारत की राजधानी है और केंद्र स्तर पर विकलांगता सुरक्षा कानून लागू होता है. यह नागरिकों के लिए समान अवसर और अधिकारों की सुरक्षा का आधार है.

पटना में विकलांगता सुविधाओं के लिए जिला योजना अधिकारी और विकलांगता कल्याण विभाग काम करते हैं. प्रमाण पत्र पाने के लिए नागरिक को जिला अस्पताल में चिकित्सक बोर्ड के द्वारा मूल्यांकन कराना होता है.

2016 के Rights of Persons with Disabilities Act ने पहचान, शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक अवसरों के अधिकार मजबूत किए. पटना और बिहार के निवासी अब इन अधिकारों के लिए बेहतर प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकते हैं.

“The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 provides for equal opportunities, protection of rights and full participation of persons with disabilities.”
“A disability certificate is issued by authorized medical boards after evaluation.”
“National Social Assistance Programme provides monthly pension and assistance for disabled and elderly persons.”

स्रोत: DEPwD - https://www.disabilityaffairs.gov.in, राष्ट्रीय विकलांग पोर्टल - https://www.ndp.gov.in, NSAP पृष्ठ - https://socialjustice.nic.in.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

पटना, बिहार से जुडे कई मामलों में कानूनी सलाह आवश्यक रहती है. नीचे 4-6 विशिष्ट परिदृश्य दिए गए हैं जिनमें वकील सहायता लाभदायक है.

  • परिदृश्य 1 - विकलांगता प्रमाण-पत्र मिलते समय दावा अस्वीकृत हुआ हो. स्थानीय चिकित्सक बोर्ड के निर्णय की समीक्षा, अपील या पुनर्मूल्यांकन की जरूरत हो सकती है.
  • परिदृश्य 2 - विकलांग pension या अन्य आर्थिक सहायता से इनकार हो. दाखिले, आवेदन और न्यायिक उपाय की प्रक्रिया तय करनी पड़ती है.
  • परिदृश्य 3 - रोजगार में विकलांगता आरक्षण का दुरुपयोग हुआ. भर्ती में आरक्षण नियम लागू कराने के लिए कानूनी मार्ग अपनाने पड़ते हैं.
  • परिदृश्य 4 - भवनों, परिवहन या शिक्षा संस्थानों में पहुँच बाधाओं की शिकायत. विधिक तंत्र से उचित कार्यवाही संभव है.
  • परिदृश्य 5 - नाबालिग या अविकसित व्यक्ति के लिए संरक्षकता और संपत्ति मामलों में न्यायिक सलाह चाहिए. राष्ट्रीय Trust अधिनियम आदि से मदद मिलती है.
  • परिदृश्य 6 - आयु-बद्ध पुनर्मूल्यांकन या स्थिति परिवर्तन के लिए फिर से प्रमाण-पत्र की मांग. कानूनी सहायता से सही दस्तावेज तैयार होते हैं.

इन स्थितियों में Patna के निवासी एक अनुभवी advovate या कानूनी सलाहकार से मिलें. वे आपको दस्तावेजीकरण, नियुक्ति प्रक्रियाओं और अपीलों में मार्गदर्शन दे सकेंगे.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

Rights of Persons with Disabilities Act, 2016

यह अधिनियम विकलांग व्यक्तियों के लिए समान अवसर, शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करता है. बिहार के अंतर्गत भी यह लागू होता है और सरकारी विभागों को लागू-प्रयोग करने के निर्देश देता है.

National Trust Act, 1999

यह अधिनियम बौद्धिक विकलांगता,autism, cerebral palsy आदि के व्यक्तियों की संरक्षा, परामर्श और संरक्षकता पर केंद्रित है. पटना में परिवारों को संरक्षक बनाने, देखभाल योजना बनाने और विशेष सेवाओं तक पहुँच प्रदान करता है.

पूर्व-नियम: Persons with Disabilities Act, 1995

1995 का यह अधिनियम अब संशोधित और विकसित अधिनियम के अंतर्गत अधिकृत है. कुछ मामलों में 1995 के प्रावधान पूर्व-स्थिति में प्रयोजन के लिए लागू रहते हैं.

नोट: केंद्र और राज्य सरकारों ने बच्चों, युवाओं और वृद्धों के लिए विशेष योजनाओं के साथ समान अधिकारों की दिशा में कदम उठाए हैं. पटना के जिला स्तर पर विकलांग कल्याण विभाग इन कानूनों के अनुसार गतिविधियाँ संचालित करता है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या विकलांगता प्रमाण पत्र कैसे मिलता है?

पहले जिला चिकित्सालय या मेडिकल बोर्ड से पेशेवर मूल्यांकन कराएं. फिर जिला विकलांग कल्याण कार्यालय में आवेदन दें. प्रमाण पत्र छह माह तक वैध रहता है.

विकलांग पेंशन कितनी राशि मिलती है?

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना (NSAP) के अंतर्गत पेंशन पात्र विकलांग और वृद्ध व्यक्ति को मासिक सहायता मिलती है. बिहार में राज्य-स्तर पर अतिरिक्त योजनाएं भी चलती हैं.

अगर प्रमाण पत्र से असंतुष्ट हूँ तो क्या करूँ?

फर्स्ट-अपील जिला मजिस्ट्रेट या उप-विकलांग कल्याण अधिकारी के पास करें. जरूरी हो तो कानूनी प्रतिनिधित्व लें.

पटना में सही वकील कैसे खोजें?

स्थानीय बार एसोसिएशन, सरकारी विकलांग कल्याण कार्यालय और पूर्व-प्राप्त अनुभव वाले ADVOCATE से पूछताछ करें. पहले परामर्श शुल्क स्पष्ट करें.

क्या शिक्षा में विकलांग आरक्षण है?

RPWD Act 2016 के तहत उच्च शिक्षा और सरकारी भर्ती में विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण निर्धारित है. बिहार सरकार भी इसे अपनी नीतियों में लागू करती है.

कानूनी सहायता कब और कैसे मिलती है?

कई संगठन मुफ्त या कम शुल्क पर कानूनी सहायता देते हैं. DEPwD और NSAP जैसे आधिकारिक संसाधन मार्गदर्शन दे सकते हैं.

डाक्यूमेंट्स कितने चाहिए?

आधार कार्ड, निवासी प्रमाण पत्र, चिकित्सा प्रमाण पत्र, मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट, आय प्रमाण-पत्र और प्रमाण पत्र आवेदन-पत्र की कॉपी रखें.

क्या विकलांगता के प्रकार के अनुसार लाभ मिलते हैं?

21 प्रकार की विकलांगताओं के लिए कानून स्पष्ट अधिकार देता है. लाभ प्रकार और योग्यता प्रतिशत पर निर्भर करते हैं.

पटना में नियंत्रण-विवरण किसके पास है?

पटना जिला विकलांग कल्याण कार्यालय और जिला प्रशासन के सहयोगी विभाग जिम्मेदार हैं. वे आवेदन पोर्टल्स और प्रमाण-पत्र प्रक्रियाओं को संचालित करते हैं.

क्या मैं RTI से जानकारी मांग सकता हूँ?

हाँ, RTI के माध्यम से विकलांग कल्याण योजनाओं, आवेदनों की स्थिति और बजट विवरण माँगा जा सकता है.

कानूनी सहायता लेने के फायदे क्या हैं?

कानून की सही व्याख्या, समयसीमा की पाबंदी और अपील-प्रक्रिया में स्पष्ट मार्गदर्शन मिलता है. यह निर्णयों को चुनौती देने में मदद करता है.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD) - आधिकारिक पोर्टल और मार्गदर्शक सामग्री. https://www.disabilityaffairs.gov.in
  • National Disability Portal (NDP) - विकलांग बहनों-ब्रदों के लिए केंद्रीय संसाधन. https://www.ndp.gov.in
  • National Centre for Promotion of Employment for Disabled People (NCPEDP) - गैर-सरकारी संगठन to provide advocacy और सेवाएँ. https://www.ncpedp.org

6. अगले कदम

  1. अपनी स्थिति स्पष्ट करें - विकलांगता प्रकार, प्रतिशत और आवश्यक लाभ टार्गेट तय करें.
  2. दस्तावेज एकत्र करें - प्रमाण पत्र, आय प्रमाण, पहचान पत्र और चिकित्सा रिपोर्ट रखें.
  3. पटना जिला विकलांग कल्याण कार्यालय से संपर्क करें और सही मार्गदर्शन लें.
  4. कानूनी सलाहकार या advocacy से मिलकर योजना बनाएं और पूछे जाने वाले सवाल तैयार रखें.
  5. दस्तावेजीकरण और आवेदन-यदि प्रमाण-पत्र अस्वीकृत हो तो अपील की तैयारी करें.
  6. अपील और शिकायत प्रक्रियाओं के लिए उचित फॉर्म और फ Indonesian-timing अनुसार फाइलिंग करें.
  7. स्थानीय समर्थन समूहों और ऑनलाइन संसाधनों से नियमित अपडेट पाएं ताकि बदलावों से वाकिफ रहें.

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