हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ सतत वित्त वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
English
Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
जैसा कि देखा गया

1. हरियाणा, भारत में सतत वित्त कानून के बारे में: हरियाणा, भारत में सतत वित्त कानून का संक्षिप्त अवलोकन

सतत वित्त वह वित्तीय व्यवस्था है जो ESG मानदंडों को निवेश, ऋण और रिपोर्टिंग में शामिल करती है.

हरियाणा में यह क्षेत्रीय नीति केंद्रीय कानूनों के अनुरूप कार्य करता है.

हरियाणा में सतत वित्त नियम केंद्रीय कानूनों के साथ राज्य स्तर पर लागू होते हैं.

“Section 135 of the Companies Act, 2013 requires CSR expenditure by certain classes of companies.”
“BRSR shall be disclosed in the Board's Report and filed with the stock exchange.”

प्रमुख आधिकारिक स्रोतों के अनुसार CSR और ESG reporting का दायरा केंद्रीय कानूनों से निर्धारित होता है.

केंद्रीय स्रोत: CSR के लिए Companies Act, 2013 और MCA के मार्गदर्शक प्रावधान, तथा Ministry of Corporate Affairs (MCA) के प्रावधान लागू होते हैं.

नवीकरण और ऊर्जा नीति: ऊर्जा दक्षता तथा हरित वित्त के लिए Bureau of Energy Efficiency (BEE) के मानदंड और SEBI की ESG/बिज़नेस-रिपॉर्टिंग आवश्यकताएं प्रभावी हैं.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: सतत वित्त कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों

ये परिदृश्य हरियाणा के विविध कारोबारी सेट-अप में आम हैं.

  • गुरुग्राम-आधारित सार्वजनिक कंपनी CSR नियम लागू करने के लिए कानून-संरेखित योजना, बोर्ड CSR कमिटी गठन और वार्षिक CSR रिपोर्टिंग में सहायता चाहती है.
  • पानीपत में सौर परियोजना के लिए ग्रीन बॉन्ड या ऋण-प्रकृति के वित्तपोषण के लिए कानूनी दस्तावेज, ग्रीन बॉन्ड फ्रेमवर्क और रिपोर्टिंग की जरूरत होती है.
  • फरीदाबाद स्थित एक गैर-लाभार्थी/NGO CSR फंडिंग के लिए आवेदन-प्रक्रिया, स्पॉन्सरशिप और अनुपालन की सलाह चाहती है.
  • हरियाणा-लिस्टेड कंपनी BRSR (Business Responsibility and Sustainability Report) के पूर्ण-आधिकारिक वितरण और बोर्ड-रिपोर्टिंग के मार्गदर्शन की मांग कर रही है.
  • हरियाणा बैंकिंग-ऋण संस्थान हरित वित्त, ऊर्जा-क्षमता-प्रयोग और ऋण-स्कोप के अनुरूप चरणबद्ध नियमावली से जुड़ी कानूनी सलाह चाहती है.
  • उद्योग-क्षेत्र क्लस्टर ऊर्जा दक्षता मानकों, ECBC-प्रमाणन और अनुपालन-योजना के लिए क़ानूनी मार्गदर्शन चाहता है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: हरियाणा, भारत में सतत वित्त को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • कंपनीज एक्ट, 2013 (CSR धारा 135) - CSR कमिटी निर्माण, न्यूनतम खर्च और रिपोर्टिंग के लिए केंद्रीय अधिनियम. अधिक जानकारी के लिए MCA देखें.
  • SEBI LODR Regulations, 2015 (BRSR) - शीर्ष 1000 listed कंपनियों के लिए बिज़नेस-रिपॉर्टिंग और ESG जानकारी की घोषणा अनिवार्य. अधिकृत गाइडेंस के लिए SEBI देखें.
  • Energy Conservation Act, 2001 (BEE guidelines) - ऊर्जा संरचनाओं, ऊर्जा दक्षता और इकाइयों के लिए मानक निर्धारित करती है. अधिक जानकारी के लिए BEE देखें.

हरियाणा-विशिष्ट क्रियान्वयन में HAREDA राज्य स्तर पर अक्षय ऊर्जा और सतत वित्त कार्यक्रमों को लागू करता है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सतत वित्त क्या है?

यह वित्तीय निर्णय-निर्माण में पर्यावरण, सामाजिक और शासन मानदंडों को जोड़ना है. निवेश, ऋण, जोखिम-प्रबंधन और रिपोर्टिंग में ESG विचार शामिल होते हैं.

क्या हरियाणा के सभी व्यवसायों को CSR लागू करना अनिवार्य है?

नहीं, केवल वे कंपनियाँ जो Section 135 के मानदंड पूरे करती हैं, उन्हें CSR खर्च और रिपोर्ट करनी होती है. कई छोटी कंपनियों पर CSR बाध्यता नहीं है.

BRSR क्या है, और इसे कब दाखिल करना चाहिए?

BRSR एक ESG-आधारित रिपोर्ट है जिसे बोर्ड-रिपोर्ट में शामिल किया जाता है और स्टॉक एक्सचेंज को फाइल किया जाता है. लागू होने की तिथि नियमों के अनुसार बढ़ती है.

हरित बॉन्ड क्या होते हैं और Haryana में कौन जारी कर सकता है?

हरित बॉन्ड वित्तीय साधन है जो पर्यावरण-उन्मुख परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाता है. हरियाणा-आधारित प्राइवेट या पब्लिक कंपनियाँ इसे जारी कर सकती हैं यदि वे ग्रीन-फ्रेमवर्क अपनाती हैं.

ECBC और ऊर्जा दक्षता के नियम Haryana में कैसे लागू होते हैं?

ECBC नियम भवन और औद्योगिक परिसरों में ऊर्जा दक्षता मानकों को निर्धारित करते हैं. हरियाणा में परियोजनाएं BEE दिशानिर्देशों के अनुसार अनुपालन करती हैं.

कौन से लाभ कर सकते हैं? क्या टैक्स इंसेंटिव मिलते हैं?

ग्रीन परियोजनाओं और renewable-energy projects पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत कुछ कर-सुविधाएं मिल सकती हैं. परामर्श से स्थिति स्पष्ट होती है.

मैं किस प्रकार एक कानूनी सलाहकार चुनूं?

ESG-फोकस वाले वकील, कॉर्पोरेट-रेगुलेशन, CSR, BRSR और ग्रीन-फाइनांस में अनुभव खोजें. हरियाणा-आधारित फर्मों को प्राथमिकता दें.

हरियाणा में ESG-रिपोर्टिंग को कैसे तैयार करें?

ESG-रिपोर्टिंग बोर्ड-रिपोर्टिंग के साथ जुड़ी होती है और SEBI मानकों से निर्देशित होती है. एक अनुभवी advsior की मदद से जानकारी जुटाएं.

CSR के लिए फंडिंग कैसे प्राप्त करें?

CSR-फंडिंग हेतु परियोजना प्रस्ताव, बजट-शीट और प्रभाव आकलन आवश्यक हैं. कंपनियाँ MCA guidelines के अनुसार आवेदन करें.

कौन सी हरियाणा-विशिष्ट एजेंसियाँ इसमें मदद कर सकती हैं?

HAREDA जैसी राज्य एजेंसियाँ अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए मार्गदर्शन और आवेदन-समर्थन प्रदान करती हैं.

अगर मैं एक पूरक निवेशक हूँ तो मुझे क्या करना चाहिए?

ESG-फंडिंग के अवसरों के लिए कानूनी सलाहकार से गाइडेंस लें. आपके पूंजी-रूपांतरण और नियम-आचरण सुनिश्चित होंगे.

क्या मालिकीय दायित्व बदल सकते हैं?

हाँ, CSR, ESG और ग्रीन-फाइनांस नियम समय-समय पर अपडेट होते हैं. अपडेटेड गाइडेंस पर रहने के लिए सलाहकार के साथ संपर्क बनाए रखें.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • SEBI - Securities and Exchange Board of India. ESG-रिपोर्टिंग और BRSR के लिए आधिकारिक स्रोत. https://www.sebi.gov.in/
  • MCA - Ministry of Corporate Affairs. CSR नियम और Companies Act, 2013 के प्रावधान. https://www.mca.gov.in/
  • HAREDA - Haryana Renewable Energy Development Agency. राज्य स्तर पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का समर्थन. https://hareda.gov.in/

6. अगले कदम: सतत वित्त वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने Haryana-आधारित बिज़नेस-एंटिटी के लिए ESG-कॉन्सेप्ट स्पष्ट करें।
  2. CSR, BRSR और ग्रीन-फाइनांस में विशेषज्ञता वाले वकील की सूची बनाएं।
  3. स्थानीय कानून-फर्मों के केस-स्टडीज़ और ग्राहक-प्रतिक्रियाएं जाँचें।
  4. फी-स्टैक्चर, घंटा-रेट और प्री-फीस-आउटलाइन स्पष्ट करें।
  5. पहला परिचय-नोटिस भेजकर इंटेर्व्यू शेड्यूल करें और एक छोटे-से प्रोजेक्ट-टेस्ट दें।
  6. CSR-खासकर Haryana-उन्मुख नियमों पर उनकी स्पष्ट व्याख्या मांगें।
  7. अनुसंधान, संदर्भ-चेक और एक प्रारम्भिक परामर्श बैठक तय करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से हरियाणा में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, सतत वित्त सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

हरियाणा, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।