नोएडा में सर्वश्रेष्ठ सतत वित्त वकील

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Corp Legex Advocates & Solicitors

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नोएडा, भारत

2022 में स्थापित
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Corp Legex Advocate & Solicitors एक प्रमुख पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है, जिसे भागीदारों का समर्थन प्राप्त है जिनके संयुक्त अनुभव की कई...
Lawyerinc
नोएडा, भारत

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Saikrishna and Associates
नोएडा, भारत

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1. नोएडा, भारत में सतत वित्त कानून के बारे में: नोएडा में सतत वित्त कानून का संक्षिप्त अवलोकन

सतत वित्त का तात्पर्य धन-निवेश, ऋण-प्राप्ति और वित्तीय निर्णयों में पर्यावरण-सम्पन्न, सामाजिक और शासन-प्रबंधन (ESG) पहल को सुविधाजनक बनाना है। नोएडा-गौतमबुद्धनगर में यह प्रभावी तौर पर राष्ट्रीय नियमों से चलता है। कंपनियाँ अब हर चरण में पर्यावरणीय जोखिम, सामाजिक प्रभाव और पारदर्शिता दिखाती हैं।

स्थानीय निवासियों और व्यवसायों के लिए यह जरूरी है कि वे NBFCs, बैंकों, सूचीबद्ध कम्पनियों और निजी निगमों के ESG दायित्वों को समझें। सतत वित्त से जुड़ी अनुशंसित प्रक्रियाओं में पारदर्शी रिपोर्टिंग, हरित बॉन्ड्स एवं ऋण-प्रकटन, तथा CSR गतिविधियों की सही क्रियान्वयन शामिल हैं।

नोट: उत्तर प्रदेश राज्य कानून में सतत-finance से सीधे जुड़ी कुछ धाराएँ राष्ट्रीय स्तर पर तय होती हैं, पर नोएडा के व्यवसाय इन नियमों के अन्तर्गत परिचालित होते हैं।

“ESG disclosures shall be made by top 1,000 listed entities in their annual reports”

Source: SEBI का ESG disclosure मानक, SEBI आधिकारिक साइट पर उपलब्ध जानकारी

“CSR activities shall be undertaken by companies as per Section 135 of the Companies Act 2013”

Source: Ministry of Corporate Affairs (MCA) - Companies Act 2013, CSR नियम

“Climate-related financial risk is a material risk that banks and NBFCs must integrate into risk management”

Source: Reserve Bank of India (RBI) - Climate Risk Guidelines

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: सतत वित्त कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची

  • नोएडा-आधारित कंपनी ग्रीन बॉन्ड या हरित ऋण जारी करने की योजना बनाती है; इसके लिए SEBI तथा RBI के नियमों के अनुपालन और धोखाधड़ी रोकथाम के दस्तावेज़ चाहिए।
  • एक रियल एस्टेट परियोजना (ग्रीन बिल्डिंग) के लिए CSR खर्च और अनुपालन के लेखा-जोखा की जरूरत पड़ती है ताकि 2 प्रतिशत के न्यूनतम CSR खर्च नियम पूरे हों।
  • नोएडा बैंक या NBFC क्लायंट climate risk-आधारित ऋण-प्रकटन या stress-testing हेतु RBI मार्गदर्शकों के अनुसार दस्तावेज़ बनवाने आते हैं।
  • सूचीबद्ध कंपनी नोएडा क्षेत्र में ESG disclosures, बिज़नेस रीस्पॉन्सिबिलिटी-एन-एसस्टेणेबिलिटी (BRSR) रिपोर्टिंग को अद्यतन करना चाहती है।
  • स्टार्टअप/प्रारम्भिक चरण में ESG-लाभ-तथ्य और प्रमाणन (ग्रीन-प्रोडक्ट, एनर्जी एफिशिएंसी) के अनुरूप वित्तपोषण पथ की आवश्यकता है।
  • स्थानीय समुदाय-आधारित उपक्रम के लिए CSR-सम्बंधित फंडिंग प्लानिंग और अनुपालन पथ-निर्देशन की जरूरत है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: नोएडा, भारत में सतत वित्त को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Companies Act 2013 - धारा 135 (CSR नियम) के अनुसार CSR गतिविधियाँ और न्यूनतम खर्च निर्धारित हैं; नोएडा आधारित कंपनियाँ भी इन मानकों के दायरे में आती हैं।
  • Securities and Exchange Board of India (SEBI) के ESG disclosure नियम - शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध संस्थाओं के लिए ESG disclosures अनिवार्य हैं; यह सूची नोएडा सहित सभी इकाइयों पर लागू होती है।
  • Reserve Bank of India (RBI) क्लाइमेट रिस्क और ग्रीन फाइनेंस गाइडलाइंस - बैंकों और NBFCs को क्लाइमेट-रेलेटेड जोखिमों के प्रबंधन और disclosures के लिए मानदंड दिए गए हैं; नोएडा में सभी वित्तीय संस्थान इन निर्देशों के अधीन आते हैं।

उद्धरण:

“CSR activities shall be undertaken by companies as per Section 135 of the Companies Act 2013”

Source: MCA - Companies Act 2013

“The top 1,000 listed entities shall make ESG disclosures in the annual report”

Source: SEBI - ESG disclosures norms

“Climate-related financial risk is a material risk that banks and NBFCs must integrate into risk management”

Source: RBI - Climate Risk Guidelines

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सतत वित्त से जुड़े नियम नोएडा में केवल बड़े निगमों को प्रभावित करते हैं?

नहीं. नोएडा में छोटे और मझोले व्यवसाय भी CSR दायित्व, ESG disclosures के प्राथमिक दायित्व और हरित वित्त के अवसरों से लाभ उठाते हैं।

मैं हरित बॉन्ड फाइनेंसिंग कैसे शुरू कर सकता हूँ?

सबसे पहले अपने वित्तीय सलाहकार और वकील से परामर्श करें कि आपका प्रोजेक्ट ग्रीन-फाइनेंस के लिए योग्य है या नहीं, फिर SEBI के पॉइंट-ऑफ-ट्रांसफर और RBI के गाइडलाइंस के अनुरूप डॉक्यूमेंट बना लें।

नीति-निर्माण के संदर्भ में कौन से दस्तावेज़ आवश्यक होंगे?

ब्या-डॉकमेंट, ESG-फ्रेमवर्क, CSR खर्च के रिकॉर्ड, पर्यावरण प्रभाव आकलन, और वार्षिक ESG डिस्कोजर फाइलिंग शामिल होंगे।

क्या Noida क्षेत्र के किसी स्टार्टअप के लिए CSR अनिवार्य है?

स्टार्टअप्स पर CSR नियम तभी लागू होंगे जब वे Company Act 2013 के दायरे में आते हैं और उनका नेट प्रॉफिट निर्धारित मानदंडों को पूरा करता हो।

ESG डिस्क्लोजर कब से अनिवार्य है?

2021-22 वित्त वर्ष से शीर्ष 1,000 listed संस्थाओं के लिए ESG disclosures अनिवार्य हुए थे; यह Noida क्षेत्र की कंपनियों पर भी लागू है।

CSR खर्च के प्रतिशत पर क्या सीमा है?

कंपनियाँ 2 प्रतिशत औसत नेट प्रॉफिट (तीनों वर्षों के औसत) CSR पर खर्च करें, यह Companies Act 2013 के अनुसार है।

Green Bond कैसे जारी किया जा सकता है?

ग्रीन बॉन्ड प्रपत्र के लिए नियामक-स्वीकृत ग्रीन फ्रेमवर्क बनाएं, शक्य हो तो बाहरी ऑडिट तथा प्रमाणन प्राप्त करें।

कौन सा विभाग Noida में ESG-रेगुलेशन का सबसे अधिक अनुपालन देखता है?

कंपनी रजिस्ट्रेशन, सेबी लॉज-ऑफ और RBI क्लाइमेंट-रेगुलेशन दोनों मिलकर यह देख रहे हैं; CSR और ESG के लिए MCA भी मार्गदर्शक है।

क्या-for-profit Not-for-Profit संगठन भी ESG से जुड़ी योजना बना सकते हैं?

हाँ. वे CSR फंडिंग के अवसरों के लिए नियामक पथ, कर-प्रावधान और डोनेशन डिस्क्लोजर के साथ जागरूक रहते हैं।

अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करे तो क्या होगा?

उल्लंघन पर जुर्माना, CSR-फंडिंग रोकना और शेयरधारकों के लिए पारदर्शिता-आधारित जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं।

कौन से दस्तावेज़ Noida में सुरक्षित रखे जाने चाहिए?

CSR खर्च रिकॉर्ड, ESG डिस्क्लोजर, आंतरिक पॉलिसी, external audit रिपोर्ट और environmental impact assessments सुरक्षित रखने चाहिए।

क्या सतत-finance में स्थानीय कर-लाभ मिलते हैं?

CSR खर्च पर कर-छूट के अवसर हो सकते हैं; सही योजना और प्रमाण-निष्ठ डेटा देकर अधिकतम लाभ लिया जा सकता है।

मैं कैसे सत्यापित कर सकता हूँ कि मेरी ESG रिपोर्ट भरोसेमंद है?

तृतीय-पक्ष ऑडिट, मानकीकृत ग्रीन-प्रमाणन और बाहरी समीक्षा से रिपोर्ट की विश्वसनीयता बढ़ती है।

5. अतिरिक्त संसाधन: सतत वित्त से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  1. RBI - भारतीय केंद्रीय बैंक; क्लाइमेट-रेस्क और ग्रीन फाइनेंस पर मार्गदर्शन और मानदंड देता है।
  2. SEBI - प्रतिभूति बाजार-नियामक; ESG disclosure नियम और सूचीबद्ध कंपनियों के लिए दिशानिर्देश जारी करता है।
  3. NABARD - राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक; पर्यावरण- अनुकूल वित्त, ग्रीन फाइनेंस और कृषि-उद्यम सहयोग में भूमिका निभाता है।

इन संस्थाओं के आधिकारिक स्रोत देखें:

6. अगले कदम: सतत वित्त वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने व्यवसाय-प्रकार, जैसे मैनुफैक्चरिंग, टेक-स्टार्टअप, real estate, आदि के अनुसार संलग्नता तय करें।
  2. NOIDA-आधारित अनुभव वाले वकीलों या कानून-फर्मों की सूची बनाएं।
  3. ESG-Disclosure, CSR और green-finance जैसे विषयों पर specialize करने वाले advs से पहली परामर्श लें।
  4. पूर्व-ग्राहक संदर्भ और केस-स्टडीज के माध्यम से track-record जाँचें।
  5. फीस-निर्धारण, घंटे-आधारित बनाम प्रोजेक्ट-आधारित मूल्य निर्धारण स्पष्ट करें।
  6. पहला नियुक्ति (initial consultation) में आपके केस-स्कोप, अपेक्षित परिणाम और समय-रेखा discuss करें।
  7. Engagement letter पर हस्ताक्षर करने से पहले डाक्यूमेंट्स, गुप्तता और सहयोग-आशय स्पष्ट करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से नोएडा में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, सतत वित्त सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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