मुंबई में सर्वश्रेष्ठ ट्रस्ट वकील

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Solomon & Co.
मुंबई, भारत

1909 में स्थापित
उनकी टीम में 75 लोग
English
French
Hindi
Marathi (Marāṭhī)
निजी ग्राहक ट्रस्ट सम्पत्ति नियोजन +4 और
फर्म विभिन्न प्रकार के क्लाइंट्स का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, सरकारी निकाय,...
Lawcrust Legal Consulting Services
मुंबई, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 70 लोग
English
LawCrust Global Consulting Ltd. is headquartered in Mumbai and operates as a global legal consulting and hybrid advisory firm. It began its journey in 2016 under a different name, was rebranded as LawCrust in 2018, and became a public limited company in 2023. The firm integrates legal consulting...
Kaleeyantey Law Firm
मुंबई, भारत

English
कालीयन्ते लॉ फर्म, जिसका कार्यालय मुंबई और नवी मुंबई में स्थित है, विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...
Legaleye Associates - Advocates & Lawyers
मुंबई, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
कानूनी सेवाएँ और समाधान - लॉ फर्म - मुंबई में अधिवक्ता और वकीललीगलआई एसोसिएट्स मुंबई, भारत की एक पूर्ण-सेवा विधिक...
Enlight Juris Law Firm
मुंबई, भारत

English
एन्लाइट जूरिस लॉ फर्म, जिसकी स्थापना 15 अगस्त 2018 को हुई थी, मुंबई में मुख्यालय रखती है और इसके नेतृत्व में अधिवक्ता...
Gokhale and Associates
मुंबई, भारत

2017 में स्थापित
English
गोकले और एसोसिएट्स, जिसकी स्थापना 2017 में श्री अविनाश गोकले और श्रीमती श्रुति गोकले द्वारा की गई थी, मुंबई, भारत में...
S.K. Srivastav & Co. Law Firm
मुंबई, भारत

1985 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
“हमारे लिए ‘सफलता’ का अर्थ है कि हमारे क्लाइंट पूरी आत्मविश्वास के साथ रात को चैन से सो सकें, यह जानते हुए कि वे...
Khaitan & Co
मुंबई, भारत

1911 में स्थापित
उनकी टीम में 5,000 लोग
Hindi
English
ओवरव्यूखैतान एंड कंपनी भारत के सबसे पुराने और मान्यता प्राप्त पूर्ण सेवा कानून फर्मों में से एक है।पारदर्शिता,...
Vaibhav Chaudhari & Co. Advocates
मुंबई, भारत

2015 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंपेशेवर अनुभव। असाधारण परिणाम।वैभव चौधरी एंड कंपनी अपराधिक कानून, सिविल कानून, उपभोक्ता कानून,...
जैसा कि देखा गया

1. मुंबई, भारत में ट्रस्ट कानून के बारे में: Mumbai, Bharat me Trust Kanoon ka Saakhshat Avlokan

ट्रस्ट कानून नागरिकों के संपत्ति के व्यक्तिगत या सार्वजनिक लाभ के लिए संरचना बनाता है। इसमें ट्रस्ट की स्थापना, ट्रस्टी का दायित्व, और लाभप्राप्तकर्ताओं के अधिकार स्पष्ट रहते हैं। भारत में कानून दो प्राथमिक पंक्ति पर चलता है: केंद्रीय स्तर पर Indian Trusts Act, 1882 और राज्य स्तर पर महाराष्ट्र में Bombay Public Trusts Act, 1950 जैसे प्रावधान।

मुख्य विचार- निजी ट्रस्ट सामान्यतः Indian Trusts Act के अंतर्गत आते हैं, जबकि सार्वजनिक/चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र के कानून के अधीन आकर पंजीकरण और निगरानी में रहते हैं।

“The Indian Trusts Act, 1882 provides for the consolidation and amendment of the law relating to private trusts.”
“The Bombay Public Trusts Act, 1950 regulates public trusts in Maharashtra.”
“Under sections 11 and 12 of the Income Tax Act, charitable trusts are eligible for tax exemptions.”

हाल के परिवर्तनों का प्रभाव ट्रस्ट प्रशासन पर है; आयकर अधिनियम के तहत दान-सम्बन्धी छूट और पंजीकरण प्रक्रियाओं में ऑनलाइन फाइलिंग की प्रवृत्ति बढ़ी है।

उद्धरण स्रोत - India Code, Maharashtra Government portals और Income Tax Department के आंतरिक पन्ने ट्रस्ट कानून के विवरण के लिए मान्य संदर्भ हैं।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: Trust Kanoon me Madad ke Karan

ट्रस्ट बनाते और चलाते समय सही दस्तावेज़, शर्तें और अनुपालनों के नियमों की समझ जरूरी है। वकील के साथ काम करने से कानूनी जोखिम कम रहते हैं और नियमानुसार फॉर्मलities पूरी होती हैं।

  • ट्रस्ट डीड तैयार करना - Mumbai में निजी या सार्वजनिक ट्रस्ट के लिए स्पष्ट उद्देश्य, हितधारक, ट्रस्टी और क्रियावली तय करनी होती है। उदाहरण के तौर पर Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust जैसी मुंबई-आधारित चैरिटेबल ट्रस्टें साफ डीड और उद्देश्यों के साथ काम करती हैं।
  • पंजीकरण और अनुपालन - Bombay Public Trusts Act के अन्तर्गत पंजीकरण, वर्ष-उन्नयन, ऑडिट आदि के लिए वैधानिक दिशानिर्देश चाहिए होते हैं। Tata Trusts जैसी संस्थाओं के लिए आयकर एवं पंजीकरण प्रक्रियाएं अहम हैं।
  • टैक्स छूट और दान नियम - 12A/12AA पंजीकरण, 80G दान-छूट आदि के लिए कर सलाहकार की मदद आवश्यक रहती है। आयकर विभाग की वेबसाइट पर ट्रस्टोपण से जुड़ी जानकारी आधारित निर्णय लेते हैं।
  • विवाद निवारण - ट्रस्ट-हितार्थक विवाद, ट्रस्टी के कर्तव्य, हितधारक अधिकार आदि पर अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्य करना पड़ता है। Mumbai के हाई-कोर्ट/लोअर कोर्ट में शामिल मामलों में कानूनी मार्गदर्शन जरूरी रहता है।
  • डायरेक्शन और उत्तरदायित्व - ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड, ऑडिट और वार्षिक रिटर्न्स की सही प्रस्तुति के लिए कानूनी सलाह आवश्यक है।
  • नए परिवर्तन और अनुपालन - हाल के वर्षों में ऑनलाइन पंजीकरण, फाइलिंग, और ट्रस्ट-लेखा-जोखिम के बारे में नियम बदले गए हैं; इसमें आयकर अधिनियम से जुड़ी प्रक्रियाएं भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय Mumbai उदाहरण

  • Sir Dorabji Tata Trust - मुंबई-आधारित विशाल चैरिटेबल ट्रस्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण में फंडिंग करता है; डीडिंग, पंजीकरण और अनुपालन के लिए अनुभवी कानूनी मार्गदर्शक आवश्यक होते हैं।
  • Sir Ratan Tata Trust - मुंबई से संचालित, शिक्षा, विज्ञान और समाज-कल्याण में योगदान देता है; ट्रस्ट संरचना और अनुपालन के लिए वकील की भूमिका अहम रहती है।
  • एक निजी परिवार ट्रस्ट (Mumbai क्षेत्र) - पारिवारिक संपत्ति के उत्तराधिकार-योजना तथा विरासत-समर्थन के लिए स्थापित किया जाने वाला एक सामान्य उदाहरण; डीड, नियमावली और पंजीकरण की जरूरत होती है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: Maharashtra me Trust Kanoon ki Chuninda Taareekh

Indian Trusts Act, 1882 - निजी ट्रस्टों के निर्माण, अधिकार, कर्तव्य और ट्रस्टियों की जिम्मेदारियों को नियंत्रित करता है। ट्रस्ट की रचना से लेकर लाभार्थी के अधिकारों तक सब स्पष्ट रहते हैं।

Bombay Public Trusts Act, 1950 - महाराष्ट्र ( Mumbai सहित ) में सार्वजनिक ट्रस्टों के पंजीकरण, निगरानी, ऑडिट और दायित्व-पालन के लिए मुख्य कानून है।

Income Tax Act, 1961 - ट्रस्टों के लिए आयकर छूट (धार्मिक/चैरिटी) और 12A/12AA पंजीकरण, 80G दान-छूट आदि से जुड़ा एक आंतरिक कर-नियम है।

उद्धरण स्रोत - Indian Trusts Act के केंद्रीय अस्तित्व, Bombay Public Trusts Act की Maharashtra-स्तर पर व्याख्या और आयकर विभाग के charitable trusts निर्देश आधिकारिक स्रोतों से मिलते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: Trust कानून से जुड़े प्रमुख सवाल

ट्रस्ट बनाने के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?

ट्रस्ट बनाने के लिए आवश्याक दस्तावेज़ में डीड (trust deed), पंजीकरण-उद्देश्य, ट्रस्टी/उत्पन्न नियंत्रण के विवरण, और संपत्ति का विवरण शामिल होता है। साथ ही पंजीकरण से पहले पहचान-प्रमाण और पते के प्रमाण भी होते हैं।

Private ट्रस्ट बनाते समय कौन-सी क्लॉज अनिवार्य हैं?

मुख्य क्लॉज में ट्रस्ट का नाम, उद्देश्य, संपत्ति-संरचना, ट्रस्टी-गठबंधन, ट्रस्ट-उन, लाभार्थी वर्ग, बैठक-विधि और बदले जाने की प्रक्रिया शामिल होनी चाहिए।

ट्रस्ट डीड को पंजीकृत कैसे करें?

पंजीकरण महाराष्ट्र में Bombay Public Trusts Act के अंतर्गत किया जा सकता है या निजी ट्रस्ट के लिए Indian Trusts Act के अनुसार दस्तावेज तैयार किया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आवश्यक शुल्क और आवेदन फॉर्म संबंधित क्षेत्रीय पंजीयक के पास जमा होते हैं।

ट्रस्ट के लिए 12A/12AA पंजीकरण क्यों ज़रूरी है?

12A/12AA पंजीकरण से ट्रस्ट को आयकर में छूट मिलती है और दान-आय पर कर-सीमा में राहत मिलती है। यह पंजीकरण फ्री-फॉर्म पर होता है और समय-समय पर अंश-आडिट और अनुपालन आवश्यक होते हैं।

ट्रस्ट बन जाने के बाद वार्षिक रिटर्न कैसे फाइल करें?

ट्रस्ट के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म 11 या ITR-7 के अंतर्गत दाखিল किया जाता है, साथ में ऑडिट रिपोर्ट और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र संलग्न करने होते हैं।

ट्रस्ट के खातों की ऑडिट अनिवार्य कब है?

कई ट्रस्टों के लिए वार्षिक ऑडिट अनिवार्य होता है, विशेषकर अगर वे सार्वजनिक-दान-आधारित हैं या 12A/12AA के अंतर्गत आते हैं। ऑडिटर प्रमाणित वित्तीय विवरण तैयार करता है और आयकर विभाग को भेजता है।

ट्रस्ट का वित्तीय लेखा-जोखा कितनी बार प्रकाशित करना चाहिए?

प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में वित्तीय विवरण, बैलेन्स-शीट और आय-खर्च विवरण प्रकाशित करना चाहिए, और समर्पित प्रतीक-प्रत्ययों के साथ संचालक-समिति को प्रस्तुत करना चाहिए।

ट्रस्ट के विरुद्ध शिकायत मिल जाए तो क्या करें?

शिकायत के मामले में संबंधित Charity Commissioner, Maharashtra या स्थानीय अदालत से सहायता लें। ट्रस्टी-लापरवाही, हितधारक के अधिकारों के उल्लंघन आदि पर कानून के अनुसार कार्रवाई संभव है।

ट्रस्ट संपत्ति का प्रवर्तन कैसे होता है?

ट्रस्ट संपत्ति ट्रस्टी की निगरानी में रहती है और लाभार्थियों के हित में संरक्षित होती है। संपत्ति-हस्तांतरण, बिक्री या दान जैसे निर्णयों के लिए ट्रस्टी-गठबंधन की सहमति और प्रावधानों की पालना जरूरी है।

अगर ट्रस्ट की नियुक्तियाँ विवाद में हों तो क्या करें?

हक-हकूक से जुड़ी विवादों के लिए उच्चतम न्यायालय या महाराष्ट्र उच्च न्यायालय के समक्ष कोर्ट-अपील/विवाद समाधान का सहारा लें। कानूनी प्रतिनिधित्व से ट्रस्ट संचालन के नियम स्पष्ट होते हैं।

क्या ट्रस्ट ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं?

हाँ, महाराष्ट्र में ऑनलाइन पंजीकरण और फाइलिंग की दिशा-निर्देश चलन में आए हैं। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग और अनुपालन-नोटिसों का जवाब देना आसान हुआ है।

ट्रस्ट बनाकर कितना समय लगता है?

डीड तैयार होने के बाद पंजीकरण और 12A/12AA पंजीकरण में कुछ सप्ताह से कुछ महीनों का समय लग सकता है, यह स्थानीय रिकॉर्ड-प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

मुम्बई में बतौर ट्रस्ट किसे सलाह दें?

सबसे बेहतर है कि स्थानीय ट्रस्ट-विशेषज्ञ वकील या कानून फर्म, जो Mumbai क्षेत्र में ट्रस्ट पंजीकरण और अनुपालन के अनुभव रखते हों, उनकी सेवाएं लें।

5. अतिरिक्त संसाधन: Trust से जुड़े विशिष्ट संगठन

  • Tata Trusts - मुंबई-आधारित प्रमुख चैरिटेबल ट्रस्टों के बारे में जानकारी और उनके फंडिंग एरिया
  • Income Tax Department - Charitable Trusts - 12A/12AA, 80G आदि के बारे में आधिकारिक मार्गदर्शन
  • Maharashtra Government - Charity Commissioner - महाराष्ट्र में सार्वजनिक ट्रस्टों के पंजीकरण और निगरानी के लिए आधिकारिक स्रोत

6. अगले कदम: Trust वकील खोजने की 5-7 कदमों वाली प्रक्रिया

  1. अपने ट्रस्ट के उद्देश्य और प्रकार (निजी बनाम सार्वजनिक) को स्पष्ट करें।
  2. Mumbai क्षेत्र में ट्रस्ट कानून में अनुभव रखने वाले वकील/फर्म की सूची बनाएं।
  3. पहचान-आधार, संपत्ति विवरण और संभावित ट्रस्टी-घटक तय करें।
  4. डीड ड्राफ़्ट के लिए पहली ड्राफ़्ट मसौदा तैयार कराएं; आवश्यक क्लॉज शामिल करें।
  5. Bombay Public Trusts Act या Indian Trusts Act के अंतर्गत पंजीकरण के लिए आवेदन करें।
  6. 12A/12AA पंजीकरण के लिए आयकर विभाग से संपर्क करें और आवश्यक फॉर्म जमा करें।
  7. ऑडिट पंराली, वार्षिक रिटर्न और अनुपालन-ग्रेड को व्यवस्थित करें; समय-समय पर कानूनी बदलावों को ट्रैक रखें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से मुंबई में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, ट्रस्ट सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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अस्वीकरण:

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