लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ वसीयत और वसीयतपत्र वकील

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R K and Associates
लखनऊ, भारत

2003 में स्थापित
English
आर.के. एंड एसोसिएट्स भारत में एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो दिवालियापन, सिविल, आपराधिक, वृद्ध एवं पारिवारिक कानून...
Mishra & Associates Law Firm

Mishra & Associates Law Firm

30 minutes मुफ़्त परामर्श
लखनऊ, भारत

2012 में स्थापित
उनकी टीम में 6 लोग
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मिश्रा एंड एसोसिएट्स दशकों से एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है। हमारे विशेषज्ञ कानूनी पेशेवरों की टीम के साथ, हम सिविल,...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
लखनऊ, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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भारत वसीयत और वसीयतपत्र वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें वसीयत और वसीयतपत्र के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

संपत्ति का विभाजन
वसीयत और वसीयतपत्र परिवार वसीयत अनुमोदन
कक्षा 2 के वारिस (पिता) को प्रॉपर्टी की बिक्री अनुबंध में परिवार के सदस्य के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है क्योंकि पहले पंजीकरण के समय वह उपस्थित नहीं थे। विभाजन के दौरान, क्या वह कक्षा 1 - पत्नी (स्वर्गीय), 3 पुत्रों के संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति में अपना...
वकील का उत्तर Remedium Reel Attorneys द्वारा

यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकारी को ट्रांसप्रोवे रजिस्ट्री में प्रशासन पत्र प्राप्त करने के लिए 2 या 3 व्यक्तियों को नियुक्त करना होता है जो उन्हें अन्य उत्तराधिकारियों की इच्छाओं के अनुरूप संपत्ति का प्रशासन करने का अधिकार देता...

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1 उत्तर

1. लखनऊ, भारत में वसीयत और वसीयतपत्र कानून के बारे में: लखनऊ, भारत में वसीयत और वसीयतप्रत कानून का संक्षिप्त अवलोकन

लखनऊ में वसीयत से जुडे मामलों पर राष्ट्रीय कानून लागू होते हैं।

Indian Succession Act, 1925 वसीयत और intestate (उत्तराधिकार) मामलों को एक साथ समेटता है।

Hindu Succession Act, 1956 हिंदू समुदाय के लिए उत्तराधिकार नियम स्थापित करता है।

Muslim Personal Law (Shariat) Application Act, 1937 मुस्लिम व्यक्तियों के मामले मुस्लिम निजी कानून के अनुसार चलते हैं।

Lucknow में वसीयत-प्रमाणन और दायित्व निर्धारण के लिए न्यायिक प्रक्रियाएं जिला न्यायालय और Allahabad High Court, Lucknow Bench द्वारा संचालित होती हैं।

Will की पंजीकरण आवश्यकता राज्य के कानून के अनुरूप नहीं है, पर पंजीकरण करने से वैधता और प्रमाणिकता मजबूत होती है।

शहर के निवासियों को advising करें कि वे Will बनाने के साथ-साथ संपत्ति का स्पष्ट विभाजन योजना बनाएं ताकि विवाद कम हों।

“An Act to consolidate the law relating to intestate and testamentary succession.”
The Indian Succession Act, 1925

“An Act to amend and codify the law relating to intestate and testamentary succession among Hindus.”
The Hindu Succession Act, 1956

“A Will is a legal declaration by which a person expresses his intention to dispose of his property after death.”
National Portal of India

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: वसीयत और वसीयतपत्र कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची

  • आप Lucknow में अनेक स्थिर संपत्तियों के साथ एक जटिल Will बनवाना चाहते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि हर संपत्ति का विभाजन स्पष्ट हो।
  • कुटुम्ब में प्रस्तावित वसीयत संशोधन के लिए आपकी पहली Will में बदलाव की जरूरत हो सकती है, विशेष कर जब बच्चों की स्थिति बदलती है।
  • आपने दावा किया है कि परिवार के किसी सदस्य ने Will के बारे में दबाव डाला या धोखा दिया। इन परिस्थितियों में चुनिंदा Advokat या अधिवक्ता की मदद जरूरी है।
  • UP में विशेष समुदायों के मामले, जैसे Muslims या Hindus, में निजी कानून संहिताओं के अनुसार उत्तराधिकार की जटिलताएं बनती हैं।
  • अगर संपत्ति UP में meerdere जिलों में फैली हो, तो विरासत का प्रशासनिक मंच चुनना और probate प्रक्रिया समझना आवश्यक है।
  • विदेश से लौटे नागरिकों के लिए Will का रजिस्ट्रेशन, संपत्ति विभाजन और विदेशी आस्तियों के अनुपालक कदमों को विशेषज्ञता चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: लखनऊ, भारत में वसीयत और वसीयतपत्र को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • The Indian Succession Act, 1925-वसीयत, intestate और प्रमाणन के قواعد की मूल संहिता है।
  • The Hindu Succession Act, 1956-हिंदू परिवारों में उत्तराधिकार का कानून और coparcenary अधिकार स्थापित करता है।
  • The Muslim Personal Law (Shariat) Application Act, 1937-मुस्लिम परिवारों के निजी कानून के अनुसार उत्तराधिकार चलता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसीयत क्या है?

वसीयत एक कानूनी घोषणा है जिससे व्यक्ति मृत्यु के बाद अपने संपत्ति का वितरण तय करता है।

Lucknow में Will बनवाने के लिए किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता है?

पहचान पत्र, आय प्रमाण, संपत्ति के प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट और संकेतक दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं।

क्या Will को पंजीकृत करना जरूरी है?

नहीं, पर पंजीकरण से उसकी वैधता मजबूत रहती है और विवाद कम होते हैं।

Will के लिए किन लोगों को witness चाहिए?

कम से कम दो स्वतंत्र गवाही देने वाले व्यक्ति चाहिए होते हैं, जो Testator के नजदीकी नहीं होते।

क्या Will के बिना भी संपत्ति मिल सकती है?

Will के बिना intestate succession कानून लागू होता है और विरासत कानूनी रूप से निर्धारित होगी।

Will कब बदला जा सकता है?

Testator कभी भी Will में संशोधन या नया Will बना सकता है। स्पष्ट घोषणा और दस्तावेजी रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

क्या एक से अधिक Will एक साथ मान्य हो सकता है?

सिर्फ नया Will ही पूर्व Will को निरस्त कर सकता है, जब उसका स्पष्ट अभिप्राय और संकल्प हो।

क्या महिला-परिवार के सदस्य के अधिकार में बदलाव आया है?

2005 के Hindu Succession Amendment Act ने बेटियों को coparcenary अधिकार दिए हैं, जिसे Will के भीतर स्पष्ट करना चाहिए।

क्या Will में डिजिटल संपत्ति का निर्देश दिया जा सकता है?

हाँ, डिजिटल assets जैसे ऑनलाइन खातों, क्रिप्टोकरेंसी आदि का वितरण भी निर्दिष्ट किया जा सकता है, कानून सम्मत तरीके से।

अगर संपत्ति किसी अन्य राज्य में है तो क्या होगा?

उत्तराधिकारी और probate प्रक्रिया UP के बाहर के कोर्ट या प्राधिकरण के अंतर्गत आ सकती है। विस्तृत जूरisdiction देखना चाहिए।

क्या Will के विरुद्ध दावा किया जा सकता है?

हाँ, भ्रष्टाचार, दबाव, धोखा या चिट्ठी-चैक जैसी गलत सूचना पर Will चुनौती दी जा सकती है।

क्या एक समान नाम के साथ कई संपत्ति होगी तो?

व्यावहारिक योजना के लिए संपत्ति का स्पष्ट लेआउट और deed दस्तावेज जरूरी होते हैं।

Will कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है?

Will को पंजीकरण के साथ нотариक के पास, या रजिस्ट्रार कार्यालय में सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है।

guardian और minor बच्चों के लिए क्या प्रावधान हों?

Will में guardian नियुक्त किया जा सकता है ताकि बच्चों के बच्चों के लिए प्रॉपर्टी वितरण सुनिश्चित हो सके।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA)-निःशुल्क कानूनी सहायता और जानकारी. https://nalsa.gov.in
  • Allahabad High Court, Lucknow Bench-Lucknow क्षेत्र की उच्च न्यायालय सेवाएं और Legal Aid पन्ने. https://www.allahabadhighcourt.in
  • District Legal Services Authority, Lucknow-जिला स्तर पर कानूनी सहायता और मार्गदर्शन. https://districts.ecourts.gov.in/lucknow

6. अगले कदम

  1. अपने संपत्ति और दायित्वों की सूची बनाएं।
  2. यह तय करें कि Will किस तरह का हो-single Will, joint Will या trust के साथ।
  3. Lucknow में योग्य अधिवक्ता या कानूनी सलाहकार खोजें।
  4. पहली परामर्श में अपने सभी दस्तावेज़ प्रस्तुत करें।
  5. Will का ड्राफ्ट ड्राफ्ट करवाएं और आवश्यक संशोधन करें।
  6. Will पर दोनों गवाहों के साथ हस्ताक्षर करवाएं और नोटरी/रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत विकल्प पर विचार करें।
  7. Will का नियमित समीक्षा करें ताकि परिवार की स्थिति बदले पर अपडेट हो सके।

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