सूरत में सर्वश्रेष्ठ वसीयत और वसीयतपत्र वकील

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सूरत, भारत

2016 में स्थापित
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अक्टूबर 2016 में स्थापित, प्रोबोनो इंडिया एक अग्रणी मंच है जो देश भर में कानूनी सहायता और जागरूकता पहलों को एकीकृत...
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भारत वसीयत और वसीयतपत्र वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें वसीयत और वसीयतपत्र के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

संपत्ति का विभाजन
वसीयत और वसीयतपत्र परिवार वसीयत अनुमोदन
कक्षा 2 के वारिस (पिता) को प्रॉपर्टी की बिक्री अनुबंध में परिवार के सदस्य के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है क्योंकि पहले पंजीकरण के समय वह उपस्थित नहीं थे। विभाजन के दौरान, क्या वह कक्षा 1 - पत्नी (स्वर्गीय), 3 पुत्रों के संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति में अपना...
वकील का उत्तर Remedium Reel Attorneys द्वारा

यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकारी को ट्रांसप्रोवे रजिस्ट्री में प्रशासन पत्र प्राप्त करने के लिए 2 या 3 व्यक्तियों को नियुक्त करना होता है जो उन्हें अन्य उत्तराधिकारियों की इच्छाओं के अनुरूप संपत्ति का प्रशासन करने का अधिकार देता...

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1 उत्तर

1. सूरत, भारत में वसीयत और वसीयतपत्र कानून का संक्षिप्त अवलोकन

वसीयत एक वैध दस्तावेज है जिसमें व्यक्ति अपने मरते समय अपनी संपत्ति किसे दे जाए यह निर्देश करता है। यह testamentary succession को स्पष्ट करता है।

वसीयतपत्र कानून के अनुसार वसीयत लिखित होनी चाहिए, टेस्टेटर द्वारा हस्ताक्षरित होनी चाहिए और कम-से-कम दो गवाहों की उपस्थिति में सत्यापित होनी चाहिए। पंजीकरण वैकल्पिक है, पर अदालत के लिए प्रमाणिकता और विवादों से बचने में सहायक हो सकता है।

The long title of the Indian Succession Act, 1925: “An Act to consolidate the law relating to intestate and testamentary succession.”
The long title of the Hindu Succession Act, 1956: “An Act to amend and codify the law relating to intestate and testamentary succession among Hindus.”
The Registration Act, 1908: “An Act to provide for the registration of documents.”

सूरत-स्थित निवासियों के लिए प्रचलित शब्दावली में, Will सामान्य संपत्ति, मित्र-परिवार के रिश्तों और विदेश में रहने वाले आय-सम्पत्तियों को एक साथ कवर कर सकता है। गुजरात में संपत्ति का प्रकार भिन्न-भिन्न कानूनों से प्रभावित हो सकता है, जैसे हिन्दू बनाम मुस्लिम व्यक्तिगत कानून।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • सूरत-आधारित Diamond कारोबारी के लिए वसीयत बनवाने की आवश्यकता?

    Diamonds के व्यापार में संपत्ति अक्सर विविध देशों में होती है। एक उचित Will से डाइमेंड-फॉर्मेशन, चिट्ठी-वार्निंग और निष्पादन स्पष्ट रहता है। विशेषज्ञ वकील यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यवसायिक संपत्ति का वितरण कानूनी ढंग से हो।

  • पति या पत्नी के साथ संयुक्त संपत्ति हो और पारिवारिक विवाद की आशंका हो?

    कानूनी सलाहकार संपत्ति के साथ दायित्व और दायित्व-हस्तांतरण की योजना बनाते हैं। वह समान अधिकारों के अनुसार वैध गारंटी देता है ताकि स्थिर विरासत बनी रहे।

  • भारत से बाहर रहने वाले उत्तराधिकारी के लिए Will बनवाना?

    NRIs के लिए विदेशी संपत्ति के कारण पंजीकरण, सत्यापन और पोर्टेबल कॉपी जरूरी हो जाती है। एक अधिवक्ता आउट-ऑफ-टर्न नियमों की जाँच कर देगा ताकि भारत और विदेश दोनों संपत्ति सुरक्षित रहें।

  • किशोर आयु के बच्चे के गुज़र जाने पर संरक्षक-स्थितियाँ स्पष्ट नहीं हों?

    Will में Testamentary Guardians हो सकते हैं। वकील यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चों के संरक्षक के नाम स्पष्ट हों और अदालत के साथ अनुपालन हो।

  • Wasiyyah या मुस्लिम पर्सनल लॉ के अंतर्गत उत्तराधिकारी न मिलने की स्थिति?

    Muslim संपत्ति में Wasiyyah के नियम लागू होते हैं। एक कानूनी सलाहकार इस क्षेत्र की विशिष्टताओं को समझकर उचित मार्ग दिखाएगा।

  • नगर-स्तरीय नियमों में Will पंजीकरण और सत्यापन की आवश्यकता?

    Gujarat और Surat में पंजीकरण से Will की प्रमाणिकता बढ़ती है। कानून विशेषज्ञ यह निर्णय सुनिश्चत करते हैं कि पंजीकरण के फायदे क्यों और कैसे उठाने चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

सूरत में Will और Will-प्रोबेट से जुड़े मुख्य कानूनों के अंतर्गत कार्य होता है। नीचे 2-3 प्रमुख कानून दिए गए हैं।

  • Indian Succession Act, 1925 - मुख्य कानून जो intestate और testamentary succession को एकीकृत करता है। यह सामान्यतः Hindus, Christians, Parsis और अन्य पर लागू होता है।

    इस Act के अनुसार Will लिखित होना चाहिए, हस्ताक्षर, और कम-से-कम दो गवाह हों। पंजीकरण वैकल्पिक है, पर प्रमाणिकता बढ़ती है।

  • Hindu Succession Act, 1956 - Hindus, Jains, Buddhists और Sikhs के लिए पूरक और संशोधित कानून

    Long title के अनुसार यह कानून intestate और testamentary succession को modern करता है। Surat में हिन्दू संपत्ति का वितरण इस Act के साथ विस्तृत रूप से नियंत्रित होता है।

  • Muslim Personal Law (Shariat) Application Act, 1937 - Muslim समुदाय के व्यक्तित्व कानून के तहत Will और Wasiyyah के नियम

    Wasiyyah का प्रावधान आप-सी संपत्ति पर लागू होता है; एक वर्ष तक के भीतर एक तिहाई तक उत्तराधिकार दे सकना सामान्य प्रथा है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Will क्या वाकई पंजीकृत करवाना आवश्यक है?

नहीं, पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। पर पंजीकरण से Will की प्रमाणिकता बढ़ती है और अदालत में उसे प्रमाणित करना सरल होता है।

क्या Will विदेशी संपत्ति को कवर कर सकता है?

हाँ, अगर Will गुजरात या भारत के अधिकार क्षेत्र में संपत्ति के साथ विदेशी संपत्ति भी बताई गई हो तो उसे साथ मिलाकर देखा जा सकता है।

कौन से दस्तावेज Will के साथ जरूरी होते हैं?

पहचान-प्रमाण, संपत्ति का विवरण, अवयस्क बच्चों के संरक्षक के नाम, और कभी-कभी विवाह-प्रमाण जैसी चीजें आवश्यक हो सकती हैं।

What is a holographic Will in India?

भारत में सामान्यतः Will को लिखित, हस्ताक्षरित और गवाहों के साथ माना जाता है। होलोग्राफिक Will को मान्यता पाने के लिए अदालत के निर्देश असामान्य हैं।

Testamentary Will बनवाने के लिए एक वकील क्यों जरूरी है?

क्योंकि एक वकील कानून-उच्चारण, गवाही-आदेश, टैक्स-स्वरूप, संपत्ति-केतृत्व और विवाद-रोधी प्रावधानों को सही तरीके से उचित रूप से व्यवस्थित कर सकता है।

Will में किस प्रकार की संपत्ति शामिल हो सकती है?

आमतौर पर immovable property (जमीन, भवन), movable property (धन-सम्पत्ति), बैंक-खाते, निवेश आदि शामिल हो सकते हैं।

क्या Will को Probate की आवश्यकता होती है?

कई मामलों में हाँ, विशेषकर जब Will अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। Probate से संपत्ति के अधिकारिक विभाजन की पुष्टि होती है।

Surat में Will बनवाने के लिए कौन सा वकील उपयुक्त रहेगा?

Surat के सरकार-नियंत्रित बार-एसोसिएशन से पंजीकृत advokats/advocates को चुनना अच्छा रहेगा। अनुभव और विशेषता देखना जरूरी है।

क्या Wills को ऑनलाइन बनवाया जा सकता है?

Will ऑनलाइन बन सकता है, पर इसे प्रमाणिक बनाने के लिए स्थानीय गवाहों की मौजूदगी और आवश्यकताओं का पालन करना होगा।

अगर Will के प्रावधान अस्पष्ट हों तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में एक अनुभवी अधिवक्ता (वकील) का मार्गदर्शन आवश्यक है ताकि अदालत में स्पष्ट और मान्य interprétation मिल सके।

Will किन परिस्थितियों में रद्द किया जा सकता है?

Testator द्वारा वापस लेने, निष्क्रियता, धोखाधड़ी या अविभाजित संपत्ति पर अदालत के निर्देशों के अनुसार Will रद्द हो सकता है।

Will के लिए कौन-सी गवाहें उचित मानी जाएंगी?

गवाहों के पास सामान्य पहचान-प्रमाण और कानूनी क्षमता होनी चाहिए; प्राकृतिक persons होने चाहिए और Will के समय मौजूद हों।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - नि:शुल्क कानूनी सहायता और मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नोड्स. https://nalsa.gov.in
  • Bar Council of India (BCI) - वकीलों के पंजीकरण और प्रोफेशनल मानकों के लिए आधिकारिक संस्था. https://www.barcouncilofindia.org
  • Indian Law Institute (ILI) - कानूनी अध्ययन और संसाधन के लिए राष्ट्रीय संस्था. https://www.ili.ac.in

6. अगले कदम

  1. अपनी संपत्ति और वैध अधिकारों की सूची बनाएं ताकि आप वकील को स्पष्ट विवरण दे सकें।
  2. कई स्थानीय advokats/advocates से पूछकर रेफरल और अनुभव जाँचें।
  3. Bar Council में पंजीकृत वकीलों की पुष्टि कर लें और पहले सलाह-सत्र के लिए अपॉइंटमेंट लें।
  4. Will के उद्देश्य, गवाह, संरक्षक और executors के नाम स्पष्ट करें।
  5. Will के ड्राफ्ट पर मौखिक सलाह के बजाय लिखित सुझाव लें और आवश्यक संशोधन करें।
  6. Will को पढ़कर समझ लें कि कौन-सी संपत्ति किसके पक्ष में जाएगी और tax implications क्या होंगे।
  7. आवश्यक होने पर Will की पंजीकरण या प्रोबेट के लिए स्थानीय कोर्ट में आवेदन की योजना बनाएं।

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