हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ विमानन वकील

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Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
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हरियाणा, भारत में विमानन कानून के बारे में: हरियाणा, भारत में विमानन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

हरियाणा में विमानन कानून केंद्रीय कानूनों के ढांचे में संचालित होता है। DGCA नागरिक उड्डयन का मुख्य नियामक है और इसके नियम पूरे भारत पर लागू होते हैं। राज्य सरकारें ड्रोन जैसे क्षेत्रीय विषयों पर स्थानीय नियंत्रण कर सकती हैं, पर मूल ढांचा केंद्रीय कानूनों से तय होता है।

हरियाणा के निवासियों के लिए विमानन कानून सामान्यतः uçuş-नियम, पायलट लाइसेंसिंग, विमानों की सुरक्षा, और ड्रोन संचालन से जुड़ा होता है। कृषि, फोटो-ग्राफी, और रियल एस्टेट जैसी गतिविधियों के लिये ड्रोन के इस्तेमाल पर खास निर्देश लागू होते हैं। हाल के वर्षों में ड्रोन नियमों ने कारोबार आसान किया है, साथ ही दायित्व बढ़ाये भी हैं।

An Act to provide for the regulation of air traffic and the carriage of passengers and goods by air.

Aircraft Act, 1934 का यह उद्घोष केंद्रीय उड्डयन कानून का प्रमुख आधार है। साथ ही Unmanned Aircraft System Rules, 2021 ड्रोन के लिये केंद्रीय निगरानी व अनुमति प्रणाली बनाते हैं।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: हरियाणा, भारत से संबंधित 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  • ड्रोन-आधारित कृषि सेवाओं में अनुज्ञप्ति व अनुपालन हरियाणा के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक डालना चाहें तो DGCA के अनुसार अनुमति और UIN-युक्त रजिस्ट्रेशन आवश्यक होते हैं।
  • व्यावसायिक ड्रोन काम के लिये लाइसेंस और अनुज्ञप्ति विवाद अगर आप फोटोग्राफी या वीडियो-रिकॉर्डिंग के लिए ड्रोन चलाते हैं तो Remote Pilot Certificate और UOP पंजीकरण जरूरी हो सकता है।
  • हवाई क्षेत्र के नजदीक अवैध उड़ान के मामले गुरुग्राम, फरीदाबाद आदि के पास IGI जैसे बड़े हवाई अड्डों के नजदीकी क्षेत्र में अनुमति के बगैर उड़ान पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
  • उड़ान-देरी या रद्दीकरण से यात्रियों के हक-नुकसान का दावा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अंतर्गत Chandigarh International Airport आदि पर उड़ान समस्या पर वाद दायर हो सकता है।
  • ड्रोन से छायांकन या डेटा-पॉलिसी विवाद निजता और डेटा सुरक्षा के दावों के साथ क्लेम, अनुबंध, और उचित जिम्मेदारियों के प्रश्न उठते हैं।
  • दुरुपयोग, चोरी या नुकसान पर विमानी-बीमा दावे किसी दुर्घटना या नुकसान पर बीमा दावों के लिए विशेषज्ञ कानूनी मार्गदर्शन आवश्यक होता है।

स्थानीय कानून अवलोकन: हरियाणा में विमानन को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Aircraft Act, 1934- विमान-आम-उड़ान तथा नागरिक उड्डयन के नियमन का केंद्रीय अधिनियम है।
  • Aircraft Rules, 1937- विमान-संचालन, पंजीकरण, और सुरक्षा-मानदंडों के लिये नियम देता है।
  • Unmanned Aircraft System Rules, 2021 (Drone Rules 2021)- ड्रोन के निर्माण, पंजीकरण, उड़ान-सीमा और Remote Pilot Licensing की आधारशिला है।

उद्धरण स्रोत: Aircraft Act, 1934 के उद्घोष और Drone Rules 2021 के प्रावधान आधिकारिक स्रोतों में उपलब्ध हैं; अधिक जानकारी के लिये DGCA औरindiacode.nic.in देखें।

“These rules provide for the regulation of manufacture, import, ownership, operation and use of unmanned aircraft systems.”

Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से ड्रोन नियमों की अद्यतन गाइडलाइनों और अनुपालन-चरणों की पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ड्रोन कब कानूनन पंजीकृत करना आवश्यक है?

यदि आप ड्रोन से व्यावसायिक काम करते हैं या उसका वजन सीमा से अधिक है तो पंजीकरण अनिवार्य है। छोटे-छोटे ड्रोन के लिये भी UIN-आधारित पंजीकरण जरूरी हो सकता है।

Remote Pilot Certificate क्या आवश्यक है?

व्यावसायिक ड्रोन उड़ाने के लिये Remote Pilot Certificate होना चाहिए। निजी उपयोग के लिये कुछ छूट मिल सकती है, पर पुख्ता प्रमाणपत्र सुरक्षा के लिये अच्छा है।

हवाई अड्डों के पास कौन से क्षेत्र नो-फ्लाई हैं?

हवाई अड्डों के पास के क्षेत्र आम तौर पर नो-फ्लाई ज़ोन हैं और अनुमति के बिना उड़ान नहीं हो सकती। स्थिति तथ्य-जनित निर्देश DGCA द्वारा जारी होते हैं।

ड्रोन-ड्राइविंग के लिये किन-किन दस्तावेज़ की जरूरत है?

उड़ान से पहले ड्रोन का पंजीकरण, UIN, और Remote Pilot Certificate की ज़रूरत हो सकती है। साथ ही उड़ान-प्लान और सुरक्षा-नियमों की समीक्षा जरूरी है।

किस तरह के दावे और मुआवजे संभव हैं?

यात्री-उड़ान देरी, नुकसान या नुकसान के दावों में उपयुक्त अनुबंध, बीमा-पॉलिसी और नियामक-निर्देशन शामिल रहते हैं।

ड्रोन से डेटा-गोपनीयता कैसे सुरक्षित रखें?

ड्रोन पर कैमरा-फीड और डेटा संग्रह के लिये प्राइवेसी कानूनों के अनुरूप व्यवहार करें। निजता से जुड़े दावों के लिये कानूनी सलाह ज़रूरी है।

हवाई यात्रा से जुड़ी शिकायतों के लिये कौनसे विकल्प हैं?

यात्री संरक्षण कानून के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराकर, उपभोक्ता मंच या सिविल उड्डयन प्राधिकरण के माध्यम से समाधान पा सकते हैं।

स्थानीय दस्तावेज़ और लाइसेंस कब तक मान्य रहते हैं?

ड्रोन पंजीकरण, लाइसेंस और नयी गतिविधियों के लिये समय-सीमा तय होती है। अनुमतियों की ताज़गी बनाए रखना आवश्यक है।

क्या हरियाणा में ड्रोन-शिपिंग संभव है?

ड्रोन-शिपिंग केंद्रीय नियमों के दायरे में आती है। विशिष्ट लॉजिक-प्रयोग और सीमा-क्षेत्र के अनुसार अनुमति लें।

हेलीकॉप्टर या विमान चलाने के लिये क्या आवश्यक है?

व्यावसायिक संचालन के लिये पायलट लाइसेंस, एयरपोर्ट-एरिया के अनुरूप सुरक्षा-चेक एवं विमान-उपकरण समितियों के नियम मानने होते हैं।

मुझे विमानन कानून के बारे में सलाह कब लेनी चाहिए?

यदि आप ड्रोन-कारोबार शुरू कर रहे हैं, किसी दुर्घटना के बाद दावों के लिये, या किसी अनुबंध- विवाद में फँस रहे हों तो तुरंत कानून-विशेषज्ञ से मिलें।

अतिरिक्त संसाधन

  • Directorate General of Civil Aviation (DGCA)- भारत में नागरिक उड्डयन का केंद्रीय नियामक, ड्रोन नियम और पंजीकरण से सम्बंधित जानकारी। https://dgca.gov.in
  • Airports Authority of India (AAI)- हवाई अड्डों का प्रशासन और सुरक्षा-नीतियाँ। https://www.aai.aero
  • Bureau of Civil Aviation Security (BCAS)- विमान- सुरक्षा मानक और सुरक्षा-नीतियाँ। https://bcas.nic.in

अगले कदम: विमानन वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने मामले का स्पष्ट उद्देश्य तय करें, जैसे ड्रोन-व्यावसायिक संचालन, उड़ान-घटना, या अनुबंध-समस्या।
  2. हरियाणा-आधारित वकील या कानूनी फर्म खोजें जो विमानन कानून में अनुभव रखते हों।
  3. कस्टमर-रेफरेंसेज़ और केस-हिस्ट्री चेक करें, विशेषकर ड्रोन नियम और नागरिक उड्डयन कानून में।
  4. पहला परामर्श लें और आपके तथ्यों के आधार पर संभावित रणनीति समझें।
  5. लागत-रचना, घण्टे-राशि और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्चों पर स्पष्ट लिखित समझौता करें।
  6. यदि आवश्यक हो तो विशेषज्ञ-नोटिस, शिकायत-पत्र, या अपीलीय दस्तावेज तैयार करवाएं।
  7. बाद के चरणों के लिये समय-सीमा और प्रतिक्रिया-घंटे तय रखें, और दस्तावेज़-संग्रह रखें।

हरियाणा निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह यह है कि आप पहले केंद्र सरकार के ड्रोन नियमों और DGCA दिशानिर्देशों को समझें, फिर अपने क्षेत्र के अनुभवी advogados से विस्तृत सलाह लें। स्थानीय अदालतों में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार अपने कागजात तैयार रखें और सुरक्षा-मानदंडों का पूर्ण पालन करें।

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