पटना में सर्वश्रेष्ठ दिवाला एवं ऋण वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LEGAL TRUST ATTORNEYS
पटना, भारत

English
पटना, बिहार में आधारित LEGAL TRUST ATTORNEYS ऑल-इन-वन कानूनी सेवाएं प्रदान करता है, जिसमें सिविल न्याय, आपराधिक न्याय, वैवाहिक...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
Hindi
एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
जैसा कि देखा गया

भारत दिवाला एवं ऋण वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें दिवाला एवं ऋण के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

ऋण
दिवाला एवं ऋण
वर्तमान में मैं कई असुरक्षित ऋणों में फंसा हुआ हूँ। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण मैंने अपनी नौकरी और सभी संपत्तियाँ खो दी हैं। क्या मुझे व्यक्तिगत दिवालियापन के लिए जाना चाहिए?
वकील का उत्तर Quartz Legal Associates द्वारा

प्रत्‍यक्ष तथ्यों के आधार पर यह समझाया गया है कि वर्तमान में भारत में व्यक्तिगत दिवालियापन पर इनसॉल्वेंसी एंड बैंकक्रप्सी कोड (IBC) लागू नहीं होता क्योंकि सामान्य व्यक्तियों से संबंधित प्रावधानों को अभी तक सरकार द्वारा लागू नहीं किया गया...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर
सर, मुझे अपने ग्राहक पार्टी से भुगतान लेना है और वह भुगतान नहीं कर रहा है।
दिवाला एवं ऋण
सर, मैं वस्त्र व्यापार कर रहा हूँ और मैंने अपनी पार्टी को 4,12,536/00 रुपये मूल्य का वस्त्र प्रदान किया है। मेरा ग्राहक भुगतान नहीं कर रहा है, जबकि वह वित्तीय रूप से सक्षम है।
वकील का उत्तर Quartz Legal Associates द्वारा

दिए गए तथ्यों के आधार पर, मेरा परिपक्व मत है कि आपने अपनी वस्त्र व्यापार की सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत अपने ग्राहक को ₹4,12,536 मूल्य का वस्त्र प्रदान किया है, माल उचित रूप से डिलीवर और स्वीकृत हो चुका है,...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर

पटना, भारत में दिवाला एवं ऋण कानून के बारे में: पटना, भारत में दिवाला एवं ऋण कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में दिवाला एवं ऋण कानून का केंद्रीय ढांचा Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) है. यह कॉर्पोरट पर्सन, पार्टनरशिप फर्म और व्यक्तियों के दिवाला समाधान को समयबद्ध तरीके से संचालित करता है. पटना सहित बिहार जिले में इन मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय स्तर की न्यायिक संरचनाओं के अंतर्गत होती है.

IBC का उद्देश्य परिसंपत्तियों के मूल्य को अधिकतम करना और देनदारियों के त्वरित निपटान की व्यवस्था बनाना है. इसके अंतर्गत ऋणदाता, देनदार और निवेशक के हितों का संतुलन रोशन किया गया है. पटना निवासियों को स्थानीय अधिवक्ता के मार्गदर्शन से इन प्रक्रियाओं को ठीक प्रकार से समझने में मदद मिलती है.

The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 aims to consolidate and amend the laws relating to reorganization and insolvency resolution of corporate persons, partnership firms and individuals in a time bound manner for maximization of value of assets.
It provides a time bound framework for insolvency resolution and maximization of asset value, enabling quicker recovery for creditors.

पटना में दिवाला और ऋण कानून का स्थानीय प्रभाव नCLT/DRT के माध्यम से संचालित होता है. NCLT और NCLAT के निर्णय राज्य-स्तर पर प्रभाव डालते हैं, जबकि DRT पर्सनल और सिक्योरड ऋण मामलों में त्वरित राहत प्रदान करते हैं. इस क्षेत्र में सही सलाह के लिए पटना के अनुभवी अधिवक्ताओं से संपर्क करना लाभदायक है.

स्रोत अध्याय IBC के औपचारिक परिचय और उद्देश्य के लिए आधिकारिक पन्ने देखें: IBBI - Insolvency and Bankruptcy Code.

आपको वकील کی आवश्यकता क्यों हो सकती है: दिवाला एवं ऋण कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों

  • होम लोन डिफॉल्ट- पटना के निवासी के घर के ऋण में चुकौती में समस्या हो जाए तो बैंक RDDBFI अधिनियम के तहत DRT Patna में दावा कर सकता है. ऐसे मामलों में पुनर्गठन योजना और तात्पर्यपूर्ण तिथि निर्धारण के लिए कानूनी मार्गदर्शन आवश्यक होता है.
  • छोटे व्यवसाय के ऋण डिफॉल्ट- पटना के व्यवसायों के लिए बैंक CIRP के बजाय ऋण पुनर्गठन या ओटीएस की पेशकश कर सकता है. यह प्रक्रिया कठिन हो सकती है और एक वकील द्वारा सही दस्तावेजीकरण आवश्यक है.
  • क्रेडिट कार्ड या निजी ऋण डिफॉल्ट- क्रेडिट कार्ड ऋण के मामले में मुकदमे आ सकते हैं. कानूनी सलाहकार से त्वरित योजना बनाकर सुरक्षित देय विकल्प तय करें.
  • व्यक्तिगत दिवालियापन के जोखिम- IBC के अंतर्गत व्यक्तिगत insolvency के मार्ग पर विचार किया जा सकता है, पर स्थानीय प्रक्रियाओं में परस्पर बाधाएं हो सकती हैं. एक अनुभवी advicate सही विकल्प सुझाएगा.
  • बंधक विवाद और संपत्ति सुरक्षा- बंधक संपत्ति पर विवाद, बंधक किस्तों के पुनर्विचार या संपत्ति रोकथाम के मामलों में कानूनी सहायता आवश्यक होती है.
  • एमएफआई या छोटे NBFC ऋण- पटना में माइक्रोफाइनान्सिंग संस्थाओं के ऋणों पर त्वरित राहत, पुनर्गठन और न्यायिक कदमों के लिए वकील आवश्यक है.

स्थानीय कानून अवलोकन: पटना, भारत में दिवाला एवं ऋण को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • इंसॉल्वेन्सी एंड बैंक्रप्टी कोड, 2016 (IBC) - कॉर्पोरेट देयताओं और व्यक्तियों के दिवाला समाधान के लिए समय-सीमित प्रक्रिया बनाता है. यह कानून प्रक्रियाओं का प्रमुख ढांचा है.
  • रेकवरी ऑफ डेब्ट्स ड्यू टू बैंक्स एंड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 1993 (RDDBFI Act) - बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बकाये की त्वरित रिकवरी के लिए ट्रिब्यूनल और प्रक्रिया देता है.
  • सेक्युराइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स अंड एन्फोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट, 2002 (SARFAESI Act) - secured ऋणों के लिए बंधक संपत्तियों पर त्वरित नियंत्रण और विकल्‍प नहीं हो सकने पर उपाय देता है.
  • बिहार मनी लेंडर्स अधिनियम (स्थानीय नियंत्रण के लिए चयनित प्रावधान) - बिहार के भीतर स्थानीय ऋणदाताओं के आचरण और उपयुक्त नियंत्रण हेतु प्रावधान देता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिवाला क्या है?

दिवाला एक संरचित प्रक्रिया है जो देनदार के ऋणों के निपटान के लिए स्थापित है. इसे कॉर्पोरेट देयताओं, साझेदारी फर्म और व्यक्तियों पर लागू किया जा सकता है ताकि परिसंपत्तियाँ मूल्यवान तरीके से पुनर्संयोजन हों. यह प्रक्रिया समय-सीमित रहती है ताकि ऋणदाता का नुकसान कम हो.

पटना में दिवाला मामलों की सुनवाई कौन करता है?

अधिकार-धारणा के अनुसार दिवाला मामलों की सुनवाई NCLT और NCLAT करते हैं. बिहार क्षेत्र में मामले कभी-कभी अल्प-पटना, दिल्ली या उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विशिष्ट benches तक जाते हैं. स्थानीय वकील आपके केस का सही न्यायालय निर्धारित कराते हैं.

क्या व्यक्तिगत दिवालियापन भारत में संभव है?

IBC के अनुसार व्यक्तिगत insolvency प्रावधानों पर विचार किया गया है, पर यह मुख्य रूप से कॉर्पोरेट देयताओं के समाधान के साथ जुड़ा है. पटना के लिए व्यावहारिक रास्ता अक्सर ऋण पुनर्गठन, ओटीएस या ऋण-मंडले के माध्यम से निकलता है. एक अनुभवी अधिवक्ता सही मार्ग सुझाएगा.

ऋण निपटान के लिए किन विकल्पों की योजना बननी चाहिए?

संभावित विकल्पों में ऋण पुनर्गठन, एक-बार का ऋण-समझौता (ओटीएस), क्रेडिटर्स कमेटी के साथ सहमति, और संभव हो तो अदालत की सहायता लेना शामिल है. विकल्प CASE-विशिष्ट होते हैं इसलिए तुरंत एक वकील के साथ परामर्श करें.

DRT में दाखिल कैसे करें?

सबसे पहले ऋण-धारणा नोटिस और मूल दस्तावेज माँगे जाते हैं. फिर एक अनुभवी वकील से संपर्क करें ताकि उचित फॉर्म, दाखिले शुल्क और तिथि तय हो सके. Patna DRT के नियमों के अनुसार कदम उठाने होंगे.

पटना में वकील कैसे खोजें?

पटना के स्थानीय न्यायालयों के पंजीकृत अधिवक्ताओं की सूची देखें और अनुभव-धन, सफलता-दर और फीस स्पष्ट पूछें. पहली बैठक में केस-स्थिति, दस्तावेज और संभावित परिणाम पर स्पष्ट सलाह लें.

CIRP क्या है?

CIRP यानि कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया कॉर्पोरेट देयताओं के लिए है. यह एक स्वतंत्र ऋण-समाप्ति समिति (CoC) द्वारा नियंत्रित होती है. छोटे व्यवसायों के लिए वैकल्पिक रास्ते अक्सर पुनर्गठन-आधारित होते हैं.

मैं अदालत में स्टे कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

स्थिति-आधारित है. अदालत से अस्थायी रोक मिल सकती है, पर यह हर मामले में संभव नहीं होता. उचित तर्क, दस्तावेज और वकील के साथ सही आवेदन जरूरी है.

देनदार के रूप में डिफॉल्ट के बाद मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले सभी ऋण दस्तावेज, नोटिस और भुगतान प्रमाण एकत्र करें. फिर एक कानूनी सलाहकार से मिलकर तात्कालिक बचाव योजना बनाएं. जल्दबाजी में आपत्तियाँ या कोर्ट-कटाई के कारण नुकसान हो सकता है.

क्या एक MFI या NBFC ऋण केस में मदद मिल सकती है?

हाँ, ऐसे मामलों में विशेष ऋण-उद्धार विकल्प, पुनर्गठन और त्वरित राहत के लिए विशेषज्ञ सलाह जरूरी है. सही मार्गदर्शन से लागत घटती है और समाधान जल्दी मिल सकता है.

IBC के अनुसार दिवाला का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

IBC का उद्देश्य परिसंपत्तियों के मूल्य को अधिकतम करना, वैकल्पिक पुनर्गठन के रास्ते खोलना और ऋणदाता-देने वाले के बीच त्वरित निपटान सुनिश्चित करना है. यह प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी हो, यह लक्ष्य रहता है.

2023-24 में दिवाला कानून में क्या नया बदला?

IBC से जुड़ी प्रक्रियाओं में समय-सीमा को और स्पष्ट किया गया है और ऋणदार के हितों के संरक्षण के लिए प्रक्रियाओं में सुधार की दिशा जारी है. साथ ही डिफॉल्ट-नोटिस पर त्वरित रिकॉर्ड रखकर प्रक्रिया की गति बढ़ाने के उपाय लिए गए हैं.

उद्धरण और आधिकारिक संदर्भ:

“The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 aims to consolidate and amend the laws relating to reorganization and insolvency resolution of corporate persons, partnership firms and individuals in a time bound manner for maximization of value of assets.”
स्रोत: IBBI

अतिरिक्त संसाधन

  1. Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - आधिकारिक पोर्टल और IBC के बारे में गाइडेंस. URL: https://www.ibbi.gov.in
  2. National Company Law Tribunal (NCLT) - कॉर्पोरेट दिवालिया मामलों की सुनवाई के लिए मुख्य प्राधिकरण. URL: https://nclt.gov.in
  3. Debt Recovery Tribunal Patna (DRT Patna) - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के ऋण डिफ़ॉल्ट मामलों के त्वरित निपटान के लिए स्थानिक मंच. आधिकारिक सूचना के लिए राज्य-स्तरीय न्यायिक निर्देश देखें.
  4. Debt Recovery Appellate Tribunal (DRAT) और NCLAT - निपटान-अपील के लिए उच्च न्यायिक मंच. URL: https://nclat.nic.in
  5. Bihar State Legal Services Authority (BSLSA) - आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता. URL: https://bslsa.bihar.gov.in

अगले कदम

  1. अपने सभी ऋण दस्तावेज एकत्र करें- लोन एग्रीमेंट, नोटिस, भुगतान रेकॉर्ड, बकायों की सूची.
  2. नजदीकी पटना के अनुभवी दिवाला/ऋण-वकील से आपकी स्थिति का मूल्यांकन कराएं.
  3. कानूनी विकल्पों का मूल्यांकन करें- ऋण पुनर्गठन, ओटीएस, DRT/IBC के माध्यम से समाधान.
  4. प्रारम्भिक कागजात तैयार करें- त्वरित दाखिले, आपत्ति पत्रों और जवाबी दस्तावेज.
  5. DRT/NCLT के पक्ष में तैयारी करें- उचित फॉर्म, शुल्क और समय-सारिणी समझें.
  6. कानूनी प्रतिनिधित्व के साथ आदर्श रणनीति तय करें- मजबूत तर्क, प्रमाण और क्रेडिटर्स के साथ सहमति.
  7. फीस-निर्धारण स्पष्ट रखें- पहली बैठक में खर्च, अनुमानित समयसीमा और परिणाम स्पष्ट करें.

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से पटना में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, दिवाला एवं ऋण सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

पटना, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।

पटना, भारत में में दिवाला एवं ऋण कानूनी फर्म सेवा द्वारा ब्राउज़ करें

पटना, भारत में संबंधित अभ्यास क्षेत्रों के वकील।