दार्जीलिंग में सर्वश्रेष्ठ दिवालियापन वकील
अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।
मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।
दार्जीलिंग, भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
1- दार्जीलिंग, भारत में दिवालियापन कानून के बारे में: दार्जीलिंग, भारत में दिवालियापन कानून का संक्षिप्त अवलोकन
दार्जीलिंग में दिवालियापन कानून भारत की व्यापक संहिता Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) के अधीन आता है. यह सभी प्रकार के दाय-निर्णयों के लिए समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराने की कोशिश करता है. IBC Corporate Persons, Partnership Firms और Individuals सभी के लिए एक ही ढांचा देता है.
दार्जीलिंग के निवासियों के लिए औपचारिक प्रक्रियाओं की वैश्विक रूपरेखा कोलकाता के NCLT (National Company Law Tribunal) की कोलकाता बेंच द्वारा संचालित होती है. व्यक्तिगत insolvency, छोटे व्यवसाय और कॉर्पोरेट debtors के मामले सामान्यतः इसी बेंच के अंतर्गत आते हैं.
“An Act to consolidate and amend the laws relating to reorganization and insolvency resolution of corporate persons, partnership firms and individuals in a time-bound manner for maximizing value of assets.”
Source: Insolvency and Bankruptcy Code, 2016, Legislation.gov.in
“To regulate insolvency professionals, information utilities and agencies.”
Source: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI), ibbi.gov.in
“The CIRP shall be completed within 180 days, with possible extension up to 90 days.”
Source: Insolvency and Bankruptcy Code, 2016, Legislation.gov.in
युक्तियाँ - Darjeeling निवासियों के लिए IBC का प्रमुख लाभ यह है कि debt resolution समयबद्ध हो सकता है और क्रेडिटर्स के अधिकार संतुलित रहते हैं. स्थानीय बैंकों के साथ समन्वय में NCLT-Kolkata bench की प्रक्रियाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
2- आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: दिवालियापन कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं
- एक होटल-रिसॉर्ट मालिक Darjeeling के पर्यटन क्षेत्र में निर्भर ऋणों पर दबाव में है; अदालत मार्गदर्शन के बिना डिफॉल्ट बढ़ सकता है.
- एक चाय बागान सहकारी समूह के पास ऋण-समझौते या ऋण-वसूली की जटिल स्थिति है; CIRP या समाधान प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
- एक व्यक्तिगत व्यवसायी पर बैंक ऋण के बोझ और व्यक्तिगत आय के कटौतियों के कारण insolvency के निकट है; IBC के तहत व्यक्तिगत insolvency के विकल्प देखना जरूरी है.
- एक साझेदारी फर्म, जिसका बैंक ऋण डिफॉल्ट हो गया है; पार्टनर-स्तर पर संसाधनों के पुनर्गठन की आवश्यकता है.
- किसी परिवार-चालित व्यवसाय में क्रेडिटरों के साथ विवाद और प्रबंधन परिवर्तन से जटिल स्थिति बन गई है; संपूर्ण समाधान में legal counsel की जरूरत होगी.
- किसी व्यवसाय को ऋण-समझौते और परिसमापन के बीच संतुलन खोजने की जरूरत हो; अदालत के भीतर उचित कदम कैसे उठें, इस पर मार्गदर्शन चाहिए.
इन परिस्थितियों में एक अनुभवी वकील या अधिवक्ता आपको: आवेदन प्रक्रियाओं की तैयारी, NCLT-सम्बन्धी प्रस्तुतियाँ, RP (Resolution Professional) की नियुक्ति, क्रेडिटर्स के तय-संरचना समितियों से जुड़ी बातचीत, और मौजूदा ऋण-सम्भवताओं के अनुबंध-नवीनीकरण में मदद कर सकता है. Darjeeling क्षेत्र में स्थानीय Bench और procedural nuances के बारे में विशेषज्ञता भी महत्त्वपूर्ण है.
3- स्थानीय कानून अवलोकन: दार्जीलिंग, भारत में दिवालियापन को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें
- Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) - भारत में दिवालियापन के लिए केंद्रीय कानून. कॉर्पोरेट डेब्टर्स, पार्टनरशिप फर्म्स और व्यक्तियों के लिए एक ही ढांचा देता है. समय-सीमित समाधान की प्राथमिकता के साथ CIRP और liquidation के रास्ते निर्धारित करता है.
- Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI Act) - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के लिए सिक्योरिटीज-आधारित ऋण वसूली के तंत्र को मजबूत करता है. IBC के साथ क्रेडिटर-हितों के संतुलन में सहायक है.
- Recovery of Debts due to Banks and Financial Institutions Act, 1993 (RDDBFI Act) - बैंकों के ऋण-वसूली मामलों के ट्रिब्यूनलों और त्वरित राहत के लिए प्रावधान देता है. IBC के साथ मल्टी-स्तरीय प्रवाह प्रदान करता है.
Darjeeling में इन कानूनों के साथ administrative processes NCLT-NCLAT के माध्यम से लागू होते हैं. IBC के अंतर्गत नयी प्रक्रियाओं, सूचना युनिट्स और insolvency professionals का भूमिका अहम है. अधिक जानकारी के लिए official स्रोत देखें: IBBI, NCLT और Legislation.gov.in.
4- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IBC क्या है?
IBC भारत का केंद्रीय कानून है जो दिवालियापन संहिता को एक समय-सीमित ढांचे में एकीकृत करता है. यह corporate, partnership और individual debtors के लिए समतापूर्ण समाधान सुनिश्चित करता है.
कौन insolvency के लिए फाइल कर सकता है?
Corporate debtors, individuals और HUF, साथ ही partnerships के विरुद्ध ऋण-समझौते के मामले में insolvency प्रकरिया शुरू कर सकते हैं. सामान्यतः debt default की स्थिति में case start होता है.
Circular के दौरान CIRP कितने दिन चलता है?
मुख्य CIRP 180 दिनों के भीतर समाप्त करने का लक्ष्य होता है. आवश्यक हो तो Adjudicating Authority 90 दिनों तक और बढ़ाने की अनुमति दे सकती है.
Resolution Professional कौन होता है?
RP वह व्यक्ति होता है जिसे NCLT नियुक्त करता है. RP creditor committee के साथ मिलकर समाधान योजना बनाता है और क्रियान्वित करता है.
What happens to assets during CIRP?
आमतौर पर moratorium लागू रहता है और debtor के asset पर exclusive अधिकार RP का होता है. RP नयी योजना बना कर creditors की संतुष्टि सुनिश्चित करता है.
क्या Darjeeling में个人 insolvency संभव है?
जी हाँ, IBC व्यक्तियों और HUF को insolvency के अवसर देता है. स्थानीय कानून और प्रक्रियात्मक पाबंदियाँ NCLT की विशिष्ट निर्णय-प्रक्रिया पर निर्भर करेंगी.
कौन से दस्तावेज जरूरी होते हैं?
कर्ज-स्थिति का विवरण, बैंक स्टेटमेंट, आय-व्यय रिपोर्ट, परिसंपत्ति और ऋण का पूरा ब्योरा, ऋण अनुबंध आदि तैयार रखें.
क्या मैं खुद आवेदन कर सकता हूँ?
हाँ, व्यक्तिगत insolvency के मामले में debtor स्वयं भी अग्रिम प्रक्रिया शुरू कर सकता है. परन्तु व्यावहारिक रूप से एक विशेषज्ञ advovate या IP की सहायता आवश्यक होती है.
कौन-से अवसर मिलते हैं?
उच्च-स्तरीय निर्णय-निर्माण में समय-सीमा से जुड़े कदम, क्रेडिटर्स-समिति से सामंजस्य, और वैकल्पिक पुनर्निर्माण योजनाओं की सुविधा मिलना संभव है.
क्या IBC छोटे ऋण धारकों के लिए उपयोगी है?
हाँ, खासकर जब ऋण पुनर्गठन और क्रमबद्ध समाधान संभव हो. MSMEs और व्यक्तियों के लिए प्रासंगिक प्रावधानों के साथ मार्गदर्शन मिल सकता है.
क्या अदालतों में Darjeeling से मामले जाते हैं?
धरों के अनुसार पश्चिम बंगाल के लिए NCLT की कोलकाता बेंच प्रमुख है. Darjeeling से सम्बंधित मामले आम तौर पर वहीं जाते हैं.
महत्वपूर्ण हैरान करने वाले फैक्टर क्या हैं?
समय-सीमा, क्रेडिटर्स की समितियाँ, RP की नियुक्ति और asset-हस्तांतरण सम्बन्धी निर्णय अहम रहते हैं. सही सलाह से प्रक्रियात्मक जोखिम कम होते हैं.
क्या मैं प्रस्तावित समाधान योजना पर आपत्ति कर सकता हूँ?
हाँ, क्रेडिटर्स के सामने प्रस्तावित योजना पर objections उठाये जा सकते हैं. अदालत और creditors की समिति के समुचित संतुलन से निर्णय होते हैं.
5- अतिरिक्त संसाधन
- Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - केंद्रीय नियामक संस्था. वेबसाइट: www.ibbi.gov.in
- National Company Law Tribunal (NCLT) - Kolkata Bench - Insolvency मामलों के लिए प्रमुख न्यायिक फोरम. वेबसाइट: nclt.gov.in
- Legislation and Government Resources - Insolvency and Bankruptcy Code, Legislation.gov.in. वेबसाइट: IBC, 2016
6- अगले कदम: दिवालियापन वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया
- अपना केस प्रकार निर्धारित करें: व्यक्तिगत insolvency, साझेदारी, या कॉर्पोरेट debt-समस्या।
- IBBI के पंजीकृत Insolvency Professionals/Advocates देखें: Darjeeling क्षेत्र में IP/advocates की उपलब्धता जांचें.
- लोकल benched के अनुसार NCLT-Kolkata bench के बारे में जानकारी इकट्ठा करें; केस फाइलिंग-थेरेपी समझ लें.
- कम से कम 3-5 lawyers/advocates से initial consultation तय करें; शुल्क संरचना समझें.
- पूर्व अनुभव और success rate पुछें: किस प्रकार के insolvency मामलों में वे अनुभवी हैं.
- तकनीकी तैयारी: अपने वित्तीय दस्तावेज, ऋण-चुकौती इतिहास और संलग्न अनुबंध एकत्र रखें.
- फीस-आउट-ऑफ-पॉकेट योजना बनाएं: retainers, court-fees तथा अन्य संभावित खर्चों का अनुमान लगाएं.
आधिकारिक स्रोतों के साथ आगे की जानकारी के लिए निम्न पन्ने देखें: IBBI, NCLT, Legislation.gov.in. Darjeeling-स्थानीय स्थिति के लिए स्थानीय बेंच की आधिकारिक वेबसाइट देखें.
Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से दार्जीलिंग में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।
प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।
दार्जीलिंग, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।
अस्वीकरण:
इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।
हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।