देहरादून में सर्वश्रेष्ठ दिवालियापन वकील
अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।
मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।
देहरादून, भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
1. देहरादून, भारत में दिवालियापन कानून का संक्षिप्त अवलोकन
भारत में दिवालियापन कानून प्रमुख रूप से Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) के अंतर्गत चलता है। यह कंपनी, साझेदारी फर्म और व्यक्तियों के लिए दिवाली संकल्पनाओं को एक ही ढांचे में लाने का उद्देश्य है। देहरादून जैसे शहरों में भी NCLT और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से समाधान प्रक्रियाएं संचालित होती हैं।
“Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 consolidates and amends the laws relating to reorganization and insolvency resolution of corporate persons, partnership firms and individuals.” - Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI)
“The Corporate Insolvency Resolution Process shall be completed within 180 days from the date of admission, with possible extension by the Adjudicating Authority.” - IBBI
“IBC amendments introduce time bound processes and certain reliefs to MSMEs and individuals for faster resolution.” - Ministry of Corporate Affairs (MCA)
देर नहीं, देहरादून में मामलों की स्थितियाँ कई बार 180 दिन के CIRP समय-सीमा के भीतर सुलझने की कोशिश करती हैं। पर अनुशासन, कोर्ट-निर्देशन और ऋणदाता-प्रशासनों के पहलुओं में अनुभवी वकील की भूमिका अहम रहती है।
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
नीचे पांच सामान्य परिदृश्य दिए गए हैं जो देहरादून निवासियों के लिए अक्सर सामने आते हैं।
- देहरादून-स्थित एक स्थानीय उद्योग इकाई डिफॉल्ट हो गई है और ऋण-निवारण की प्रक्रिया IBC के अंतर्गत शुरू करनी है।
- कर्जदार या ऋणदाता पक्ष CIRP शुरू करने के लिए NCLT के समक्ष आवेदन दाखिल करना चाहते हैं।
- व्यक्ति एकल-व्यक्ति दिवालियापन (Personal Insolvency) प्रक्रिया में जाना चाहता है ताकि ऋणों का पुनर्सम्मेलन संभव हो सके।
- MSME है और उसे MSME-PPIRP जैसे नवीन उपायों के अंतर्गत त्वरित समाधान चाहिये।
- ऋण देने वाले बैंक/FDI एजेंसी ने RDDBFI या SARFAESI के तहत पुनर्गठन या सिक्योरिटीज के प्रवर्तन के लिए कदम उठाए हैं।
इन परिस्थितियों के लिए अनुभवी अधिवक्ता की जरूरत क्यों है, यह स्पष्ट है: वे प्रक्रिया-निरपेक्ष समयसीमा, रक्षा-युक्तियाँ और अदालत के निर्देशों के अनुरूप कदम तय करते हैं।
3. स्थानीय कानून अवलोकन
देहरादून में दिवालिया-सम्बंधी प्रमुख कानून केंद्रीय स्तर पर बनाये गए हैं और Uttarakhand के निवासी इन्हें NCLT जैसी प्राधिकरणों के माध्यम से लागू करवाते हैं।
- Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) - दिवालियेपन के सभी प्रकार के ऋण-निपटान के लिए मुख्य कानून।
- Recovery of Debts Due to Banks and Financial Institutions Act, 1993 (RDDBFI) - बैंकों के अग्रिम ऋणों के वसूली के लिये विशेष थाना-निरपेक्ष उपाय।
- Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Securities Interest Act, 2002 (SARFAESI) - सिक्योरिटीज के प्रवर्तन और वित्तीय परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिये प्रावधान।
घोषणा-निर्देशन: Uttarakhand के निवासियों के लिए NCLT, Allahabad Bench Uttarakhand के अंतर्गत आने वाले मामलों को देख सकता है। इस क्षेत्राधिकार की पुष्टि के लिए MCA और IBBI के आधिकारिक पन्नों का संलग्नकरण जरूरी रहता है।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IBC क्या है?
IBC एक केंद्रीकृत कानून है जो corporate, partnership, और individuals के दिवालियापन-सम्बन्धी मामलों का समय-बद्ध समाधान देता है।
कौन दायर कर सकता है?
ऋणकर्ता, कंपनी, साझेदारी फर्म या व्यक्तिगत डिफॉल्टर के पक्षी CIRP या ADR प्रक्रियाओं के लिये आवेदन कर सकते हैं।
moratorium क्या होता है?
IBC के अंतर्गत आवेदन के बाद ऋण-उधारियों पर नया वक्तव्य/वसूली रोक दी जाती है-कानूनी कदम रोके जाते हैं ताकि समाधान-प्रक्रिया प्रभावित न हो।
प्रोसीजर कितने समय लेती है?
कॉरपोरेट CIRP आम तौर पर 180 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसे अदालत द्वारा बढ़ाया जा सकता है।
Dehradun में न्यायाधिकरण कहाँ है?
देहरादून के मामले NCLT के मद्देनजर Allahabad Bench के अंतर्गत आ सकते हैं; अतः कानूनी प्रतिनिधित्व के लिये NCLT-Allahabad का सहयोग जरूरी हो सकता है।
व्यक्तिगत दिवालियापन किसे कहते हैं?
व्यक्ति की देनदारियों के समाधान हेतु व्यक्तिगत दिवालियापन-प्रक्रिया लागू है, जिससे स्व-स्वामित्व-स्थिति और पुनर्स्थापना के अवसर मिलते हैं।
कितने खर्चे लगते हैं?
व्यावसायिक-वकील फीस, कोर्ट शुल्क और विशेषज्ञों के शुल्क मिलकर खर्च निर्धारित करते हैं; प्रारम्भिक मूल्यांकन के लिये परामर्श-सत्यापन जरूरी है।
क्या क्रेडिट पर असर पड़ेगा?
IBC के अंतर्गत ऋण-स्थिति क्रेडिट-रेटिंग पर असर डालती है; CIRP होने पर क्रेडিট-स्कोर पर दीर्घकालीन प्रभाव संभव है।
MSMEs के लिये क्या नया है?
MSME के लिये PPIRP जैसे त्वरित और सरल उपायों का प्रावधान किया गया है ताकि छोटे-स्तर के ऋणों का समाधान तेजी से हो सके।
क्या मैं छोटे ऋणों के लिये भी फाइल कर सकता/सकती हूँ?
हाँ, छोटे ऋणों के लिये व्यक्तिगत या MSME ऋण-परिसर में IBC के अंतर्गत समाधान संभव है, पर प्रक्रिया और लागत अलग हो सकती है।
अदालत में क्या तैयारी करनी चाहिए?
कथनों, प्रमाण-प्रत्र, ऋण-सम्बन्धी रिकॉर्ड और एजेंसी-प्राप्त नोटिस तैयार रखें; वकील की मदद से निपटान-योजना बनाएं।
क्या बदलते कानून से देहरादून के केसों पर प्रभाव पड़ेगा?
IBC की नई परिस्थितियों से समय-सीमा, प्रावधानों में तेजी और पुनर्संयोजन के अवसर बढ़े हैं; देहरादून के लिये भी लागू होते रहते हैं।
दिवालियापन से बचने के उपाय क्या हैं?
प्रेम्त ऋण-समझौता, ऋण-निवारण योजना और प्रबंधन-समर्थन से insolvency के जोखिम घटते हैं; पहले से विशेषज्ञ सलाह लेना फायदेमंद रहता है।
5. अतिरिक्त संसाधन
नीचे देहरादून-आधारित नागरिकों के लिये प्रमुख संसाधन हैं।
- Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - आधिकारिक साइट: www.ibbi.gov.in
- National Company Law Tribunal (NCLT) - Allahabad Bench - आधिकारिक साइट: nclt.gov.in
- Ministry of Corporate Affairs (MCA) - आधिकारिक साइट: www.mca.gov.in
6. अगले कदम
- अपनी स्थिति स्पष्ट करें: कंपनी, साझेदारी या व्यक्ति-स्तर पर दिवालियापन का प्रश्न है।
- देहरादून के अनुभवी दिवालियापन वकील की सूची बनाएं और उनसेInitial Consultation लें।
- कानूनी विकल्पों पर आधारित एक संक्षिप्त योजना बनाएं, CIRP या ADR के लिये।
- अपनी वित्तीय रसीदें एवं ऋण-सम्बन्धी दस्तावेज इकट्ठे रखें।
- NCLT-Allahabad Bench के आवेदन-सम्पादन के लिये आवश्यक फॉर्म और शुल्क जांचें।
- वकील के साथ एक साफ-फायदे वाला शुल्क-योजना तय करें।
- जल्द से जल्द पर्याप्त प्राथमिकताओं के साथ निर्णय-समझौते की दिशा में कदम बढ़ाएं।
Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से देहरादून में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।
प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।
देहरादून, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।
अस्वीकरण:
इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।
हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।