जयपुर में सर्वश्रेष्ठ दिवालियापन वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Advocate Kunal Sharma
जयपुर, भारत

2010 में स्थापित
English
जयपुर, राजस्थान में आधारित एडवोकेट कुणाल शर्मा ने 2010 से व्यापक कानूनी सेवाएं प्रदान की हैं। एक दशक से अधिक अनुभव के...
जयपुर, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 11 लोग
English
The Legal Court जयपुर, राजस्थान, भारत में स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो विभिन्न अभ्यास क्षेत्रों में व्यापक कानूनी...

2015 में स्थापित
English
BPG लॉ चैंबर्स, प्रतिष्ठित सीनियर एडवोकेट श्री बलभद्र प्रसाद गुप्ता के सम्मान में 2015 में स्थापित, भारत में एक प्रमुख...
जयपुर, भारत

English
मेरटिया एसोसिएट्स, श्री धीरेंद्र सिंह मेरटिया और श्री विरेन्द्र सिंह मेरटिया द्वारा स्थापित, जयपुर और जोधपुर...
जैसा कि देखा गया

1. जयपुर, भारत में दिवालियापन कानून के बारे में: जयपुर, भारत में दिवालियापन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में दिवालियापन कानून Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) के अंतर्गत संचालित होता है। यह एक समय-सीमित समाधान प्रक्रिया प्रदान करता है ताकि क्रेडिटर्स के व्यापक हित संरक्षित रहें। जयपुर जैसे शहरों में व्यवसायिक ऋण, निजी ऋण और MSME से जुड़े मामले समान रूप से प्रमुख हैं।

जयपुर के निवासी और व्यवसायी इस कानून के अंतर्गत कंपनियों, पार्टनरशिप, और व्यक्तिगत देनों की सुनवाई NCLT के क्षेत्राधिकार में देखते हैं। IBC प्रक्रिया के दौरान सौंपा गया अंतरिम निदेशक (Resolution Professional) क्रेडिटर्स के हितों के अनुसार समाधान प्रस्तुत करता है।

समय-सीमित प्रक्रियाओं का उद्देश्य परिसमापन से पहले पुनर्गठन या समाधान योजना बनाकर मूल्य अधिकतम करना है। Jaipur के लिए स्थानीय कार्यालय, बार असोसिएशन और कानूनी सलाहकार उपलब्ध होते हैं जो IBC-प्रक्रिया को समझना आसान बनाते हैं।

“The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 aims to consolidate and amend the laws relating to insolvency and bankruptcy for corporate persons, partnerships and individuals in a time bound manner.”
“The Corporate Insolvency Resolution Process is designed to resolve insolvency in a time bound manner.”
“National Company Law Tribunal has jurisdiction to adjudicate matters arising under the Insolvency and Bankruptcy Code.”

उद्धरण स्रोत: Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - http://www.ibbi.gov.in/, National Company Law Tribunal (NCLT) - http://nclt.gov.in/, Ministry of Corporate Affairs (MCA) - https://www.mca.gov.in/

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: दिवालियापन कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। जयपुर, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

  • आपकी कंपनी जयपुर-आधारित ऋणदाता से CIRP के लिए नोटिस पाती है; कोर्ट-आधारित समयसीमा के भीतर सही समाधान चाहते हैं तो वकील आवश्यक होता है।
  • MSME क्षेत्र में दिवालियापन के कारण संग्रहणीय देनदारियाँ बढ़ रही हों और आपको समाधान योजना बनवानी हो, तो एक विशेषज्ञ अधिवक्ता जरूरी है।
  • व्यक्तिगत ऋण के कारण व्यक्तिगत insolvency निबटाने के रास्ते ढूंढ रहे हों; Jaipur निवासी के लिए व्यक्तिगत insolvency प्रक्रिया में सही मार्गदर्शन चाहिए।
  • Cross-border निवेश या अंतरराष्ट्रीय ऋणों के साथ Jaipur-आधारित कंपनी insolvency के समायोजन में जोखिम संभालना चाहती हो; एक कानूनी विशेषज्ञ आवश्यकता बनती है।
  • एक कर्जदाता (तथा बैंक) का दावा निपटाने के लिए SARFAESI, IBC और संबंधित नियमों के बीच संतुलन काफी जटिल हो; अनुभवी अधिवक्ता की सलाह लाभदायक रहती है।
  • कंपनी के पुनर्गठन के लिए एक तेज-रफ़्तार व्यवसाय योजना बनानी हो जिसके लिए NCLT के साथ संपर्क और प्रक्रियाओं की पूर्ण जानकारी चाहिए।

यथार्थ्त: Jaipur-आधारित ग्राहकों के लिए स्थानीय अनुभवी insolvency advokats की सेवाएं आपके दस्तावेज, क्रेडिटर सूचियाँ और अनुमानित समाधान योजना तैयार करने में मदद करती हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: जयपुर, भारत में दिवालियापन को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) - कर्जदार, क्रेडिटर और IP के बीच समय-सीमित समाधान के लिए मुख्य कानून है।
  • Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI Act) - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं द्वारा सुरक्षा हित के आधार पर ऋण वसूली के लिए सक्षम उपकरण देता है।
  • Companies Act, 2013 (सम्भवतः IBC के साथ संशोधित प्रावधानों के साथ) - कॉर्पोरेट इकाइयों के लिए प्रशासनिक और गवर्नेंस-आधारित प्रावधानों का ढांचा प्रस्तुत करता है; दिवालियापन प्रक्रियाओं में सहायक नियम जुड़े होते हैं।

टिप्पणी: जयपुर में दिल्ली-आधारित NCLT/NCLAT के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत राजस्थान के मामले आते हैं। IBC के प्रावधान स्थानीय अदालतों व IPs के माध्यम से लागू होते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IBC क्या है?

IBC भारतीय कानून है जो दिवालियापन और पुनर्गठन को एक समय-सीमित ढांचे में लाने का उद्देश्य रखता है। यह corporate, partnership और individual देनदारियों को कवर करता है।

कौन फाइल कर सकता है?

कर्जदार, क्रेडिटर और NCLT के निर्देशानुसार अन्य पक्ष फाइल कर सकते हैं। कॉर्पोरेट ड debtor के लिए मुख्य फाइलर क्रेडिटर होते हैं, जबकि व्यक्तिगत मामलों में व्यक्तिगत क्रेडिटर भी दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

क्या फाइल करने के बाद moratorium लगती है?

IBC के अंतर्गत दायर होने पर परिसंपत्तियों पर अस्थायी रोक लग सकती है ताकि दायित्वों की अस्थिरता से बचा जा सके। यह रोक लागत-प्रणालियों को संरक्षित करती है।

CIRP क्या होता है?

Corporate Insolvency Resolution Process एक समय-सीमित पुनर्गठन प्रक्रिया है जिसमें एक Resolution Professional योजना बनाता है और क्रेडिटर्स के साथ मिलकर उसे स्वीकार किया जाता है।

कितनी देर में निर्णय होना चाहिए?

IBC के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में समय-सीमा निर्धारित है, परन्तु वास्तविक अवधि केस-केस के आधार पर भिन्न हो सकती है। Jaipur क्षेत्र के मामलों में स्थानीय अदालतों के निर्देश लागू होते हैं।

IP (Interim Resolution Professional) भूमिका क्या है?

IP केस की निगरानी करता है, क्रेडिटर्स के निवृत्तिकर्ताओं को लिस्ट करता है और समाधान योजना को आगे बढ़ाने के लिए निर्णय लेता है।

व्यक्तिगत insolveny कैसे प्रकट होती है?

व्यक्ति के लिए IBC के अनुसार व्यक्तिगत insolvency प्रक्रिया उपलब्ध है; सामान्यतः वित्तीय क्रेडिटर्स के दावे के आधार पर निर्णय लिया जाता है और पुनर्गठन या परिसमापन संभव है।

क्या समाधान योजना सबसे अच्छा विकल्प है?

हाँ, यदि योजना सभी क्रेडिटर्स के लिए लाभकारी हो और वैधानिक प्रक्रियाँ पूरी हों, तो पुनर्गठन अधिक मूल्य दे सकता है।

क्या परिसमापन अनिवार्य है?

यदि पुनर्गठन संभव न हो, तो परिसमापन की प्रक्रिया शुरू की जाती है और परिसंपत्तियों का वितरण क्रेडिटर्स के अनुसार होता है।

कौन-सी प्रक्रिया छोटे क्रेडिटर्स के लिए उपयुक्त है?

छोटे क्रेडिटर्स के लिए MSME-रिलेटेड प्रक्रियाओं और SARFAESI जैसे वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा सकता है, किन्तु अधिकांश मामलों में IBC प्रमुख मार्ग है।

Jaipur में वकील कैसे चुनें?

लोकल विशेषज्ञता, IBC में अनुभव, NCLT-प्रक्रियाओं में सफलता, और स्पष्ट फीडबैक-प्रणाली पर ध्यान दें। परामर्श में शुल्क संरचना स्पष्ट होनी चाहिए।

5. अतिरिक्त संसाधन

  1. Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - आधिकारिक साइट और मार्गदर्शक सामग्री: http://www.ibbi.gov.in/
  2. National Company Law Tribunal (NCLT) - केस-ऊपर-आदेश और क्षेत्राधिकार जानकारी: http://nclt.gov.in/
  3. Ministry of Corporate Affairs (MCA) - IBC, Companies Act और संबंधित पद-निर्देश: https://www.mca.gov.in/

6. अगले कदम: दिवालियापन वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने व्यवसाय या व्यक्तिगत वित्त के बारे में स्पष्ट समस्या-समूह बनाएं और लक्षित परिणाम तय करें।
  2. Jaipur क्षेत्र के IBC विशेषज्ञों की सूची बनाएं-कई फर्मों के केस स्टडी जुटाएं।
  3. कौशल जांच के लिए पहले से किए गए CIRP/ insolvency केस के क्लाइंट-फीडबैक देखें।
  4. प्रथम परामर्श में केस-फाइलिंग-डाक्यूमेंट्स, शुल्क संरचना और अनुमानित समयरेखा स्पष्ट पूछें।
  5. चर्चा के दौरान IP के अनुभव, NCLT प्रक्रियाओं के साथ सफलता- रिकॉर्ड की पुष्टि करें।
  6. फॉर्मैटेड आवेदनपत्र, दस्तावेज़ सूची और क्लाइंट-एग्रीमेंट की एक स्पष्ट कॉपी प्राप्त करें।
  7. एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ लीड-इन-फंडिंग वर्क-स्टेप शुरू करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से जयपुर में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, दिवालियापन सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

जयपुर, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।