हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ भांग कानून वकील

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Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
English
Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
जैसा कि देखा गया

1. हरियाणा, भारत में भांग कानून का संक्षिप्त अवलोकन

हरियाणा में भांग कानून केंद्रीय NDPS अधिनियम और राज्य एक्साइज कानून का संयुक्त नियंत्रण है. यह दो स्तरों पर आबद्ध नियम बनाता है. केंद्रीय कानून आपराधिक गतिविधि पर प्रावधान देता है, वहीं राज्य स्तर पर लाइसेंस और बिक्री नियम तय होते हैं.

केंद्रीय NDPS अधिनियम 1985 भांग के उत्पादन, बिक्री, कब्जा और तस्करी के खिलाफ कठोर दंडावली देता है. यह कानून देश भर में नशे के अपराधों को एकीकृत तरीके से नियंत्रित करता है. हरियाणा में लागू होने वाले प्रावधान राज्य-विशिष्ट एक्साइज नियमों से मिलकर काम करते हैं.

हरियाणा एक्साइज अधिनियम और नियम भांग की बिक्री, लाइसेंस, और पर्चेज पर विशिष्ट नियंत्रण लगाते हैं. राज्य के भीतर कानूनी भांग-घटकों के बारे में स्पष्ट लाइसेंसिंग प्रक्रिया होती है. यह सुनिश्चित करता है कि वैध बिक्री सिर्फ लाइसensed दुकानों पर हो सके.

“An Act to consolidate the law relating to narcotic drugs and psychotropic substances.”
“The NDPS Act provides for punishment for contravention of the provisions of this Act and for matters connected therewith.”

नोट हरियाणा residents के लिए व्यावहारिक सूचना: भांग से जुड़े मामलों में स्थानीय अदालतों और पुलिस की सक्रियता बढ़ी है. चिकित्सा उपयोग के लिए लाइसेंस और अनुसंधान के लिए केंद्र से मान्यता की जरूरत हो सकती है.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • परिदृश्य 1: शराब-या भांग के समान नजर आने वाले पदार्थ के साथ गिरफ्तार होने पर. उचित बचाव रणनीति और पास-पेच समझना आवश्यक होता है. एक कानूनी सलाहकार से तत्काल सहायता लें.

  • परिदृश्य 2: आपके खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो गया है. सजा, जमानत और ट्रायल की राह समझना जरूरी है.

  • परिदृश्य 3: आप चिकित्सा-वैज्ञानिक प्रयोग के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं. कानूनिक मार्गदर्शन आवश्यक होगा ताकि आवेदन सही हो.

  • परिदृश्य 4: हरियाणा में भांग-शॉपिंग या लाइसेंसिंग संबंधी विवाद हो. अनुशंसा-आधारित समाधान और क्लियर गाइडेंस चाहिए.

  • परिदृश्य 5: गिरफ्तारी के बाद अग्रिम जमानत, रिमांड या पूरक आरोपों के मामले में उचित सलाह चाहिए. वकील आपकी सुरक्षा-हक की रक्षा कर सकता है.

  • परिदृश्य 6: कॉरपोरेट-स्तर पर अनुसंधान या उत्पाद निर्माण हेतु कानूनी विकल्प और अनुपालन जोखिम समझना है. निर्बाध मार्गदर्शन अत्यावश्यक है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • NDPS अधिनियम 1985 केंद्रीय कानून है जो नशे की दवाओं और मनो-उत्तेजक पदार्थों के उत्पादन, कब्जा, बिक्री, खरीद, वितरण आदि पर रोक बनाता है. यह अपराध-गणना और विशेष न्यायालयों के गठन का प्रावधान देता है.

  • हरियाणा एक्साइज़ अधिनियम और नियम भांग एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री, लाइसेंसिंग और नियंत्रण से संबंधित राज्य-स्तर के नियम हैं. यह अंतः राज्य-स्तर पर लाइसेंसिंग प्रोसेस तय करता है.

  • स्थानीय एक्साइज़ नियम और निर्देश हरियाणा के जिले स्तर पर लागू होते हैं. लाइसेंस-योग्यता, दुकानें-स्थान, मूल्य और बिक्री की धारा यहां निर्धारित होती है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भांग NDPS अधिनियम के अंतर्गत अपराध है?

NDPS अधिनियम केंद्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाता है. हालांकिLeaves और buds के बारे में क्षेत्रीय नियम भिन्न होते हैं. हरियाणा में एक्साइज़ नियम इसे प्रतिबंध-स्कीम से नियंत्रित करते हैं.

क्या हरियाणा में भांग की बिक्री कानूनी है?

कथित रूप से भांग की बिक्री सामान्य रूप से प्रतिबंधित है. कुछ हिस्सों में लाइसेंस प्राप्त दुकानों के माध्यम से नियंत्रित बिक्री हो सकती है. स्थानीय एक्साइज़ नियम इसका निर्धारण करते हैं.

अगर कब्जे में छोटा मात्रा हो तो क्या सजा हो सकती है?

छोटी मात्रा पर भी NDPS संशोधित दंड से जुड़े हो सकते हैं. अदालत-निर्भर सजा, जमानत और उच्च-स्तरीय बचाव आवश्यक हो सकता है.

क्या मेडिकल उपयोग की अनुमति है?

चिकित्सा उपयोग के लिए केंद्रीय और राज्य स्तर पर लाइसेंस-आधारित मार्ग हों सकते हैं. सही औषधि, डोज और लेखा-जोखा अनिवार्य है.

कानून के अनुसार लाइसेंस कैसे मिलता है?

लाइसेंस के लिए आवेदन, आवश्यक शुल्क, पर्यावरण-आयोग और विशेषज्ञ समिति की मंजूरी जरूरी हो सकती है. प्रक्रिया पूरी तरह से नियमन के अनुसार करनी चाहिए.

क्या युवा गिरफ्तार हो सकता है?

हाँ, भांग से जुड़े अपराधों में नाबालिग पर कड़ी धाराएं लग सकती हैं. विशेष सुरक्षा उपाय और कानूनी सहायता आवश्यक है.

क्या अनुसंधान के लिए एक्सपर्ट लाइसेंस चाहिए?

हाँ, अनुसंधान के लिए केंद्रीय or राज्य अनुमति और लाइसेंस की जरूरत पड़ती है. सही आवेदन-डॉक्यूमेंट जमा करें.

न्यायिक प्रक्रिया कितनी देर लेती है?

NDPS मामलों में समय-सारिणी भिन्न होती है. प्राथमिक जमानत, ट्रायल और निर्णय की तारिखें समय-समय पर बदलती हैं.

बेल मिलने के कारण क्या होते हैं?

जमानत निर्भर करती है तथ्य-स्थिति, आचार-संबंध और सरकारी अनुमति. कानून-उल्लंघन के आधार पर अदालत निर्णय लेती है.

डिफेन्स के लिए किस तरह का बचाव उचित है?

कानूनी सलाहकार आपके अधिकार, संग्रहित साक्ष्यों और यात्रा-रेखाओं के अनुसार बचाव योजना बनाते हैं. सही प्रश्न पूछना जरूरी है.

क्या भांग के उत्पाद हरियाणा में भी बिकते हैं?

कुछ नियम-योग्य उत्पादों के बारे में जानकारी स्थानीय नीति पर निर्भर है. लाइसेंसी दुकानों और निरीक्षणों के नियम बताए जाते हैं.

अगर गिरफ्तारी गलत हो तो क्या करें?

तुरंत नियुक्त वकील से संपर्क करें. अपने अधिकारों की स्पष्टता और दस्तावेज़ी साक्ष्यों को सुरक्षित रखें.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Narcotics Control Bureau (NCB) - आधिकारिक वेबसाइट: https://narcoticsindia.nic.in/
  • National Legal Services Authority (NALSA) - कानूनी सहायता सेवाएं: https://nalsa.gov.in/
  • हरियाणा राज्य कानूनी सेवाओं प्राधिकरण - स्थानीय कानूनी सहायता संसाधन: http://hslsa.gov.in/

6. अगले कदम

  1. अपने केस की संपूर्ण जानकारी एकत्र करें; आरोप, गिरफ्तारी तिथियाँ और मौजूद साक्ष्य।
  2. कन्फर्म करें कि आप कौन-सी धारा के अंतर्गत आएँगे; NDPS या एक्साइज़ आदि।
  3. हरियाणा में अनुभवी भांग कानून वकील ढूंढें; फॉर्म-फिलिंग और पूर्व-प्रश्नों के लिए पूछें।
  4. पहला परामर्श लें; उपलब्ध विकल्प, जमानत अवसर और बचाव-रणनीति पर चर्चा करें।
  5. कानूनी रिकॉर्ड और दस्तावेज़ अपडेट रखें; ट्रायल-तिथि और अदालत के नोटिस का पालन करें।
  6. लोक-न्याय सहायता या शिकायत के विकल्प पूछें; यदि आर्थिक सहायता चाहिए तो आवेदन दें।
  7. आवश्यक हो तो दायरे के बाहर के विशेषज्ञों की राय लें; मेडिकल या 재-रिश्तों के लिए सलाह लें।

स्रोत उद्धरण और आधिकारिक लिंक के लिए नीचे देखें: NDPS अधिनियम का पैनल-पाठ और केंद्रीय नीति-आधार अक्सर कानूनी सूचनाओं में उद्धृत होते हैं. कानून-निर्णय में स्थानीय अदालती निर्णय भी मार्गदर्शक हो सकते हैं.

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