बेंगलुरु में सर्वश्रेष्ठ विकलांगता वकील

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Kapil Dixit LLP
बेंगलुरु, भारत

2005 में स्थापित
English
कपिल दीक्षित एलएलपी, जिसे प्रख्यात कानूनी प्रदाता कपिल दीक्षित ने 2005 में स्थापित किया था, बेंगलुरु, भारत स्थित एक...
SARVE PERMITS AND LEGAL ADVISORY  PVT. LTD.
बेंगलुरु, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Bengali
Panjabi
Bihari
Gujarati
Sanskrit (Saṁskṛta)
क्या आप कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आपको रातों को जगाती हैं? हमारे व्यापक लॉ फर्म की ओर देखें जो सभी...
बेंगलुरु, भारत

English
हेमंत एंड एसोसिएट्स, 2002 में स्थापित, बैंगलोर, भारत में स्थित एक पूर्ण-सेवा कानून फर्म है। यह फर्म नागरिक कानून,...

2012 में स्थापित
उनकी टीम में 16 लोग
English
सोन्‍या एंड पार्टनर्स बेंगलुरु में एक विशिष्ट विधिक फर्म के रूप में उभरती है, जो तलाक, आपराधिक कानून, पारिवारिक...
Roots Cyber Law Firm
बेंगलुरु, भारत

English
बेंगलुरु, भारत में स्थित रूट्स साइबर लॉ फर्म साइबर लॉ और फॉरेंसिक्स, गोपनीयता कानून, और कॉर्पोरेट कानूनी सेवाओं...
Ditya law firm, Advocate
बेंगलुरु, भारत

2007 में स्थापित
English
बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित दित्य लॉ फर्म अपने ग्राहकों की विविध आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए कानूनी सेवाओं की...

2009 में स्थापित
English
Prime Legal बेंगलुरु में व्यापक कानूनी विशेषज्ञता का प्रतीक है, जो आपराधिक रक्षा, तलाक की कार्यवाही और नागरिक मुकदमों...
जैसा कि देखा गया

1. बेंगलुरु, भारत में विकलांगता कानून के बारे में: [ बेंगलुरु, भारत में विकलांगता कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

बैंगलोर में विकलांग लोगों के अधिकार केंद्रित कानून से प्रभावित होते हैं; राष्ट्रीय कानून राज्यों तक लागू होते हैं। RPWD Act 2016 ने 21 विकलांगता प्रकारों और समान अवसरों पर जोर दिया है। बेंगलुरु में सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक परिवहन में पहुँच उपस्थिति बढ़ाने पर जोर है।

राज्य सरकार ने विकलांग कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य-स्तरीय योजनाओं को संचालित किया है, ताकि प्रमाणपत्र, शिक्षा सहायता और रोजगार अवसरों की सुविधा मिल सके। शहर के अधिकांश प्रमुख अस्पतालों और प्रतिष्ठानों में पहुँच-सम्बन्धी सुविधाओं के घटक बढ़ते जा रहे हैं।

The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 provides for equal opportunities in education, employment and access to public services for persons with disabilities.
Source: Ministry of Social Justice and Empowerment, Government of India

Public buildings and transportation shall be accessible to persons with disabilities; information and communication technologies shall be accessible.
Source: Sugamya Bharat Abhiyan / RPWD Act 2016 summaries

बेंगलुरु निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: disability certificate के साथ विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठाएं, रोजगार-श्रम कानून के अंतर्गत सरकारी सेवाओं के लिए आरक्षण के अवसरों की जानकारी रखें, और स्थानीय विकलांग कल्याण कार्यालय से मार्गदर्शन लें।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [ विकलांगता कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। बेंगलुरु, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें ]

  • प्रवेश अथवा शिक्षा-नियोजन में विकलांगता के कारण भेदभाव - बैंगलोर के किसी विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया में शारीरिक या मानसिक अक्षमता के आधार पर पूर्वाग्रह से निपटना।
  • डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट/प्रमाणपत्र न मिलना - प्रमाणपत्र मिलने से मिलने वाले लाभ, जैसे छात्रवृत्ति, शिक्षा-समर्थन और बेरोजगारी भत्ते प्रभावित हो सकते हैं।
  • नौकरी में भेदभाव या बाधित अवसर - निजी क्षेत्र या सार्वजनिक क्षेत्र में चयन या पदोन्नति में विकलांगताओं के कारण प्रतिकूल व्यवहार।
  • यात्रा, शिक्षा-आयाम, या सार्वजनिक भवनों की पहुँच-समस्या - शहर के यातायात और सार्वजनिक भवनों में पहुँच से जुड़ी कठिनाइयों पर कानूनी सहायता से निस्तारण।
  • स्कूल/कलेज में परीक्षा-समायोजन मांगना - Disability accommodation के अधिकार के अनुसार बदलाव न मिलना।
  • सरकार के लाभ/भत्ते से वंचित होना - पेंशन, निर्बाध खरीदी, रियायतें आदि के लिए आय प्रमाणन और आवेदन में सहायता चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ बेंगलुरु, भारत में विकलांगता को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  • Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 (RPWD Act) - 21 विकलांगता प्रकार, शिक्षा, रोजगार, पहुँच, और समान अवसरों का अधिकार देता है; केंद्र और राज्यों द्वारा अनुपालन अनिवार्य है।
  • National Trust for Welfare of Persons with Autism, Cerebral Palsy, Mental Retardation and Multiple Disabilities Act, 1999 - विशेष समूहों के कल्याण के लिए संस्थागत प्रावधान और योजना-आधारित सहायता देता है।
  • Mental Health Care Act, 2017 - मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों में विकलांग व्यक्तियों के अधिकार और उपचार के दायरे को स्पष्ट करता है; बैंगलोर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकारों के लिए मार्गदर्शक है।

स्थानीय सरकारी स्रोतों के अनुसार बैंगलोर में विकलांग कल्याण विभाग, जिला विकलांग अधिकारी और शिक्षा विभाग के साथ सहयोग करवाया जाता है ताकि प्रमाणपत्र, शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक आवागमन में सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकलांगता प्रमाणपत्र की क्या अहमियत है?

प्रमाणपत्र से आवासीय-शुल्क, शिक्षा-समायोजन, रोजगार अवसर और सार्वजनिक सेवाओं में विशेष सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही प्रमाणपत्र से राज्य-स्तर की योजनाओं के लिए आवेदन आसान होते हैं।

RPWD Act कहाँ लागू होता है?

RPWD Act भारत सरकार द्वारा संचालित है और केन्द्र-राज्य स्तर पर समान अधिकारों को सुनिश्चित करता है। बैंगलोर में यह आज्ञाकारी रूप से कर्नाटक राज्य पर भी लागू होता है।

कर्नाटक में विकलांग कल्याण विभाग कौन-सी सेवाएं देता है?

यह विभाग प्रमाणपत्र, आयुष्मान योजनाओं, शिक्षा सहायता, रोजगार अवसर और पहुँच-सहायता जैसी योजनाओं को लागू करता है।

स्कूल में एक्सेसिबिलिटी कैसे सुनिश्चित होती है?

पारदर्शी प्रवेश, अध्ययन सामग्री की विकलांग-उपयुक्तता, परीक्षा हेतु सहायक सुविधाएं, शिक्षकों की ट्रेनिंग और शिक्षण-सामग्री का अनुकूलन शामिल है।

नौकरी में विकलांगता आरक्षण कैसे मिलता है?

केंद्रीय सरकार के भीतर चयन-प्रक्रिया में विकलांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित आरक्षण नियम लागू होते हैं; राज्यों के अपने नियम भी हो सकते हैं, जिन्हें संचालित किया जाता है।

क्या बैंगलौर में सार्वजनिक यातायात पहुँच योग्य है?

बेंगलुरु के BMTC बसों और Namma Metro में पहुँच सुविधाओं का विस्तार ongoing है; यात्रा के समय सहायक उपकरण और पहुँच-सुविधाओं के लिए क़ानूनी अधिकार लागू रहते हैं।

परीक्षा में एक्सेसिबिलिटी कैसे मांगें?

बहुधा विश्वविद्यालय/कॉलेज के नियमों के अनुसार एक्सेसिबिलिटी अनुरोध के लिए डॉक्यूमेंट और डाक्यूमेंटेशन जमा करना पड़ता है; कानूनी सलाह से अपने अधिकार स्पष्ट करें।

क्या 21 विकलांगता प्रकार RPWD Act में सम्मिलित हैं?

हाँ, RPWD Act 2016 में 21 विकलांगता प्रकारों को मान्यता दी गई है; केंद्र और राज्य इस सूची के अनुसार सहायता-योजनाएं बनाते हैं।

कौन-सी शिक्षा सहायता उपलब्ध हैं?

छात्रवृत्ति, लाभांश, विशेष पाठ्यपुस्तक, अनुकूलन-उपकरण और परीक्षा-समायोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं, आवेदन प्रक्रिया में कानूनी सलाह सहायक है।

कानून के अनुसार कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं?

आजादी, समान अवसर, पहुँच, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुँच RPWD Act के अंतर्गत संरक्षित हैं।

अगर अधिकार उल्लंघन होता है तो क्या करें?

सबसे पहले स्थानीय विकलांग कल्याण कार्यालय से लिखित शिकायत करें, फिर यदि आवश्यक हो तो कानूनी सलाहकार से संपर्क करें और अदालत-प्रारम्भिक कार्रवाइयों के लिए मार्गदर्शन लें।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Association for the Blind (NAB) - विकलांग लोगों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और सेवाओं का राष्ट्रीय मंच।
  • National Centre for Promotion of Employment for Disabled People (NCPEDP) - रोजगार अवसर और कानूनी सहायता के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की संस्था।
  • Karnataka State Disability Welfare Department - बैंगलोर तथा पूरे राज्य के लिए विकलांग कल्याण कार्यक्रमों का संचालन अधिकारी-स्तर पर करता है।

महत्वपूर्ण official स्रोत:

“The Act provides for non-discrimination and equal opportunities for persons with disabilities.”

Source: Ministry of Social Justice and Empowerment, Government of India - socialjustice.nic.in

“Accessibility of public services and public places shall be ensured for persons with disabilities.”

Source: Sugamya Bharat Abhiyan - sugamyaindia.gov.in

“Education and employment opportunities for people with disabilities shall be protected and promoted.”

Source: The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 - India Code / official summaries

6. अगले कदम: विकलांगता वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपनी विकलांगता-स्थिति और आवश्यकताओं को स्पष्ट लिखित में तैयार करें (कौन सा मामला, कौन-सी सहायता चाहिए, समय-सीमा आदि).
  2. करे-क्या प्रकार की कानूनी सहायता चाहिए; उदाहरण: प्रमाणपत्र-सम्बन्धी, शिक्षा-समायोजन, रोजगार-प्रश्न, भत्ता-सम्बन्धी आदि तय करें।
  3. बेंगलुरु क्षेत्र के अनुभवी विकलांग कानूनी सलाहकार/वकील की सूची बनाएं; गुणवत्ता, अनुभव और फीस-पैटर्न जाँचें।
  4. सम्बन्धित संस्थाओं, विकलांग कल्याण विभाग और विश्वविद्यालयों के चिह्नित संपर्क से पहली परामर्श लें।
  5. प्रत्येक वकील/ advicate से पहले एक प्रारम्भिक बैठक में प्रश्न-सूची दें; फीस-चरण और अनुमानित समय ज्ञात करें।
  6. प्रयोजन-के अनुसार दस्तावेजों का संकलन करें; प्रमाणपत्र, आय प्रमाण-पत्र, पहचान-पत्र आदि सर्वोपयोगी रहते हैं।
  7. यदि आवश्यक हो तो अदालत-आदेश, समन या अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए आवेदन-पत्र दें और अदालत-निर्देशों का पालन करें।

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