बेंगलुरु में सर्वश्रेष्ठ गृह हिंसा वकील

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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Papireddy Associates

Papireddy Associates

15 minutes मुफ़्त परामर्श
बेंगलुरु, भारत

1974 में स्थापित
उनकी टीम में 22 लोग
English
Kannada
Hindi
Telugu
Tamil
वरुण पापिरेड्डी – अधिवक्ता, पापिरेड्डी एसोसिएट्समैं बेंगलुरु में अभ्यासरत अधिवक्ता हूँ, जो पापिरेड्डी...

2009 में स्थापित
English
Prime Legal बेंगलुरु में व्यापक कानूनी विशेषज्ञता का प्रतीक है, जो आपराधिक रक्षा, तलाक की कार्यवाही और नागरिक मुकदमों...
बेंगलुरु, भारत

2000 में स्थापित
English
रेड्डीज़ लॉ चैंबर्स भारत में कानूनी उत्कृष्टता का प्रतीक है, जो व्यापक विधिक क्षेत्रों में विशिष्ट सेवाएँ प्रदान...
Legal Access
बेंगलुरु, भारत

English
लीगल एक्सेस भारत में एक बहुआयामी विधिक फर्म के रूप में विशिष्टता रखती है, जो कई विधिक क्षेत्रों में व्यापक...
बेंगलुरु, भारत

English
हेमंत एंड एसोसिएट्स, 2002 में स्थापित, बैंगलोर, भारत में स्थित एक पूर्ण-सेवा कानून फर्म है। यह फर्म नागरिक कानून,...
SARVE PERMITS AND LEGAL ADVISORY  PVT. LTD.
बेंगलुरु, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Bengali
Panjabi
Bihari
Gujarati
Sanskrit (Saṁskṛta)
क्या आप कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आपको रातों को जगाती हैं? हमारे व्यापक लॉ फर्म की ओर देखें जो सभी...
Metro Law Firm
बेंगलुरु, भारत

2011 में स्थापित
English
2011 में स्थापित, मेट्रो लॉ फर्म को दक्षिण भारत के प्रमुख विधिक प्रथाओं में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है। फर्म...
Ditya law firm, Advocate
बेंगलुरु, भारत

2007 में स्थापित
English
बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित दित्य लॉ फर्म अपने ग्राहकों की विविध आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए कानूनी सेवाओं की...
बेंगलुरु, भारत

2010 में स्थापित
English
एएनआरए एसोसिएट्स बेंगलुरु आधारित एक विधिक फर्म है जिसकी स्थापना 2010 में हुई थी और जो प्रमुख अभ्यास क्षेत्रों में...
Dr Gubbi's HOUSE OF JUSTICE
बेंगलुरु, भारत

2014 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
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Kannada
Hindi
हम भारतीय कानूनों, निजी अंतर्राष्ट्रीय कानूनों-सीमापार विवाद-परिवार, बच्चे, तलाक; वाणिज्यिक मामलों, सीमा शुल्क,...
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भारत गृह हिंसा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें गृह हिंसा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
परिवार गृह हिंसा अभिभावकत्व परिसर दायित्व संपत्ति क्षति
उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा

हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।

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1 उत्तर
घरेलू हिंसा के मामले के बारे में जानने के लिए
गृह हिंसा
मेरी भाभी ने मुझे DV ACT के बारे में एक नोटिस भेजा है। मैं इस अदालत प्रक्रिया के बारे में जानना चाहता/चाहती हूँ।
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

क्या आप इसे विस्तार से साझा कर सकते हैं जैसे कि यह क्या नोटिस है, न्यायालय का नोटिस या कानूनी नोटिस... यदि यह कानूनी नोटिस है तो अपने वकील से इसका उत्तर देने को कहें या यदि यह न्यायालय का...

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1 उत्तर

1. बेंगलुरु, भारत में गृह हिंसा कानून के बारे में: बेंगलुरु, भारत में गृह हिंसा कानून का संक्षिप्त अवलोकन

केंद्र सरकार द्वारा अधिनिर्णीत Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) सभी भारतीय राज्यों में लागू है और बेंगलुरु सहित कर्नाटक के लिए भी मान्य है। यह अधिनियम महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए संरक्षित उपाय निर्धारित करता है।

An Act to provide for more effective protection of the rights of women victims of violence in domestic situations, and for matters connected therewith or incidental thereto.
यह प्रामाणिक शीर्षक अधिनियम का आधिकारिक उद्देश्य बताता है और इसके अंतर्गत सुरक्षा आदेश, निवास-निर्देश, मौद्रिक राहत और बच्चों की सुरक्षा शामिल हैं।

बेंगलुरु में DV के संरक्षण हेतु प्रत्यक्ष मार्ग्य अधिकारी, जिला न्यायालय, और पुलिस के सहयोग से जल्द-से-जल्द सुरक्षा आदेश जारी होते हैं। विशिष्ट राहतों में अस्थायी या स्थायी सुरक्षा आदेश, रहने का अधिकार, खर्च की राशि, और बच्चों के संरक्षण या देखरेख के आदेश सम्मिलित हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियां तथा नोडल अधिकारी (Protection Officer) पीड़ित को त्वरित सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नवीन परिवर्तन और स्थानीय अनुप्रयोग के संकेत के रूप में Karnataka में PWDVA के प्रावधानों के अनुरूप राज्य-स्तर पर दिशा-निर्देश और फॉर्म-प्रारूप तय हैं। भोतिक सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक सहायता भी एकीकृत की जा रही है ताकि बेलगाम हिंसा से पीड़ित महिलाएं शीघ्र सुरक्षित स्थान प्राप्त कर सकें।

कानून के आधिकारिक उद्धरण

An Act to provide for more effective protection of the rights of women victims of violence in domestic situations, and for matters connected therewith or incidental thereto.
(PWDVA, 2005 - लंबा शीर्षक)

PWDVA 2005 (PDF) - आधिकारिक पाठ

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: गृह हिंसा कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। बेंगलुरु, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

गृह हिंसा के मामलों में कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है ताकि सुरक्षा आदेश, निवास-आदेश, मौद्रिक राहत और वर्चस्वपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नीचे Bengaluru-specific परिदृश्य दिए हैं जिन्हें देखकर आप समझ पाएंगे कि कौन से परिस्थितियों में वकील की मदद महत्वपूर्ण है।

  • परिदृश्य 1: पति या ससुराल के अन्य सदस्य द्वारा शारीरिक हिंसा या मार-पीट की बार-बार घटनाओं के सामने आना। उदाहरण के तौर पर बेलफुट या करिमनगर के अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों में नियमित झगड़ों के बावजूद भी दबाव बढ़ना। एक कानूनी सलाहकार से सुरक्षा आदेश और मौद्रिक राहत के लिए मदद आवश्यक है।
  • परिदृश्य 2: धमकी, मानसिक दबाव या घरेलू हिंसा के मानसिक आघात से पीड़िता की सुरक्षा चिंता बढ़ना, विशेषकर जब आरोपी निकट-परिवार के सदस्य हों और निवास स्थान एक साथ साझा किया जा रहा हो।
  • परिदृश्य 3: आर्थिक उत्पीड़न-खाते बंद कर देना, घरेलू खर्चों से वंचित रखना या बैंक‑खाते पर नियंत्रण जैसी स्थितियाँ, Bengaluru के नागर‑निकाय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों में आम हैं। ऐसे मामलों में मौद्रिक राहत और आर्थिक संरक्षण जरूरी होते हैं।
  • परिदृश्य 4: बच्चों के पालन‑पोषण और देखरेख से जुड़ी जटिलताएं-दायित्व, Custody‑related relief और visitation arrangements के लिए कानूनी मार्गदर्शन चाहिए।
  • परिदृश्य 5: दहेज प्रथा या दुर्व्यवहार के मुद्दे-आमतौर पर IPC की धारा 498A के दायरे में आई घटनाओं के साथ DV के दायरे को भी संबद्ध किया जाता है, ताकि एक हीälle‑कानूनी कदम उठाए जा सकें।
  • परिदृश्य 6: टेक्नॉलॉजी के जरिये दुर्व्यवहार-चिट्ठियों, संदेशों, सोशल मीडिया पर धमकी आदि के मामले में सुरक्षा आदेश और एक्स‑पार्टी राहत की जरूरत पड़ती है।

इन स्थितियों में एक अनुभवशील advovate, legal aid कौन-सा relief उपाय सुझाएगा, कैसे फाइलिंग करें, कौन से दस्तावेज चाहिए आदि स्पष्ट होते हैं। कानून सलाहकार के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय करें ताकि आप सुरक्षित रूप से स्थिति संभाल सकें।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: बेंगलुरु, भारत में गृह हिंसा को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) - घरेलू हिंसा के पीड़ित महिलाओं के लिए संरक्षण, राहत और सुरक्षा आदेशों की प्रावधानियाँ।
  • Indian Penal Code 498A - पति या उसके रिश्तेदार द्वारा क्रूरता (Cruelty) के दायरे में आने पर गिरफ्तारी और दंड का प्रावधान।
  • IPC 354 / 354D / 506 - महिला की-modesty के विरुद्ध अपराध, धमकी व stalking आदि पर निर्भर आरोप।
  • CrPC Section 125 - Maintenance के लिए न्यायालय से मौद्रिक राहत माँगना, DV संदर्भ में कई मामलों में सहायक।
  • Karnataka State Rules under PWDVA / Family Court प्रावधान - Karnataka‑specific कार्यप्रणाली और फॉर्मेट, DV आदेशों के निष्पादन के लिए स्थानीय न्यायालय‑निर्देश।

बेंगलुरु में DV निवारण के लिए Family Court, Bengaluru Rural/Urban जिला न्यायालयों में Protection Orders, Residence Orders और Monetary Relief के आवेदन दाखिल होते हैं। कानून‑एजेंसियाँ और नोडल अधिकारी शिकायत दर्ज कराने के लिए मार्गदर्शन देते हैं।

नोट: Karnataka में PWDVA के क्रियान्वयन के लिए KSLSA और BDLSA जैसे संस्थान सक्रिय रहते हैं। आधिकारिक दिशानिर्देश और फॉर्म्स के लिए ऊपर दिए गए सरकारी स्रोत देखें।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गृह हिंса क्या है?

गृह हिंसा में शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा, मौखिक या भावनात्मक दुरुपयोग, आर्थिक दमन और धमकी शामिल हो सकते हैं। यह domestic relations में होने वाले सभी प्रकार के हिंसक व्यवहार को कवर करता है।

कौन आवेदन कर सकता है?

त्वरित सुरक्षा आदेश के लिए पति, पत्नी, साथी या घर के अन्य सदस्य शिकायत दर्ज करा सकते हैं, बशर्ते वे घरेलू संबंध में हों। विकलांगता या सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बावजूद संरक्षण उपलब्ध है।

मैं किस तरह प्राथमिकी लिख सकता/सकती हूँ या DV शिकायत दर्ज करा सकता/सकती हूँ?

तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं या Protection Officer के सामने DV आवेदन दायर करें। अस्थायी सुरक्षा आदेश Ex parte भी जारी किए जा सकते हैं।

मुझे किन राहतों की उम्मीद हो सकती है?

Protection Order, Residence Order, Monetary Relief, Care and Custody of Children, और आवश्यकता अनुसार अन्य राहतें दी जा सकती हैं।

क्या मैं अदालत के बाहर सुरक्षा पाऊँगी?

हाँ, DV मामले में जल्दी-से-जल्दी Shelter Homes या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण की सुविधा भी ली जा सकती है।

क्या मुझे वकील चाहिए?

प्रारम्भिक चरणों में किसी कानूनी विशेषज्ञ की सलाह से सही दस्तावेज, आवेदन‑फॉर्म और तिथि तय करना आसान होता है।

कौनसा समयरेखा है?

आवेदन के बाद अस्थायी आदेश कुछ ही दिनों में मिल सकता है; पूर्ण निर्णय में कुछ सप्ताह से कुछ महीनों तक का समय लग सकता है, स्थिति पर निर्भर।

क्या पुलिस DV मामलों में मदद कर सकती है?

हाँ, पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने, सुरक्षा योजना बनाने और आवश्यक सुरक्षा उपायों के लिए मार्गदर्शन दे सकती है।

क्या पुरुषों के लिए भी DV सहायता उपलब्ध है?

PWDVA केंद्रित रूप से महिलाओं के लिए बना है, पर कुछ हालात में पुरुष पीड़ित भी IPC/CrPC के अंतर्गत सुरक्षा लाभ पा सकते हैं, या अन्य कानूनी संरक्षण के लिए सलाह ले सकते हैं।

क्या मुझे मुफ्त कानूनी सहायता मिल सकती है?

हाँ, KSLSA और BDLSA जैसे संस्थान जरुरतमंद व्यक्तियों को मुफ्त या लागत‑कम कानून सहायता प्रदान करते हैं।

क्या शिकायत वापस लेने पर पुनः सुनवाई होगी?

हां, यदि कोई व्यक्ति अग्रिम राहतों के बाद नई जानकारी लाता है या अदालत से अनुरोध करता है, तो मामले की समीक्षा संभव है।

क्या सुरक्षा आदेश appeal किया जा सकता है?

हाँ, सुरक्षा आदेश के against appeal Sessions Court में संभव है। समय-सीमा आम तौर पर 30-60 दिन के बीच होती है, कानून‑विधि के अनुसार जगह के अनुसार भिन्न हो सकता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Commission for Women (NCW) - आधिकारिक सहायता और मार्गदर्शन के लिए: ncw.nic.in
  • Karnataka State Legal Services Authority (KSLSA) - मुफ्त कानूनी aid और DV मामलों के लिए मार्गदर्शन: kslsa.kar.nic.in
  • Bengaluru Urban District Legal Services Authority (BDLSA) / जिला दैनन्दिन-कालिक कानूनी सहायता - Bengaluru urban क्षेत्र के रहने वालों के लिए कानून‑सेवा संपर्क: districts.ecourts.gov.in/bangalore

इन संगठनों के माध्यम से आप मुफ्त कानूनी सलाह, लॉयर्स से मुफ्त कॉन्सलटेशन और DV से संबंधित सरकारी सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

6. अगले कदम

  1. अपने नजदीकी DV हेल्पलाइन या पुलिस स्टेशन से तत्काल सुरक्षा पर योजना बनाएं।
  2. PWDVA‑अधिनियम के तहत Protection Officer या District Legal Services Authority से संपर्क करें।
  3. ऑनलाइन या स्थानीय सरकारी निर्देशिका से एक अनुभवी वकील/कानूनी सलाहकार चुनें जो DV मामलों में अनुभव रखता हो।
  4. अपनी दुर्घटना‑दस्तावेज़ जुटाएं-पहचान पत्र, विवाह प्रमाणपत्र, विवाह‑स्थानीय रिकॉर्ड, बच्चे के दस्तावेज और आर्थिक दाखिले के प्रमाण।
  5. DV‑फाइलिंग के लिए आवश्यक फॉर्म्स और आदेशों के बारे में सलाह लें, ताकि आप सत्यापित प्रक्रिया का पालन करें।
  6. Protection order, रहने के स्थान, और मौद्रिक राहत के लिए एक स्पष्ट योजना बनाएं।
  7. अगर आवश्यकता हो, Local NGOs या KSLSA के साथ Free Legal Aid के लिए आवेदन करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से बेंगलुरु में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, गृह हिंसा सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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