हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ गृह हिंसा वकील

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Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
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भारत गृह हिंसा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

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क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
परिवार गृह हिंसा अभिभावकत्व परिसर दायित्व संपत्ति क्षति
उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा

हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।

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घरेलू हिंसा के मामले के बारे में जानने के लिए
गृह हिंसा
मेरी भाभी ने मुझे DV ACT के बारे में एक नोटिस भेजा है। मैं इस अदालत प्रक्रिया के बारे में जानना चाहता/चाहती हूँ।
वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा

क्या आप इसे विस्तार से साझा कर सकते हैं जैसे कि यह क्या नोटिस है, न्यायालय का नोटिस या कानूनी नोटिस... यदि यह कानूनी नोटिस है तो अपने वकील से इसका उत्तर देने को कहें या यदि यह न्यायालय का...

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1. हरियाणा, भारत में गृह हिंसा कानून के बारे में

गृह हिंसा से सुरक्षा के लिए भारत में मुख्य कानून Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) लागू है। यह अधिनियम हरियाणा के निवासियों पर भी समान रूप से लागू होता है और महिलाओं को सुरक्षा, संरक्षण और कानूनी सहायता प्रदान करता है।

PWDVA के अंतर्गत घरेलू हिंसा के मायने में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक दबाव और धमकी जैसी विविध गतिविधियाँ शामिल हैं। भारत के किसी भी राज्य की तरह हरियाणा में भी अदालतें, संरक्षण अधिकारी और आश्रय गृह के प्रावधान इस अधिनियम के अनुरूप काम करते हैं।

उद्धरण -

“An Act to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence in the family.”
- Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005, Preamble (indiacode.nic.in)

“Whoever being the husband or the relative of the husband of a woman, subjects such woman to cruelty…”
- Indian Penal Code Section 498A (indiacode.nic.in)

हरियाणा राज्य में महिलाओं के लिए सोच-समझकर सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं, जैसे आपात संरक्षण आदेश, आवासीय संरक्षण, वित्तीय सहायता और निःशुल्क कानूनी सहायता। आधिकारिक स्रोतों पर अधिनियम का पाठ और व्याख्या देखें ताकि स्थानीय कोर्ट-प्रक्रिया स्पष्ट रहे।

संकेत दें - हरियाणा के निवासी यदि घरेलू हिंसा की स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो सबसे पहले स्थानीय पुलिस, जिला विवेकशील सेवाओं के त्वरित मार्गदर्शन और जिला अदालत के आवेदन-प्रक्रिया के बारे में जागरूक रहें।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

गृह हिंसा मामले में कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता की आवश्यकता कई परिस्थितियों में स्पष्ट हो जाती है। नीचे हरियाणा के संदर्भ में 4-6 विशिष्ट परिदृश्य दिए गए हैं।

  • परिस्थितियाँ where immediate 보호-आदेश चाहिए - घर के बाहर या भीतर होने वाली हिंसा के कारण आपात संरक्षण निर्गम के लिए त्वरित आवेदन करना होता है। एक कानूनी सलाहकार यह सुनिश्चित करेगा कि आवेदन सही फॉर्म और उपयुक्त अदालत में जाए।

  • तकनीकी-धन-समर्थन और संरक्षण-आदेश - वित्तीय सहायता, सुरक्षा-उपाय और आश्रय के आदेश के लिए वकील आपत्ति-शासन और उचित अदालत-उच्चारण में मदद करेगा।

  • LIVE-IN रिलेशनशिप के मामले - अगर आप हरियाणा में live-in पार्टनर हैं और हिंसा या दबाव का सामना कर रहे हैं, कानून की सीमाओं को समझना आवश्यक है; अधिवक्ता आपको उचित राहत के विकल्प समझाएगा।

  • आर्थिक हिंसा और रख-रखाव - पारिवारिक-आय-नुकसान, खर्चों से रोकथाम और भरण-भत्ते के लिए विधिक मार्गदर्शन चाहिए होता है। एक वकील आपके लिए Section 20 PWDVA या अन्य राहत के उपाय सुझा सकता है।

  • FIR-पुलिस-प्रक्रिया में कठिनाई - यदि पुलिस FIR दर्ज करने में देरी करे या दबी-गई शिकायतों पर क्रिया-प्रतिक्रिया दे, तो कानूनी सलाहकार आपकी सुरक्षा-कार्यवाही को पारदर्शी बनाता है और उचित कोर्ट-फाइलिंग में मदद करता है।

  • कैसे अदालत-प्रक्रिया आगे बढ़े - अदालत के समक्ष घरेलू हिंसा से जुड़े देखने, गवाह-साक्ष्य और मेडिकल-प्रमाण के आधार पर उचित राहत के लिए एक समर्थ अधिवक्ता मार्गदर्शन देता है।

हरियाणा में रहने वाले व्यक्तियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित वकील से मिलकर अपने केस की रणनीति बनाएं और स्थानीय अदालत के नियमों के अनुसार कदम उठाएं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

हरियाणा के निवासी गृह हिंसा से निपटने के लिए राष्ट्रीय कानूनों के साथ-साथ राज्य-स्तरीय प्रशासन और सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। नीचे 2-3 विशिष्ट कानूनों के नाम और मूल उद्देश्य दिए गए हैं।

  1. Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) - महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा, राहत और कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए एक केंद्रित कानून है; हरियाणा में इसे अदालतें और संरक्षक-प्रति-स्थापन के साथ लागू किया जाता है।

  2. Indian Penal Code, Section 498A - पति या पति के रिश्तेदार द्वारा महिलाओं के प्रति क्रूरता के अपराध के लिए दंड निर्धारण को सक्षम बनाता है; PWDVA के साथ मिलकर सुरक्षा-उपायों को मजबूत करता है।

  3. Dowry Prohibition Act, 1961 - दहेज प्रथा के विरुद्ध कानून, घरेलू हिंसा के कारण होने वाले दहेज-तकरार और दहेज-उत्पीड़न रोकने में सहयोग करता है।

हरियाणा में इन कानूनों के तहत अदालतें, पुलिस और यूनिट-स्तरीय सहायता केंद्र मिलकर काम करते हैं। सरकारी स्रोतों से अधिनियमों का मौलिक पाठ पढ़ना उपयुक्त रहता है ताकि स्थानीय-प्रক্রिया स्पष्ट रहे।

उद्धरण -

“An Act to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence in the family.”
- Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (indiacode.nic.in)

“Whoever being the husband or the relative of the husband of a woman, subjects such woman to cruelty…”
- Indian Penal Code Section 498A (indiacode.nic.in)

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या Domestic Violence Act हरियाणा में लागू है?

हाँ, PWDVA 2005 पूरे भारत में लागू है और हरियाणा के निवासी भी इसके प्रावधानों के अंतर्गत सुरक्षा, राहत और कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कौन सा मामला किस कोर्ट में जाता है?

PWDVA के अंतर्गत राहत-आदेश आम तौर पर जिला मजिस्ट्रेट, ट्राइबल/जुड़वा अदालत या फैमिली-कॉर्ट के समक्ष दायर होते हैं; क्षेत्र-आधारित न्याय-क्षेत्र आवेदन स्वीकार करता है।

क्या मैं बिना वकील के आवेदन कर सकता हूँ?

हाँ, आप आवेदन कर सकते हैं; लेकिन एक कानूनी सलाहकार सहायता से सुरक्षित-आदेश, गवाह-सहायता और सचित्र-प्रमाण सुनिश्चित कर सकता है।

क्या मैं पुलिस-रिपोर्ट के बाद भी राहत माँग सकता हूँ?

हाँ, आप पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी संरक्षण-आदेश और अन्य राहत मांग सकते हैं; न्यायालय तुरंत आदेश दे सकता है।

धन-आश्रय और रख-रखाव कैसे मिलता है?

PWDVA के अंतर्गत आर्थिक सहायता और भरण-भत्ते जैसी राहत को लेकर आवेदन किया जा सकता है; अदालत आवश्यकतानुसार राहत-निर्गम दे सकती है।

हम किस प्रकार के प्रमाण दे सकते हैं?

फिजिकल इंजरी, चिकित्सा-रिपोर्ट, देर-ночित संदेश, रिकॉर्डेड कॉल-एक्सचेंज, सोशल-वेलफेयर नोट्स आदि प्रमाण के रूप में दिए जा सकते हैं।

Live-in रिलेशनशिप में सुरक्षा कैसे मिलेगी?

PWDVA के दायरे में रहने वाले live-in पार्टनर भीSome स्थितियों में अदालत से राहत के लिए आवेदन कर सकते हैं; स्पष्टता के लिए वकील से सलाह लें।

यदि शिकायत दर्ज नहीं होती, तो क्या करें?

फौरन कानून-निर्देशक शिकायत लिखें, NCW या HSLSA जैसे कानूनी-सहायता संस्थाओं से मार्गदर्शन लें; आवश्यक हो तो वैधानिक सहायता के लिए अदालत से निर्देश लें।

कौन से प्रमाण सबसे प्रभावी होते हैं?

चिकित्सा प्रमाण, ड्रामेटिक-रिकॉर्ड, गवाही, और रिकॉर्डेड संवाद सभी प्रभावी प्रमाण बनते हैं; अधिवक्ता इनको सही ढंग से प्रस्तुत करेगा।

यदि प्रतिवादी शिकायत-तथ्यों से इनकार करे?

तथ्यों की पुष्टि के लिए वैधानिक प्रमाण और गवाह-स्वीकृति चाहिए होगी; अदालत उचित परीक्षण के बाद राहत-ऑर्डर दे सकती है।

क्या मैं फिर से घरेलू हिंसा की स्थिति में सुरक्षा मांग सकता हूँ?

हाँ, आप बार-बार सुरक्षा-आदेश और अन्य राहत के लिए अदालत में प्रस्तुत कर सकते हैं; जीवन-स्थिति के अनुसार बदलाव संभव है।

क्या हरियाणा में पब्लिक-इन्फोर्समेंट agencies मदद करते हैं?

हाँ, हरियाणा में पुलिस, महिला-कल्याण विभाग और जिला-स्तरीय कानूनी-सेवा केंद्र सहायता देते हैं; किसी भी आपात स्थिति में 100 नम्बर या 181/102 हेल्पलाइन का उपयोग करें।

कानूनी सहायता कैसे मिले?

भारत में कानून-निर्माता मुफ्त कानूनी सहायता के प्रावधान रखते हैं; HSLSA और न्याय-मित्र संगठनों से संपर्क करके मुफ्त या कम-शुल्क वकील मिल सकता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

नीचे घरेलू हिंसा से जुड़ी मदद के विश्वसनीय संगठन दिए गए हैं जिनके साथ आप संपर्क कर सकते हैं:

  • राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) - आधिकारिक वेबसाइट पर मार्गदर्शन और शिकायत-प्रक्रिया उपलब्ध है। ncw.nic.in
  • Protection of Women from Domestic Violence Act - अधिनियम के पाठ और आधिकारिक विवरण के लिएindiacode.nic.in देखें। indiacode.nic.in
  • जनरल महिला सुरक्षा सेवाएं (WCD Department, Haryana) - हरियाणा में महिला सुरक्षा से जुड़ी सूचना और हेल्पलाइन की जानकारी के लिए राज्य डिपार्टमेंट साइट देखें. wcdharyana.gov.in

6. अगले कदम

  1. अगर किसी प्रकार की हिंसा हो रही हो तो सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर रहें और तत्काल सहायता के लिए पुलिस को बुलाएं।
  2. स्थानीय पुलिस थाने में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं ताकि संक्षिप्त प्रॉफ-फार्मा तैयार हो सके।
  3. PWDVA के तहत आपात-आदेश के लिए जिला मजिस्ट्रेट या अदालत में आवेदन करें।
  4. कानूनी सहायता के लिए एक प्रमाणित अधिवक्ता से मिलकर योजना बनाएं।
  5. गवाह-आसक्ति के लिए सही दस्तावेज जुटाएं, जैसे मेडिकल-रिपोर्ट, संदेश (SMS/WhatsApp) रिकॉर्ड आदि।
  6. स्थानीय Shelter Home या सुरक्षा-ऑफिस से सहायता लें ताकि अनुशासनिक-सेवा मिल सके।
  7. खुद के लिए एक सुरक्षा-योजना बनाएं और किसी भी बदलाव पर अपने अधिवक्ता को अपडेट करें।

आधिकारिक स्रोत उद्धरण

PWDVA 2005 का पेराम्बल: “An Act to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence in the family.” - indiacode.nic.in

498A IPC का प्रमुख वाक्य: “Whoever being the husband or the relative of the husband of a woman, subjects such woman to cruelty…” - indiacode.nic.in

आधिकारिक पाठ और विवरण के लिए देखें:

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