हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ परिवार वकील

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पारिवारिक वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Oberoi Law Chambers
हरियाणा, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
English
Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
जैसा कि देखा गया

भारत परिवार वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 10 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें परिवार के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

मुझे यह जानने के लिए परामर्श चाहिए कि क्या मेरे लिए तलाक एक सही निर्णय है, मेरे पति द्वारा शारीरिक दुर्व्यवहार के बाद
परिवार
मेरी शादी को साढ़े एक साल हो चुका है और मेरे पति ने मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है। उन्होंने मुझे थप्पड़ मारा और बेल्ट से पीटा। हालांकि यह पहली बार है जब उन्होंने मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है, लेकिन इन साढ़े एक सालों के रिश्ते में...
वकील का उत्तर Qadeer Ahmad Siddiqi Law Associates द्वारा

मुझे वास्तव में खेद है कि आपने यह अनुभव किया। किसी को भी विवाह में शारीरिक या मानसिक शोषण का सामना नहीं करना चाहिए। पाकिस्तानी कानून के तहत एक भी हिंसा की घटना को बहुत गंभीरता से लिया जाता है,...

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क्या आप कैथोलिक विवाह में सहायता करते हैं?
परिवार
अस्वीकरण और चर्च विवाह में सहायता
वकील का उत्तर mohammad mehdi ghanbari द्वारा

नमस्ते, सुप्रभातबिलकुल, मैं आपको नौकरी से पेशेवर ढंग से इस्तीफा देने और एक कैथोलिक विवाह की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्रदान करने में सहायता कर सकता हूँ।नौकरी से इस्तीफा देनाकिसी नौकरी से इस्तीफा देते समय इसे पेशेवर ढंग से...

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क्या एक ही दिन में अंतरधार्मिक विवाह संभव है?
परिवार
क्या वहाँ समान दिन अंतर-धार्मिक विवाह संभव है
वकील का उत्तर mohammad mehdi ghanbari द्वारा

नमस्ते, सुप्रभातहाँ, एक ही दिन पर अंतर-धार्मिक विवाह संभव है, लेकिन यह पर्याप्त रूप से उस देश के कानूनों पर निर्भर करता है जहाँ विवाह होता है और युगल के विशिष्ट धर्मों पर भी। कुछ देश और धर्म अंतर-धार्मिक विवाह...

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1. हरियाणा, भारत में परिवार कानून का संक्षिप्त अवलोकन

हरियाणा में परिवार कानून मुख्य रूप से केंद्र सरकार के व्यक्तिगत कानूनों और भारतीय दंड-विधि संहिता के प्रावधानों पर आधारित है। यह विवाह, तलाक, पालन-पोषण, सम्पत्ति, संरक्षण और बच्चों के अधिकार से जुड़े मामलों को कवर करता है। हरियाणा में परिवार अदालतें 1994 से इन विवादों के त्वरित समाधान के लिए स्थापित हैं।

राज्य में बच्चों के संरक्षण, दायित्व-निर्वाहन और विवाह-सम्बन्धी विवादों के लिए विशेष न्यायिक तंत्र मौजूद है। हरियाणा परिवार न्यायालय अधिनियम, 1994 के अंतर्गत जिला स्तर पर फेमिली कोर्ट स्थापित हैं ताकि मामलों की गति तेज हो सके।

“An Act to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence of any kind occurring within the family.”

यह DV अधिनियम महिलाओं के लिए घरेलू हिंसा के विरुद्ध संरक्षित अधिकार सुनिश्चित करता है। यह आधिकारिक स्रोत से लिया गया भाव है।

DV Act, 2005 - आधिकारिक स्रोत
“The daughter of a coparcener shall have the same rights in the coparcenary property as the son.”

यह अधिकार हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम-1956 में 2005 के संशोधन द्वारा धारा-6 में जोड़ा गया है। यहությանը हरियाणा में संपत्ति के अधिकारों पर प्रभाव डालता है।

Hindu Succession Act ( Amend‑ed 2005) - आधिकारिक पाठ
“The Magistrate may, upon proof of neglect or refusal to maintain, order maintenance of a wife, child or parent.”

धारा 125 CrPC के तहत maintainance (पालन-पोषण) के आदेश दिये जाते हैं। यह,全国भर के वे दंपत्ति और परिवार सदस्यوں के लिए लागू है जिनमें आर्थिक असमानता रहती है।

Code of Criminal Procedure (Section 125) - आधिकारिक स्रोत

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • तलाक और कानूनी प्रक्रिया‑तैयारी - हरियाणा के Gurgaon, Faridabad, Rohtak आदि जिलों में तलाक, तलाक‑पूर्व समझौते और धारा‑13‑B (Mutual Divorce) के लिए अधिवक्ता की आवश्यकता होती है। एक कानूनी सलाहकार प्रक्रिया को सरल बनाता है और कागजी कार्य सही तरह से करता है।

  • पालन‑पोषण और दायित्व - Section 125 CrPC के अनुसार निर्धारित maintenance को अदालत तक पहुँचाने हेतु वकील की भूमिका महत्वपूर्ण है ताकि भुगतान नियमित बन सके।

  • घरेलू हिंसा के मामलों में सुरक्षा व राहत - DV Act के अंतर्गत सुरक्षा‑आदेश, शेल्टर और राहत के लिए एक सक्षम legal counsel जरूरी होता है, खासकर Rohtak‑Rohtak से जुड़े मामलों में।

  • बच्चों की संरक्षा और Guardianship - Guardians and Wards Act के अंतर्गत बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और भविष्य की guardianship तय करने के लिए अनुभवी अधिवक्ता चाहिए।

  • संपत्ति‑संबन्धी अधिकार - coparcenary rights (पिता की संपत्ति में बेटी के अधिकार) और तलाक‑पश्चात संपत्ति बंटवारे में सही कानूनी मार्गदर्शन जरूरी है।

  • धार्मिक‑आधारित विवाह विवाद - हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई विवाह कानूनों के अनुसार अलग‑अलग पक्षों की धाराओं के हिसाब से सही राय चाहिए।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • हिन्दू मैरिज एक्ट, 1955 - हिन्दू विवाह के पंजीकरण, न्यूनतम आयु, वैधानिक void‑ta de rules आदि। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पाठ देखें।
  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 - घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण के उपाय, सुरक्षा‑आदेश और राहत‑ Packages। आधिकारिक स्रोत देखें।
  • Guardians and Wards Act, 1890 - बच्चों की guardianship, custody, visitation rights आदि का कानूनी ढांचा। अधिक जानकारी हेतु आधिकारिक पन्ने देखें।

हरियाणा में इन कानूनों के अनुप्रयोग के लिए राज्य‑स्तर पर Family Courts और District Legal Services Authorities सक्रिय हैं।

HSLSA - हरियाणा राज्य कानूनी सहायता संस्थान

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तलाक के लिए मुझे क्या‑क्या कागज चाहिए?

पहचान शुल्क, विवाह पंजीकरण प्रमाण, आय प्रमाण, बच्चे के जन्म प्रमाण, विवाह के प्रमाण आदि सामान्य आवश्यक होते हैं। local court की मांग के अनुसार अन्य दस्तावेज भी मांग सकते हैं।

हरियाणा के अंदर तलाक कैसे दायर किया जाता है?

जिला अदालत के पास द्वार‑दर‑द्वार आवेदन या ऑनलाइन माध्यम से दायर किया जा सकता है। विशेषज्ञ अधिवक्ता अंतिम निर्णय तक मार्गदर्शन देंगे और papel‑work संभालेंगे।

पोषण की मांग कैसे खोली जा सकती है?

Section 125 CrPC के अंतर्गत मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन देकर maintenance order लिया जा सकता है। अदालत निर्णय समय पर दे यह जरूरी है।

घरेलू हिंसा में मुझे क्या सुरक्षा मिलती है?

DV Act के तहत सुरक्षा‑आदेश, संरक्षण, आवास और राहत दिए जा सकते हैं। किसी भी प्रकार की हिंसा होने पर कानून मदद देता है।

बच्चों की संरक्षा के लिए कौन‑सा कानून लागू होता है?

Guardians and Wards Act 1890 बच्चों की guardianship और custody के निर्णय में प्राथमिक कानून है।

डायनमिक-टालाक के बारे में मुझे क्या पता होना चाहिए?

1999‑2019 के बीच मुस्लिम‑विवाह में Talaq‑e‑Biddat को रोकने के लिए कानून बना। मुस्लिम महिलाएं सुरक्षा‑हा मंत्री से अधिकारों के अनुरोध कर सकती हैं।

न्यायालय में शिकायत कैसे दर्ज करें?

सबसे पहले एक स्थानीय वकील से मिलें, फिर FIR/कथन, आवेदन और दस्तावेज प्रस्तुत करें। हरियाणा‑जिला कोर्ट में प्रक्रिया क्रमिक रूप से पूरी होगी।

क्या मैं मुफ्त कानूनी सहायता पा सकता/सकती हूँ?

हाँ, हरियाणा में DLSA/HSLSA के जरिए मुफ्त या कम शुल्क पर वकालत मिल सकती है। आवश्यक दस्तावेज के साथ आवेदन करें।

कंपनी‑सम्बन्धी उपलबधियाँ क्या मायने रखती हैं?

कानूनी सहायता में परिवार‑कानून से जुड़ी गवाही, चिकित्सा प्रमाण और आय‑प्रमाण जैसी चीजें मदद करती हैं।

क्या मैं एक ही वकील के साथ कई मामलों पर काम कर सकता/सकती हूँ?

यह संभव है, पर हर मामले को अलग‑अलग रणनीति और दूरी‑अवधी की जरूरत होती है। विशेषज्ञ से सलाह लें।

हमें कब अदालत की अपील करनी चाहिए?

अगर आप निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं तो appellate court में जाना उचित है। वकील आपको सही समय बताएंगे।

डायरेक्टरी में Haryana के कौन‑से शहर शामिल हैं?

Gurgaon, Faridabad, Rohtak, Hisar, Karnal, Panipat आदि जिलों में परिवार अदालतें सक्रिय हैं।

क्या हिंदू विवाह के अलावा अन्य समुदायों के कानून Haryana में लागू होते हैं?

हाँ, मुस्लिम, ईसाई, सिख आदि समुदायों के स्वयं के व्यक्तिगत कानून Haryana में लागू रहते हैं।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • हरियाणा राज्य कानूनी सहायता प्राधिकरण (HSLSA) - नि:शुल्क कानूनी सहायता और मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें। HSLSA
  • राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और सहायता कार्यक्रमों के लिए साइट। NALSA
  • डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) - हरियाणा - स्थानीय अदालतों के लिए कानूनी सहायता और सूचना। DLSA

6. अगले कदम

  1. अपने मुद्दे को स्पष्ट करें और लक्ष्य तय करें (तलाक, custody, maintenance आदि).
  2. विश्वसनीय वकील‑निर्देशन के लिए परिवार अदालतों, DLSA या HSLSA से संपर्क करें।
  3. कम से कम 2-3 स्थानीय अधिवक्ता से मुलाकात करें और उनके अनुभव पूछें।
  4. आपके केस के लिए आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करें (पहचान, विवाह‑प्रमाण, बच्चे के प्रमाण आदि).
  5. फीस‑नीति, समय‑रेखा और संभावित परिणाम समझें; कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति दें।
  6. कानूनी सहायता के लिए डाक्यूमेंट्स और आवेदन‑फॉर्म भरवाएं।
  7. यदि संभव हो तो मुकदमे की पहले से‑सन्निवेशन/समझौता की कोशिश करें ताकि केस कम समय में हल हो सके।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से हरियाणा में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, परिवार सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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