मुंबई में सर्वश्रेष्ठ रोज़गार लाभ एवं कार्यकारी मुआवजा वकील

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Abhijit Joshi Veritas Legal
मुंबई, भारत

2015 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
Veritas में, हम मानते हैं कि भारत के निरंतर बदलते कानूनी परिदृश्य में हम एक अनूठा प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं।हम गहराई...
ALMT Legal
मुंबई, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
ALMT लीगल एक गतिशील और प्रगतिशील पूर्ण सेवा भारतीय लॉ फर्म है जो उच्च गुणवत्ता वाली भारतीय विशेषज्ञता को...
MZM Legal
मुंबई, भारत

2005 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
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हमारे बारे मेंMZM लीगल एक पूर्ण-सेवा लॉ फर्म है, जिसमें मुंबई और नई दिल्ली से आधारित 55 वकीलों की समर्पित टीम है, जिसे...

2001 में स्थापित
English
सरोश दमणिया एंड को सुप्रीम - बॉम्बे हाई कोर्ट आंधेरी, मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित कानून फर्म है, जिसे विमानन, बीमा,...
begur and partners
मुंबई, भारत

1996 में स्थापित
English
बेगुर एंड पार्टनर्स, पूर्व में एआरए लॉ के नाम से जाना जाता था, 1996 में स्थापित एक गतिशील प्रथम-पीढ़ी की विधिक फर्म है,...
Fountainhead Legal
मुंबई, भारत

2023 में स्थापित
English
Fountainhead Legal, जिसे 2022 में कर विशेषज्ञ रश्मि देशपांडे ने स्थापित किया था, मुंबई स्थित एक विधिक फर्म है जो कर कानूनों,...
SRV LEGAL LLP
मुंबई, भारत

2016 में स्थापित
English
एसआरवी लीगल एलएलपी, जिसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है, एक फुल-सर्विस लॉ फर्म है जो विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक...
Rajan Malkani & Co
मुंबई, भारत

1976 में स्थापित
English
1976 में स्थापित, रंजन मालकानी एंड कंपनी भारत के सबसे पुराने लॉ फर्मों में से एक है, जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित...
जैसा कि देखा गया

1. Mumbai, India में Employment Benefits & Executive Compensation कानून के बारे में: Mumbai, India में Employment Benefits & Executive Compensation कानून का संक्षिप्त अवलोकन

मुंबई, महाराष्ट्र में Employment Benefits और Executive Compensation का कानून का ढांचा केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर निर्धारित है. प्रमुख ढाँचे में EPF, ESI, बोनस, ग्रैच्यूटी तथा प्रबंधकीय वेतन से जुड़ी नियमावली शामिल हैं. व्यवसायों को इन अधिकारों को सही तरीके से लागू करना आवश्यक है ताकि कर्मचारियों के हित सुरक्षित रहें.

Code on Wages, 2019 का उद्देश्य वेतन से जुड़ी धारणाओं को एक साथ लाना है. यह केंद्रीय स्तर पर प्रस्तावित कानून है और महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों पर प्रभाव डालता है. लागू होने के चरणों में कुछ प्रावधान अभी भी_RULES_ के साथ पूरी तरह निर्धारित नहीं हैं.

Mumbai में प्रवर्तन एजेंसियाँ प्रमुख रूप से EPFO, ESIC और MCA हैं; SEBI का दायरा अधिकतर सूचीबद्ध कंपनियों तक सीमित है. छोटे उद्योगों के लिए महाराष्ट्र Shops and Establishments Act भी महत्वपूर्ण हो सकता है. क्षेत्रीय विशिष्टता के कारण Mumbai के लिए compliance की डिटेल्स विशेष हो सकती हैं.

Official note: "Every establishment employing twenty or more workers is required to contribute to the Employees' Provident Fund."
Official note: "ESI provides medical care and cash benefits to insured workers and their dependents."
Official note: "Code on Wages consolidates wage related legislations to simplify compliance for employers and employees."

उद्धृत आधिकारिक स्रोत: EPFO, ESIC, MCA के आधिकारिक पन्ने देखें ताकि Mumbai क्षेत्र के लिए सही दायरे और दरें मिल सकें. लिंक नीचे अनुभाग 5 में दिए गए हैं.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: Employment Benefits & Executive Compensation कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Mumbai, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

  • EPF और ESIC दायित्वों में देरी या गलत अनुपालन- Mumbai-स्थित एक टेक्नोलॉजी स्टार्टअप में वेतन शुल्क से EPF/ESI योगदान सही समय पर नहीं किया गया था. ऐसी स्थिति में कानूनी सलाह से आवेदन, पंजीकरण और ट्रैकिंग प्रक्रियाओं को सही किया जा सकता है. इससे कर्मचारी लाभ समय पर मिलेंगे और भविष्य के जुर्माने से बचेंगे.

  • ESOP वेस्टिंग और टैक्स-समझौते- मुंबई-आधारित कंपनी में executives के ESOPs वेस्टिंग शर्तों पर विवाद हो सकता है. वैधानिक नियमों के अनुसार vesting schedules, lock-in periods और tax implications स्पष्ट होने चाहिए ताकि litigation से बचा जा सके.

  • managerial remuneration के ceiling और shareholder approval- एक Mumbai-listed कंपनी में प्रमुख प्रबंधक के वेतन पर ceilings पार होने का प्रश्न उठ सकता है. ऐसे मामलों में शेयरहोल्डर मंजूरी और केंद्रीय ग्रुप approval जरूरी हो सकता है.

  • बोनस, ग्रैच्यूटी या provident fund के भुगतान में विवाद- कर्मचारियों को बोनस (Payment of Bonus Act) या ग्रैच्यूटी (Gratuity Act) के अनुसार भुगतान न हो रहा हो तो अदालत या तटस्थ तंत्र में मामला बन सकता है.

  • कॉन्ट्रैक्ट-ड्राफ्टिंग और रिटेनर पैकेज negotiations- Mumbai-आधारित कंपनी अभिनव वेतन पैकेज, RSU, stock options, perquisites आदि की कानूनी रूपरेखा ठीक कराने के लिए अनुभवी advिक से मदद लेनी चाहिए.

  • termination और severance से जुड़े मुद्दे- अनुबंध समाप्ति पर सम्मानजनक सेवार्थ, non-compete और post-employment obligations की सही परिकल्पना के लिए Lawyers की मदद जरूरी है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: Mumbai, India में Employment Benefits & Executive Compensation को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  1. Employees' Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act, 1952-यह पेंशन और provident fund के लिए बेसलाइन नियम देता है. Mumbai में 20 या अधिक कर्मचारियों वाले establishments द्वारा contribution आवश्यक है.

  2. Employees' State Insurance Act, 1948-कर्मचारी सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं के लिए ESIC की व्यवस्था है. वेतन सीमा तक कामगारों को कवरेज मिलता है.

  3. Companies Act, 2013 ( managerial remuneration और ESOP नियम)-प्रबंधक की वेतन संरचना और शेयर-आधारित लाभों (ESOP) के लिए नियम प्रदान करता है. shareholder approval और ceiling से सम्बन्धित प्रावधान महत्वपूर्ण हैं.

नोट: SEBI Listing Regulations और Code on Wages जैसे अन्य प्रावधान Listed और प्राइवेट कंपनियों के लिए लागू हो सकते हैं. Mumbai में listed कंपनियाँ विशेष compliance मानती हैं.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: 10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े तैयार करें

EPF और ESIC के दायित्व किसे देना होता है?

कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को योगदान देना होता है. Epfo के अनुसार वेतन-आधार पर योगदान लगता है. ESIC के अनुसार कर्मचारी 0.75% और employer 3.25% योगदान देता है. Mumbai में यह दायित्व स्थापित के अनुसार लागू होता है.

कौन सा वेतन मानकर बोनस और ग्रैच्यूटी गणना होती है?

बोनस के लिए 8.33% न्यूनतम और अधिकतम 20% तक का भुगतान संभव है, वेतन के आधार पर. ग्रैच्यूटी के लिए 15 दिनों के वेतन का योग 1 वर्ष के लिए एक बार दिया जाता है, जहां 5 वर्षों से अधिक सेवा जरूरी है.

मैनेजेरियल remuneration पर कैप कितने हैं और किसे अनुमति चाहिए?

Companies Act 2013 के अनुसार managerial remuneration ceilings होते हैं और यदि ceilings पार हों तो Central Government or shareholders की अनुमति आवश्यक हो सकती है. Mumbai-स्थित कंपनियों में यह प्रक्रिया आवश्यक है.

ESOP vesting के नियम क्या हैं?

ESOP vestingSchedule और vesting conditions employment agreement में स्पष्ट होने चाहिए. जैसे-जैसे employees vest होते हैं, उन्हें tax implications भी समझाने चाहिए.

कौन से दस्तावेज वकील के पास रखें?

Original employment contracts, offer letters, amendment agreements, ESOP plan documents, remuneration policy, bonus policy, performance reviews, और payroll records एक साथ रखें. Mumbai में consultation से पहले यह दस्तावेज ready रखें.

यदि किसी कर्मचारी का EPF missing or delayed हो तो क्या कदम उठाए जाएँ?

सबसे पहले HR/Admin से क्लियरेंस मांगें और EPFO complaint/file करें. आवश्यक हो तो Legal notice देकर कानूनी मार्ग से समाधान कराएं.

कंपनी कैसे Verify करें कि वेतन संरचना compliant है?

कंपनी के वेतन स्लिप, appraisal reports, remuneration policy और board resolutions को चेक करें. एक External audit भी उपयोगी हो सकता है.

कानूनी नोटिस मिलने पर क्या करें?

समय पर counsel से मिलकर नोटिस का निरीक्षण करें. उत्तरदाता जवाबी पर्दाफाश से बचने के लिए precise details दें. Mumbai के लिए local court या labour appellate route अच्छी दिशा हो सकती है.

महत्वपूर्ण नियमों के अनुसार किसे filing करनी चाहिए?

EPF, ESI और Bonus और Gratuity जैसे नियमों के हिसाब से filings और annual returns जमा करनी होती हैं. यह filings compliance calendar के अनुसार करें.

कौन से सवालों के साथ वकील से initial consultation लें?

क्यों आप कानूनी सहायता चाहते हैं, कौन से कानूनों के अंतर्गत मामला है, कितना भुगतान प्रस्ताव है, और क्या आप court या tribunal route लेना चाहते हैं. Mumbai के अनुभव वाले वकील से अलग-अलग Proposal समझना आसान होगा.

कौन से मामलों में litigation अधिक संभव है?

EPF-ESI disputes, managerial remuneration ceilings, ESOP disputes, और wage-related disputes litigation के प्रमुख उदाहरण हैं. Mumbai में इन मुद्दों पर कोर्ट और tribunals में निर्णायक निर्णय होते रहते हैं.

5. अतिरिक्त संसाधन: Employment Benefits & Executive Compensation से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं

  • Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) - https://www.epfindia.gov.in
  • Employees' State Insurance Corporation (ESIC) - https://www.esic.nic.in
  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - https://www.mca.gov.in

6. अगले कदम: Employment Benefits & Executive Compensation वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने मामले का उद्देश्य स्पष्ट करें और सभी प्रासंगिक दस्तावेज तैयार रखें.
  2. कानूनी विशेषज्ञता देखें: Employment Benefits, Labour Law, Corporate Law, और ESOP मामलों में स्पेशलाइज़ेशन.
  3. मुंबई क्षेत्र के अनुभव वाले अधिवक्ता/फर्म खोजें: लोकल कोर्ट में ट्रैक रिकॉर्ड जाँचें.
  4. पग-चयन: Bar Council of Maharashtra & Goa में पंजीकृत पेशेवरों की सूची देखें.
  5. पहला अवलोकन परामर्श (Initial Consultation) लें और fee structure समझें.
  6. प्रथम चरण में लिखित engagement letter और scope स्पष्ट करें.
  7. समझौते के बाद समय-सीमा, deliverables और फीस की स्पष्ट योजना बनाएं.

उद्धरण और आधिकारिक स्रोतों के लिए नीचे दिए गए पन्ने देखें. ये Mumbai क्षेत्र के लिए प्रमुख और वैध संसाधन हैं.

आधिकारिक स्रोत लिंक:

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