हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन सलाह एवं अनुपालन वकील
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हरियाणा, भारत में सर्वश्रेष्ठ वकीलों की सूची
1. हरियाणा, भारत में पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन (ESG) सलाह एवं अनुपालन कानून का संक्षिप्त अवलोकन
हरियाणा आधारित कंपनियों के लिए ESG सलाह और अनुपालन केंद्रित नियम केंद्रीय और राज्य स्तर पर मिलकर चलते हैं। सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनियों के लिये BRSR disclosure की अनिवार्यता और CSR के ढांचे से ESG-प्रभावी निर्णय लेने की दिशा तय होती है। साथ ही हरियाणा के उद्योगों पर Haryana State Pollution Control Board (HSPCB) के पर्यावरण नियमों का प्रभाव रहता है।
ESG-उन्मुख अनुपालन में पर्यावरणीय दायित्व, सामाजिक जवाबदेही और सुशासन-रणनीति शामिल है। कंपनियाँ अभी भी नियमित कानून-पालन, दायित्व-निर्धारण, रिकॉर्ड-कीपिंग और रिपोर्टिंग पर फोकस रखती हैं। स्थानीय अदालतों और राज्य-स्तर के प्राधिकरणों के फैसले ESG-कंप्लायंस की गति निर्धारित करते हैं।
“Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) disclosures are mandatory for the top thousand listed entities on stock exchanges”
“Under Section 135 of the Companies Act, 2013, eligible companies must spend at least 2 percent of the average net profit on CSR activities”
“No activity listed in the Schedule of the EIA notification shall be undertaken without prior environmental clearance”
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
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हरियाणा में नया उद्योग लगाने से पहले Haryana State Pollution Control Board (HSPCB) से Consent to Establish (CTE) और बाद में Consent to Operate (CTO) लेना अनिवार्य है; गैर-अनुमति पर जुर्माना हो सकता है।
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ESG-आधारित रिपोर्टिंग, विशेषकर BRSR, अगर आपकी संस्था सूचीबद्ध है तो SEBI के दिशानिर्देशों के अनुसार सक्षम कानूनी सलाह की जरूरत बनती है।
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पर्यावरणीय दायित्वों के उल्लंघन से जुर्माने, बंदिशें और कोर्ट-स्टेट निर्णयों से संरक्षित रहना कठिन हो सकता है; एक उपयुक्त advsiyor आपकी सुरक्षा बढ़ा सकता है।
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CSR कानून के अंतर्गत 2 प्रतिशत avg net profit खर्च करने के नियम और unspent CSR फंड के निपटान के प्रावधान, Haryana-आधारित कंपनियों के लिए भी लागू हो सकते हैं; कानूनी मार्गदर्शन इस प्रक्रिया को सरल बनाता है।
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Plastic Waste Rules और Hazardous Waste Rules जैसे स्थानीय नियमों के अनुपालन में सही प्रकिया, रीसाइक्लिंग-नीतियाँ और फीड-फोरवर्ड योजना तैयार करने के लिए ESG सलाहकार जरूरी हैं।
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कंपनी के भीतर सुशासन (Governance) संरचना, बोर्ड-नियम, नीति-निर्माण और जोखिम-प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर कानूनी सलाह आवश्यक हो सकती है।
3. स्थानीय कानून अवलोकन
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Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974 - जल-प्रदूषण रोकथाम के लिये राज्य-स्तरीय अनुमति और निगरानी सुनिश्चित करता है; हरियाणा में HSPCB इन नियमों को लागू करता है।
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Environment Protection Act, 1986 - संरक्षित पर्यावरण के लिए राष्ट्र-स्तरीय फ्रेमवर्क प्रदान करता है; किसी भी परियोजना को निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
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Companies Act, 2013 (Section 135) - CSR - योग्य कंपनियाँ CSR गतिविधियों पर न्यूनतम 2 प्रतिशत लाभ-आधार खर्च करने की बाध्य हैं; हरियाणा-आधारित कंपनियाँ भी इसके दायरे में आ सकती हैं।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ESG क्या है?
ESG पर्यावरण, सामाजिक और शासन के मानक-आधारित आचरण को दर्शाता है। यह रिपोर्टिंग, जोखिम-प्रबंधन और निवेश निर्णयों में महत्व प्राप्त करता है।
हरियाणा में कौन-से संस्थागत निकाय ESG अनुपालन के लिये जिम्मेदार हैं?
HSPCB पर्यावरण नियंत्रण के लिये; SEBI और MCA ESG-डायरेक्शन सम्बन्धी राष्ट्रीय नियमों के enforcers हैं।
क्या सिर्फ सूचीबद्ध कंपनियाँ BRSR रिपोर्टिंग करेंगी?
हाँ, SEBI के अनुसार शीर्ष 1000 सूचीबद्ध संस्थाओं के लिये BRSR अनिवार्य है; अन्य कंपनियाँ वैकल्पिक ESG-डिस्कोजर कर सकती हैं।
CSR के अंतर्गत कौन-सी खर्च सीमा लागू है?
Companies Act 2013 के अनुसार योग्य कंपनियाँ औसत नेट प्रॉफिट के कम से कम 2 प्रतिशत CSR गतिविधियों पर खर्च करेंगी; अनस्पेंट फंड का सही निपटान आवश्यक है।
CTE/CTO के लिये हरियाणा में क्या-क्या चाहिए?
CTE के लिये HSPCB से अनुमति और परियोजना-विशिष्ट environmental clearances जरूरी होते हैं; CTO के लिये संचालन के समय भी निगरानी बनी रहती है।
Plastic Waste के नियम Haryana में कैसे लागू होते हैं?
Plastic Waste Rules के अनुसार एकल-Use प्लास्टिक के प्रबंध, संग्रहण और पुनर्चक्रण-नियंत्रण राज्यों के द्वारा किया जाता है; हरियाणा में नगरपालिका-स्तर पर लागू प्रावधान भी प्रभावी हैं।
ESG रिपोर्टिंग के लिये कौन-सी प्रमुख जानकारियाँ चाहिए?
ESG प्वॉइंट्स जैसे पर्यावरणीय उत्सर्जन, जल-उपयोग, सामाजिक-उन्नति, कर्मचारी-नीतियाँ और बोर्ड संरचना की जानकारी आवश्यक है; सही डेटा संग्रहण से उच्च-गुणवत्ता की रिपोर्ट बनती है।
अगर मेरे लेन-देन में ESG जोखिम है, मुझे क्या करना चाहिए?
कानूनी सलाहकार से ESG-रिस्क मैपिंग करवायें, दायित्व-चयन, आवश्यक रिपोर्टिंग और सुधार-योजनाओं के साथ एक्शन प्लान बनवायें।
हरियाणा के छोटे-उद्यमों के लिये ESG की बाध्यता कितनी है?
अधिकारिक स्तर पर BRSR बाध्यता बड़े-लाभ और सूचीबद्ध समूहों तक सीमित है; छोटे उद्योगों को भी पर्यावरण और सामाजिक दायित्वों पर सावधानी बरतनी चाहिए।
ESG नियमों में हाल की प्रमुख परिवर्तनें कौन-सी हैं?
BRSR के विस्तार, CSR-नेट-प्रॉफिट-आधारित खर्च संरचना, और राज्य-स्तर के पर्यावरण-मानदंडों में स्पष्टियाँ हाल के वर्षो में आईं हैं।
कहाँ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है?
हरियाणा में पर्यावरण से जुड़ी शिकायतें HSPCB के पोर्टल/हेल्पलाइन पर दर्ज हो सकती हैं; SEBI-सम्बन्धी शिकायतें SEBI की वेबसाइट पर जमा करें।
ESG कॉर्पोरेट गवर्नेंस में किन चीज़ों पर ध्यान दें?
नीतियाँ, जोखिम-प्रबंधन, पारदर्शिता, ऑडिट-चेक्स और बोर्ड-गठन जैसे प्रमुख तत्व अहम होते हैं।
ESG-आधारित निवेश कैसे प्रभावित होता है?
ESG-स्कोर से निवेशकों के निर्णय प्रभावित होते हैं; कंपनियाँ अच्छे ESG प्रदर्शन से पूंजी-आकर्षन में सुधार पाती हैं।
ESG कानूनी सहायता कब और कैसे लें?
ESG-रिटर्न और अनुपालन प्रश्नों के लिये स्थानीय वकील या ESG-कंसल्टेंट से ऑन-डिमांड सलाह लें; दस्तावેજीकरण और रिपोर्टिंग में सहायता मिलती है।
5. अतिरिक्त संसाधन
- SEBI - भारतीय पूंजी-मार्केट निगरानी और ESG-डिस्कॉज़र दिशानिर्देश; अधिक जानकारी के लिये देखें: https://www.sebi.gov.in
- Ministry of Corporate Affairs (MCA) - CSR Portal - CSR के नियम, दिशानिर्देश और नियमन-संदर्भ; अधिक जानकारी के लिये देखें: https://www.mca.gov.in
- Haryana State Pollution Control Board (HSPCB) - हरियाणा में पर्यावरणीय अनुपालन और अनुमति-प्रक्रिया; अधिक जानकारी के लिये देखें: https://hspcb.gov.in
6. अगले कदम
- अपने negócio की ESG-स्थिति का आकलन करें और वर्तमान अनुपालन-दस्तावेज़ सूचीबद्ध करें।
- यदि सूचीबद्ध कंपनी हैं तो SEBI की BRSR आवश्यकताओं की जाँच करें और डेटा-ग्रहण-प्रक्रिया बनें।
- HSPCB के साथ CTE/CTO-अप्लाई करने की तैयारी करें और पर्यावरण-नियमन से सम्बंधित आवश्यक कागजात इकट्ठे करें।
- CSR-नीति को पुनः पढ़ें; यदि आप योग्य हैं तो 2 प्रतिशत खर्च और unspent फंड के निपटान के लिए योजना बनाएं।
- ESG-रिपोर्टिंग-भाग के लिये अनुभवी वकील/एडवाइजर से कॉन्ट्रैक्ट करें ताकि दस्तावेज़ तैयार और दाखिल कर सकें।
- ESG-नीतियों के लिये बोर्ड-स्तर पर जिम्मेदारी तय करें और आंतरिक नियंत्रण योजना बनाएं।
- स्थानीय नियमों के अनुसार пластиков-व्यवस्था, hazardous waste-प्रबंधन आदि के लिए कार्य-योजना बनाएं और समय-सारिणी तय करें।
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