कोलकाता में सर्वश्रेष्ठ प्रत्यर्पण वकील

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मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
कोलकाता, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Hindi
English
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Kshetry and Associates
कोलकाता, भारत

2009 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
हम हमेशा आपकी न्याय की जीत के लिए लड़ते हैं“केशेत्री एंड एसोसिएट्स” की स्थापना 5 जनवरी 2009 को श्री राजेश केशेत्री और...
KHA ADVOCATES
कोलकाता, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
Hindi
English
KhA एडवोकेट्सKhA एडवोकेट्स पश्चिम बंगाल में एक तेज़ी से बढ़ती लॉ फर्म के रूप में मान्यता प्राप्त है जो कई कॉरपोरेट्स,...
Sinha & Company, Advocates
कोलकाता, भारत

1993 में स्थापित
English
दिसंबर 1993 में श्री परितोष सिन्हा द्वारा स्थापित, सिन्हा एंड कंपनी, एडवोकेट्स भारत में एक प्रमुख पूर्ण-सेवा विधिक...
SRA LAW CHAMBERS
कोलकाता, भारत

2017 में स्थापित
English
2017 में सॉल्ट लेक सिटी, वेस्ट बंगाल में स्थापित, SRA LAW CHAMBERS तेजी से एक पूर्ण-सेवा, बहु-विषयक विधिक फर्म में विकसित हुआ है...
Civil law firm
कोलकाता, भारत

1988 में स्थापित
English
Six Lawyers, जिसे पहले Civil Law Firm के नाम से जाना जाता था, कोलकाता, भारत में आधारित एक विशिष्ट कानूनी फर्म है, जिसका 36 वर्षों से...
Lexfund Solution
कोलकाता, भारत

English
Lexfund Solution, कोलकाता, भारत में आधारित, कानूनी परामर्श, मुकदमेबाज़ी समर्थन, अनुपालन, लेखांकन, लेखा परीक्षा और कराधान सहित...
Advocate Debasis Mitra
कोलकाता, भारत

2010 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
कोलकाता उच्च न्यायालयदेबासिस मित्रा कोलकाता के प्रख्यात वकीलों में से एक हैं, जिनके पास न्यायिक क्षेत्र में...
D. P. Ahuja & Co
कोलकाता, भारत

English
डी. पी. अहूजा एंड कंपनी बौद्धिक संपदा मामलों के पूरे स्पेक्ट्रम पर सलाह देती है, जिसमें पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन...
S&S Legal Associates
कोलकाता, भारत

2023 में स्थापित
उनकी टीम में 2 लोग
Bengali
English
Hindi
एस एंड एस लीगल एसोसिएट्स, कोलकाता आधारित एक विधिक फर्म है, जिसकी स्थापना दो युवा लेकिन अनुभवी अधिवक्ताओं,...
जैसा कि देखा गया

1. कोलकाता, भारत में प्रत्यर्पण कानून के बारे में: कोलकाता में प्रत्यर्पण कानून का संक्षिप्त अवलोकन

कोलकाता में प्रत्यर्पण कानून केंद्रीय स्तर पर संचालित होता है और केंद्रीय मंत्रीय मंडल के अधीन अनुबंधित है. विदेशों के साथ प्रत्यर्पण के विषय को भारत सरकार द्वारा संचालित किया जाता है. स्थानीय अदालतें तब तक क्रिया-कलाप नहीं करतीं जब तक सरकार द्वारा प्रत्यर्पण आदेश नहीं मिल जाता.

भारत-विदेश प्रत्यर्पण व्यवहार में मुख्य भूमिका विदेश राज्यों के साथ संधियाँ बनाकर कानून-प्रकिया के अनुसार खुफिया और आरोप-प्रमाण की पूर्ति करना है. भारत प्रत्यर्पण Act 1962 के अधीन स्थान-विशिष्ट प्रक्रियाओं के साथ विदेशी fugitives को भारत से या विदेशों तक लौटाने की व्यवस्था करता है. नीचे दिए अनुभागों में Kolkata निवासियों के लिए व्यावहारिक जानकारी है.

An Act to provide for the surrender of fugitive criminals by Indian authorities to foreign States in certain cases; and for other matters connected therewith.

Source: Extradition Act 1962, India - official text

Mutual Legal Assistance in Criminal Matters is used to obtain information and cooperation from foreign states for investigations and prosecutions under treaties signed by India.

Source: Ministry of Home Affairs (MHA) - Mutual Legal Assistance Treaty (MLAT) framework

Extradition is a process balancing public interest with protection of fundamental rights, as observed by the Supreme Court in extradition matters.

Source: Supreme Court of India - jurisprudence on extradition

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  • परिदृश्य 1: Kolkata से किसी व्यक्ति पर विदेशी देश में अपराध का आरोप है और extradition के लिए औपचारिक अनुरोध जारी किया गया है।
  • परिदृश्य 2: विदेश में रहने वाला एक व्यक्ति Kolkata में प्रत्यर्पण के कवर से गुजर रहा है और MLAT के अनुरोध का सामना कर रहा है।
  • परिदृश्य 3: Kolkata-आधारित कंपनी के निदेशक पर विदेशी अदालतों में आरोप हैं और extradition प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • परिदृश्य 4: आप या आपके परिवारजन को foreign state द्वारा extradition notice मिला है या provisional arrest warrant जारी हुआ है।
  • परिदृश्य 5: जेल में बंद व्यक्ति पर विदेशी प्रत्यर्पण की आशंका है और आप حقوق-सुरक्षा के लिए कानूनी सहायता चाहते हैं।
  • परिदृश्य 6: MLAT, treaty-आधारित सहायता के लिए Kolkata से केंद्रीय एजेंसी से मार्गदर्शन चाहिए।

इन परिस्थितियों में एक अनुभवी प्रत्यर्पण वकील आपको अधिकारों के संरक्षण, कोर्ट-स्टेज रणनीति और SSA-गाइडेंस देता है. वे Kolkata के स्थानीय अदालत-प्रक्रिया, बंधन, बंध-aids, bail और stay के उपायों पर भी मार्गदर्शन देंगे.

3. स्थानीय कानून अवलोकन: कोलकाता, भारत में प्रत्यर्पण को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • Extradition Act, 1962 - इस अधिनियम के माध्यम से भारत अन्य देशों के साथ प्रत्यर्पण के लिए სამართिक प्रक्रिया स्थापित करता है. यह मुख्य कानून है जो विदेशों के fugitives के बारे में कार्रवाई निर्धारित करता है.
  • Mutual Legal Assistance Treaty (MLAT) / संधियाँ - भारत के विदेशी राज्यों के साथ सूचना-शोधन, जांच-समरी और अभियोजन के लिए MLAT मार्गदर्शिका बनाती हैं. MEA और MHA इन प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं.
  • Mutual Legal Assistance in Criminal Matters (MEA/MHA मार्गदर्शन) - यह मार्गदर्शिका extradition के साथ-साथ criminal matter में आपसी सहयोग के नियम स्पष्ट करती है और Kolkata जैसे केंद्र-शहरों में अनुरोध प्रक्रिया को सरल बनाती है.

इन कानूनों के तहत Kolkata निवासी के लिए महत्वपूर्ण पहलू हैं: (1) विदेशी देश से प्राप्त प्रत्यर्पण-आदेश पर भारत की क्या कानूनी बाध्यताएँ हैं, (2) किस अदालत के समक्ष सुनवाई होगी, और (3) कैसे आप अधिकारों को सुरक्षित कर ते हैं.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: 10-12 प्रश्न-उत्तर

क्या प्रत्यर्पण क्या होता है?

प्रत्यर्पण वह प्रक्रिया है जिसमें एक देश किसी fugitives को दूसरे देश के हवाले कर देता है. यह विदेश-शहरों के बीच अपराध-प्रत्यर्पण संधियों के अनुसार किया जाता है.

भारत में प्रत्यर्पण कैसे होता है?

सबसे पहले foreign country से प्रत्यर्पण-आदेश मिलता है. फिर MEA के मार्गदर्शन में एक औपचारिक अनुरोध केंद्रीय सरकार को दिया जाता है. अदालतों के समक्ष दलील दी जाती है.

क्या Kolkata के निवासी प्रत्यर्पण से सीधे प्रभावित होते हैं?

हाँ. Kolkata में निवास रखने वाले आरोपी या अपराध-प्रथमता के संदिग्धों पर extradition-procedure शुरू हो सकता है. स्थान-विशिष्ट कानूनी सहायता आवश्यक होती है.

क्या मैं अपने वकील को साथ नहीं ले जा सकता?

नहीं. प्रत्यर्पण मामलों में आप सबसे पहले अपने वकील से परामर्श करें. आपके अधिकार और बचाव-उपाय मजबूत होने चाहिए.

क्या extradition गिरफ्तारी के समय bail उपलब्ध है?

अक्सर bail संभव है, पर यह केस-के-संयोजन और foreign jurisdiction के अनुरोध पर निर्भर करता है. आपकी स्थिति के अनुसार वकील bail-arguments बनाेंगे.

मैं कब और कैसे अदालत का रूख कर सकता हूँ?

जैसे ही extradition-से जुड़ा कोई कदम उठता है, आप Kolkata-in-situ कानूनी मंच पर दलील दे सकते हैं. अदालतों में stay-या bail के आवेदन होते हैं.

MLAT क्या है और मुझे कैसे मदद देता है?

MLAT विदेशी देशों के साथ सहयोग का एक मंच है. यह अपराध-तथ्यों के लिए सूचना, रिकॉर्ड्स और सहयोग का कानूनी मार्ग देता है.

क्या प्रत्यर्पण से पहले मुझे गिरफ्तारी-विधि का अधिकार है?

हाँ. प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान आपको उचित सुनवाई, वकालत-रक्षा और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा मिलेगी. वैधानिक सहायता मिलना चाहिए.

क्या Kolkata में किस अदालत में मामला जाएगा?

पहला स्थानांतरित मामला केंद्रीय सरकार के आदेश के अनुसार सामने आता है. Kolkata के हाई-कोर्ट या Supreme Court तक भी appeal हो सकता है.

क्या भारत प्रत्यर्पण कर सकता है?

हाँ. Extradition Act 1962 के तहत भारत अन्य देशों के fugitives को दे सकता है, यदि treaty-आधारित शर्तें पूरी हों.

Extradition और Deportation में अंतर?

Extradition बहुपक्षीय/द्विपक्षीय संधियों के अनुसार fugitives की वापसी है, जबकि Deportation सामान्यतः अवैध प्रवास के कारण देश से निष्कासन है. दोनों प्रक्रियाएं अलग हैं.

कौन से दस्तावेज मुझे साथ रखने चाहिए?

पासपोर्ट, residence प्रमाण, केस-फाइल, foreign-सम्बन्धी दस्तावेज, पुलिस-रिपोर्ट आदि साथ रखें. आपके वकील इसे आगे के कदमों के अनुसार बताएंगे.

5. अतिरिक्त संसाधन: प्रत्यर्पण से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  • Ministry of Home Affairs (MHA) - Extradition division तथा MLAT-निर्माण और प्रक्रियाओं के लिए आधिकारिक स्रोत. https://mha.gov.in
  • Ministry of External Affairs (MEA) - विदेशी देश के साथ प्रत्यर्पण-वार्ता और डिप्लोमेटिक समन्वय. https://mea.gov.in
  • National Legal Services Authority (NALSA) - कानूनी सहायता और वकालत में सहायता के लिए. https://nalsa.gov.in

6. अगले कदम: प्रत्यर्पण वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने केस-को स्पष्ट रूप से लिखित में संहित करें: देश-योजनाओं एवं निष्कर्ष के साथ।
  2. Kolkatā-आधारित अदालतों और कानून-फर्मों की सूची बनाएं जो प्रत्यर्पण मामलों में अनुभवी हों.
  3. कौन-सा वकील MLAT, Extradition Act और International Law में विशेषज्ञ है, यह जाँचें.
  4. पूर्व-जानकारी, केस-फाइल और रिकॉर्ड्स एकत्र करें ताकि पहली बैठक में मुद्दे साफ हों.
  5. पहली परामर्श में फीस, रणनीति, अनुमानित समयसीमा और संभावित परिणाम स्पष्ट करें.
  6. अधिवक्ता से लिखित-कार्य-योजना और लागत-मानचित्र मांगें.
  7. प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सभी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें और समय-सीमा का ध्यान रखें.

महत्वपूर्ण सूचना: यह गाइड Kolkata-निवासियों की सामान्य मार्गदर्शिका है. किसी भी मामले में स्थानीय वकील के साथ तुरंत मिलें और अद्यतन कानूनी सलाह लें.

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