बिहार शरीफ़ में सर्वश्रेष्ठ बौद्धिक संपदा वकील
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भारत बौद्धिक संपदा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न
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- मैं निम्नलिखित बौद्धिक संपदा अनुबंध प्रस्तुत करता हूँ। यह एक सामान्य प्रारूप है और विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार परिष्कृत किया जाना चाहिए। --- **बौद्धिक संपदा अनुबंध** यह अनुबंध दिनांक __________ (दिनांक भरें) को निम्नलिखित पक्षों के बीच किया गया है: 1. **पक्ष एक:** [नाम], एक कानूनी व्यक्ति/व्यक्ति, जिसका पंजीकृत पता __________ है। 2. **पक्ष दो:** [नाम], एक कानूनी व्यक्ति/व्यक्ति, जिसका पंजीकृत पता __________ है। **भूमिका:** जहाँ पक्ष दो के पास विशिष्ट बौद्धिक संपदा (जैसे पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, व्यापार रहस्य, डिज़ाइन, सॉफ़्टवेयर, आदि) है, और पक्ष एक को इसका उपयोग, विकास या व्यावसायिकरण करने की आवश्यकता है, वह इस अनुबंध के माध्यम से इन अधिकारों की स्वीकृति और संरक्षण करने का इरादा रखते हैं। **अनुबंध की शर्तें:** 1. **परिभाषाएँ:** - “बौद्धिक संपदा” का अर्थ है वह ज्ञान-संपन्नता, रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ या तकनीकी नवाचार, जो पक्षों द्वारा इस अनुबंध के अंतर्गत निर्दिष्ट किये गए हैं। - “उपयोग अधिकार” का अर्थ है वह सीमित या अनन्य लाइसेंस, जो पक्ष एक को इस अनुबंध के अंतर्गत प्रदान किया जाता है। 2. **स्वामित्व:** पक्ष दो बौद्धिक संपदा का एकमात्र एवं असाधारण स्वामी रहेगा। इस अनुबंध के अंतर्गत पक्ष दो द्वारा पक्ष एक को स्वामित्व हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है, केवल उपयोग एवं उपयोग के अधिकार प्रदान किये जा रहे हैं। 3. **लाइसेंस का दायरा एवं अवधि:** - पक्ष दो पक्ष एक को [नॉन-एक्सक्लूसिव/एक्सक्लूसिव] लाइसेंस प्रदान करता है, जो निम्नलिखित क्षेत्रों/उद्देश्यों के लिए होगा: __________। - यह लाइसेंस अनुबंध कीप्रारंभ तिथि से __________ (अवधि) तक वैध रहेगा, जब तक इसे समाप्त न किया जाए। 4. **वित्तीय शर्तें:** पक्ष एक पक्ष दो को निम्नलिखित आय भुगतान करेगा: - प्रारंभिक भुगतान: ₹__________ - रॉयल्टी/फीस: __________%/राशि, जो __________ के आधार पर होगी। 5. **गोपनीयता:** पक्ष एक इस बौद्धिक संपदा से संबंधित किसी भी गोपनीय जानकारी को तीसरे पक्ष को प्रकट नहीं करेगा, सिवाय लिखित पूर्व सहमति के। 6. **प्रयुक्ति की सीमाएँ:** पक्ष एक को बौद्धिक संपदा का उपयोग अनुबंध में निर्दिष्ट उद्देश्यों तक ही सीमित रहेगा। किसी अन्य उपयोग हेतु पक्ष एक को पक्ष दो की लिखित अनुमोदन प्राप्त करनी होगी। 7. **बौद्धिक संपदा संरक्षण:** - पक्ष दो बौद्धिक संपदा का कानूनी रूप से संरक्षण सुनिश्चित करेगा। - पक्ष एक किसी भी उल्लंघन या दावे की जानकारी तुरंत पक्ष दो को देगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। 8. **जिम्मेदारी और क्षतिपूर्ति:** पक्ष एक किसी भी दावे, हानि या शुल्क के लिए पक्ष दो को क्षतिपूर्ति देगा, यदि वह बौद्धिक संपदा के अनुचित उपयोग के कारण उत्पन्न हुआ हो। 9. **समाप्ति:** निम्न स्थितियों में यह अनुबंध समाप्त हो सकता है: - पक्ष द्वारा शर्तों का उल्लंघन होने पर, और 30 दिनों की लिखित सूचना के बाद यदि उल्लंघन दूर नहीं किया जाता। - आपसी सहमति द्वारा। समाप्ति के पश्चात पक्ष एक को बौद्धिक संपदा का उपयोग तुरंन्त बंद करना होगा और जितनी भी सामग्री हो उसे वापस करना होगा। 10. **कानूनी अधिकार:** यह अनुबंध [स्थान] के कानूनों के अधीन होगा। किसी भी विवाद को पहले आपसी समाधान के माध्यम से हल करने का प्रयास किया जाएगा, और यदि असफल, तो [स्थान] की न्यायालयों में मुक़दमा किया जा सकता है। 11. **संपूर्ण समझौता:** यह दस्तावेज पक्षों के बीच पूरा समझौता है और इससे पूर्व के किसी भी मौखिक या लिखित समझौते को प्रतिस्थापित करता है। **हस्ताक्षर:** पक्ष एक: ________________________ नाम: _________________________ तारीख: _______________________ पक्ष दो: ________________________ नाम: _________________________ तारीख: _______________________ --- कृपया इस प्रारूप को आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार परिष्कृत करने हेतु अनुभवी विधिक सलाहकार से परामर्श करें।
- मैं भारत में एक ऐप बना रहा हूँ लेकिन मेरे पास कोई अनुबंध नहीं है। मुझे एक बनाना है।
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वकील का उत्तर Shenzhen Yizhou Intellectual Property Operation Co., Ltd. द्वारा
प्रिय,आपको विकास जारी रखने से पहले निश्चित रूप से एक लिखित अनुबंध होना चाहिए - यह आपके और आपके ग्राहक दोनों की रक्षा करता है और कोड की स्वामित्वता, भुगतान की शर्तें, वितरण अनुसूची और गोपनीयता को स्पष्ट रूप से...
पूरा उत्तर पढ़ें
1. बिहार शरीफ़, भारत में बौद्धिक संपदा कानून के बारे में
बिहार शरीफ़, बिहार के нотари- Nalanda जिले का प्रमुख शहर है और यहाँ बौद्धिक संपदा कानून लागू होते हैं। भारत में बौद्धिक संपदा अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार के अधीन कानून बनाए जाते हैं। IP अधिकार ऑनलाइन पंजीकरण और स्थानीय अदालतों के जरिए लागू होते हैं।
ये कानून रचनाकारों, आविष्कारकों और निर्माताों को उनके सृजन पर अधिकार देते हैं, ताकि वे सीमित समय तक विशेष अधिकार लेकर लाभ कमा सकें। सार्वजनिक हित और प्रतिस्पर्धा के संतुलन के लिए कानूनों में कुछ अपवाद और सीमाएं भी हैं।
पंजीकरण से लेकर संरक्षण तक की प्रक्रियाएं IP इंडिया पोर्टल के माध्यम से संचालित होती हैं। Bihar Sharif के निवासियों के लिए अदालतें पटना उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आती हैं और स्थानीय तटीय अदालतों में भी मुकदमे चल सकते हैं।
“A patent for an invention shall be granted for a term of twenty years from the date of filing.”
Source: IP India
“A mark capable of distinguishing the goods or services of one person from those of others is capable of being registered as a trademark.”
Source: IP India
“Intellectual property rights are the legal rights which result from the intellectual activity in industrial, literary and artistic fields.”
Source: WIPO
2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है
बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में कानूनी सहायता आवश्यक कदमों के साथ आती है। नीचे बिहार शरीफ़ से संबंधित 4-6 विशिष्ट परिदृश्य हैं जिनमें वकील की मदद जरूरी होती है।
- Patna- Nalanda क्षेत्र के एक नवाचार-उद्यमी ने नया इन्वेंशन बनाया है और उसका पेटेंट लेना चाहता है; प्रत्यक्ष उल्लंघन होने पर कानूनी प्रवाह समझना आवश्यक है।
- स्थानीय दुकानदार की ब्रांड-चिह्न चोरी हो रही है; ट्रेडमार्क उल्लंघन के प्रकरण में पंजीकरण, विरोध और दावा दर्ज करना होता है।
- बिहार के लेखक/संस्थापक ने अपनी कॉपीराइटेड सामग्री का अतिक्रमण देखा है; कॉपीराइट संरक्षण और दायित्व तय करना पड़ेगा।
- हस्तशिल्प या वस्त्र डिज़ाइन के लिए डिज़ाइन पंजीकरण और उल्लंघन-रोधी कदम उठाने होंगे।
- किसान या स्थानीय उत्पादक को GI प्रोटेक्शन के अंतर्गत अपने उत्पाद को संरक्षित करवाने की योजना बनानी हो, तो सही नियमों का पालन जरूरी है।
- आयात-निर्यात में नकली सामान की रोकथाम के लिए सीमा शुल्क और ट्रेडमार्क/पेटेंट-विरोधी कदम उठाने हों तो कठिन प्रक्रियाओं का अनुभव चाहिए।
इनमें से प्रत्येक स्थिति में सही रणनीति बनाने के लिए अनुभवी IP अधिवक्ता या कानूनी सलाहकार आवश्यक है ताकि दाखिले, विरोध, वैधानिक आधार और नुकसान-प्रतिपूर्ति के सुझाव स्पष्ट मिलें।
3. स्थानीय कानून अवलोकन
नीचे बिहार शरीफ़ के लिए विशेष महत्त्व रखने वाले 2-3 कानूनों का संक्षिप्त उल्लेख है।
- Patents Act, 1970 - आविष्कारों के लिए पेटेंट प्राप्त करने की प्रक्रिया, योग्यता, और 20 वर्षों की अवधि के अधिकार संरचना की पूर्व-निर्धारित व्यवस्था देता है।
- Trade Marks Act, 1999 - चिन्ह, शब्द-चिह्न, डिज़ाइन आदि के पंजीकरण और संरक्षण के नियम।
- Copyright Act, 1957 - मौलिक साहित्य, संगीत, कलाकृतियाँ और अन्य रचनाओं के कॉपीराइट संरक्षण को निर्धारित करता है।
- Geographical Indications Act, 1999 - बिहार के उत्पादों के लिए भौगोलिक संकेत के पंजीकरण और संरक्षण की व्यवस्था।
इन कानूनों के अंतर्गत बिहार शरीफ़ के मामलों की अदालतें पटना हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। पंजीकरण और संरक्षण के लिए IP इंडिया पोर्टल (ipindia.gov.in) का उपयोग किया जाता है।
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बौद्धिक संपदा क्या है?
बौद्धिक संपदा ऐसे अधिकार है जो रचनाकार की कल्पना- श्रम-रचना पर मिले रहते हैं। इन अधिकारों से अनजाने-उल्लंघन के विरुद्ध कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है।
बिहार शरीफ़ निवासी के लिए IP पंजीकरण कैसे शुरू करें?
सबसे पहले अपनी रचना या इन्वेंशन का प्रकार तय करें। फिर IP इंडिया पोर्टल पर आवेदन तैयार करें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
PATENT कौन से इन्वेंशन के लिए मिल सकता है?
ऐसी इन्वेंशन जो नया हो, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक आवेदन के योग्य हो और मौलिक हो, उसे पेटेंट मिलने की संभावना अधिक होती है।
ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए कितना समय लगता है?
औपचारिक पंजीकरण और मूल्यांकन 12-18 महीने तक चल सकता है, कुछ मामलों में अधिक समय भी लग सकता है।
कॉपीराइट कब तक सुरक्षित रहता है?
कॉपीराइट लेखक की मृत्यु के बाद भी मौजूद रहता है और सामान्यतः 60 वर्ष (कुछ प्रकार की रचनाओं के लिए भिन्न) के बाद समाप्त नहीं होता।
डिज़ाइन पंजीकरण के क्या लाभ हैं?
डिज़ाइन पंजीकरण से वस्त्र, उपकर, घरेलू वस्तुओं आदि के appearance पर विशिष्ट अधिकार मिलते हैं, जिससे नकल रोकना आसान होता है।
GI पंजीकरण किन उत्पादों पर उपलब्ध है?
GI पंजीकरण ऐसे उत्पादों के लिए होता है जो स्थानीय भूगोल से जुड़े हों और उनकी विशिष्टता को कानून संरक्षण देता है।
IP उल्लंघन की स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?
सबसे पहले प्रमाण-तथ्य इकट्ठा करें, फिर स्थानीय अदालत में दावा या प्रशासनिक कदम उठाने के लिए एक वकील से मिलें।
IP मुकदमे कितने चरणों में होते हैं?
आमतौर पर शिकायत-तलबदारी, पूर्व-संवाद, अवसर-समझौता, नियंत्रण-रिपोर्टिंग और अंत में सुनवाई/निर्णय के चरण होते हैं।
क्या विदेशी कंपनियाँ भी बिहार में IP अधिकार दर्ज करा सकती हैं?
हाँ, अंतरराष्ट्रीय आविष्कारक/कंपनियाँ IP इंडिया के माध्यम से भारत में पंजीकरण कर सकती हैं।
IP मामलों के लिए किन स्रोतों से सहायता मिलती है?
IP इंडिया पोर्टल, पटना हाई कोर्ट क्लीनिकल लायर्स और सरकारी नोडल संस्थान सहायता ले सकते हैं।
कानूनी सहायता के लिए कौन से प्रमाण जरूरी होंगे?
आवेदन-डाक्यूमेंट्स, प्रमाण-रचना के स्रोत, प्रकाशित सामग्री, मार्क-रजिस्ट्रेशन, और अन्य समर्थन-हार्डकॉपी दस्तावेज होंगे।
5. अतिरिक्त संसाधन
- IP India (CGPDTM) - अधिकार पंजीकरण, विरोध-प्रक्रिया और मार्गदर्शन के लिए आधिकारिक पोर्टल: ipindia.gov.in
- World Intellectual Property Organization (WIPO) - वैश्विक IP संदर्भ एवं संसाधन: wipo.int
- National IP Awareness Mission (NIPAM) - IP जागरूकता और शुरुआत के लिए सरकारी पहल: nipam.gov.in
6. अगले कदम
- अपने IP एसेट्स की सूची बनाएं-कौन-सा उत्पाद, रचना, या चिह्न संरक्षित करना है।
- डॉक्यूमेंट्स एकत्र करें: रचना/इन्वेंशन का विवरण, प्रकाशन, और पहचान-प्रमाण।
- कौन सा अधिकार चाहिए, इस पर निर्णय लें (पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिज़ाइन, GI)।
- स्थानीय IP वकील/कानूनी सलाहकार के साथ प्रारम्भिक कंसल्टेशन लें-बिहार शरीफ़ में उपलब्ध फ्री-कंसल्टेशन विकल्प भी देखें।
- फीस-स्तर, Retainer, और अनुमानित समयसीमा पर स्पष्ट समझौता करें।
- IP इंडिया पोर्टल पर आवेदन-प्रीज्यन तैयार करें और जमा करें।
- अगर किसी प्रकार का उल्लंघन हो, तो प्रमाण-संग्रह के साथ उचित अदालत/अधिकार-एजेंसियों से कदम उठाएं।
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