चंडीगढ़ में सर्वश्रेष्ठ बौद्धिक संपदा वकील

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Lex Commerci
चंडीगढ़, भारत

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लेक्स कॉमेरसी एक पेशेवर भारतीय विधि फर्म है जो कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक मामलों में विशेषज्ञता रखती है, नियमों के...
Gaurav Datta Law Offices
चंडीगढ़, भारत

उनकी टीम में 6 लोग
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गौरव दत्ता लॉ ऑफिसेज चंडीगढ़ स्थित एक फर्म है जिसका नेतृत्व एडवोकेट गौरव दत्ता करते हैं, जो 10 वर्षों की मजिस्ट्रेट...
RADISSON GO

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
चंडीगढ़, भारत

1999 में स्थापित
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HJGJKGKL एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता है, जो अपनी असाधारण कानूनी विशेषज्ञता और न्याय के प्रति अटूट समर्पण के लिए प्रसिद्ध...
Oberoi Law Chambers

Oberoi Law Chambers

15 minutes मुफ़्त परामर्श
चंडीगढ़, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
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भारत बौद्धिक संपदा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें बौद्धिक संपदा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

मैं निम्नलिखित बौद्धिक संपदा अनुबंध प्रस्तुत करता हूँ। यह एक सामान्य प्रारूप है और विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार परिष्कृत किया जाना चाहिए। --- **बौद्धिक संपदा अनुबंध** यह अनुबंध दिनांक __________ (दिनांक भरें) को निम्नलिखित पक्षों के बीच किया गया है: 1. **पक्ष एक:** [नाम], एक कानूनी व्यक्ति/व्यक्ति, जिसका पंजीकृत पता __________ है। 2. **पक्ष दो:** [नाम], एक कानूनी व्यक्ति/व्यक्ति, जिसका पंजीकृत पता __________ है। **भूमिका:** जहाँ पक्ष दो के पास विशिष्ट बौद्धिक संपदा (जैसे पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, व्यापार रहस्य, डिज़ाइन, सॉफ़्टवेयर, आदि) है, और पक्ष एक को इसका उपयोग, विकास या व्यावसायिकरण करने की आवश्यकता है, वह इस अनुबंध के माध्यम से इन अधिकारों की स्वीकृति और संरक्षण करने का इरादा रखते हैं। **अनुबंध की शर्तें:** 1. **परिभाषाएँ:** - “बौद्धिक संपदा” का अर्थ है वह ज्ञान-संपन्नता, रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ या तकनीकी नवाचार, जो पक्षों द्वारा इस अनुबंध के अंतर्गत निर्दिष्ट किये गए हैं। - “उपयोग अधिकार” का अर्थ है वह सीमित या अनन्य लाइसेंस, जो पक्ष एक को इस अनुबंध के अंतर्गत प्रदान किया जाता है। 2. **स्वामित्व:** पक्ष दो बौद्धिक संपदा का एकमात्र एवं असाधारण स्वामी रहेगा। इस अनुबंध के अंतर्गत पक्ष दो द्वारा पक्ष एक को स्वामित्व हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है, केवल उपयोग एवं उपयोग के अधिकार प्रदान किये जा रहे हैं। 3. **लाइसेंस का दायरा एवं अवधि:** - पक्ष दो पक्ष एक को [नॉन-एक्सक्लूसिव/एक्सक्लूसिव] लाइसेंस प्रदान करता है, जो निम्नलिखित क्षेत्रों/उद्देश्यों के लिए होगा: __________। - यह लाइसेंस अनुबंध कीप्रारंभ तिथि से __________ (अवधि) तक वैध रहेगा, जब तक इसे समाप्त न किया जाए। 4. **वित्तीय शर्तें:** पक्ष एक पक्ष दो को निम्नलिखित आय भुगतान करेगा: - प्रारंभिक भुगतान: ₹__________ - रॉयल्टी/फीस: __________%/राशि, जो __________ के आधार पर होगी। 5. **गोपनीयता:** पक्ष एक इस बौद्धिक संपदा से संबंधित किसी भी गोपनीय जानकारी को तीसरे पक्ष को प्रकट नहीं करेगा, सिवाय लिखित पूर्व सहमति के। 6. **प्रयुक्ति की सीमाएँ:** पक्ष एक को बौद्धिक संपदा का उपयोग अनुबंध में निर्दिष्ट उद्देश्यों तक ही सीमित रहेगा। किसी अन्य उपयोग हेतु पक्ष एक को पक्ष दो की लिखित अनुमोदन प्राप्त करनी होगी। 7. **बौद्धिक संपदा संरक्षण:** - पक्ष दो बौद्धिक संपदा का कानूनी रूप से संरक्षण सुनिश्चित करेगा। - पक्ष एक किसी भी उल्लंघन या दावे की जानकारी तुरंत पक्ष दो को देगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। 8. **जिम्मेदारी और क्षतिपूर्ति:** पक्ष एक किसी भी दावे, हानि या शुल्क के लिए पक्ष दो को क्षतिपूर्ति देगा, यदि वह बौद्धिक संपदा के अनुचित उपयोग के कारण उत्पन्न हुआ हो। 9. **समाप्ति:** निम्न स्थितियों में यह अनुबंध समाप्त हो सकता है: - पक्ष द्वारा शर्तों का उल्लंघन होने पर, और 30 दिनों की लिखित सूचना के बाद यदि उल्लंघन दूर नहीं किया जाता। - आपसी सहमति द्वारा। समाप्ति के पश्चात पक्ष एक को बौद्धिक संपदा का उपयोग तुरंन्त बंद करना होगा और जितनी भी सामग्री हो उसे वापस करना होगा। 10. **कानूनी अधिकार:** यह अनुबंध [स्थान] के कानूनों के अधीन होगा। किसी भी विवाद को पहले आपसी समाधान के माध्यम से हल करने का प्रयास किया जाएगा, और यदि असफल, तो [स्थान] की न्यायालयों में मुक़दमा किया जा सकता है। 11. **संपूर्ण समझौता:** यह दस्तावेज पक्षों के बीच पूरा समझौता है और इससे पूर्व के किसी भी मौखिक या लिखित समझौते को प्रतिस्थापित करता है। **हस्ताक्षर:** पक्ष एक: ________________________ नाम: _________________________ तारीख: _______________________ पक्ष दो: ________________________ नाम: _________________________ तारीख: _______________________ --- कृपया इस प्रारूप को आपकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार परिष्कृत करने हेतु अनुभवी विधिक सलाहकार से परामर्श करें।
बौद्धिक संपदा
मैं भारत में एक ऐप बना रहा हूँ लेकिन मेरे पास कोई अनुबंध नहीं है। मुझे एक बनाना है।
वकील का उत्तर Shenzhen Yizhou Intellectual Property Operation Co., Ltd. द्वारा

प्रिय,आपको विकास जारी रखने से पहले निश्चित रूप से एक लिखित अनुबंध होना चाहिए - यह आपके और आपके ग्राहक दोनों की रक्षा करता है और कोड की स्वामित्वता, भुगतान की शर्तें, वितरण अनुसूची और गोपनीयता को स्पष्ट रूप से...

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1 उत्तर

1. चंडीगढ़, भारत में बौद्धिक संपदा कानून के बारे में

चंडीगढ़ एक केंद्र-शासित प्रदेश है और पंजाब-हरियाणा की राजधानी है। बौद्धिक संपदा कानून केंद्र सरकार के अधीन होते हैं और Chandigarh निवासियों के लिए समान अधिकार लागू होते हैं। पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन और कॉपीराइट के मामले राष्ट्रीय कार्यालय CGPDTM के अधीन चलते हैं।

IP अधिकारों के संरक्षण के लिए अदालतें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। Chandigarh में मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय की शाखाएं और जिला अदालतें उपलब्ध हैं। ऑनलाइन फाइलिंग, फीस भुगतान और दस्तावेज़ जमा करने की सुविधा IP इंडिया वेबसाइट पर मिलती है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • एक नया ब्रांड पहचानते समय Chandigarh-आधारित व्यवसाय को ट्रेडमार्क पंजीकरण करवाना चाहिए। एक अनुभवी अधिवक्ता क्लेम-शासन, प्रतिष्ठान-चिह्न और क्लैंक-फेयर-राइट्स की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

  • अगर आपके डिज़ाइन, उत्पाद या पैकेजिंग की नकल होती है तो आप डिज़ाइन-यूनिट और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए कानूनी मार्ग चुनेंगे। Chandigarh के केस में त्वरित एनफोर्समेंट के लिए उपयुक्त वकील जरूरी है।

  • यदि आप नई पेटेंट के लिए आवेदन कर रहे हैं तो पेशेवर पेटेंट अटॉर्नी आवश्यक है ताकि सूचना-पूर्व-अनुच्छेद (prior art) तथा पोस्ट-ग्रांट विरोध जैसी प्रक्रियाएं सही से हों।

  • कॉपीराइटेड कंटेंट जैसे लेख, संगीत, लोगो आदि पर पाबंदियाँ या उल्लंघन होने पर कानूनी सहायता जरूरी रहती है। स्थानीय अधिवक्ता उचित तर्क, त्वरित नोटिस और दावा-प्रस्तुतीकरण कर सकता है।

  • यदि आप IP-licensing, फ्रैंचाइज़िंग या टेक-ट्रांसफर समझौते बनाते हैं तो अनुभवी वकील उपयुक्त अनुबंध, सीमा-शर्तें और वैधता सुनिश्चित करेगा।

  • Chandigarh-आधारित कारोबार में किसी आवेदन, पूर्जा या अपील पर विवाद होने पर उच्च न्यायालय में प्रतिनिधित्व भी आवश्यक हो सकता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

मुख्य बौद्धिक संपदा कानून केंद्रीय स्तर पर निहित हैं और Chandigarh residents पर भी लागू होते हैं। नीचे प्रमुख कानूनी ढांचे के नाम दिए गए हैं:

  • कॉपीराइट एक्ट 1957 - साहित्य, संगीत, कला और अन्य रचनाओं के संरक्षण के लिए मूल कानून।
  • पेटेंट एक्ट 1970 - नवाचार पर अवधि-समाप्त पेटेंट और उनकी सुरक्षा से जुड़ा कानूनी ढांचा।
  • ट्रेड मार्क एक्ट 1999 - ब्रांड नाम, लोगो और टैग-लाइन जैसी पहचान की सुरक्षा देता है।

इन कानूनों के तहत Chandigarh के निवासियों के अधिकार और दायित्व स्पष्ट हैं। अदालतों में बौद्धिक संपदा से जुड़ी याचिकाएं सामान्यतः उच्च न्यायालय में दायर होती हैं। ऑनलाइन फाइलिंग और फीस-चुकाणी IP इंडिया के माध्यम से की जा सकती है।

“To create and exploit synergies between IP and business.”

उच्च स्तरीय नीति व औपचारिक गाइडेंस के लिए निम्न आधिकारिक स्रोत देखें: DPIIT-National IP Rights Policy 2016, IP India और WIPO के देश-स्तरीय पन्ने।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बौद्धिक संपदा क्या है?

बौद्धिक संपदा वह संपत्ति है जिसे विचार, रचना या इनोवेशन से प्राप्त किया जाता है। इसमें पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डिज़ाइन और जीआई शामिल होते हैं।

क्या Chandigarh निवासियों के लिए यह कानून केंद्र सरकार के समान है?

हाँ, सभी बौद्धिक संपदा अधिकार भारत के पूरे क्षेत्र में केंद्रीय कानूनों के अनुसार लागू होते हैं। Chandigarh में यह संरक्षण और अधिकार भी समान हैं।

आख़िर पेटेंट कैसे मिलता है?

पेटेंट के लिए आवेदन CGPDTM के पेटेंट ऑफिस में किया जाता है। आवेदन के बाद चरणवार जाँच, प्रकाशित-झूठ और विरोध-प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।

ट्रेडमार्क के लिए कौन आवेदन देता है?

ट्रेडमार्क आवेदन IP इंडिया के ट्रेडमार्क विभाग में किया जाता है। आपके ब्रांड के असल पहचानों का सत्यापन और विरोध-निवारण प्रक्रिया होती है।

कॉपीराइट सुरक्षा कब मिलती है?

कॉपीराइट स्वतः मिलता है जब रचना фикс हो जाए। आप चाहें तो पंजीकरण कराकर सुरक्षा प्रमाणित कर सकते हैं, पर यह अनिवार्य नहीं है।

डिज़ाइन सुरक्षा कैसे मिलती है?

डिज़ाइन एक्ट 2000 के अंतर्गत नया डिज़ाइन पंजीकृत किया जाता है। पंजीकरण से डिज़ाइन-स्वामित्व और सुरक्षा मिलती है।

IP किन मामलों में लागू नहीं होता?

IP आम तौर पर निजी-स्वामित्व, सार्वजनिक डोमेन या सामान्य ज्ञान के विरुद्ध हो सकता है। विरोध-प्रक्रिया और उद्धरण-आधार पर निर्भर है।

चंडीगढ़ में अदालत किन संस्थाओं से मिलती है?

IP मामलों की सुनवाई हिसाब से उच्च न्यायालय और जिला अदालतों में होती है। Chandigarh में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की शाखा काम करती है।

क्या मैं बिना वकील के दावा कर सकता हूँ?

संभावना है, पर पेशेवर IP वकील की सहायता बाद में विवाद-स्थिति, दलीलों और फाइलिंग-प्रक्रिया को सरल बना सकती है।

कौनसे दस्तावेज़ जरूरी होते हैं?

पहचान पत्र, मूल रचना, प्रमाण-स्वामित्व, पहले आवेदन/विरोध से जुड़े दस्तावेज़ आदि आमतौर पर जरूरी होते हैं।

कौनसी शुल्क प्रकिया पीछे रह जाती है?

फाइलिंग-फी, जाँच-फीस, विरोध-फीस आदि अलग-अलग हो सकते हैं। यह IP-घोषणा के अनुसार बदलता है।

अगर मेरा IP किसी अन्य देश में भी है, क्या Chandigarh में सुरक्षा संभव है?

हां, कई मामलों में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा-प्लेटफॉर्म्स के साथ संयुक्त नीतियाँ अपनाई जाती हैं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर निर्भर है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Office of the Controller General of Patents, Designs and Trade Marks (CGPDTM) - IP इंडिया आधिकारिक साइट, फाइलिंग और फीस जानकारी के लिए: ipindia.gov.in
  • High Court of Punjab and Haryana, Chandigarh Bench - न्यायिक प्रक्रियाओं और IP एप्लिकेशन से जुड़ी जानकारी: highcourtchd.gov.in
  • World Intellectual Property Organization (WIPO) - वैश्विक IP गाइडेंस और इंडिया-रेलेटेड जानकारी: wipo.int

6. अगले कदम

  1. अपनी IP-इन्वेंटरी बनाएं: कौनसी रचनाएं, ब्रांड नाम, डिज़ाइन या पेटेंट आपके पास है समझें।
  2. किस अधिकार की सुरक्षा चाहिए, स्पष्ट करें: कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट या डिज़ाइन?
  3. Chandigarh-आधारित IP वकीलों की सूची बनाएं: क्षेत्र-विशेष और फीडबैक देखें।
  4. डायरेक्ट कंसल्टेशन लें: पहले फ्री-इंट्रो शेयर करें, सवाल-पतवार बनाएं।
  5. कानूनी लागत और फीस-स्ट्रक्चर समझें: फाइलिंग, प्रोसेसिंग और केस-फीस स्पष्ट हों।
  6. डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: पहचान, रचना-स्वामित्व, पहले आवेदन और प्रमाणपत्र जमा करें।
  7. आवश्यकता अनुसार एडवाइस-ऑन-एग्ज़ीक्यूशन लें: पंजीकरण, फ्रैंचाइज़िंग या शिकायत-फाइलिंग करें।

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