चंडीगढ़ में सर्वश्रेष्ठ पेटेंट वकील

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Gaurav Datta Law Offices
चंडीगढ़, भारत

उनकी टीम में 6 लोग
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गौरव दत्ता लॉ ऑफिसेज चंडीगढ़ स्थित एक फर्म है जिसका नेतृत्व एडवोकेट गौरव दत्ता करते हैं, जो 10 वर्षों की मजिस्ट्रेट...
Oberoi Law Chambers

Oberoi Law Chambers

15 minutes मुफ़्त परामर्श
चंडीगढ़, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 15 लोग
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Hindi
फर्म की स्थापना वर्ष 2008 में “JUSTICE FOR ALL” के संकल्प के साथ की गई थी। ओबेरॉय लॉ चैंबर ट्रस्टेड एडवोकेट गगन ओबेरॉय द्वारा...
Lex Commerci
चंडीगढ़, भारत

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लेक्स कॉमेरसी एक पेशेवर भारतीय विधि फर्म है जो कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक मामलों में विशेषज्ञता रखती है, नियमों के...
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चंडीगढ़, भारत में पेटेंट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

भारत में पेटेंट कानून एक केंद्रित क्षेत्र है जो पूरे देश के लिए समान है. चंडीगढ़ निवासी भी इन राष्ट्रिय नियमों के अंतर्गत पेटेंट के लिए आवेदन करते हैं. पेटेंट मिलने से आविष्कारक को विशिष्ट अवधि हेतु उत्पाद या प्रक्रिया पर एकाधिकार मिलता है. यह अधिकार सार्वजनिक जानकारी के साथ संतुलित होते हैं ताकि अन्य लोग तब तक नवाचार विकसित कर सकें.

इन कानूनों के अनुसार आवेदन की योग्यता, खोज, चयनित प्रक्रियाएँ और विपक्षी कदम सभी एक केंद्रीय निकाय द्वारा नियंत्रित होते हैं. चंडीगढ़ के निवासियों के लिए आवेदन ऑनलाइन भरना, दायरे का रिकॉर्ड बनाना और अधिकारी से संवाद करना सामान्य प्रक्रिया है. पेटेंट का उद्देश्य उद्योगिक अनुप्रयोग, नई तकनीक और मौलिक इन्वेंशन की सुरक्षा प्रदान करना है.

“The Patents Act, 1970 provides for the grant of patents for inventions that are new, inventive and capable of industrial application.”

उच्च कोटि की प्रक्रिया में पहले पेटेंट आवेदन की फाइलिंग, फिर रॉयल्टी और अर्जी के साथ परीक्षा हाथ में लेते हैं. 20 वर्ष की अवधि आमतौर पर आवेदन की तारीख से गिनी जाती है, जिसे फाइलिंग से जोड़ा जाता है. इस समयसीमा के भीतर दायर वार्षिक फीस चुकानी होती है ताकि पेटेंट वैध रहे.

“The term of a patent in India is twenty years from the date of filing.”

नवीन तकनीक के लिए Chandigarh के निवासियों को विभागीय मार्गदर्शन चाहिए होता है. कानून के अनुसार, पहले से प्रकाशित समान आविष्कारों की खोज जरूरी है ताकि novelty और inventive step सृजित हों. कभी-कभी स्थानीय क्षेत्रीय क्लियरेंस या उद्योग-विशिष्ट मानकों पर भी विचार किया जाते हैं.

मुख्य स्रोत: IP India, The Patents Act, 1970, Legislative text

IP India - Official portal

The Patents Act, 1970 (Official Legislative Text)

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे Chandigarh क्षेत्र से संबंधित वास्तविक परिदृश्य बताये गए हैं जिनमें एक कानूनी सलाहकार या अधिवक्ता आवश्यक होता है. प्रत्येक पैराग्राफ 2-4 वाक्यों का है.

परिदृश्य 1 - नई हार्डवेयर-डिवाइस पर पेटेंट आवेदन की तैयारी

चंडीगढ़ के एक स्टार्ट-अप ने एक नई हार्डवेयर डिवाइस विकसित की है. वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आविष्कार नया है और वाणिज्यिक अनुप्रयोग है. एक पेटेंट वकील आवेदन-ड्राफ्टिंग, विस्तृत विवरण और खोज के साथ मार्गदर्शन दे सकता है.

परिदृश्य 2 - विश्वविद्यालय अनुसन्धान से प्राप्त फार्मूला पर पेटेंट

PEC चंडीगढ़ या चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के एक लैब ने नया दवा फॉर्म्यूला विकसित किया है. इन्हें 3(d) प्रतिबंध, क्लीनिकल-डाटा आवश्यकताएं और फॉर्म्यूला-प्रकाशन प्रक्रियाओं की समझ चाहिए. अनुभवी अधिवक्ता इन बिंदुओं को स्पष्ट करते हैं.

परिदृश्य 3 - पूर्व-स्वीकृति विरोध (प्रि-ग्रांट विरोध) का जवाब

कई बार आवेदन पर विपक्षी याचिका आती है. Chandigarh क्षेत्र के आवेदकों के लिए प्रमाणिक प्रतिक्रिया और उपयुक्त तर्क बनाकर दाखिल करना जरूरी होता है. वकील रणनीति बनाकर संकलन, पुनः-प्रस्तुति और निर्देश दे सकता है.

परिदृश्य 4 - लाइसेंसिंग या अनुबंध के माध्यम से पेटेंट अधिकार का हस्तांतरण

स्थानीय उद्यम या यूनिवर्सिटी एक पेटेंट को लाइसेंस देना चाहती है. निश्चित शर्तों, शुल्क-रचना और क्षेत्रीय अधिकारों के लिहाज़ से कानूनी सलाह आवश्यक है. एक अधिवक्ता मौजूदा समझौते को सुरक्षित और व्यावहारिक बनाता है.

परिदृश्य 5 - इंटरनेशनल पेटेंट आवेदन के लिए PCT मार्गदर्शन

भारतीय फर्म जो Chandigarh में आर-एंड-डी करती है उसे दुनियाभर में कवरेज चाहिए हो सकता है. PCT मार्गदर्शन, चयनित देशों में आवेदन और स्थानीय अनुकूलन हेतु कानूनी सहायता अनिवार्य है.

परिदृश्य 6 - पेटेंट-सम्बन्धी आपत्तियों के साथ सीधे संवाद

स्थानीय निर्माता को पेटेंट कार्यालय से पत्रावली मिलती है जिसमें अंश-व्याख्या या विस्तार की जरूरत होती है. एक अनुभवी अधिवक्ता पक्ष-प्रतिवाद, संशोधन और सुधारों को प्रभावी ढंग से दिखा सकता है.

स्थानीय कानून अवलोकन

चंडीगढ़, भारत में पेटेंट से जुड़ी कानूनी प्रावधान देश-स्तर पर ही लागू होते हैं. नीचे 2-3 प्रमुख कानूनों का संक्षिप्त उल्लेख है.

The Patents Act, 1970

यह प्राथमिक वैधानिक ढांचा है जो पेटेंट की योग्यता, संशोधन, विरोध-प्रक्रिया और अनुशंसित निष्कर्ष निर्धारित करता है. Chandigarh निवासियों के लिए यह देश-विस्तार पर लागू होता है. यह Act इन्वेंशन की नई, अभिनव एवं औद्योगिक उपयोगिता को मान्यता देता है.

The Patents Rules, 2003 (as amended)

ये नियम आवेदन-प्रकिया, शुल्क संरचना, खोज-रिपोर्ट और परीक्षा उपायों को स्पष्ट करते हैं. Chandigarh क्षेत्र के आवेदक ऑनलाइन फाइलिंग और प्रक्रियाओं के लिए इन नियमों पर निर्भर रहते हैं. नियमों में समय-सीमा और प्रस्तुतिकरण की आवश्यकताएं भी शामिल हैं.

अन्य सम्बंधित कानून/परिवर्तनों का संदर्शन

पूरी तरह से राष्ट्रीय कानून होने के कारण Chandigarh निवासियों को भी TRIPS-आधारित मानदंडों के अनुरूप व्यवहार करना होता है. पेटेंट-प्रक्रिया में समय-सीमा, री-फाइलिंग और विरोध-केसेस प्रमुख हैं. हाल के वर्षों में आवेदन-तत्परता बढ़ाने के लिए नियमों में ऑनलाइन-फाइलिंग और एक्स्पेडिएटेड-ऑन-रिक्वेस्ट जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेटेंट क्या है?

पेटेंट एक वैधानिक अधिकार है जो आविष्कारक को एक विशिष्ट अवधि के लिए नया उत्पाद या प्रक्रिया पर एकाधिकार देता है. यह अधिकार सार्वजनिक जानकारी के साथ संतुलित है ताकि अन्य लोग नवाचार कर सकें. भारत में औपचारिक अधिकार प्राप्त करने के लिए CGPDTM के माध्यम से आवेदन करना होता है.

पेटेंट के लिए क्या कुछ चीजें पेटेंट योग्य हैं?

नई उत्पाद या प्रक्रिया, जिसमें औद्योगिक उपयोगिता, नवाचार और आविष्कार-स्टेप शामिल हों, पेटेंट योग्य हो सकते हैं. उदाहरण के लिए नई सामग्री, उपकरण डिजाइन, या उच्च दक्षता उत्पादन-प्रक्रिया।

क्या कुछ चीजें पेटेंट नहीं हो सकतीं?

घोषित रहस्य, प्राकृतिक प्राकृतिक संसाधन के मौलिक गुण, सोच-समझ के बिना मिलने वाले विचार, और मौजूदा तकनीकों पर सिर्फ कॉपी-पे-Sटी नहीं पेटेंट होते. भी कुछ विषय चिकित्सीय विधियों के दायरे में नियम-निर्भर हैं.

मैं चंडीगढ़ से पेटेंट कैसे दाखिल कर सकता हूँ?

आप ऑनलाइन IP India पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म-1, विस्तृत विवरणिका (अवधारणा), ड्राफ्टेड दावा-योजना, सार आदि आवश्यक होते हैं. किसी अनुभवी पेटेंट अटॉर्नी की सहायता से आवेदन तैयार करना लाभप्रद रहता है.

पेटेंट-प्रक्रिया में कितने साल लगते हैं?

औसतन 2 से 5 वर्ष लग सकते हैं, कई बार विपक्ष-या परीक्षा के अनुसार समय बढ़ सकता है. प्रथम प्रतिक्रिया, अनुरोधित संशोधन और क्लियरेंस के सभी चरणों की समयसीमा निर्धारित है.

Product patent और process patent में क्या अंतर है?

Product patent एक विशिष्ट पदार्थ या वास्तु-रचना पर अधिकार देता है. Process patent एक उत्पादन-प्रक्रिया पर अधिकार देता है. फार्मास्यूटिकल और विज्ञान के क्षेत्रों में यह खास मायने रखता है.

पेटेंट खोज कैसे करें?

IP India, Google Patents, और WIPO जैसी साइटों पर पूर्व-ज्ञान खोज करें. खोज से यह पता चलता है कि आपका विचार मौजूदा दायर पेटेंट से कितना मिलता-जुलता है.

क्या फाइलिंग के बाद मैं संशोधन कर सकता हूँ?

हाँ, प्री-ग्रांट और पोस्ट-ग्रांट संशोधन संभव है. नियमित काल-सीमा के भीतर संशोधन, विस्तृत विवरण और दावों में बदलाव कर सकते हैं.

पेटेंट आंशिक-केस में क्या होता है?

अगर आविष्कार का हिस्सा-विशेष स्पष्ट नहीं है, तो आप आंशिक-विश्लेषण या संपूर्ण-डिफिनिशन के लिए सुधार की मांग कर सकते हैं. यह IP Office के निर्णय को प्रभावित कर सकता है.

क्या मैं विदेशों में भी पेटेंट करा सकता हूँ?

हाँ, भारत में आवेदन करके अंतरराष्ट्रीय पथ के लिए PCT मार्ग का चयन कर सकते हैं. इससे कई देशों में चरणबद्ध आवेदन की व्यवस्था सरल होती है.

पेटेंट रजिस्ट्रेशन के लिए कितना खर्च आता है?

आवेदन शुल्क, अनुग्रह और परीक्षा शुल्क आदि शामिल होते हैं. Chandigarh निवासी छोटे-खुदरा उद्योग के लिए विशेष छूट/अनुदान उपलब्ध हो सकता है.

पेटेंट-ऑफिस द्वारा विरोध-याचिका आने पर क्या करें?

आपके वकील द्वारा तर्क-समर्थित उत्तर, सुधार और आवश्यक साक्ष्यों के साथ जवाब देना आवश्यक है. समय-सीमा का पालन बेहद महत्वपूर्ण है.

पेटेंट के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

डायरेक्टेड आवेदन, पंजीयन-चार्ट, मांगी गई पाठ्य विवरणिका, ड्रॉइंग, आरेख, और यदि आवश्यक हो तो अभिकल्प-रचना. पेशेवर एडवांस तैयारी बेहतर परिणाम देती है.

अतिरिक्त संसाधन

नीचे 3 प्रमुख संगठन दिए गए हैं जो पेटेंट से जुड़ी जानकारी और सहायता प्रदान करते हैं.

  • Intellectual Property India (IP India) - भारत सरकार का आधिकारिक पेटेंट और अन्य IPR पोर्टल. कृपया देखें: https://www.ipindia.gov.in/
  • World Intellectual Property Organization (WIPO) - अंतरराष्ट्रीय IPR संस्था. साझा संसाधन, पेंटिंग गाइड और पेटेंट-प्रक्रिया का तुलनात्मक दृष्टिकोण. देखें: https://www.wipo.int/
  • Council of Scientific & Industrial Research (CSIR) - भारत की प्रमुख अनुसंधान इकाई जो पेटेंटों से जुड़ी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करती है. देखें: https://www.csir.res.in/

अगले कदम

  1. अपने आविष्कार का संक्षिप्त वर्णन बनाएं और लक्ष्य बाजार तय करें.
  2. पूर्व-ज्ञान खोज करके novelty/ inventive step का आकलन करें.
  3. यदि आवश्यक हो, Chandigarh-स्थित एक अनुभवी पेटेंट वकील से पहले परामर्श लें.
  4. आवेदन-निगमन के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करें और ऑनलाइन फाइलिंग करें.
  5. पेटेंट ऑफिस से मिलने वाले जवाबों के लिए रणनीति बनाएं और संशोधन तैयार रखें.
  6. यदि आप अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चाहते हैं, PCT के माध्यम से अगले कदम तय करें.
  7. आवेदन-स्थिति और फीस चेक करें, आवश्यकतानुसार रिन्यूअल फॉर्म जमा करें.

नोट: Chandigarh निवासियों के लिए पेटेंट अधिकार भारतीय कानून से नियंत्रित होते हैं. क्षेत्रीय सीमा से अधिक वैश्विक सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मार्ग भी उपलब्ध है. कोई भी कानूनी निर्णय लेने से पहले प्रमाणित सलाहकार से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें.

संदर्भ/ उद्धरण के स्रोत:

“The Patents Act, 1970 provides for the grant of patents for inventions that are new, inventive and capable of industrial application.”

The Patents Act, 1970 - Official Legislative Text

“The term of a patent in India is twenty years from the date of filing.”

The Patents Act, 1970 - Official Legislative Text

“Patents are examined by the Controller General of Patents, Designs & Trade Marks under CGPDTM.”

IP India - Official portal

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