बेंगलुरु में सर्वश्रेष्ठ निजी इक्विटी वकील

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De Novo Law Firm
बेंगलुरु, भारत

2020 में स्थापित
English
De Novo Law Firm is a Bengaluru-based boutique law firm that concentrates on corporate advisory, real estate investments, insolvency and dispute resolution. Founded in 2020 by Harsit V Raj and a co-founder, the firm combines corporate advisory and investment experience with robust litigation...
INDUSLAW Bengaluru
बेंगलुरु, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हमारे बारे मेंINDUSLAW एक भारतीय लॉ फर्म है जो ग्राहकों को उनके लेनदेन संबंधी लक्ष्यों, व्यावसायिक रणनीतियों और...
SARVE PERMITS AND LEGAL ADVISORY  PVT. LTD.
बेंगलुरु, भारत

2008 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Bengali
Panjabi
Bihari
Gujarati
Sanskrit (Saṁskṛta)
क्या आप कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जो आपको रातों को जगाती हैं? हमारे व्यापक लॉ फर्म की ओर देखें जो सभी...
Agraa Legal
बेंगलुरु, भारत

2011 में स्थापित
उनकी टीम में 12 लोग
English
अग्रा लीगल एक बेंगलुरु और जयपुर आधारित लॉ फर्म है जो कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, डेवलपर्स और उच्च नेट वर्थ...
Poovayya & Co.
बेंगलुरु, भारत

1996 में स्थापित
उनकी टीम में 60 लोग
English
Poovayya & Co. एक भारतीय विधिक फर्म है जो कॉरपोरेट सलाहकार और विवाद समाधान कार्यों के मिश्रण में विशिष्ट रूप से मजबूत है,...
Samvad Partners
बेंगलुरु, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 150 लोग
Hindi
English
Samvād: Partners एक पूर्ण-सेवा भारतीय कानून फर्म है जिसकी बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालय हैं। हम...
Themis Partner
बेंगलुरु, भारत

2017 में स्थापित
उनकी टीम में 30 लोग
Hindi
English
Chinese
Themis Partner is a full-service law firm with a strong presence across Southeast Asia. Our team is known for delivering comprehensive legal services to businesses of all sizes, with a focus on providing practical and innovative legal solutions. With extensive experience in sectors like corporate...
SAHAI LAW FIRM
बेंगलुरु, भारत

2003 में स्थापित
English
साहई लॉ फर्म एक बेंगलुरु-आधारित विधि फर्म है जिसकी स्थापना 2003 में हुई थी और जो नागरिक मुकदमों, संपत्ति और कॉर्पोरेट...
Dr Gubbi's HOUSE OF JUSTICE
बेंगलुरु, भारत

2014 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
Tamil
Kannada
Hindi
हम भारतीय कानूनों, निजी अंतर्राष्ट्रीय कानूनों-सीमापार विवाद-परिवार, बच्चे, तलाक; वाणिज्यिक मामलों, सीमा शुल्क,...
जैसा कि देखा गया

1. बेंगलुरु, भारत में निजी इक्विटी कानून के बारे में: [ बेंगलुरु, भारत में निजी इक्विटी कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

बेंगलुरु निजी इक्विटी (PE) गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। शहर में टेक्नोलॉजी, SaaS, fintech और क्लाउड सेवाओं में उच्च-गुणवत्ता वाली कंपनियाँ पाई जाती हैं। इस क्षेत्र में PE फंड्स के लिए नियम स्पष्ट हैं, खासकर Alternative Investment Funds (AIF) के लिए SEBI के प्रावधान लागू होते हैं।

कर्नाटक में स्थित कंपनियों के केस में स्थानीय अदालतों के साथ SEBI, RBI और MCA के नियम भी साथ चलते हैं। स्थानीय फर्में Bengaluru के उद्यमों के लिए फंडिंग, गाइडेंस और ड्यू डिलिजेंस में मदद करती हैं। साथ ही cross border निवेश में FEMA के नियम भी अहम भूमिका निभाते हैं।

“The Foreign Exchange Management Act, 1999 aims to consolidate and amend the law relating to foreign exchange with a view to facilitating external trade and payments and to promote the orderly development and maintenance of the foreign exchange market.”

स्रोत: FEMA, 1999 - सरकारी परिभाषा

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [ निजी इक्विटी कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। बेंगलुरु, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें ]

  • डील-ड्यू डिलिजेंस और संरचना: Bengaluru-आधारित स्टार्टअप के लिए PE निवेश के समय गठन, लोक-शेयरिंग और कंडीशन्स स्पष्ट करने के लिए कानूनी सलाह की जरूरत होती है।
  • फंड रजिस्ट्रेशन और अनुपालना: AIF Category I-II फंड के लिए SEBI पंजीकरण, NFO नियम आदी की जाँच जरूरी है।
  • FDI/FAI अनुपालन: Cross border निवेश में FEMA नियमों, FDI अपेक्षित पंजीकरण और RBI अनुमतियों की आवश्यकता पड़ती है।
  • कंपनी अधिनियम 2013 के अनुरूप ढांचा: निवेश के बाद निदेशक मंडल, शेयरहोल्डिंग, कंप्लायंस और रिकॉर्ड-कीपिंग जैसे मुद्दे स्पष्ट करने होते हैं।
  • EXIT स्ट्रैटेजी और वैधता: IPO, फ्लोट-ऑफ या बिक्री के अवसर पर नियमों की जाँच के लिए वकील की सहायता जरूरी है।
  • टैक्स संरचना और ट्रांसफर प्राइसिंग: फंड-स्तर पर टैक्सेशन तथा निवेशकों के लिए पास-थ्रू टैक्सेशन के पहलुओं को समझना आवश्यक होता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ बेंगलुरु, भारत में निजी इक्विटी को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें ]

  • SEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012 - AIF फंड्स के गठन, पंजीकरण, निवेश-श्रेणियाँ और अनुपालना के लिए मुख्य नियम।
  • Companies Act, 2013 - कॉर्पोरेट गवर्नेंस, शेयरcapital, बोर्ड-रिलेशन और M&A जैसी गतिविधियों के लिए लागू कानून।
  • SEBI (Issue of Capital and Disclosure Requirements) Regulations, 2018 - पूंजी-उत्पादन और विवरण आवश्यकताओं के लिए मानक निर्धारित करते हैं, विशेषकर IPO-आधारित exits में।
“SEBI is the regulator for securities market in India.”

नोट: Bengaluru में इन नियमों के साथ FEMA, RBI, और आईटी/टैक्स कानूनों के साथ समन्वय जरूरी होता है, खासकर cross-border और cross-jurisdiction deals में।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

निजी इक्विटी फंड क्या है?

निजी इक्विटी फंड एक ऐसा निवेश ढांचा है जो निजी कंपनियों में पूंजी लगाकर शेयरधारिता प्राप्त करता है। यह फंड SEBI के AIF Regulations के अंतर्गत पंजीकृत होता है।

बेंगलुरु में PE डील कैसेregulated होते हैं?

डील SEBI AIF Regulations, 2012 और Companies Act के अनुरूप होती है। फंडिंग और exit के लिए फंड-स्तर पर KYC, disclosures और governance आवश्यक होते हैं।

क्या फंड को SEBI में पंजीकरण कराना अनिवार्य है?

हाँ, Category I और II AIF के लिए SEBI पंजीकरण अनिवार्य है, ताकि पूंजी-संरचना और निवेशकों के हित सुरक्षित रहें।

FDI/FAI नीति-private equity पर कैसे प्रभाव डालती है?

Cross-border PE निवेश पर FEMA के प्रावधान लागू होते हैं। पूर्व-नियोजन और अनुमति के बिना विदेशी निवेश अस्वीकार्य हो सकता है।

EXIT प्रक्रिया के समय कौन-से नियम लागू होते हैं?

IPO, M&A या secondary sale में SEBI LODR, Takeover Regulations और ICDR नियम प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

कंपनी अधिनियम 2013 के तहत कौन-से अनुपालनों का पालन आवश्यक है?

निदेशक मंडल, शेयरहोल्डिंग, रेकॉर्ड-कीपिंग, वार्षिक आमसभा और ग्रंथपालन जैसी दायित्वें जरूरी होती हैं।

PE फंड के टैक्सेशन की सामान्य प्रकृति क्या है?

Category I-II AIF आम तौर पर निवेशकों के लिए पास-थ्रू टैक्सेशन के करीब रहते हैं; फंड स्वयं पर टैक्सेशन निर्भर कर सकता है।

valuation and due diligence का महत्व कहाँ है?

कैलिब्रेशन वैल्यूएशन, due diligence और कानूनी due diligence सौदों के सफल close के लिए अनिवार्य हैं, विशेषकर Bengaluru-आधारित कंपनियों में।

क्या Bengaluru में cross-border PE निवेश के लिए खास अनुशासन है?

हां, FEMA और RBI से प्राप्त अनुमतियों की आवश्यकता पड़ती है, साथ ही स्थानीय कॉन्ट्रैक्ट और स्टैम्पिंग कानून भी लागू होते हैं।

कौन से डेटा-लॉग्स और disclosures जरूरी होते हैं?

कंपनी रजिस्ट्रेशन, शेयरहोल्डिंग ट्रेस-कीपिंग, और फंड-स्तर disclosures SEBI के मानकों के अंतर्गत आते हैं।

क्या PE निवेश Bangalore क्षेत्र के लिए tax-efficient हो सकता है?

टैक्स संरचना निवेशक-विशिष्ट हो सकती है; कई मामलों में pass-through taxation लाभ देता है, पर निर्णय व्यक्तिगत कर सलाह से लें।

नए कानूनों में हालिया परिवर्तनों का संक्षेप क्या है?

SEBI ने हालिया वर्षों में AIF नियमों और LODR नियमों में संशोधन किए हैं ताकि disclosures और governance मजबूत हों।

5. अतिरिक्त संसाधन: [ निजी इक्विटी से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं ]

  • IVCA (Indian Private Equity & Venture Capital Association) - निजी इक्विटी-VC उद्योग के लिए मानक-निर्देशक और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म. वेबसाइट: ivca.in
  • SEBI - भारतीय प्रतिभूति बाजार का नियामक; AIF Regulations, ICDR आदि के आधिकारिक दस्तावेज. वेबसाइट: sebi.gov.in
  • MCA (Ministry of Corporate Affairs) - Companies Act, 2013 और कॉर्पोरेट अनुपालना के लिए आधिकारिक स्रोत. वेबसाइट: mca.gov.in

6. अगले कदम: [ निजी इक्विटी वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया ]

  1. अपनी निवेश-स्कोप स्पष्ट करें: क्या केवल फंड-स्तर, या target-ड्यू-डिलिजेंस, टैक्स-योजना इत्यादि चाहिए।
  2. बेंगलुरु-आधारित कानून firms और स्वतंत्र advosors की सूची बनाएं।
  3. पृष्ठभूमि जाँच करें: अतीत के डील-क्रेडेंशियल्स, फर्म-क्लाइंट रेफरेंसेस, कोर्ट-रिपोर्ट्स।
  4. प्रश्न-पत्र तैयार करें: ड्यू डिलिजेंस-पर, फंड-रजिस्ट्रेशन-पर और EXIT-डायनेमिक्स पर पूछें।
  5. कानूनी फीस और.billing-मैकेनिज्म समझें: hourly rates, retainer, success-fee आदि स्पष्ट करें।
  6. फिट-चेक करें: तकनीकी विशेषज्ञता, उद्योग-समझ, Bengaluru क्षेत्र-उन्मुख अनुभव।
  7. पहली कॉन्सल्टेशन करें और लिखित प्रस्ताव लें: scope, timelines, deliverables, और COST पर स्पष्ट-विवेक लें।

आधिकारिक स्रोत और संपर्क

नीचे दिए गए स्रोत कानूनी ढांचे के लिए विश्वसनीय मार्गदर्शन देते हैं:

  • Ministry of Corporate Affairs (MCA): https://www.mca.gov.in
  • SEBI: https://www.sebi.gov.in
  • Department of Economic Affairs (FEMA): https://fema.gov.in
  • IVCA: https://ivca.in

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