लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
लखनऊ, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया
लखनऊ, भारत में अधिग्रहण एवं उत्तोलन वित्त कानून पर विस्तृत गाइड

1. लखनऊ, भारत में अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त कानून के बारे में: लखनऊ, भारत में अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त कानून का संक्षिप्त अवलोकन

लखनऊ में अधिग्रहण और उत्तोलन वित्त के लिए भारतीय कानून लागू होते हैं और स्थानीय कारोबारी निर्णयों पर सीधे प्रभाव डालते हैं।

ECB, equity financing और debt financing के रास्ते उपलब्ध हैं, पर नियम RBI, SEBI और MCA से बंधे रहते हैं।

Due diligence, नियामक अनुमतियाँ और अनुबंध कानून उत्तोलन लेनदेन को संचालित करते हैं।

Lucknow के व्यवसायी उचित कानूनी मार्गदर्शन से जटिल लेनदेन सुरक्षित बनाते हैं।

External Commercial Borrowings are borrowings by Indian entities from foreign lenders in foreign currency under a regulated framework.

Source: RBI

A takeover of a listed company must comply with the SEBI Takeover Regulations and open offer obligations.

Source: SEBI

The Insolvency and Bankruptcy Code provides a time-bound resolution framework for insolvent entities.

Source: IBBI

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

  • परिदृश्य 1: लखनऊ-आधारित विनिर्माण समूह ने विदेशी ऋणदाता से ECB के जरिए एक प्रतिस्पर्धी कंपनी का अधिग्रहण करने की योजना बनाई।

    कानूनी सलाहकार का काम due diligence, ECB निवेदन, और RBI-नियमों के अनुरूप संरचना बनाना है।

  • परिदृश्य 2: Lucknow-आधारित आईटी समूह ने मेज़ेन्नाइन डेब्ट से एक छोटी फर्म का अधिग्रहण किया है।

    कानूनी सलाहकार संरचना, सुरक्षा हित, और चुकौती के जोखिम तय करेगा ताकि देनदारी संतुलित रहे।

  • परिदृश्य 3: promotors द्वारा minority stake के खरीद-फरोख्त के लिए SEBI Takeover Regulations के अनुसार ओपन ऑफ़र जरूरी हो सकता है।

    कानूनी सलाहकार से open offer योजना, disclosure, और शेयरधारकों के हितों के बचाव की तैयारी करें।

  • परिदृश्य 4: CROSS- BORDER M&A के लिए FDI नीति और RBI की विदेशी ऋण मंज़ूरी चाहिए।

    स्थान-विशिष्ट कर्तव्यों और ड्यू-डिलिजेंस के साथ लाइसेंसिंग और अनुपालन सुनिश्चित करें।

  • परिदृश्य 5: UP-आधारित समूह IBC या डिवल्यूशन के कारण ऋण पुनर्गठन चाहता है।

    कानूनी सलाहकार IBC के अंतर्गत समाधान, डिफॉल्ट-प्रक्रिया और समय-सीमा समझाएगा।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: लखनऊ, भारत में अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

  • External Commercial Borrowings (ECB) Guidelines - RBI के Master Directions के तहत विदेशी ऋणों की नीति, पात्रता, ऋण-सीमा और अनुपालन नियम निर्धारित होते हैं।

  • SEBI Takeover Regulations, 2011 - सूचीबद्ध कंपनियों के अधिग्रहण-खरीद पर ओपन ऑफ़र, सूचना-पत्र और शेयरहोल्डर संरक्षण के प्रावधान लागू होते हैं।

  • Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) - दिवालियापन स्थिति में समय-सीमा के भीतर पुनर्गठन या परिसमापन प्रक्रिया संचालित होती है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त क्या है?

यह एक ऋण संरचना है जिसमें खरीदार किसी लक्ष्य कंपनी के नियंत्रण के लिए ऋण लेता है या वित्तपोषण जुटाता है।

ECB क्या है और क्या इसके लिए अंदरूनी नियम हैं?

ECB भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी lenders से विदेशी मुद्रा में ऋण है। इसे RBI के फ्रेमवर्क के अंतर्गत नियंत्रित किया जाता है।

क्या लखनऊ-आधारित कंपनियों को FDI नीति का पालन करना आवश्यक है?

हाँ. विदेशी निवेश के लिए FDI नीति और RBI नियम भी लागू होते हैं, खासकर cross-border अधिग्रहण में।

Open Offer कब जरूरी है?

जब कोई व्यक्ति नियंत्रण या पर्याप्त शेयर खरीदता है, तब SEBI Takeover Regulations के अनुसार ओपन ऑफ़र अनिवार्य हो सकता है।

Due Diligence क्या जरूरी है?

हाँ. कानूनी, वित्तीय, और कर-ड्यू-डिलिजेंस से संरचना सुरक्षित बनती है और जोखिम घटता है।

कौन सा कानून सबसे पहले ध्यान में रखना चाहिए?

नियमित कानून-लिंक: ECB Guidelines, Takeover Regulations और IBC की प्रावधानों के अनुरूप योजना बनानी चाहिए।

क्या मुझे Lucknow में स्थानीय वकील चुनना चाहिए?

जी हाँ. क्षेत्रीय अनुभव और UP-नियमन के ज्ञान से लेन-देन की कागजी प्रक्रिया सरल हो जाती है।

डिफॉल्ट होने पर क्या होता है?

डिफॉल्ट की स्थिति में IBC या SARFAESI जैसे तंत्र खुलते हैं और रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस शुरू हो सकती है।

पावर ऑफ एंगलमेंट कैसे संरचित करें?

गणना योग्य सुरक्षा हित और क्रेडिट एलायंस के साथ एंगलमेंट-एग्रीमेंट बनाएं, जिस पर क़ानूनी सलाहकार की अनुमति हो।

कितना समय लगता है एक लेन-देन को पूर्ण करने में?

स्थिति पर निर्भर करता है; औसतन 2-6 महीने due diligence, approvals और closure में लग सकते हैं।

कौन-कौन से दस्तावेज सामान्य होते हैं?

श्रोता-नोट, due diligence रिपोर्ट, बोर्ड-प्रस्ताव, शेयरधारिता की गिनती, licensing और regulatory approvals प्रमुख दस्तावेज होते हैं।

Lucknow में वकील कैसे ढूंढें?

स्थानीय फर्मों, नेट्वर्किंग, और पूर्व केस-आउटपुट के आधार पर तुलना करें।

कानूनी फीस मॉडल सामान्यतः कैसे होते हैं?

घंटा-दर-घंटा, प्रोजेक्ट-आधारित या सफलता-आधारित फीस मिलती है; engagement letter से स्पष्ट हो जाए।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Reserve Bank of India (RBI) - ECB guidelines, regulatory updates और FAQs के लिए आधिकारिक स्रोत। RBI वेबसाइट
  • Securities and Exchange Board of India (SEBI) - Takeover Regulations, investor protection और compliances के लिए. SEBI वेबसाइट
  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - Companies Act 2013, corporate governance और compliance का दायरा. MCA वेबसाइट

6. अगले कदम: अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपनी आवश्यकताओं को स्पष्ट करें-कौन-सी फाइनेंसिंग पद्धति, कौन-से सेक्टर और कौन-सा जुरिस्डिक्शन है।
  2. Lucknow में कॉर्पोरेट-फाइनेंस, बैंकिंग-ऋण और M&A मामलों में अनुभव वाले वकीलों की सूची बनाएं।
  3. स्थानीय बार एसोसिएशन, UP हाई कोर्ट-लखनऊ बेंच और प्रतिष्ठित फर्मों के प्रोजेक्ट-वैकेंसी देखें।
  4. पिछले लेन-देन के केस स्टडी और क्लाइंट फीडबैक जांचें, विशेषकर UP क्षेत्र में।
  5. प्राथमिक बैठक में NDA और engagement letter के ड्राफ्ट पर चर्चा करें।
  6. फीस मॉडल, अवकाश-समय और उपलब्धता के बारे में स्पष्ट समझ बनाएं।
  7. एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर से पहले due diligence, risk allocation और exit options सुनिश्चित करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से लखनऊ में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, अधिग्रहण / उत्तोलन वित्त सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

लखनऊ, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।