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Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

2011 में स्थापित
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विधिशास्त्र - अधिवक्ता एवं सलिसिटर, 2011 में श्री आशीष दीप वर्मा द्वारा स्थापित, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Law Offices of Sameer & Associates
दिल्ली, भारत

2014 में स्थापित
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हैदराबाद और दिल्ली स्थित समीर हुसैन एंड एसोसिएट्स का कार्यालय फैमिली कोर्ट, सिविल कोर्ट, क्रिमिनल कोर्ट, फोरम,...
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Delhi, India में Annulment कानून के बारे में: [ Delhi, India में Annulment कानून का संक्षिप्त अवलोकन ]

दिल्ली में annulment अर्थात विवाह की nulla-deshya (nullity) या annulment के विरुद्ध का कानूनी उपचार मुख्य रूप से हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 और विशेष विवाह अधिनियम 1954 के अंतर्गत किया जाता है। यहाँ विवाह की वैधता की पुष्टि या शून्यता अदालत के मानक नियमों से तय होती है।

महत्वपूर्ण बात - दिल्ली में ऐसे मामलों को अधिकतर फैमिली कोर्ट सुनती है और आवश्यकता पड़ने पर उच्च अदालत के निर्णय भी लागू होते हैं। अदालतें सुनिश्चित करती हैं कि विवाह पूरी तरह वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार हुआ था या नहीं और यदि विवाह पहले से अवैध है तो उसे nullity घोषित किया जा सके।

“The Hindu Marriage Act 1955 provides for void and voidable marriages; a marriage is void if certain conditions are unmet, and voidable if consent or other essentials were defective.” - Official text idea summarized from Hindu Marriage Act 1955
“Special Marriage Act 1954 enables civil marriages across religions and includes provisions for nullity where statutory conditions are not satisfied.” - Official text idea summarized from Special Marriage Act 1954

दिल्ली में रहने वाले व्यक्तियों के लिए यह समझना जरूरी है कि annulment एक वैधानिक उपाय है, न कि सामान्य पति-विधवा-विच्छेद। इस प्रक्रिया में अदालत से स्वीकृति पाने के लिए पूर्ण प्रमाण और कानूनी तर्क देना पड़ता है।

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [Annulment कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Delhi, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

  • उच्च आयु के व्यक्ति के विवाह के समय सहमति के मुद्दे पर संदेह हो, यदि दिल्ली के किसी परिवार court में voidable-marriage की याचिका बनती है।
  • एक पक्ष के अवयस्क होने के कारण विवाह वैधानिकता पर प्रश्न उठे, जो दिल्ली के भीतर किसी भी समुदाय के लिए हो सकता है।
  • पूर्व-विवाह (Bigamy) की पुष्टि होने पर दिल्ली के फेमिली कोर्ट में nullity petition दायर करनी पड़े।
  • निर्भरता, मानसिक अस्वस्थता या क्रूरता के grounds पर voidable marriage की मांग करने के लिए दिल्ली के निवासी को कानूनी सलाह की जरूरत पड़ेगी।
  • धार्मिक विवाह के बजाय स्पेशल विवाह अधिनियम के अंतर्गत किसी भी पक्ष की सहमति की कमी के कारण nullity चाहना हो तो: वकील की सलाह आवश्यक होगी।
  • दिल्ली के किसी जोड़े ने वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार तलाक से पहले nullity के विकल्प पर विचार किया हो या कानूनी चुनौती दी हो।

नोट - कुछ सामान्य और व्यावहारिक Delhi-आधारित परिस्थितियाँ: एक साथ कई अदालतों में फाइलिंग, फाइलिंग-डेडलाइन, और दस्तावेजों के सत्यापन की आवश्यकता। इन सभी मामलों में एक कुशल अधिवक्ता की भूमिका अहम रहती है।

स्थानीय कानून अवलोकन: [ Delhi, India में Annulment को नियन्त्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों के नाम ]

  • हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 - हिन्दू विवाह के लिए वैधता, void और voidable विवाह के Grounds, अदालतों की क Mansik
  • विशेष विवाह अधिनियम, 1954 - नागरिक विवाह का आचार-निर्देशन और nullity के उपाय; धर्म-स्वतंत्र विवाह को नियंत्रित करता है
  • डिसॉल्यूशन ऑफ मुस्लिम मरिजेज एक्ट, 1939 - मुस्लिम विवाह के समापन-प्रक्रिया और कुछ परिस्थितियों में वैधानिक परिणाम

सन्दर्भ - Delhi में इन कानूनों के تحت annulment, nullity, और divorce की proceedings फैमिली कोर्ट में होते हैं; कई मामलों में High Court या Supreme Court के आदेश मार्गदर्शक रहते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [10-12 प्रश्न-उत्तर]

Annulment बनाम Divorce में क्या अंतर है?

Annulment या nullity विवाह को प्रारम्भ से ही वैध नहीं मानता है, जबकि divorce विवाह को समाप्त कर देता है। Nullity में विवाह शून्य माना जाता है, जबकि divorce के बाद दोनों पक्ष स्वतंत्र हो जाते हैं।

दिल्ली में nullity petition कहां दायर की जाती है?

अक्सर यह मामला फ्रेम-ट्रैकिंग प्रक्रिया के अनुसार दिल्ली के फेमिली कोर्ट में दायर होता है। Edinburgh delays और evidence के प्रमाण जरूरी होते हैं।

कौन से grounds पर voidable marriage की वैधान्कि संभव है?

Voidable marriage तब माना जाता है जब विवाह के दौरान सहमति, मानसिक स्थिति, या वैधानिक आवश्यकता पूरी न हो। अदालत इसे भी void घोषित कर सकती है, यदि रिकॉर्डेड प्रमाण मिलें।

क्या age से जुड़ी बाध्यता annulment का आधार बन सकती है?

हाँ, यदि विवाह के समय आयु निर्धारित मानदंड से कम थी, तो वैधानिकता पर प्रश्न उठ सकता है। वृद्ध-अधिनियम के अनुसार आयु मानदंड पालन आवश्यक है।

क्या आदेश प्राप्त करने में कितने समय लग सकते हैं?

यह मामले के जटिलता, साक्ष्यों की उपलब्धता और दिल्ली के फैमिली कोर्ट की बृहद अदालत-कार्य-योजना पर निर्भर करता है। आम तौर पर कुछ महीनों से सालों तक लग सकता है।

क्या विदेश में भी विवाह nullity के लिए फाइल हो सकता है?

हाँ, यदि विवाह दिल्ली में पंजीकृत हुआ हो या केंद्र-राज्य कानूनों के भीतर आवश्यकताएं पूरी हों, तो दिल्ली के कानून-नियम के अनुसार फाइलिंग संभव है।

क्या कोर्ट से पहले समझौता संभव है?

कई मामलों में mediation और conciliation संभव है, परन्तु nullity के लिए अदालत से आदेश आवश्यक ही रहता है।

annulment कैसे प्राप्त की जाती है-कानूनी प्रक्रिया क्या है?

सबसे पहले Family Court में petition दायर करनी होती है, फिर कोर्ट द्वारा मुद्दे की जाँच, साक्ष्यों की प्रस्तुति और अंत में निर्णय होता है।

क्या witnesses की जरूरत पड़ती है?

हाँ, सामान्यतः विवाह-सम्बन्धित factual documents और witness statements की जरूरत पड़ती है ताकि grounds साबित हो सकें।

क्या बाल-सम्बन्धी अधिकार प्रभावित होते हैं?

nullity के निर्णय से तलाक जैसी स्थिति बनती है और बच्चों के अधिकार और समर्थन पर कानून लागू रहते हैं।

क्या अदालत के निर्णय के खिलाफ appeal हो सकती है?

हाँ, उच्च न्यायालय में appeal संभव है; appellate jurisdiction अधिकत: कानून-एक तर्क पर आधारित है।

क्या मैं खुद अदालत में representation दे सकता हूँ?

जी हाँ, आप स्वयं पैरवी कर सकते हैं या किसी वकील की मदद ले सकते हैं; अनुभवी counsel आपके पक्ष को मजबूत कर सकता है।

अतिरिक्त संसाधन: [Annulment से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची]

  • National Commission for Women (NCW) - https://www.ncw.nic.in
  • Delhi Commission for Women (DCW) - https://dcw.nic.in
  • National Legal Services Authority (NALSA) - https://nalsa.gov.in

अगले कदम: [Annulment वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया]

  1. Delhi-आधारित family law specialists की सूची बनाएं; स्थानीय referrals भी लें।
  2. उनकी विशेषज्ञता: nullity, voidable marriages और cross-community मामलों पर उनकी कुशलता जाँचें।
  3. पहले ही परामर्श (consultation) बुक करें ताकि केस-स्थिति स्पष्ट हो।
  4. फीस मॉडल, समय-सीमा और कार्य-योजना स्पष्ट रूप से लिखित में लें।
  5. Case-document checklist तैयार करें: विवाह प्रमाण-पत्र, आयु प्रमाण, पूर्व विवाह-आधार आदि।
  6. सवाल-तैयारी करें: Grounds, expected timeline, और possible outcomes।
  7. Legal aid विकल्पों या DCW/NCW के माध्यम से सहायता के बारे में पक्का करें।

Official sources and references:

“The Hindu Marriage Act 1955 provides for void and voidable marriages; a marriage is void if certain conditions are unmet, and voidable if consent or other essentials were defective.”
“Special Marriage Act 1954 enables civil marriages across religions and includes provisions for nullity where statutory conditions are not satisfied.”

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