दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ ऋण पूंजी बाजार वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

GNK Law Associates
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ वकीलजीएनके एडवोकेट एंड सॉलिसिटर, अपने विशिष्ट कानून क्षेत्रों के अभ्यासरत वकीलों और...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Shivam Legal Services
दिल्ली, भारत

2019 में स्थापित
उनकी टीम में 5 लोग
English
Hindi
हम अनुभव और नई ऊर्जा का मिश्रण लेकर अनेक मुकदमों और पैरालीगल सेवाओं के क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हम नागरिक,...
Thukral Law Associates
दिल्ली, भारत

2000 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
हम कौन हैंथुक्करल लॉ एसोसिएट्स एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म है जो विशेष रूप से एनआरआई के लिए विभिन्न विधिक संबंधित...
Samvad Partners
दिल्ली, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 150 लोग
English
Samvād: Partners एक पूर्ण-सेवा भारतीय कानून फर्म है जिसकी बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कार्यालय हैं। हम...
Kochhar & Co.
दिल्ली, भारत

1994 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
ओवरव्यूकोचर एंड को. (“फर्म”) भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट लॉ फर्मों में से एक है।नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई,...
जैसा कि देखा गया

1- Delhi, India में Debt Capital Markets कानून के बारे में: [ Delhi, India में Debt Capital Markets कानून का संक्षिप्त अवलोकन]

Delhi में Debt Capital Markets (DCM) कानून केंद्रीय कानूनों से नियंत्रित होते हैं। क्षेत्र विशेष कानून Delhi पर प्रभाव डालते हैं, पर डीसीएम के प्रमुख नियम राज्य सीमा से मुक्त हैं। नियमन केंद्रीय संस्थाओं SEBI, RBI और MCA के माध्यम से होता है।

DCM में कंपनियाँ debentures, bonds, commercial papers और notes के जरिए पूंजी जुटाती हैं। ये निष्पादन सार्वजनिक या निजी प्लेसमेंट के रूप में हो सकता है। Delhi-आधारित issuers के लिए बहुप्रतिष्ठित निर्देश NSE और BSE जैसी एक्सचेंजों के मानक भी लगते हैं।

“The Securities and Exchange Board of India (SEBI) is responsible for protecting the interests of investors in securities and for promoting the development of, and regulating the securities market.”

सूत्र: SEBI Act, 1992 तथा SEBI की Regulations Delhi-आधारित IPO, debt issue और listing पर मानक बनाते हैं। यह Delhi निवासियों के लिए भी लागू है।

2- आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [Debt Capital Markets कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Delhi, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

  • Public या private debt issue निर्णय के पहले due diligences, disclosures और rating की समुचित तैयारी के लिए एक अनुभवी Advokat चाहिए। Delhi स्थित issuer के लिए यह सेक्टर-विशिष्ट जरूरत है।

  • Debenture trust की नियुक्ति, ट्रस्टी के कर्तव्य और सुरक्षा-स्तर की जाँच के लिए कानूनी सलाह आवश्यक है। Delhi-आधारित ऋण प्रस्तावों में यह अनिवार्य हो सकता है।

  • Listing के लिए SEBI Regulations और stock exchange के नियमों के अनुरूप आवेदन बनवाने के लिए कानूनी सहायता जरूरी है। Delhi आधारित issuers के लिए यह सामान्य प्रैक्टिस है।

  • Private placement के दौरान compliance, eligibility और disclosure obligations स्पष्ट करने के लिए focused counsel चाहिए। Delhi-आधारित कंपनियाँ अक्सर private debt बढ़ाती हैं।

  • ECB या cross border debt के मुद्दे पर RBI/FEMA के नियमों के अनुसार approvals और end-use restrictions समझना आवश्यक है। Delhi-आधारित समूहों के लिए यह खास है।

  • Debenture Trustee के चयन, instrument indenture की drafting और security package के साथ risk mitigations के लिए अनुभवी वकील की सलाह लें।

उच्चारण: Delhi में debt market के प्रमुख मामलों के लिए कानूनी सलाहकार, अधिवक्ता, वकील और legal counsel की भूमिका समान होती है।

उद्धरण:

“The Companies Act, 2013 provides for debentures to be issued with or without security and with or without evidence of indebtedness.”

Source: Ministry of Corporate Affairs (MCA) - https://www.mca.gov.in/

3- स्थानीय कानून अवलोकन: [ Delhi, India में Debt Capital Markets को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें]

  • SEBI Act, 1992 - सेबी का उद्देश्य निवेशकों के हितों की सुरक्षा और securities market के विकास को प्रोत्साहित करना है।

  • SEBI (Issue and Listing of Debt Securities) Regulations, 2008 (as amended) - debt securities के issuance, private placement, rating और listing के मानक निर्धारित करते हैं।

  • Companies Act, 2013 (Sections 42, 71 आदि) - debt instruments, debentures, private placement और corporate governance से संबन्धित प्रावधान बताते हैं।

  • Delhi Stamp Act / Delhi Stamp Duty Rules - debentures पर stamp duty Delhi में लागू होती है; instruments execution के स्थान पर निर्भर है।

  • Foreign Exchange Management Act (FEMA) and RBI guidelines - External Commercial Borrowings (ECB) और debt के cross-border aspects में regulatory framework बनाते हैं।

Delhi निवासियों के लिए एक व्यावहारिक सलाह: debt issue पर काम करने वाले किसी भी थर्ड पार्टी डाक्यूमेंट पर stamping, registration और execution न भूलें। स्थानीय stamp duty प्रावधान के अनुसार instrument perquisite करें।

उद्धरण:

“to protect the interests of investors in securities and to promote the development of, and to regulate the securities market.”

Source: SEBI Act 1992 - https://www.sebi.gov.in/

4- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े तैयार करें। प्रारूप:

प्रश्न?

विस्तृत उत्तर।

]

DCM क्या है?

DCM वह क्षेत्र है जहाँ कंपनियाँ debt securities से पूँजी जुटाती हैं। यह equity से अलग है क्योंकि यहाँ ऋण वापसी और ब्याज भुगतान अनुबंधों से जुड़ा होता है।

Delhi में debt issue कौन-से regulator के अधीन है?

मुख्य regulator SEBI है, साथ में RBI/ FEMA, MCA और दिल्ली स्टाम्प ड्यूटी प्रावधान भी लागू होते हैं।

Private placement और public issue में क्या अंतर है?

Public issue में अधिक Disclosure और listing की अनिवार्यता होती है। Private placement में सीमित investors और streamlined disclosures रहते हैं।

Debenture trustee का क्या रोल है?

Debenture Trustee debt holder के हितों की सुरक्षा करता है और indenture terms के proper execution को सुनिश्चित करता है।

क्या listing अनिवार्य है?

नहीं always अनिवार्य नहीं है; पर many cases में listing mandatory होता है ताकि liquidity बढ़े और investor confidence बना रहे।

कौन-सी disclosures आवश्यक हैं?

Issue details, risk factors, financial statements, rating, के साथ end-use and use of proceeds की disclosure vital है।

Debt securities के लिए rating आवश्यक क्यों है?

Rating से investors को credit risk की पहचान आसान होती है और pricing में सहायता मिलती है।

Stamp duty कैसे लगता है और Delhi में कितना लगता है?

Stamp duty instrument के प्रकार और execution location पर निर्भर है; Delhi में debentures के लिए स्टाम्प शुल्क Delhi Stamp Act के अनुसार लगता है।

ECB के लिए क्या नियम हैं?

ECB में immigrant borrowings पर RBI के end-use, monitoring और ceiling नियम लागू होते हैं।

DEBT और equity के tax implications क्या हैं?

Interest income सामान्य आय पर tax के भीतर आता है; debentures पर withholding tax भी लागू हो सकता है।

Delhi में debt issue के लिए lawyer कैसे चुनें?

DCM-specialization, अनुभव, recent deals और regulatory awareness चेक करें; drafting और negotiation में मजबूत track record देखें।

कानून में Delhi-specific recent बदलाव कौन-से हैं?

SEBI ने debt issue के disclosures और listing norms को अपडेट किया है; RBI ने ECB policy को भी refine किया है।

5- अतिरिक्त संसाधन: [Debt Capital Markets से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं]

  • Securities and Exchange Board of India (SEBI) - https://www.sebi.gov.in

  • Reserve Bank of India (RBI) - https://www.rbi.org.in

  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - https://www.mca.gov.in

6- अगले कदम: [Debt Capital Markets वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया]

  1. अपने डि-फ्रंट उद्देश्य को स्पष्ट करें- public issue, private placement या refinancing।

  2. Delhi-आधारित DCN/DCM experts की सूची बनाएं और specialty देखिए- debentures, rating, trusteeship आदि।

  3. ट्रैक रिकॉर्ड और केस स्टडीज की जाँच करें; पहले से किए गए deals को देखें।

  4. প্রारम्भिक consultation schedule करें; fee structure और billing method समझें।

  5. कानून निर्माता का चयन करें- SEBI, MCA के साथ experience हो तो बेहतर है।

  6. Drafting efficiency देखें- indenture, prospectus और disclosure quality पर विचार करें।

  7. LOI पर consensus बन जाने पर engagement letter पर हस्ताक्षर करें।

DELHI-आधारित निवासियों के लिए practical सुझाव: पहले regulatory expectations समझें, फिर bankers और corporate lawyers से मिलकर clear scope बनाएं।

मुख्य स्रोतों के उद्धरण और लिंक: SEBI, MCA और RBI संबंधित आधिकारिक पेज देखें ताकि Delhi-DCM मामलों में सही दिशा मिल सके।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से दिल्ली में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, ऋण पूंजी बाजार सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

दिल्ली, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।