दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ गृह हिंसा वकील
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भारत गृह हिंसा वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न
हमारे 2 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें गृह हिंसा के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.
- क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
- उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
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वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा
हाँ, आप निकटतम पुलिस स्टेशन में घर में घुसपैठ के लिए शिकायत कर सकते हैं। आपके मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए आप हमें 8686083333 पर संपर्क कर सकते हैं या [email protected] पर मेल कर सकते हैं।
पूरा उत्तर पढ़ें - घरेलू हिंसा के मामले के बारे में जानने के लिए
- मेरी भाभी ने मुझे DV ACT के बारे में एक नोटिस भेजा है। मैं इस अदालत प्रक्रिया के बारे में जानना चाहता/चाहती हूँ।
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वकील का उत्तर D.H.Associates द्वारा
क्या आप इसे विस्तार से साझा कर सकते हैं जैसे कि यह क्या नोटिस है, न्यायालय का नोटिस या कानूनी नोटिस... यदि यह कानूनी नोटिस है तो अपने वकील से इसका उत्तर देने को कहें या यदि यह न्यायालय का...
पूरा उत्तर पढ़ें
Delhi, India में गृह हिंसा कानून के बारे में: Delhi, India में गृह हिंसा कानून का संक्षिप्त अवलोकन
दिल्ली में गृह हिंसा के मामले Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) से संचालित होते हैं।
यह कानून शारीरिक, मानसिक, यौन, आर्थिक और चरित्र-हिंसा सहित हर प्रकार के घरेलू हिंसक व्यवहार को कवर करता है।
Delhi स्थित महिलाएँ, बालिकाएँ और परिवार के अन्य सदस्य भी सुरक्षा और सहायता के लिए कानून के दायरे में आते हैं।
"An Act to provide for more effective protection of the rights of women guaranteed under the Constitution who are victims of violence of any kind occurring within the family."
"PWDVA 2005 provides shelter, legal aid, emergency relief and protection orders to women victims of domestic violence."
2) आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: गृह हिंसा कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Delhi, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें
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परिदृश्य 1: तेज़ सुरक्षा দরকার होने पर दिल्ली की किसी महिला ने सुरक्षा आदेश (Protection Order) के लिए आवेदन किया है।
कानूनी सलाहकार मदद करें: आवेदन, सबूत-तलब, और Ex parte आदेश के लिए त्वरित कदम तय करते हैं।
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परिदृश्य 2: पति या ससुराल वालों के आर्थिक नियंत्रण से जूझ रही महिला दिल्ली में मौद्रिक राहत और निवास-आदेश चाहती है।
वकील लेवेज के साथ वित्तीय राहत, सुरक्षा-निर्धारण और स्थानांतरण/ निवास के कदम सुनिश्चित कराता है।
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परिदृश्य 3: मानसिक-यौन दुर्व्यवहार के साथ-साथ फोन-या ऑनलाइन धमकी दिख रही है।
कानूनी सलाहसे पता चलता है कि साइबर-हिंसा के विरुद्ध IPC और PWDVA के अंतर्गत राहत कैसे मिलती है।
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परिदृश्य 4: रिश्तेदारों के साथ रहने के कारण अन्य आयामों में हिंसा है, जैसे इतर इन-लॉज का दबाव या निवास का विवाद।
वकील निवास-आदेश और सुरक्षा कवच के लिए Family Court Delhi में उचित कदम चलाते हैं।
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परिदृश्य 5: बाल सुरक्षा या अभिभावक-हक़ की स्थिति है, जहाँ DV के साथ बच्चे की सुरक्षा भी प्रश्न है।
कानूनी सहायता से Family Court में मान्य अभिभावक-योजना और गार्जियन-एग्ज़िम्प्शन की योजना बनती है।
3) स्थानीय कानून अवलोकन: Delhi, India में गृह हिंसा को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें
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Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 (PWDVA) - घरेलू हिंसा के विरुद्ध सुरक्षा, आश्रय, कानूनी सहायता और आर्थिक राहत के प्रावधान देता है.
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Indian Penal Code, 1860 - धारा 498A - पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता (cruelty) को अपराध मानती है और प्रायः DV मामलों के criminal पहलुओं से जुड़ती है।
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Indian Penal Code, 1860 - धारा 354D - stalking और अन्य धमकी-प्रकार के अपराधों से DV के सन्दर्भ में मदद मिलती है।
4) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: 10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े
गृह हिंसा क्या है?
PWDVA के अनुसार गृह हिंसा में शारीरिक, यौन, मानसिक, verbal-हिंसा और आर्थिक-हिंसा शामिल हैं, जो महिला की सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरे में डालती हैं।
कौन आवेदन कर सकता है?
महिला जो किसी domestic relationship में है या रही है, उसकी सुरक्षा के लिए aggrieved person माना जाता है। live-in-partner भी शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली में फाइलिंग कहां करनी है?
दिल्ली की फैमिली कोर्ट या स्थानीय अदालत में आवेदन किया जा सकता है। Protection Officer और District Legal Services के माध्यम से मदद मिलती है।
क्या-क्या राहत मिल सकती है?
Protection Order, Residence Order, Monetary Relief, Emergency Shelter, Medical aid आदि उपलब्ध हैं। कई मामलों में Ex parte relief भी मिल सकता है।
Ex parte आदेश क्या होता है?
आरोपी को सुनवाई के बिना तुरंत सुरक्षा दे सकता है। अगले Hearing पर पुख्ता जवाब-तलब होता है।
क्या पुलिस IPC धाराओं के तहत FIR दर्ज कर सकती है?
हाँ, 498A या अन्य धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही DV के साथ civil relief भी लिया जा सकता है।
केंद्रीय-राज्य कानून में Delhi की भूमिका क्या है?
PWDVA और IPC सभी राज्यों में समान रूप से लागू होते हैं। Delhi के लिए DCW, DSLSA और NCR-आर्डिनेंस सहयोगी हैं।
दिल्ली में DV के मामले कितने समय में निपटते हैं?
सीधे समयावधि नहीं दी जा सकती; अदालतों में मामलों की गति विविध है। तात्कालिक राहतें जल्दी मिल सकती हैं, पर पूर्ण सुनवाई लंबी हो सकती है।
क्या बच्चे DV से प्रभावित होते हैं?
हाँ; संरक्षण आदेश के साथ बच्चों की सुरक्षा और देखभाल का मुद्दा Family Court में भी आ सकता है।
क्या live-in relationship में रहने वालों के लिए भी सुरक्षा है?
हाँ; Domestic Violence Act में domestic relationship में रहते हुए महिला को सुरक्षा मिलती है, चाहे विवाह न हुआ हो।
DCW या NCW से कैसे सहायता मिलती है?
DCW और NCW मार्गदर्शन, शिकायत पंजीकरण, तथा legal aid के लिए मदद दे सकते हैं। संपर्क और सेवाओं के बारे में जानकारी पुख्ता है।
कानूनी सहायता कैसे मिलेगी?
NALSA, DSLSA आदि के माध्यम से नि:शुल्क या सस्ते कानूनी सहायता मिलती है। आवेदन के साथ आवंटित counsel मिलता है।
क्या साइबर हिंसा DV-का हिस्सा है?
हां; साइबर धमकी और ऑनलाइन दुर्व्यवहार IPC के अंतर्गत दंडनिय है और PWDVA के दायरे में सुरक्षा-आदेश मदद कर सकता है।
अगर मुझे तत्काल सुरक्षा चाहिए तो कौन सा रास्ता है?
Ex parte protection order और police-परामर्श तुरंत लिया जा सकता है। shelter मिलना और emergency relief भी संभव है।
DV के मामलों में शिकायत कैसे दर्ज कराई जाए?
सबसे पहले स्थानीय थाना या Women Helpline 181 से संपर्क करें। फिर Protection Officer के पास आवेदन दें।
Free legal aid कब मिलती है?
NALSA/DSLSA के साथ संबद्ध district legal aid services से कानूनी सहायता नि:शुल्क मिल सकती है, पात्रता के अनुसार।
क्या DV शिकायत का असर तुरंत कानून-प्रक्रिया पर पड़ेगा?
जी हाँ; तुरंत सुरक्षा आदेश और राहत मिल सकती है, पर संपन्न सुनवाई के लिए समय चाहिए होगा।
गृह हिंसा के खिलाफ कौन से helplines उपलब्ध हैं?
दिल्ली में 181 और 100 जैसी हेल्पलाइनों से सहायता मिलती है; DCW और NCW से भी मार्गदर्शन मिलता है।
किस प्रकार के प्रमाण जरूरी होते हैं?
स्थानीय पुलिस रिपोर्ट, चिकित्सा प्रमाण, तस्वीरें, संदेश-लॉग और गवाह-शपथ نامه इकठ्ठा करें।
कौनसे दस्तावेज़ चाहिए होंगे?
पहचान-पत्र, पता-प्रमाणन, विवाह-प्रमाण, बच्चे की जन्म-प्रमाण, आय-प्रमाण आदि साथ रखें।
अंडर-स्टैंडिंग के लिए एक-लाइन निष्कर्ष?
PWDVA Delhi में महिलाओं के लिए सुरक्षा, shelter और कानूनी सहायता का ढांचा है; सही मार्गदर्शन से राहत मिलती है।
5) अतिरिक्त संसाधन: गृह हिंसा से संबंधित 3 विशिष्ट संगठनों की सूची बनाएं
- Delhi Commission for Women (DCW) - दिल्ली में महिलाओं के अधिकारों के लिए निगरानी और सहायता देती है. https://dcw.gov.in/
- National Legal Services Authority (NALSA) - नि:शुल्क कानूनी सहायता और परामर्श प्रदान करता है. https://nalsa.gov.in/
- Delhi State Legal Services Authority (DSLSA) - दिल्ली में मुफ्त वकालत और कानूनी aid सेवाएं देता है. https://delhisls.gov.in/
6) अगले कदम: गृह हिंसा वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया
- स्थिति की सुरक्षा सुनिश्चित करें; तुरंत 100 या 181 पर कॉल करें यदि खतरा हो।
- दिल्ली के सबसे पास Women Protection Office या DCW से संपर्क करें।
- कानूनी सहायता के लिए DSLSA या NALSA से मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन दें।
- PWDVA अनुभवी अधिवक्ता से 1-2 इंट्री-फ्री कोन्सल्शन करें।
- आपके मामले के लिए उपयुक्त कोर्ट चयन (Family Court Delhi) तय करें।
- आवेदन की तैयारी में आवश्यक प्रमाण जुटाएं-फोटो, मेडिकल रिपोर्ट, संदेश आदि।
- गवाही-योजना और अदालत-समीक्षा के अनुसार अगला hearing शेड्यूल रखें।
नोट्स और उद्धरण: Official स्रोतों ने PWDVA के तत्वों को स्पष्ट किया है।
उद्धरण स्रोत: National Commission for Women (NCW) - Preamble; Delhi Commission for Women (DCW) - PWDVA सुविधाएँ; UPD: ncw.nic.in और dcw.gov.in.
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