लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा कानून वकील

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मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

R K and Associates
लखनऊ, भारत

2003 में स्थापित
English
आर.के. एंड एसोसिएट्स भारत में एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है, जो दिवालियापन, सिविल, आपराधिक, वृद्ध एवं पारिवारिक कानून...

1980 में स्थापित
English
1980 में स्थापित, डी एस चौबे एंड एसोसिएट्स (एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स) लखनऊ, भारत में आधारित एक पूर्ण-सेवा विधिक फर्म...

2017 में स्थापित
English
लॉयर कॉर्पोरेट, मुख्यालय लखनऊ में स्थित, एक प्रतिष्ठित कानूनी फर्म है जो कॉर्पोरेट, संपत्ति, रियल एस्टेट, तलाक,...
Mishra & Associates Law Firm

Mishra & Associates Law Firm

30 minutes मुफ़्त परामर्श
लखनऊ, भारत

2012 में स्थापित
उनकी टीम में 6 लोग
English
Hindi
मिश्रा एंड एसोसिएट्स दशकों से एक प्रतिष्ठित लॉ फर्म है। हमारे विशेषज्ञ कानूनी पेशेवरों की टीम के साथ, हम सिविल,...
Vishwaguru Legal (Vishwaguru Legalix)

Vishwaguru Legal (Vishwaguru Legalix)

30 minutes मुफ़्त परामर्श
लखनऊ, भारत

2007 में स्थापित
उनकी टीम में 20 लोग
Hindi
English
विश्वगुरु लीगल एंड एसोसिएट्स एक 2009 से संचालित लॉ फर्म है। हम मुख्यतः लखनऊ (उ.प्र.) आधारित वकील हैं।लॉ फर्म के अभ्यास...
Advo Talks
लखनऊ, भारत

2019 में स्थापित
English
AdvoTalks, जो अकरशन श्रीवास्तव द्वारा मुख्य विधि अधिकारी वत्सल्य अजीत श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में स्थापित एक...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH
लखनऊ, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Max Law Firm
लखनऊ, भारत

English
मैक्स लॉ फर्म एक पंजीकृत पार्टनरशिप फर्म है जिसमें विभिन्न कानूनी क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले कुशल व...
जैसा कि देखा गया

1. लखनऊ, भारत में शिक्षा कानून के बारे में

लखनऊ भारत के उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी है, जहां शिक्षा विभाग राज्य सरकार के अंतर्गत और केंद्र सरकार के कानूनों के साथ संचालित होता है।

यहाँ के प्रमुख नियामक संस्थान UP बेसिक एजुकेशन बोर्ड, UP माध्यमिक शिक्षा परिषद और विश्वविद्यालय प्रशासन हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर लागू नियम जैसे Right to Education Act 2009 Lucknow सहित सभी जिलों पर लागू होते हैं।

उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय-स्तर पर University Grants Commission नियम लागू होते हैं और विकलांगता‑समावेशन के लिए PwD Act भी प्रभावी है।

The State shall provide free and compulsory education to all children of the age of six to fourteen years.
Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

आरटीई के अंतर्गत प्रवेश के विवाद हों या शुल्क संरचना से जुड़ी समस्याओं पर कानूनी सलाह जरूरी हो सकती है।

स्कूल फीस में वृद्धि, शुल्क के खिलाफ शिकायत या आरटीई के 25 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा मामला Lucknow में आम है और इसमें कानूनी सहायता उपयोगी रहती है।

टranसफर सर्टिफिकेट (TC) जारी कराने में बाधा आने पर वकील की सहायता चाहिए होती है ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।

समावेशी शिक्षा, विकलांग बच्चों के लिए सुविधाओं की कमी, या आरपीड Act के तहत शिक्षण-अधिकार सुरक्षित रखने के लिए कानूनी सहायता जरूरी हो सकती है।

उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश, डिग्री मान्यता, प्लैजियरीज और परीक्षा-संरक्षा से जुड़े मामलों में भी advokat की जरूरत पड़ती है।

Lucknow में निजी स्कूलों के साथ अनुबंध और नियम-शर्तों को समझना तथा उनके उल्लंघन पर दखल देना भी कानूनी प्रक्रिया मांग सकता है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

Right to Education Act, 2009 वह केंद्रीय कानून है जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है।

The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 शिक्षा में समावेशी अवसर सुनिश्चित करता है ताकि विकलांग बच्चों को समान शिक्षा मिले।

University Grants Commission Act, 1956 उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए मानक नियंत्रण और अनुदान प्रक्रिया निर्धारित करता है, जिसमें Lucknow विश्वविद्यालय शामिल हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरटीई Act 2009 क्या कहता है?

यह कानून सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार स्थापित करता है।

Lucknow में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश कैसे मिलता है?

आवेदक संयुक्त आवेदन-प्रक्रिया के माध्यम से स्कूल प्रवेश के लिए आवेदन कर सकता है।

स्कूल फीस शिकायत किसे दर्ज कराएं?

सबसे पहले स्कूल-प्रबंधन से शिकायत का समाधान प्रयास करें, फिर यदि आवश्यक हो जिला शिक्षा अधिकारी या NCPCR से guidance लें।

समावेशी शिक्षा के लिए मुझे किन अधिकारों की जानकारी चाहिए?

PwD Act 2016 के अनुसार स्कूलों को समावेशी सुविधाएं और उचित शिक्षा उपलब्ध करानी चाहिए।

Transfer Certificate (TC) मिलने में देरी क्यों होती है?

TC शिक्षा संस्थान की विधिक जिम्मेदारी है; यदि देरी हो तो उपयुक्त अधिकारी से शिकायत करें और आवश्यकता पड़े तो वकील से कानूनी सहायता लें।

क्या निजी स्कूल आरटीई के 25 प्रतिशत आरक्षण के नियमों का पालन करते हैं?

संस्थागत नियमों का पालन अनिवार्य है; यदि नहीं तो शिकायत और निरीक्षण संभव है।

डायरेक्ट एडमिशन और अन्य विकल्प कैसे चुनें?

कानूनी मार्गदर्शन से यह जाना जा सकता है कि कौन से विकल्प ध्यान में रखें और किस नियम के तहत किस स्कूल में दाखिला संभव है।

PwD बच्चों के लिए कौन कौन सी सुविधाएं अनिवार्य हैं?

स्कूलों को पहुँच योग्य पहुँच, सहायक संसाधन और समावेशी शिक्षण की व्यवस्था देनी चाहिए।

स्कूल अव्यवस्था के मामले में कौन सँभालें?

शासन-स्तर पर शिकायत दर्ज करें और आवश्यक हो तो अपीलीय प्रक्रिया अपनाएं।

उच्च शिक्षा के दाखिले में क्वालिटी और मान्यता कैसे जाँचें?

UGC/AICTE के पंजीकरण और मान्यता देखें; विश्वविद्यालय-स्तर पर अवसंरचना और पाठ्यक्रम की समीक्षा करें।

स्थानीय आयुक्त या शिक्षा विभाग से संपर्क कैसे करें?

Lucknow में जिला शिक्षा अधिकारी और UP Board कार्यालय प्रमुख संपर्क हैं; उनके क्लर्क-वार्षिक समय-सारिणी पर उपलब्ध होते हैं।

क्या मैं वकील से पहले मुफ्त परामर्श ले सकता हूँ?

हाँ, कई कानून firms पहले 15-30 मिनट का 免费 प्रवेश-परामर्श देते हैं, जो आपके केस की दिशा तय कर सकता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) - बच्चों के अधिकार और शिक्षा से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शन और शिकायत-प्रक्रिया. लिंक: ncpcr.gov.in
  • University Grants Commission (UGC) - उच्च शिक्षा संस्थाओं की मानक فرآیہ और मान्यता. लिंक: ugc.gov.in
  • National Council for Teacher Education (NCTE) - शिक्षकों की मान्यता और शिक्षा में मानक नियम. लिंक: ncte.gov.in

6. अगले कदम

  1. अपने मुद्दे की स्पष्ट सूची बनाएं और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें.
  2. Lucknow के स्थानीय कानून-विशेषज्ञ वकील ढूंढें जो शिक्षा कानून में अनुभव रखें।
  3. पहला छोटा परामर्श लें ताकि केस-विकल्प और फीस समझ आएं।
  4. Bar Council of Uttar Pradesh से प्रमाणित लाइसेंस चेक करें और फर्म के credentials देखें।
  5. यदि आरटीई, PwD या फीस से जुड़ा मामला है तो संबंधित अधिकारी/उच्च संस्था को लिखित शिकायत दें।
  6. जरूरी हो तो अदालत-या अपीलीय प्रक्रिया की योजना बनाएँ और स्टेप-बाय-स्टेप फॉलो करें।
  7. समझदार निर्णय के लिए दस्तावेजों और सलाह की नियमित समीक्षा करें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से लखनऊ में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, शिक्षा कानून सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

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