बिहार शरीफ़ में सर्वश्रेष्ठ गिरवी निष्कासन वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
बिहार शरीफ़, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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1. बिहार शरीफ़, भारत में गिरवी निष्कासन कानून का संक्षिप्त अवलोकन

गिरवी निष्कासन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ऋण चुकाने में चूक के कारण बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को गिरवी रखी संपत्ति पर नियंत्रण मिल जाता है।

बिहार शरीफ़ के निवासियों के लिए यह प्रक्रिया मुख्यतः CPC के स्पष्ट निर्देश, SARFAESI-अनुदेश और IBC के प्रावधानों से संचालित होती है।

नोटिस, मंचन-रहित नोटिस, और अंततः मांगपत्र के साथ संपत्ति बिक्री तक के कदम इस प्रक्रिया के सामान्य भाग हैं।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

नीचे बिहार शरीफ़, नालंदा जिले के संदर्भ में 4-6 विशिष्ट परिदृश्य हैं जिनमें कानूनी सलाह आवश्यक होती है।

  • उधारकर्ता ने गृह ऋण चुकाने में देरी कर दी है; बैंक ने माँग-पत्र भेजा है. वकील से यथाशीघ्र जवाब देकर विवादित बिंदु स्पष्ट कर सकते हैं.
  • गिरवी निष्कासन नोटिस पर तर्कसंगत बचाव बनाना हो; जैसे गलत परिसंपत्ति का उल्लेख या कटौती-नोटिस की त्रुटियाँ.
  • SARFAESI अधिनियम के अंतर्गत बैंक ने संपत्ति पर निष्पक्ष-हस्तक्षेप लिया हो; आवश्यक प्रक्रिया और समय-सीमा समझना जरूरी हो.
  • योजना-निस्तारण या पुनर्गठन की मांग में अदालत में विविधतापूर्ण बचाव करना हो; उधारदाता के हक-स्वामित्व का बचाव महत्वपूर्ण हो.
  • न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील की रणनीति बनानी हो; सक्षम वकील त्वरित मार्गदर्शन दे सकता है.
  • ऋण चुकता कर के foreclosure से बचना चाहें; redemption rights के नियम और समय-सीमा समझना उपयोगी हो.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

बिहार शरीफ़, भारत में गिरवी निष्कासन को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानून निम्न हैं:

  • TRANSFER ऑफ PROPERTY ACT, 1882 - गिरवी, बंधक और संपत्ति के स्थानांतरण के नियम यहाँ निर्धारित हैं।
  • SARFAESI ACT, 2002 - बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को संपत्ति सुरक्षा हितों के enforcement व assets पर कब्जा प्राप्त करने के उपाय देता है।
  • INSOLVENCY AND BANKRUPTCY CODE, 2016 - ऋणी की दिवालिया स्थिति में पुनर्गठन या परिसमापन के लिये time-bound प्रक्रियाओं का ढांचा बनाता है।
  • CODE OF CIVIL PROCEDURE, 1908 - Order 34 ( mortgage suits ) और Order 38 ( attachment before judgment ) जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से मान्य decrees के आगे की प्रक्रिया दर्शाता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरवी निष्कासन क्या है?

गिरवी निष्कासन वह कानूनी प्रक्रिया है जिसमें ऋण चुकाने में चूक के कारण गिरवी संपत्ति बैंक के नियंत्रण में चली जाती है और अंततः बिक्री के माध्यम से बकाया चुकता किया जाता है।

बिहार शरीफ़ में यह प्रक्रिया कब शुरू होती है?

परिचय नोटिस के माध्यम से debt amount, interest और legal notice दिया जाता है। उसके बाद अदालत के decrees या SARFAESI के अंतर्गत कदम उठते हैं।

SARFAESI ACT कैसे लागू होता है?

यह अधिनियम बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं को संपत्ति पर कब्जा पाने, नीलामी करने और बकाया वसूली के उपाय देता है।

क्या borrower appellate कर सकता है?

हाँ, कई परिस्थितियों में borrower उच्च न्यायालय या NCLT/NALSA के माध्यम से अपील या सुधार की मांग कर सकते हैं, निर्भर करता है केस पर।

क्या stay मिल सकता है?

हाइकोर्ट या सत्र न्यायालय से अस्थायी रोक (stay) मिल सकती है यदि दलीलें न्याय संगत हों और नुकसान रोकथाम योग्य हो।

संपत्ति बिक्री कैसे होती है और कौन अधिकारी इसे करता है?

नीलामी प्रक्रिया आम तौर पर बैंकों द्वारा आयोजित होती है; एक वैधानिक समय-सीमा के भीतर संपत्ति अवमूल्य पर भी बेची जा सकती है।

क्या बकाया चुकता कर के foreclosure से बचा जा सकता है?

हाँ, redemption rights के अनुसार बकाया राशि चुकाने पर संपत्ति को वापस पाया जा सकता है, बशर्ते नीलामी से पहले पूरा भुगतान हो।

गिरवी निष्कासन में कितना समय लगता है?

प्रक्रिया परिसर के अनुसार भिन्न होती है, पर औसतन 6-18 महीने के बीच सीमा सामान्य मानी जा सकती है।

क्या संपत्ति पर tenants के अधिकार प्रभावी रहते हैं?

हां, कुछ स्थितियों में tenants के अधिकार सुरक्षित रहते हैं; संपत्ति के स्वामित्व परिवर्तन पर उनके अधिकार कानून के अनुसार लागू रहते हैं।

क्या Mortgage से बचाव के लिए मेरे दस्तावेज चाहिए होंगे?

हाँ, पहचान पत्र, loan agreement, नोटिस copies, repayment records आदि आवश्यक हो सकते हैं।

कौन से दस्तावेज एक वकील के पास रखने चाहिए?

कॉन्ट्रैक्ट, ऋण पत्र, мекानिज़्म और कोर्ट की नोटिस जैसी पत्रावलियाँ साथ रखें ताकि सही दायरे में बचाव बने।

यदि foreclosure पूरी हो गई हो तो क्या recourse है?

नीलामी के बाद भी कुछ स्थितियों में खरीदार के विरुद्ध वैधानिक चैंलेज/appeal संभव हो सकता है, पर समय-सीमा कठोर रहती है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - https://nalsa.gov.in
  • Insolvency and Bankruptcy Board of India (IBBI) - https://www.ibbi.gov.in
  • Reserve Bank of India (SARFAESI Act overview) - https://www.rbi.org.in

6. अगले कदम

  1. स्थिति का आकलन करें: किस stage पर foreclosure है और कौन सा कानून लागू होता है।
  2. कानूनी सलाहकार ढूंढें: बिहार शरीफ या नालंदा जिले में mortgage-specialist адвокат खोजें।
  3. कानूनी रिकॉर्ड इकट्ठा करें: loan agreement, हर notices, court orders, payment receipts आदि जुटाएं।
  4. कानून अनुसार तर्क-वितर्क तय करें: पक्ष-प्रत्यारोप, defense और exceptions की सूची बनाएं।
  5. апील/अपील-योजना बनाएं: उच्च न्यायालय या NCLT/IBC-प्रक्रिया के विकल्प समझें।
  6. नीलामी-समय-सीमा समझें: संपत्ति बिक्री से पहले Redemption विकल्प पर निर्णय लें।
  7. लागत-योग्यता का आकलन करें: वकील-फीस, कोर्ट-फीस, और अन्य खर्चों का अनुमान लगाएं।

आधिकारिक उद्धरण और संदर्भ

“The Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002 (SARFAESI Act) provides for securitisation and reconstruction of financial assets and enforcement of security interest.”
“An Act to define and amend certain parts of the law relating to the transfer of property.”
“Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 provides a time-bound framework for reorganisation and resolution of insolvency of corporate persons, partnership firms and individuals.”

उपरोक्त उद्धरण आधिकारिक स्रोतों के टेक्स्ट-टुकड़ों से लिए गए हैं. SARFAESI और IBC से संबंधित مزید विवरण के लिए नीचे दिए गए लिंक देखें:

आधिकारिक स्रोत लिंक:

  • RBI - SARFAESI Act overview: https://www.rbi.org.in/scripts/BS_SARFAESI.aspx
  • NALSA - National Legal Services Authority: https://nalsa.gov.in
  • IBBI - Insolvency and Bankruptcy Board of India: https://www.ibbi.gov.in

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