दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ अभिभावकत्व वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

2011 में स्थापित
English
विधिशास्त्र - अधिवक्ता एवं सलिसिटर, 2011 में श्री आशीष दीप वर्मा द्वारा स्थापित, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है...
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भारत अभिभावकत्व वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें अभिभावकत्व के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

क्या मैं अपनी बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सकता हूँ, क्योंकि मुझे उसके ठिकाने की जानकारी नहीं है?
परिवार गृह हिंसा अभिभावकत्व परिसर दायित्व संपत्ति क्षति
उसके बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मुझे उसे अपनी बेटी कहना भी मुश्किल हो रहा है। मैंने उसकी पढ़ाई, कॉलेज हॉस्टल और ट्यूशन फीस में लाखों रुपये निवेश किए हैं और उसे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा था ताकि वह अपना एमएस कर सके। लेकिन...
वकील का उत्तर Aggarwals & Associates द्वारा

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1 उत्तर

Delhi, India में अभिभावकत्व कानून के बारे में

दिल्ली में अभिभावकत्व कानून मुख्य रूप से Guardians and Wards Act, 1890 द्वारा संचालित होता है. यह मिनर के संरक्षण, देखभाल और शिक्षा से जुड़े निर्णय देता है. मुस्लिम, ईसाई और अन्य धार्मिक समुदायों के मामलों में व्यक्तिगत कानूनों के साथ इस अधिनियम का अनुप्रयोग होता है.

हिंदू बच्चों के लिए HMGA 1956 से भी मार्गदर्शन मिलता है. इस अधिनियम में प्राकृतिक अभिभावक तय होते हैं और यदि आवश्यकता हो तो अदालत guardianship तय करती है. दिल्ली में अदालतें इन मामलों को Family Courts के जरिये संभालती हैं.

दिल्ली में अभिभावकत्व के मामलों का प्रशासनिक ढांचा मजबूत है. Family Courts Act 1984 के अंतर्गत परिवार अदालतें स्थापित हैं जो guardianship, custody और maintenance जैसे मुद्दों को निपटाती हैं. अदालतों में welfare of the child को प्रमुख माना जाता है.

“A guardian of the person of a minor may be appointed by the Court.”
Source: Guardians and Wards Act, 1890. https://www.indiacode.nic.in

“The natural guardians of a Hindu minor are the father and, in his absence, the mother.”
Source: Hindu Minority and Guardianship Act, 1956. https://www.indiacode.nic.in

“The welfare of the minor shall be the paramount consideration in guardianship matters.”
Source: Supreme Court principles as applied to guardianship cases. https://www.sci.gov.in

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

दिल्ली में अभिभावकत्व से जुड़े कई निर्णय जटिल शारीरिक, वित्तीय और शिक्षा से जुड़े होते हैं. सही वकील रहने से प्रक्रिया सरल, समय पर और लाभकारी outcome मिल सकता है.

  • परिदृश्य 1: तलाक के बाद मिनर के लिए guardianship नियुक्ति की याचिका. दिल्ली के परिवार अदालतों में यह सामान्य मामला है.
  • परिदृश्य 2: पिता और माता के बीच सह-guardianship या परिवर्तन-guardianship की मांग. कभी-कभी माँ या दादा-दादी को guardianship दिया जाता है.
  • परिदृश्य 3: माता-पिता में से किसी की मृत्यु/अवसान के बाद परिवार के अन्य सदस्य के पक्ष में guardianship परिवर्तन.
  • परिदृश्य 4: मिनर के बराबर निर्णय जैसे चिकित्सा-डायरेक्शन और शिक्षा के निर्णय के लिए court-ordered guardianship आवश्यक हो.
  • परिदृश्य 5: 해외 से Delhi में रहने वाले बच्चे के guardianship मामले; cross-border custody के मुद्दे उठते हैं.
  • परिदृश्य 6: uncontested custody के साथ property guardian नियुक्ति या guardianship of estate.

दिल्ली-आधारित वास्तविक जीवन के अनुभव के आधार पर आप एक अनुभवी admonition प्राप्त कर सकते हैं. ऐसे मामलों में एक वकील आपका समय बचाता है, सही दस्तावेज जुटाता है और अदालत के फॉर्मेट में सही अनुरोध प्रस्तुत कराता है.

स्थानीय कानून अवलोकन

  • Guardians and Wards Act, 1890 - मिनर के person और property guardianship के लिए अदालत द्वारा guardian नियुक्ति की प्रक्रिया और अधिकार बताता है.
  • Hindu Minority and Guardianship Act, 1956 - हिंदू minor के natural guardianship के प्रावधान और अदालत के हस्तक्षेप की धाराओं को स्पष्ट करता है.
  • Family Courts Act, 1984 - दिल्ली में Family Courts के गठन और guardianship, custody, maintenance जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करता है.

गौरतलब है कि गरीब-परिवारों के लिए Delhi State Legal Services Authority (DSLSA) और District Legal Services Authority Delhi (DLSA Delhi) कानून सेवा सहायता प्रदान करते हैं. आप इन संस्थाओं से मुफ्त या सकरात्मक शुल्क पर कानूनी सहायता पा सकते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिभावकत्व क्या होता है?

यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसमें अदालत/minor के हित के अनुसार संरक्षक नियुक्त करता है. संरक्षक minor के देख-रेख, शिक्षा और सुरक्षा के निर्णय ले सकता है.

कौन संरक्षक बन सकता है?

अभिभावक के रूप में नॉमिनेट किया जा सकता है: पिता या माता (natural guardian) और आवश्यकता पड़ने पर अदालत द्वारा अन्य रिश्तेदार या कोई विश्वसनीय व्यक्ति.

क्या माता guardian बन सकती है?

हाँ, HMGA के अनुसार माता भी natural guardian हो सकती है, विशेषकर पिता अनुपलब्ध हो या सुरक्षा कारणों से असमर्थ हो.

guardianship और custody में क्या अंतर है?

Guardian देख-रेख और शिक्षा के निर्णय देता है, जबकि custody बच्चे के भौतिक निवास और दिन-प्रतिदिन के पालन-पोषण पर केंद्रित रहता है.

अदालत में कैसे याचिका दायर करें?

सामान्यतः District Court या Family Court Delhi में guardianship suit दायर होती है. आवशयक दस्तावेज, निवास प्रमाण, minor का जन्म प्रमाण पत्र आदि चाहिए होंगे.

क्या guardianship केवल नये guardians के लिए है?

नहीं, guardianship के लिए अदालत स्थिति के अनुसार परिवर्तन भी कर सकती है, जैसे मृत्यु, incapacity, या guardianship के दायरे में बदलाव.

guardianship का प्रस्तावित समय-सीमा क्या है?

यह केस के दायर होने के समय और अदालत की प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है. कुछ मामलों में महीनों के भीतर निर्णय हो सकता है.

क्या अदालत welfare of the child को प्राथमिकता देती है?

हाँ, भारतीय कानून के अनुसार guardianship मामलों में minor के welfare को सर्वोपरिमाणीय माना जाता है.

क्या अंतरराष्ट्रीय custody मामलों में Delhi अदालतें हस्तक्षेप करती हैं?

हाँ, यदि minor Delhi में रहता है या Delhi jurisdiction से जुड़ी दलीलें हों, तब स्थानीय अदालतें guardian-appointment और welfare पर निर्णय लेती हैं.

क्या मैं बच्चों की guardianship के लिये एक से अधिक संरक्षक नामित कर सकता हूँ?

हाँ, अदालत आवश्यक होने पर एक से अधिक guardians की नियुक्ति कर सकती है, विशेषकर minority के लिए combined decision making हेतु.

क्या guardianship के लिए निजी वकील रखना अनिवार्य है?

नहीं, पर यह सलाह दिया जाता है. एक अनुभवी अभिभावकत्व वकील प्रक्रिया सही तरह से संभालता है और रिकॉर्ड्स ठीक बनाता है.

guardian-appointment के साथ maintenance-प्रावधान कैसे जुड़ते हैं?

अदालत जरूरत के अनुसार guardianship के साथ maintenance order भी जारी कर सकता है, ताकि minor की जरूरतें पूरी हों.

अतिरिक्त संसाधन

  • Delhi Commission for Women (DCW) - महिलाओं के अधिकारों और संरक्षण से जुड़ी कानूनी सहायता व मार्गदर्शन. https://dcw.gov.in
  • Delhi State Legal Services Authority (DSLSA) - कानूनी सहायता और मुफ्त वकील व्यवस्था. https://dslsa.org
  • District Legal Services Authority (DLSA) - Delhi - जिला स्तर पर निःशुल्क कानूनी सहायता और मार्गदर्शन. https://lsadlsadelhi.nic.in

अगले कदम

  1. Delhi के Family Court के स्थान और कार्यप्रणाली की जानकारी लें.
  2. Guardianship के लिए आवश्यक दस्तावेज सूची बनाएं: जन्म प्रमाण, निवास प्रमाण, आय प्रमाण आदि.
  3. एक अनुभवी अभिभावकत्व वकील से initial consultation लें.
  4. आपके केस के लिए उपयुक्त guardian-प्रकार तय करें (person, property, या दोनों).
  5. अदालत-द्वारा दायर याचिका के लिए तलाशी-फॉर्म और शुल्क की पुष्टि करें.
  6. प्रारम्भिक hearing और सत्यापन के लिए तैयारी करें (न्यायिक नोट्स, स्टेटमेंट, supporting affidavit).
  7. संपन्न होने पर अदालत के आदेश को अनुसरण करें और आवश्यक maintenance, custody changes आदि लागू करें.

नोट: स्थानीय कानूनी प्रक्रियाओं के लिए Delhi SLSA, DCW और Delhi High Court के निर्देश भी देखें. आधिकारिक अधिनियम पाठ के लिए नीचे दिए लिंक देखें:

Official sources (acting as references):

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