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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

2011 में स्थापित
English
विधिशास्त्र - अधिवक्ता एवं सलिसिटर, 2011 में श्री आशीष दीप वर्मा द्वारा स्थापित, भारत में एक प्रतिष्ठित विधिक फर्म है...
जैसा कि देखा गया

Delhi, India में Information Technology कानून के बारे में

Information Technology Act, 2000 भारत की मुख्य कानूनी रूपरेखा है जो इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की कानूनी मान्यता और डिजिटल हस्ताक्षर को मान्यता देता है. यह अधिनियम साइबर अपराध और ई-गवर्नेंस के लिए बुनियादी कानून बनाता है. Delhi सहित पूरे भारत में यह कानून लागू होता है और समय के साथ संशोधित होता रहा है.

दिल्ली जैसे नगरों में IT कानून के अनुप्रयोग की दिशा में डिजिटल डेटा सुरक्षा, ऑनलाइन अनुशासन और इंटरमीडियरी दायित्व प्रमुख हैं. डेटा सुरक्षा के बढ़ते महत्व के कारण केन्द्रीय सरकार ने नवीन नियम और कानून जारी किये हैं ताकि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा हो सके.

“An Act to provide for the legal recognition of electronic records and digital signatures.”
यह IT Act 2000 का मूल उद्देश्य स्पष्ट करता है.

“The Information Technology Act, 2000 provides legal recognition for electronic records and digital signatures.”

आधुनिक समय में Delhi निवासी ऑनलाइन सेवाओं के उपयोग के साथ साथ डेटा सुरक्षा, ऑनलाइन अनुचित गतिविधियों से सुरक्षा और शिकायत निपटान के अधिकारों के बारे में जागरूक रहते हैं. यह guia विशेषकर Delhi निवासियों के लिए सरल मार्गदर्शन प्रस्तुत करता है.

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

Delhi में Information Technology से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ कानूनी सहायता आवश्यक होती है. नीचे 4-6 व्यावहारिक परिस्थितियाँ दी गई हैं जिनमें वकील की मदद जरूरी रहती है.

  • ऑनलाइन धोखाधड़ी या फिशिंग से जुड़े मामले: Delhi के नागरिकों के कारण बैंकिंग-ऑनलाइन लेनदेन में धोखाधड़ी होने पर IT Act के अंतर्गत शिकायत और बचाव जरूरी होता है.
  • डेटा ब्रीच और पर्सनल डेटा का उल्लंघन: अस्पताल, स्कूल, कंपनियाँ या कॉरपोरेट्स में पर्सनल डेटा लीक होने पर कानूनी मार्गदर्शन आवश्यक होता है.
  • सोशल मीडिया पर धमकी या मानहानि: राजनैतिक या सामुदायिक समूहों के भीतर पोस्टिंग से कानूनी स्तर पर प्रत्यक्ष परिणाम आ सकते हैं.
  • IT अनुबंध और डाटा प्रोसेसिंग एग्रीमेंट के विवाद: Delhi-आधारित IT कंपनियों के साथ अनुबंध-सम्बन्धी विवादों में उचित वकील चाहिए.
  • इंटरमीडियरी दायित्व-सीमा और शिकायत निवारण: इंटरमीडियरी Guidelines और Rules के अनुपालन के लिए कानूनी सलाह जरूरी होती है.
  • डिजिटल सिग्नेचर और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से जुड़े विवाद: डिजिटल सौदों या प्रमाणपत्रों के मान्यता-प्रमाणन में वकील की भूमिका महत्त्वपूर्ण है.

दिल्ली पुलिस साइबर क्राइम सेल में दर्ज मामलों, फौरी सहायता और स्थानीय अदालतों में उपयुक्त वकील के चयन के लिए विशेषज्ञ सलाह जरूरी रहती है. कानूनी सहायता से समय पर कदम उठाने से नुकसान कम हो सकता है.

स्थानीय कानून अवलोकन

दिल्ली पर लागू 2-3 विशिष्ट कानूनों के सार नीचे दिए गए हैं. इन कानूनों की धारा और दायित्व दिल्ली निवासियों के लिए प्रासंगिक रहते हैं.

  • Information Technology Act, 2000 और संशोधन 2008: इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की कानूनी मान्यता और डिजिटल हस्ताक्षर के उपयोग को सक्षम बनाते हैं.
  • Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021: इंटरमीडियरीज के लिए अनुशासन, शिकायत अभियान, ग्रिवेन्स अधिकारी नियोजन आदि दायित्व निर्धारित करते हैं.
  • Digital Personal Data Protection Act, 2023 (DPDP Act): डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के नियंत्रण, प्रोसेसिंग और डेटा अधिकारी-उद्देश्यों को विनियमित करता है. Delhi निवासियों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है.

“These rules require intermediaries to publish a due diligence framework and appoint a Grievance Officer.”
यह Intermediary Guidelines Rules 2021 के मूल प्रावधानों में से एक प्रमुख दायित्व है.

“This Act provides for protection of digital personal data and regulates processing by data fiduciaries.”
यह Digital Personal Data Protection Act 2023 का सार है.

Delhi में IT कानून के लागू होने से पहले और बाद में शिकायत निवारण के लिए स्थानीय अदालतों और साइबर क्राइम सेल के साथ संपर्क जरूरी हो सकता है. नए नियमों के अनुसार डेटा सुरक्षा-उल्लंघन के समय कानूनी तैयारी जरूरी है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IT Act क्या है?

यह भारतीय कानून है जो इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की मान्यता और डिजिटल हस्ताक्षरों के उपयोग को कानूनी रूप देता है. साथ ही साइबर अपराधों के विरुद्ध धारा बनाता है.

दिल्ली में IT नियम किस प्रकार प्रभावी होते हैं?

IT Rules, 2011 और 2021 के अंतर्गत इंटरमीडियरीज के दायित्व, शिकायत प्रक्रिया और डेटा सुरक्षा के दिशा-निर्देश लागू होते हैं. Delhi में भी ये नियम लागू हैं.

डिजिटल सिग्नेचर क्या वैध है?

हाँ, डिजिटल हस्ताक्षर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन का वैध प्रमाण हैं. यह IT Act के अनुसार कानूनी मान्यता प्राप्त है.

डेटा सुरक्षा कब तक और कैसे लागू होती है?

DPDP Act 2023 के तहत व्यक्तिगत डेटा के प्रोसेसिंग पर स्पष्ट नियम हैं. डेटा प्रमुख के अधिकार और प्रोसेसर के दायित्व तय हैं.

दिल्ली में साइबर अपराध की शिकायत कैसे दर्ज कराएं?

सबसे पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करें और फिर साइबर क्राइम सेल में FIR दर्ज कराएं. MeitY और CERT-In के गाइडेंस भी मदद करते हैं.

Intermediaries पर कौन-कौन से दायित्व लगते हैं?

उद्धृत दायित्वों के अनुसार सूचना, शिकायत-राहत और सुरक्षित पंख्या-Review सिस्टम उपलब्ध रखना होता है.

Data breach होने पर क्या कदम उठाने चाहिए?

तुरंत IT अधिकारी और सुरक्षा टीम से संपर्क करें, प्रभावित उपयोगकर्ताओं को सूचना दें और आवश्यक कानूनी नोटिस दें।

कौन से दस्तावेज महत्वपूर्ण रहते हैं?

एग्रीमेंट, डेटा प्रोटेक्शन पॉलिसी, सुरक्षा लॉग, ईमेल और डिजिटल हस्ताक्षर से जुड़ी रिकॉर्ड्स महत्वपूर्ण रहते हैं.

दिल्ली में कौन से मामलों में वकील चाहिए?

सीधे IT Act, DPDP Act, IT Rules, इंटरमीडियरी दायित्व या डेटा ब्रीच मामलों में विशेषज्ञ की जरूरत होती है.

कानूनी सहायता कैसे शुरू करें?

पहले मुद्दे की स्पष्टता लें, दस्तावेज संकलित करें और Delhi-आधारित IT वकील से परामर्श लें।

DPDP Act में डेटा अधिकार क्या हैं?

डेटा प्रमाणीकरण, अधिकार-उद्धार, सूचना-प्रक्रमक के अनुरोधों पर त्वरित प्रतिक्रिया के अधिकार शामिल हैं.

Intermediary Guidelines और Digital Media Code क्यों महत्वपूर्ण हैं?

ये intermediaries के लिए स्पष्ट दायित्व और उपयोगकर्ता-ग्राउंड के लिए एक संरचना बनाते हैं, ताकि ऑनलाइन सामग्री के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित हो सके.

अतिरिक्त संसाधन

नीचे दिल्ली-आधारित और राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संगठन दिए गए हैं जिनसे आप कानूनी सहायता और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

  • - दिल्ली पुलिस का साइबर क्राइम विभाग; शिकायत दर्ज कराए और परामर्श पाए जा सकते हैं. आधिकारिक वेबसाइट: https://www.delhipolice.gov.in/
  • - IT कानून, Rules और नीति पर आधिकारिक मार्गदर्शन. वेबसाइट: https://www.meity.gov.in/
  • - राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केन्द्र; सुरक्षा टिप्स और घटनाओं पर जानकारी. वेबसाइट: https://www.cert-in.org.in/

अगले कदम

  1. अपने IT कानून से जुड़े मुद्दे की स्पष्ट परिभाषा बनाएं और लक्ष्य तय करें.
  2. संबंधित दस्तावेज जैसे अनुबंध, डेटा पॉलिसी, लॉग आदि एकत्र करें.
  3. Delhi में IT कानून में विशेषज्ञता रखने वाले वकील की तलाशी शुरू करें.
  4. डॉक्यूमेंटेशन के साथ पहली परामर्श में प्रश्न तैयार रखें.
  5. फीस संरचना, समय-सीमा और भूमिका स्पष्ट करें; Retainer agreement पर हस्ताक्षर करें.
  6. आवश्यक क्लेम्स, डैमेज, या रिकवरी के लिए कानूनी रणनीति बनाएं.
  7. नए नियमों, अदालत के निर्देशों और शिकायत-प्रक्रिया की नवीनतम जानकारी पर cậparf रहें.

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