दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ उत्तराधिकार कानून वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Kochhar & Co.
दिल्ली, भारत

1994 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
ओवरव्यूकोचर एंड को. (“फर्म”) भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट लॉ फर्मों में से एक है।नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई,...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

1. Delhi, India में Inheritance Law कानून का संक्षिप्त अवलोकन

Delhi में Inheritance Law केंद्रीय कानून और व्यक्तिगत कानूनों का मिश्रण है। यह वसीयत बनाना, intestate (बिना Will) संपत्ति का बंटवारा, और हकदारों के अधिकार तय करना शामिल है। कानून समुदाय-आधारित नियमों के साथ केंद्रीय अधिनियमों का संयोजन दिखाता है।

Delhi के निवासी संपत्ति के विरासत-स्वरूप अधिकारों की प्रक्रिया में Will, probate, और heirs के चयन के नियमों से प्रभावित होते हैं। हिंदू परिवारों में coparcenary अधिकार daughters को भी मिलते हैं, जबकि मुस्लिम वर्ग के लिए शरियात-आधारित कानून लागू होते हैं।

“On and from such commencement, the daughter shall have the same rights in the coparcenary property as the son.”

Source: Hindu Succession Act, 1956, Section 6. अधिक जानकारी: https://www.indiacode.nic.in/

“The succession to the property of a person who dies intestate shall be governed by the provisions of this Act.”

Source: Indian Succession Act, 1925. अधिक जानकारी: https://legislative.gov.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

Delhi-आधारित व्यक्तिगत मामलों में कुछ विशिष्ट परिस्थितियाँ वकील का साथ माँगती हैं।

  • Delhi में माता-पिता के बिना Will बनवाना या संशोधित करना चाहते हैं; संपत्ति-दायरे का स्पष्ट प्रावधान चाहिए।
  • Coparcenary अधिकारों के सवाल पर बेटी-या पुत्र के दावों का विवाद सामने आना।
  • Intestate स्थिति में कानूनी वारिसों के हिस्से-अनुपात के निश्चित वितरण के लिए आग्रह या चुनौती।
  • Will-प्रोबैट प्रक्रिया और Executor की नियुक्ति में Delhi कोर्ट-प्रक्रिया समझना आवश्यक हो।
  • Muslim Personal Law के अंतर्गत विरासत-वितरण, शरियात-आधारित दावों की वैधता और सुधार चाहिए।
  • Family dispute या joint family property पर स्पष्ट partition डाक्यूमेंट बनवाने की जरूरत।

उदाहरण: दिल्ली-आधार पर एक बेटी coparcenary अधिकारों के लिए दावे कर रही है, जबकि उसका भाई दावा करता है कि पिता ने पुत्र के पक्ष में विरासत तय की थी। ऐसे मामलों में अनुभवी advokat की सहायता जरूरी होती है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन

हिंदू Succession Act, 1956 और इसके संशोधन दिल्ली सहित पूरे भारत में coparcenary अधिकार, पुत्र-जात के समान अधिकार, तथा उत्तराधिकार-क्रम निर्धारित करते हैं।

Indian Succession Act, 1925 धार्मिक समुदायों के बाहर के व्यक्तियों के Will और intestate succession को नियंत्रित करता है।

Muslim Personal Law (Shariat) Application Act, 1937 मुस्लिम व्यक्ति की विरासत-व्यवस्था और उत्तराधिकार के नियम शरियत से संचालित होते हैं।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Delhi में Inheritance Law क्या है?

यह विरासत-हकदारों के अधिकार और Will, intestate, probate आदि से जुड़ा कानूनों का सेट है। Delhi में यह केंद्रीय अधिनियमों और व्यक्तिगत कानूनों का संयुक्त प्रभाव है।

हिंदू कानून के अनुसार बेटी का Coparcenary अधिकार कब से पूरी तरह लागू है?

2005 के Hindu Succession Act संशोधन से बेटी को coparcenary संपत्ति में पुत्र के समान अधिकार मिला। यह प्रभाव 9 सितम्बर 2005 से लागू हुआ।

अगर मेरे पास Delhi-आधारित जमीन है और मैं Will बनवाना चाहता हूँ तो कैसे शुरू करें?

Will बनवाने के लिए एक योग्य वकील से मिलकर स्व-निर्दिष्ट संपत्ति, वारिस, executor, और उत्तराधिकार योजना तय करें। Will का प्रूफ प्रोवेट की जरूरत हो सकती है।

Intestate स्थिति में Delhi में कानूनी heirs कौन-कौन होते हैं?

Intestate स्थिति में कानून के अनुसार जीवन में कानूनी वारिस दायरे में आते हैं, जिनमें spouse, children, parents, siblings आदि शामिल हो सकते हैं। विषय-वारिस निर्धारण व्यक्तिगत कानूनों पर निर्भर कर सकता है।

Will को Delhi Courts में contest कैसे किया जा सकता है?

Will contest करने के लिए grounds जैसे lack of testamentary capacity, coercion, fraud आदि दिखाने होते हैं। अदालत द्वारा probate आदेश सम्बद्ध अवरोधों के साथ दिया जाता है।

Probat पर क्या प्रक्रिया है?

Probat या letters of administration प्राप्त करने के लिए court में आवेदन देना होता है। यह Will की वैधता और संपत्ति के प्रबंधन के लिए जरूरी हो सकता है।

कौनसी दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं?

Death certificate, property papers, will (यदि है), existing will-registrations, creditors details, और heirs_identity proofs आवश्यक होते हैं।

क्या Joint Property पर विरासत-वितरण अलग होगा?

Joint property पर परिवार के सदस्य के हिस्से का निर्धारण coparcenary rights और Will के अनुसार होता है। partition-योजनाओं का गठन आवश्यक हो सकता है।

क्या Will लिखना अनिवार्य है?

नहीं, Will लिखना अनिवार्य नहीं है, पर संपत्ति के वितरण में स्पष्टता और विवादों से बचाव के लिए लाभकारी है।

Will के विरुद्ध चुनौती कब तक संभव है?

Will के विरुद्ध challenge सामान्यतः probate grant के समय और उसकी वैधता बनाम आयी चुनौती पर निर्भर करता है।

Succession Certificate कितने काम आता है?

Succession certificate ऋण, बैंक-खातों आदि पर अधिकार प्रमाणित करने के लिए दिया जाता है, Will-probate के साथ या उसके स्थान पर उपयोग हो सकता है।

2005 संशोधन के बाद महिलाओं के अधिकारों में क्या बदलाव आये?

मित्र महिलाओं के coparcenary अधिकार, संपत्ति के कर्तव्य-भूमिका और दायित्वों में परिवर्तन आये, जिससे दायरे में समानता बनी।

Delhi में Muslims के विरासत नियम क्या हैं?

Muslim Personal Law Shariat के तहत विरासत के नियम लागू होते हैं; भागीदारी और हिस्से का निर्धारण शरीयत के अनुसार होता है।

5. अतिरिक्त संसाधन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - https://nalsa.gov.in
  • Bar Council of Delhi - http://www.bcdelhi.org
  • Delhi High Court Legal Services Committee - https://delhihighcourt.nic.in/lsc.asp

6. अगले कदम

  1. अपनी स्थिति स्पष्ट करें: Will है या intestate मामला है
  2. Delhi में अनुभवी inheritance वकील ढूंढें
  3. कानूनी सलाह के लिए पहले मुलाकात शेड्यूल करें
  4. आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें
  5. Will draft या probate की योजना बनाएं
  6. लंबी प्रक्रिया के दौरान उचित रिकॉर्ड रखें

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से दिल्ली में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, उत्तराधिकार कानून सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

दिल्ली, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।