Rajveer Singh
Advocate
श्री राजवीर सिंह एक अधिवक्ता हैं, जिनका कानूनी अनुभव वर्षों में फैला हुआ है। उनके कौशल का निर्माण भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालयों, और उत्तर भारत के अनुभवी जिला न्यायालयों में मुकदमों के अनुभवों से हुआ है। उनके पास जटिल कानूनी मुद्दों का विश्लेषण करने, प्रभावी रक्षा रणनीतियाँ तैयार करने, और आपराधिक कार्यवाहियों की गुत्थियों को दक्षता एवं निपुणता से सुलझाने की जन्मजात क्षमता है।
उन्होंने भारत सरकार के ट्रेडमार्क रजिस्ट्री, सीजीपीडीटीएम में एक सुनवाई अधिकारी के रूप में भी अपना योगदान दिया है। इस भूमिका में वे ट्रेडमार्क विवादों का निर्णय करने और ट्रेडमार्क आवेदनों तथा विरोधों से संबंधित कार्यवाहियों की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे। इस क्षमता में उनके अनुभव ने ट्रेडमार्क कानून की उनकी समझ को और भी समृद्ध किया।
उनकी शैक्षिक यात्रा कानूनी उत्कृष्टता और सतत् अध्ययन की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके पास नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी तथा रांची विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ लॉज़ (एलएल.एम.) की डिग्रियाँ हैं, और नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद से अपराध कानून एवं फॉरेंसिक विज्ञान में एक उन्नत स्नातकोत्तर डिप्लोमा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), नई दिल्ली और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण ने उन्हें फॉरेंसिक जांचों और कानूनी प्रक्रियाओं में गहन अंतर्दृष्टि प्रदान की है।
श्री सिंह की आधारभूत शिक्षा में बौद्धिक संपदा अधिकारों में विशेषज्ञता के साथ बैचलर ऑफ लॉज़ (एलएल.बी.) शामिल है। उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थानों से विभिन्न प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपनी दक्षता को और भी उन्नत किया है।