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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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Delhi, India में Media और Entertainment कानून के बारे में विस्तृत गाइड

1. Delhi, India में Media and Entertainment कानून के बारे में

Delhi में Media और Entertainment कानून मुख्य रूप से केंद्र सरकार के कानूनों के अनुरूप संचालित होता है. इन कानूनों में CBFC की फिल्म प्रमाणन, IT नियम और केबल टीवी नियम शामिल होते हैं. Delhi के कलाकार, निर्माताओं और प्लेटफार्मों को इन नियमों की अनुपालना करनी पड़ती है.

यही कारण है कि मीडिया और मनोरंजन से जुड़े ठोस कानूनी निर्णयों में एक अनुभवी अधिवक्ता की भूमिका महत्त्वपूर्ण है. प्रासंगिक नियम फिल्म निर्माण, प्रसारण, ऑनलाइन स्ट्रीमिंग और विज्ञापन सब पर लागू होते हैं. Delhi निवासियों के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा कानून कब और कैसे लागू होता है.

"Classification and certification of films is mandatory under the Cinematograph Act."

"Intermediaries shall appoint a Grievance Officer resident in India."

संदर्भ स्रोत: CBFC - Central Board of Film Certification, MIB - Ministry of Information and Broadcasting, IT Rules 2021 (Intermediary Guidelines) के बारे में सूचना.

उपयोगी आधिकारिक लिंक: CBFC, MIB, TRAI.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • Delhi-शूट के साथ प्रमाणन प्रक्रिया - दिल्ली-आधारित फिल्म या वेब सीरीज के लिए CBFC प्रमाणन लेते समय सुझाव, दलील और कॉम्प्लायंस जरूरी है. विभागीय शिकायतें या दायरियाँ बनें तो एक अनुभवी_advocate_ मदद दे सकता है.

    कानून का सही पाठ समझना और आवेदन-प्रक्रिया की रणनीति बनाना आसान नहीं होता. एक कानूनी सलाहकार आपके आवेदन की गति बढ़ा सकता है.

  • OTT प्लेटफॉर्म की नियम-पालना - OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए IT Rules 2021 के अंतर्गत संहिता, शिकायत-निवारण और प्रस्तुति मानक जरूरी हैं. Delhi-स्थापित प्लेटफॉर्म के लिए विशेष मार्गदर्शन आवश्यक है.

    सेक्शनल नियम, अधिकारी पोजीशन और रिकॉर्ड-कीपिंग को स्पष्ट करने के लिए अनुभवी अधिवक्ता लाभकारी साबित होते हैं.

  • कॉपीराइट और लाइसेंसिंग मुद्दे - गीत, ध्वनि रिकॉर्डिंग, वीडियो क्लिप आदि पर कॉपीराइट अधिकारों का अनुपालन जरूरी है. Delhi-का स्थान जटिल लाइसेंसिंग-राइट्स केसों को बढ़ा देता है.

    कानूनी सलाह से लाइसेंस कॉन्ट्रैक्ट और रॉयल्टी-समझौते सही तरीके से किए जाते हैं.

  • ऑनलाइन सामग्री पर defamation और शिकायत - सोशल मीडिया, वेबसाइट और वीडियो प्लेटफॉर्म पर आरोपों से निपटना पड़ सकता है. Delhi स्थित पाठक व कलाकारों के विरुद्ध मामले आते रहते हैं.

    ऐसी स्थिति में त्वरित और उपयुक्त कानूनी कदम जरूरी होते हैं ताकि नुकसान रोका जा सके.

  • विज्ञापन और एड-मानक - ASCI नियमों के अनुसार गलत, भ्रामक या अपमानजनक विज्ञापन से बचना चाहिए. Delhi में स्थानीय व्यवसायों के लिए यह खास चुनौती हो सकती है.

    वकील आपकी मार्केटिंग सामग्री की समीक्षा कर सही अनुबंध और क्लॉज दे सकता है.

  • Public-Event या ब्रॉडकास्ट-स्ट्रीमिंग - दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए लाइसेंसिंग, अनुमति और सुरक्षा-नियम पालन जरूरी होते हैं. सही प्रक्रियाएं न मानने पर दंड हो सकता है.

    कानूनी मार्गदर्शन से इवेंट-नियोजन स्पष्ट और सुरक्षित बनता है.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • Cinematograph Act 1952 - फिल्म प्रमाणन का केंद्रीय कानून है. CBFC प्रमाणन अनिवार्य बनाता है. दिल्ली में भी यह लागू है.

  • Cable Television Network Regulation Act 1995 और नियम 1994

    यह टेलिविजन चैनलों के प्रसारण-नीतियों को नियंत्रित करता है. Delhi में चैनलों के पब्लिक-डेलिवरी पर प्रभावी नियम लागू होते हैं.

  • Information Technology Act 2000 और IT Rules 2021

    ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, intermediaries और डिजिटल सामग्री पर नियम लागू करते हैं. Delhi-आधारित डिज़िटल मीडिया कंपनियों के लिए भी यह अनिवार्य है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Media and Entertainment कानून क्या दिल्ली में समान रूप से लागू होते हैं?

हाँ, दिल्ली में केंद्रीय कानून समान रूप से लागू होते हैं. CBFC प्रमाणन, IT Rules और केबल टीवी नियम हर प्लेटफॉर्म पर लागू रहते हैं. स्थानीय अधिकारियों द्वारा अनुपालना भी की जाती है.

CBFC प्रमाणन कैसे प्राप्त करें?

फिल्म या वेब-सीरीज़ के लिए CBFC प्रमाणन आवेदन दें. समीक्षा के बाद आयातित/स्थानीय सामग्री पर सुरक्षा-मानक तय होते हैं. आपत्तियाँ मिलने पर संशोधन कर पुनः प्रस्तुति देनी पड़ सकती है.

OTT प्लेटफॉर्म दिल्ली के लिए कौन से नियम अनिवार्य हैं?

IT Rules 2021 के अनुसार Grievance Officer, शिकायत-प्रणाली, और सामग्री मानक हों जरूरी हैं. OTT प्लेटफॉर्म भारत-भर के लिए एक समान मानक अपनाते हैं,Delhi में भी यही लागू होते हैं.

कॉपीराइट उल्लंघन का जोखिम कैसे कम करें?

सामग्री की स्पष्ट लाइसेंसिंग और क्रॉस-चेकिंग करें. IPRS, PPL जैसे संगठनों से रिकॉर्ड रखने और उचित रॉयल्टी भुगतान सुनिश्चित करें. तृतीय पक्ष सामग्री के उपयोग पर खास सावधानी रखें.

डाउनलोडेड या ऑनलाइन पोस्टेड सामग्री पर defamation का खतरा कैसे घटे?

हर पोस्ट के लिए सत्यापन करें. कथन और स्रोत स्पष्ट करें. दबाव या मानहानि-केस से बचने के लिए कानूनी सम्मति लें और आवश्यक रूप से सुरक्षित-सम्पादन करें.

दिल्ली में कंटेंट विज्ञापन के लिए क्या नियम हैं?

ASCI के नियमों का पालन अनिवार्य है. विज्ञापन में भ्रामक, गलत या अपमानजनक बिंदु न हों. ब्रांड और पेशकश स्पष्ट रूप से बताएं.

कौन से लाइसेंस Delhi में शूटिंग के लिए जरूरी हैं?

स्थानीय नगर-निगम या प्रशासनिक प्राधिकरण से अनुमति आवश्यक हो सकती है. लोकेशन-संबंधी विशेष अनुमति, सुरक्षा और फोटोग्राफी मानकों का पालन करें.

डिजिटल मीडिया के लिए कौन सा नैतिक코डό लागू होता है?

डिजिटल मीडिया eth code के अंतर्गत content की जिम्मेदारी निर्धारित है. गलत अथवा भड़काऊ कंटेंट पर платформ-नियंत्रण का प्रावधान है.

कानूनी रूप से गलत विज्ञापन पर क्या कदम उठाने चाहिए?

ASCI शिकायत-निवारण प्रक्रिया के अनुसार फॉलो करें. प्लेटफॉर्म-होल्डिंग और विज्ञापन-प्रकाशन रोकना महत्वपूर्ण है. कानूनी सलाह से वैकल्पिक उपाय योजना बनायें.

दिल्ली में आप Registration या Establishment की आवश्यकता कब पड़ती है?

यदि आप OTT या मीडिया-स्ट्रीमिंग सेवा प्रादन करते हैं तो कंपनी पंजीकरण और कर-प्रबंधन आवश्यक हो सकता है. स्थानीय Company-Registration नियम भी देखें.

कानूनी सलाह लेने के लिए कौन सा प्रारम्भिक डेटा दें?

कथा-छवि, संपत्ति-ग्रंथ, लाइसेंस, कॉपीराइट पंजीकरण, और अनुबंध की प्रतिलिपियाँ रखें. उद्देश्य, प्लेटफॉर्म, और लक्ष्य ऑडियंस स्पष्ट करें.

दिल्ली निवासियों के लिए कौन से व्यावहारिक कदम हैं?

पहले अपने कंटेंट के कानूनी प्रकार की पहचान करें. फिर CBFC और IT Rules के अनुरूप योजना बनाएं. अनुभवी अधिवक्ता से सलाह लें और कॉन्ट्रैक्ट-ड्राफ्टिंग करवाएं.

5. अतिरिक्त संसाधन

  • Central Board of Film Certification (CBFC) - फिल्म प्रमाणन के लिए आधिकारिक संस्थान. विकल्प-लिंक.
  • Ministry of Information and Broadcasting (MIB) - मीडिया पॉलिसी और मानदंडों का प्रमुख मंत्रालय. विकल्प-लिंक.
  • Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) - प्रसारण और इंटरनेट-आधारित सेवाओं के नियमन का प्राधिकरण. विकल्प-लिंक.

6. अगले कदम

  1. अपने केस के उद्देश्य और कानूनी दायरे को स्पष्ट करें.
  2. संबंधित दस्तावेज जैसे प्रमाणन आवेदन, कॉपीराइट पंजीकरण आदि एकत्रित करें.
  3. Delhi-स्थित मीडिया व मनोरंजन कानून विशेषज्ञ की पहचान करें.
  4. पूर्व अनुभव और केस-स्टडी देखें, फिर(initial) consultation शेड्यूल करें.
  5. अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रश्न और मुद्दे सूचीबद्ध करें.
  6. फीस संरचना, समय-रेखा और संभावित परिणाम पर लिखित समझौता लें.
  7. नीति-नियमन और जोखिम-आकलन के अनुसार कदम उठाएं.

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