पुरी में सर्वश्रेष्ठ पेटेंट वकील

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UPAJIVAN ADVISORY INDIA LLP
पुरी, भारत

2020 में स्थापित
English
UPAJIVAN ADVISORY INDIA LLP, जिसकी स्थापना 30 जून 2020 को हुई थी, पुरी, ओडिशा, भारत में आधारित एक विशिष्ट परामर्श फर्म है। यह फर्म लेखा, कर...
जैसा कि देखा गया

1. पुरी, भारत में पेटेंट कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पुरी, ओडिशा के निवासी नवाचार के साथ उद्योगिक गतिविधियों के लिए पेटेंट सुरक्षा पर निर्भर रहते हैं. पेटेंट कानून आविष्कारक और व्यवसायों को उनके सुधारित उत्पादों, प्रक्रियाओं या डिजाइनों के लिए अधिकार देता है.

भारत में पेटेंट अधिकार सामान्यतः Twenty years के लिए मिलते हैं, फाइलिंग तिथि से. यह अवधि और उपलब्धता आविष्कारक की उम्मीदवारता और आवेदन की सही प्रक्रिया पर निर्भर करती है.

पंजीकरण के लिए नवाचार, औद्योगिक अनुप्रयोग और नई विधि आवश्यकताएं मान्य हैं. आवेदन कैसे दायर करें, निर्णय कैसे लिया जाए, और विरोध-प्रक्रिया कैसे चलेगी, यह सब पेटेंट नियमों द्वारा निर्धारित है.

“The Patents Act, 1970 provides for the grant of patents for inventions which are novel, involve an inventive step and are capable of industrial application.”
“A patent for an invention shall be for a term of twenty years from the date of filing.”
“The Controller General of Patents, Designs and Trade Marks is the authority responsible for grant of patents.”

उद्धरण के आधिकारिक स्रोत के लिए देखें: IP India और The Patents Act, 1970.

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • पटेंट एप्लिकेशन में विशिष्टता की जटिलता पुरी के हस्तशिल्पी एक नया रंग सूत्र बनाते हैं. इसे सही प्रकार से संरक्षित कराने के लिए कानूनी दस्तावेज और क्लेम निर्माण चाहिए.
    यही समय है जब एक अनुभवी अधिवक्ता आपकी सहायता कर सकता है ताकि आवेदन स्पष्ट और मजबूत हो.
  • पूर्व-खोज और prior art खोज आप जो नया मानते हैं उसके पहले से प्रकाशित उदाहरणों की जाँच आवश्यक है. यह प्रक्रिया पेटेंट की सफलता की कुंजी है.
    कानूनी सलाहकार यह खोज और विश्लेषण सरल बनाते हैं.
  • दायर करने के बाद विरोध-प्रक्रिया किसी तीसरे पक्ष की अस्वीकृति या विरोध सामने आये तो रक्षा करना जरूरी होता है.
    एक अनुभवी वकील विरोध-कार्यवाही और उत्तर देने में मदद करेगा.
  • स्वदेशी उद्योग में तेज-तीव्र आवेदन पुरी के मछुआरे या छोटे होटल ने तेजी से प्रक्रिया शुरू करनी चाहती है.
    Green Channel या expedited examination जैसे अवसरों के लिए कानूनी मार्गदर्शन जरूरी रहता है.
  • अनुदान-पर प्रकाशन और पोस्ट-ग्रोथ पेटेंट मिलने के बाद भी खर्चे और निगरानी चलते रहते हैं.
    अनुपालन और शुल्क-वसूलण के लिए एक अनुभवी वकील चाहिए.
  • अतिरिक्त अन्तरराष्ट्रीय संरक्षण यदि आप चाहें कि आविष्कार वैश्विक स्तर पर भी सुरक्षित रहे, तो PCT या विदेशी आवेदन की रणनीति चाहिए.
    ऐसे मामलों में एक कानूनी विशेषज्ञ उपयुक्त मार्गदर्शन देता है.

नोट: यह गाइड सामान्य सूचना के लिए है. व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार स्थानीय वकील से सटीक सलाह लें.

3. स्थानीय कानून अवलोकन

  • The Patents Act, 1970 यह कानून भारतीय पेटेंट अधिकार की बुनियाद है. आविष्कार, नवाचार और औद्योगिक अनुप्रयोग के आधार पर पेटेंट दिया जाता है.
  • The Patents Rules, 2003 ये नियम दायर करने की प्रक्रिया, पब्लिकेशन, विरोध, परीक्षण और संशोधन से जुड़ी प्रक्रियाओं को निर्देशित करते हैं.
  • Odisha क्षेत्राधिकार पुरी से पेटेंट आवेदन सामान्यतः Eastern region के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत प्रक्रिया के अनुसार जाते हैं. इस क्षेत्र के लिए वास्तविक प्रशासनिक कार्यवाही Kolkata स्थित क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा संचालित होती है.

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेटेंट क्या है?

पेटेंट एक कानूनी अधिकार है जो आविष्कारक को निर्धारित अवधि के लिए विशेष बनाने देता है. यह अन्य लोगों को बिना अनुमति उपयोग, बेच या निर्माण से रोकता है.

भारत में पेटेंट की अवधि कितनी होती है?

आमतौर पर पेटेंट की अवधि 20 वर्ष होती है, फाइलिंग तिथि से. यह समय-सीमा शुल्क और नियमों के अनुरूप है.

मैं किस प्रकार के आविष्कार के लिए पेटेंट आवेदन कर सकता हूँ?

ऐसा आविष्कार जो नया हो, एक inventive step दिखा सके, और उद्योग में उपयोगी हो; तथा जो सार्वजनिक व्यवस्था या morality के विरुद्ध नहीं हो, पेटेंट के लिए पात्र हो सकता है.

मुझे पेटेंट के लिए आवेदन कैसे करना चाहिए?

फॉर्म-फाइलिंग, अनिवार्य दस्तावेज, और क्लेम-निर्माण की तैयारी आवश्यक होती है. ऑनलाइन फाइलिंग आजकल सामान्य है. एक वकील आवेदन-प्रक्रिया में मार्गदर्शन दे सकता है.

क्या मुझे स्थानीय वकील की आवश्यकता है?

नहीं अनिवार्य नहीं है, परन्तु पेटेंट क्लेम्स, भाषा, और प्री-ग्रांट प्रोसेस में एक कानूनी विशेषज्ञ मददगार रहता है. विशेषकर पुरी में located मामलों में स्थानीय अनुभव लाभ देता है.

पेटेंटability की कसौटी क्या है?

यह आविष्कार का नया होना, inventive step दिखाना और औद्योगिक अनुप्रयोग होना चाहिए. पारंपरिक संदर्भ और prior art नुकसान रोकते हैं.

पहले से मौजूद जानकारी की जाँच कैसे करें?

पूर्व-खोज (prior art search) महत्त्वपूर्ण है. यह आपको यह बताती है कि आपका विचार पहले से प्रकाशित है या नहीं.

परीक्षण और विरोध क्या होता है?

परीक्षण के दौरान आवेदक की दलीलों की समीक्षा होती है. विरोध के नियम के अनुसार तीसरे पक्ष अपने concerns दर्ज कर सकते हैं.

क्या मैं विदेशी पेटेंट भी करा सकता हूँ?

हाँ, यदि आप चाहते हैं कि आविष्कार विश्व-व्यापी हो, तो PCT मार्ग या अन्य देशों में सीधे आवेदन किया जा सकता है. भारतीय आवेदन के साथ करना संभव है.

क्या पेटेंट मिलने के बाद भी शुल्क देना पड़ता है?

हाँ, हर साल maintenance या Renewal शुल्क देना होता है ताकि पेटेंट वैध बना रहे. अगला वर्ष-वार्षिक शुल्क निर्धारित है.

पेटेंट के साथ ट्रेडमार्क या कॉपीराइट कैसे भिन्न हैं?

पेटेंट नया आविष्कार देता है. ट्रेडमार्क ब्रांड पहचान बनाता है. कॉपीराइट रचनात्मक अभिव्यक्ति की सुरक्षा करता है. तीनों में सुरक्षा के स्तर और उद्देश्य भिन्न होते हैं.

पालन और सुरक्षा के उपाय क्या हैं?

तुलनात्मक-खोज, संविधिक अधिकार, और निगरानी प्रबन्धन आवश्यक है. infringement होने पर अदालत से वैधानिक राहत मिल सकती है.

पुरी में पेटेंट के लिए कितने खर्च होते हैं?

फाइलिंग, Examination, Publication और संभव विरोध-प्रक्रियाओं के साथ खर्च भिन्न हो सकता है. प्रारम्भिक खर्चों के लिए एक अनुमान लें.

अगर मेरा आवेदन अस्वीकृत हो जाए तो क्या करूँ?

नएArguments के साथ Appeal या Request for Revision किया जा सकता है. आप क्लेम्स के पुनर्लेखन या तर्क-समर्थन कर सकते हैं.

5. अतिरिक्त संसाधन

6. अगले कदम

  1. अपने विचार के लिए स्पष्ट लक्ष्य बनाएँ और क्या सुरक्षा चाहिए समझें.
  2. पुरी-ओडिशा क्षेत्र में पेटेंट-एजेंट या वकील से पहली बातचीत करें.
  3. पूर्व-खोज कराकर उपलब्ध prior art की स्थिति समझें.
  4. फाइलिंग-रेडी डॉक्स तैयार करें; आवश्यक प्रमाण-पत्र और दस्‍तावेज जमा करें.
  5. फाइलिंग के बाद आवश्यक आरएफई और Examination-चरण के लिए समय-सीमा समझें.
  6. विकल्प-प्रत्यय, विरोध-निवारण और आवेदन-स्थिति नियमित तौर पर ट्रैक करें.
  7. अगर वैश्विक संरक्षण चाहिए तो PCT या अन्य देशों में आवेदन की योजना बनाएं.

नोट: यह गाइड पुरी, भारत के निवासियों के लिए सामान्य मार्गदर्शन है. खास मामलों के लिए स्थानीय वकील से व्यावहारिक सलाह लें.

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