पटना में सर्वश्रेष्ठ रियल एस्टेट अनुबंध और बातचीत वकील

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रियल एस्टेट वकील नियुक्त करने की मुफ़्त गाइड

Advocate Ankit Kumar Singh
पटना, भारत

2018 में स्थापित
उनकी टीम में 1 व्यक्ति
English
Hindi
एडवोकेट अंकित कुमार सिंह की विशेषज्ञता में आपका स्वागत है – प्रतिष्ठित पटना हाई कोर्ट में आपके विश्वसनीय कानूनी...
पटना, भारत

1956 में स्थापित
English
तरकांत झा एंड एसोसिएट्स बिहार के सबसे पुराने और भरोसेमंद लॉ फर्मों में से एक है, जिसकी स्थापना 1956 में हुई थी और इसका...
Bihar Tax  Consultant
पटना, भारत

2013 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
बिहार टैक्स कंसल्टेंट, पटना, बिहार में शीर्ष टैक्स कंसल्टेंट्स में से एक है जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कराधान,...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
Legal Pinnacle
पटना, भारत

English
लीगल पिनेकल एक प्रमुख भारतीय फुल सेवा और बहु-अनुशासनात्मक लॉ फर्म है, जिसके प्रधान कार्यालय पटना और दिल्ली में...
Advocate Radha Raman Roy

Advocate Radha Raman Roy

15 minutes मुफ़्त परामर्श
पटना, भारत

1987 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
वकील राधा रमण रॉय, पटना के सर्वश्रेष्ठ वकील, आपराधिक, तलाक, संपत्ति, वैवाहिक, पारिवारिक और नागरिक कानून में 35 से...
Paramarsh Legal Associates
पटना, भारत

उनकी टीम में 6 लोग
English
परामर्श लीगल एसोसिएट्स पटना स्थित एक विधिक फर्म है जो कॉर्पोरेट, बैंकिंग व वित्त, रियल एस्टेट, श्रम व रोजगार तथा...
जैसा कि देखा गया
पटना, भारत में रियल एस्टेट अनुबंध और बातचीत कानून पर गाइड

पटना, भारत में रियल एस्टेट अनुबंध और बातचीत कानून का संक्षिप्त अवलोकन

पटना, बिहार में रियल एस्टेट अनुबंध और बातचीत कानून देश के समग्र कानूनों के साथ चलते हैं। प्रमुख कानूनों में Real Estate Regulation and Development Act 2016 (RERA), Transfer of Property Act 1882, Indian Contracts Act 1872, Registration Act 1908 और Indian Stamp Act 1899 शामिल हैं। बिहार में RERA के अंतर्गत Bihar Real Estate Regulatory Authority (B-RERA) प्राधिकृत है जो पंजीकरण, शिकायत निवारण और प्रमोटर निगरानी करता है।

पटना में खरीदार, विक्रेता और प्रमोटर के बीच डील स्पष्ट और लिखित रूप में होती है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। प्रमोटर को परियोजनाओं की जानकारी और निर्माण स्थिति उपलब्ध करानी होती है। RERA के नियमों के अनुसार धनराशि के सुरक्षित प्रवाह के लिए escrow खाते की व्यवस्था और कम से कम 70 प्रतिशत निधि का सुरक्षित निपटान आवश्यक माना गया है।

यह गाइड पटना निवासियों के लिए कानून की बुनियादी बातें और व्यावहारिक उपाय देता है। नोट करें कि दायित्व जिले के अनुसार भिन्न हो सकते हैं और अदालती प्रक्रियाएं समय के साथ अपडेट होती रहती हैं।

“The Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 aims to protect home buyers by promoting transparency and accountability in the real estate sector.”
Source: https://www.rera.gov.in/
“Bihar Real Estate Regulatory Authority rules emphasize promotion of transparency in property deals and protection of the buyer's interests in the state.”
Source: https://rera.bihar.gov.in/
“Promoter shall deposit 70 percent of the amounts received from buyers in a separate escrow account.”
Source: https://www.rera.gov.in/

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • Title clearence और encumbrance की जाँच में दिक्कत आ सकती है। पटना में जमीन के रिकॉर्ड मिलते-जुलते नहीं रहते हैं और कई बार गुम रिकॉर्ड मिलते हैं। 2-4 वाक्यों में स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक अनुभवी अधिवक्ता से title search कराना उचित है।

  • ड्राफ्टिंग और बातचीत के लिए कानूनी सलाह जरूरी है। प्रॉपर्टी डील के शर्तों पर स्पष्ट शब्दों में लिखित समझौता बनाना, escrow, earnest money और penalty clauses सुनिश्चित करना होता है।

  • RERA अनुपालन और शिकायत निवारण के मामलों में सहायता चाहिए। पटना में नया या चल रहा प्रोजेक्ट हो तो RERA पंजीकरण, promoter जिम्मेदारियाँ और शिकायत प्रक्रिया समझना जरूरी है।

  • धन के प्रवाह पर सुरक्षा की योजना चाहते हैं। escrow account, promoter funds का उपयोग आदि के लिए वकील से विस्तृत सलाह लें ताकि धन सुरक्षित रहे और dispute कम हों।

  • डिस्प्यूट होने पर समाधान ढूंढना है। निर्माण देरी, एक्सटर्नल खर्च, या डिपॉजिट रिफंड जैसे मुद्दों पर कानूनी मार्ग और अर्ज़ी की पुष्टि करें।

  • स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की सही गणना चाहिए। गलत शुल्क से बाद में चालान उठ सकता है और पंजीकरण रद्दीकरण की स्थिति बन सकती है।

स्थानीय कानून अवलोकन

Real Estate Regulation and Development Act 2016 (RERA) - बिहार में प्रभाव

RERA अब बिहार सहित सभी राज्यों में लागू है और प्रमोटर पर पंजीकरण, परियोजना सूचना, वित्तीय पारदर्शिता तथा शिकायत निवारण जैसे दायित्व थोपता है। बिहार में प्रमोटर को 70 प्रतिशत धन escrow खाते में रखना, तथा खरीदारों के हितों की निगरानी प्रमुख प्रवधानों में से हैं।

Transfer of Property Act 1882

यह कानून भूमि और संपत्ति के ट्रांसफर के नियम तय करता है। बिक्री, उपहार, विरासत आदि के अधिकार हस्तांतरण के लिए प्रमुख ढांचा देता है। पटना के लिए यह दस्तावेज़ों के सही नामांतरण और रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है।

Registration Act 1908 और Indian Stamp Act 1899

किसी भी Immobilien transfer के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और दस्तावेज़ पर सही स्टाम्प शुल्क लगना चाहिए। रिकॉर्ड-पुष्टि दस्तावेजों के बिना कानूनी ट्रांज़ैक्शन मान्य नहीं माना जाता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में रेरा के अंतर्गत किस प्रकार की पंजीकरण आवश्यक होती है?

RERA के अनुसार परियोजना का पंजीकरण और promoter का registration अनिवार्य है। खरीदारों के लिए शिकायत आदि के लिए रेरा पोर्टल का उपयोग किया जाता है।

70 प्रतिशत धनराशि escrow खाते में रखना क्यों आवश्यक है?

यह कदम धन के दुरुपयोग से बचाने के लिए है। इससे निर्माण निधि सीधे परियोजना पर खर्च होती है और खरीदार का निवेश सुरक्षित रहता है।

क्या प्रमोटर के विरुद्ध शिकायत दायित्व उस समय बनता है जब परियोजना विलम्बित हो?

हाँ, यदि समय-सीमा पूरा न हो और promoter पारदर्शिता नहीं दिखाता है तो खरीदार को रेरा के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है।

मैं किन दस्तावेज़ों की जाँच करवाऊँ?

खरीद के लिए title deed, khasra/कब्जा विवरण, पिछले पंजीकरण, उधारी-encumbrance certificate, मौजूदा मालिक का प्रमाण पत्र आदि आवश्यक होते हैं।

रजिस्ट्रेशन शुल्क कैसे काम करता है?

पंजीकरण शुल्क राज्य के अनुसार तय होता है और स्टाम्प शुल्क के साथ मिलकर कुल शुल्क बनता है। यह बिलकुल खरीद के समय चुकता किया जाता है।

डील के दौरान हानि-हर्जाने कैसे तय होते हैं?

यदि डील के भागीदारों ने लिखित समझौते में नुकसान-हर्जाने के क्लॉज़ रखे हों, तो उन्हें लागू किया जा सकता है।

मैं पीएमओ या पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग कर सकता हूँ?

हाँ, यदि आप दूर रहें या होने पर पावर ऑफ अटॉर्नी के द्वारा प्रतिनिधित्व संभव है। इसे कानूनी रूप से सक्षम संरक्षित बनाना चाहिए।

क्या खरीदार को प्रोजेक्ट के बारे में ऑफ-राइट जानकारी मिलती है?

हां, RERA के अनुसार खरीदार को प्रोजेक्ट की पूर्ण सूचना मिलनी चाहिए, जिसमें ब्रांड, नक़ल, निर्माण प्रगति आदि शामिल हैं।

क्या री-स्पॉटिंग या डिमांड-ड्रॉडाउन संभव है?

यह संभव है यदि डील में स्पष्ट व विकल्प हो; पार्टियों के बीच समझौते पर निर्भर करता है।

कौन से स्थानों पर अदालत/निवारण प्रकरण जाते हैं?

पटना जिले में मामले स्थानीय सिविल कोर्ट या रेरा के समक्ष दायर हो सकते हैं, यह विषय-वस्तु पर निर्भर है।

बाय-बाय-एग्रीमेंट और पोस्ट-डील प्रोसीजर कैसे संभालें?

बाय-बाय-एग्रीमेंट अंतिम समझौता है; इसके बाद sale deed और पंजीकरण सुनिश्चित करें, साथ में possession handover की जानकारी होनी चाहिए।

अगर दस्तावेज़ खरीददार के पक्ष के मुताबिक नहीं हैं?

ऐसी स्थिति में कानूनी सलाह लें; गलत दस्तावेज़ पर हस्ताक्षरDesde जोखिम भरे होते हैं और विवाद बढ़ सकते हैं।

अतिरिक्त संसाधन

  • Bihar Real Estate Regulatory Authority (B-RERA) - Bihar में रेरा के अधिकारी अधिकारी और शिकायत प्रक्रिया देखें: https://rera.bihar.gov.in/
  • CREDAI (Confederation of Real Estate Developers' Associations of India) - राष्ट्रीय संस्था जो बिहार के हिस्से से जुड़ी जानकारी देती है: https://www.credai.org/
  • NAREDCO (National Real Estate Development Council) - राष्ट्रीय स्तर पर रियल एस्टेट ड्राफ्टिंग और विवाद समाधान की जानकारी: https://www.naredco.in/

अगले कदम

  1. अपने प्रोजेक्ट एवं दस्तावेज़ का स्पष्ट सार लें और एक स्थानीय वकील से पहले मिलें।
  2. पटना के RERA पंजीकरण की स्थिति जाँचें और प्रमोटर की पंक्ति देखें।
  3. Title search, encumbrance certificate और पुराने रिकॉर्ड की पुष्टि करवाएं।
  4. ड्राफ्ट्ड समझौते में escrow, डिलन-समय, penalties आदि स्पष्ट लिखवाएं।
  5. स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का सही अनुमान लगवाएं और भुगतान करें।
  6. डील के हर चरण के लिए written record रखें और copies सुरक्षित रखें।
  7. यदि विवाद हो तो Bihar RERA या स्थानीय अदालत के जरिए त्वरित निवारण खोजें।

आधिकारिक स्रोत

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