औरंगाबाद में सर्वश्रेष्ठ प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण वकील

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

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15 minutes मुफ़्त परामर्श
औरंगाबाद, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
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औरंगाबाद, भारत में Sanctions & Export Controls कानून का संक्षिप्त अवलोकन

Sanctions और export controls एक कानून-आधारित फ्रेमवर्क है जो देश की सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए कुछ देशों, संस्थाओं या वस्तुओं पर नियंत्रण लगाता है। भारत इन उपायों को DGFT, MEA और Customs के साथ लागू करता है ताकि आयात-निर्यात गतिविधियाँ कानून के अनुसार संचालित हों।

इन नियंत्रणों से शहर के छोटे, मध्यम और बड़े उद्योग प्रभावित होते हैं, खासकर जो टेक्निकल इक्विपमेंट, ड्यूल-यूज़ पदार्थों या रणनीतिक वस्तुओं के कारोबार से जुड़ते हैं। औरंगाबाद के टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग क्लस्टर्स इन नीतियों के अनुपालन के लिए licensure, end-use verification और रिकॉर्ड-कीपिंग पर निर्भर रहते हैं।

SCOMET controls apply to the exports of strategic goods, software and technology that can affect national security.
Source: Directorate General of Foreign Trade (DGFT) - SCOMET overview, https://www.dgft.gov.in
Foreign Trade Policy provides the legal framework governing exports and imports of goods in India.
Source: DGFT - Foreign Trade Policy
Export controls are designed to safeguard national security and foreign policy objectives of India.
Source: Ministry of External Affairs (MEA) - Sanctions & Export Controls

आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है

  • औरंगाबाद में कपड़ा निर्यातक होते हुए किसी देश पर संयुक्त राष्ट्र санк्शन के कारण लाइसेंस की मांग बढ़ जाए तो एक कानूनी सलाहकार की जरूरत पड़ती है ताकि सही licensing path चुना जा सके।
  • एक ऑटो-पार्ट्स यूनिट को SCOMET लाइसेंस के अंतर्गत आने वाले ड्यूल-यूज आइटम्स के निर्यात के लिए लाइसेंस चाहिये हो सकता है, जिससे ऑर्डर.Cancel न हो।
  • स्थानीय इकाई यदि किसी विदेशी खरीदार को उत्पाद भेजती है और end-use/end-user की पुष्टि जरूरी हो, तो ठोस उपलब्धता और ड्यू डिलिजेंस की सलाह चाहिए।
  • आयातित उच्च-प्रत्यायनीय उपकरणों के लिए Aurangabad में Import Licenses, Customs clearance व record-keeping में कठिनाई हो सकती है जिसे कानूनविद सहयोग से हल करना चाहिए।
  • DGFT या Customs द्वारा show-cause notices, penalties या license cancellation के जोखिम होने पर त्वरित कानूनी प्रतिनिधित्व जरूरी होता है।
  • बैंकिंग-डिड-डिलिजेंस (KYC/AML) के कारण export payments, LC या वैकल्पिक भुगतान में देरी या रोकथाम हो तो विशेषज्ञ सहायता लाभदायक रहती है।

स्थानीय कानून अवलोकन

  • Foreign Trade (Development and Regulation) Act, 1992 - यह औपचारिक licensing ढांचे की आधारशिला है। निर्यात-आयात और किन वस्तुओं पर लाइसेंस चाहिए, इसका निर्धारण DGFT करता है।
  • Weapons of Mass Destruction and Proliferation (Prevention) Act, 2005 - द्वितीयक-यूज़ और अस्त्र-प्रसार से जुड़ी वस्तुओं पर नियंत्रण है; violation पर कठोर दंड हो सकता है।
  • Customs Act, 1962 और उससे जुड़ी नियमावली - सीमा पर निर्यात-आयात के लिए नियंत्रण और क्रॉस-बॉर्डर फ्री-ट्रेड के नियम लागू करते हैं; अनिधिकारित वस्तुओं पर seizure और penalty संभव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SCOMET क्या है?

SCOMET एक नियंत्रण सूची है जो संवेदनशील वस्तुओं, सॉफ़्टवेयर और तकनीक पर निर्भर घटकों के निर्यात को नियंत्रित करती है। यह भारत के DGFT तथा MEA के अंतर्गत प्रचलित है।

FTDR Act-license कब जरूरी है?

यदि आप ऐसी वस्तुएं निर्यात या आयात करते हैं जो FTDR Act के अंतर्गत नियंत्रित دسته से हैं, तो licensing जरूरी है। कुछ आवश्यक वस्तुओं पर license automatic या post-approval हो सकता है।

औरंगाबाद से निर्यात-आयात के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?

DGFT पोर्टल पर registration और license application फॉर्म भरना होगा। आवश्यक दस्तावेजों में PAN, कंपनी पंजीकरण, बिक्री अनुबंध और end-user information शामिल हो सकते हैं।

end-use end-user verification क्या है?

यह प्रक्रिया है जिसमें साबित किया जाता है कि वस्तु सही end-user को, सही country और सही end-use के लिए भेजी जा रही है। गलत सूचना पर license खतरे में पड़ सकता है।

यदि मैं कानून का उल्लंघन कर दूँ तो क्या होता है?

Violation पर penalties, license cancellation या criminal action हो सकता है। DGFT और Customs के अधिकारी मामले की निगरानी करते हैं और आवश्यक कार्रवाई करते हैं।

जोखिम किसी विदेशी क्लाइंट के साथ काम करने पर कैसे कम करें?

खरीदार की sanctioned-list status, end-use verification और proper licensing चेक करें। legal counsel से advisory लेकर ही शॉपिंग करें।

क्या export license केवल एक बार के लिए है?

घटक वस्तुओं के प्रकार और end-use के अनुसार license validity अलग हो सकती है। कुछ licenses multi-use permissions भी दे सकती हैं।

देश-विशेष प्रतिबंध कैसे चेक करें?

DGFT और MEA की official lists और notifications देखें। sanctioned-nations लिस्ट समय-समय पर अपडेट होती है।

कौन से दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं?

कंपनी पंजीकरण, PAN, import-export code, product specifications, end-use/end-user details, IP and technology details जरूरी हो सकते हैं।

SCOMET के अधीन किन कारोबारों पर licensing जरूरी है?

STRATEGIC वस्तुएँ, विशेष उपकरण, dual-use technologies और software पर licensing अनिवार्य हो सकता है।

कस्टम्स के साथ क्या प्रक्रिया होती है?

कस्टम्स clearance, export declaration, और export obligation की जाँच होती है। गलत जानकारी पर seizure और penalties हो सकते हैं।

कौन से नियम स्थानीय Aurangabad व्यापार को ज्यादा प्रभावित करते हैं?

FTDR Act licensing, SCOMET licensing और customs compliance aurangabad के exporters पर विशेष रूप से असर डालते हैं।

क्या विदेश नीति में हाल के परिवर्तन लागू होते हैं?

हाल के वर्षों में licensing प्रक्रिया ऑनलाइन हुई है और end-use checks को सुदृढ़ किया गया है। DGFT और MEA ने निर्देश जारी किए हैं।

अतिरिक्त संसाधन

अगले कदम

  1. अपनी व्यवसाय प्रकार और आपूर्ति श्रृंखला का मूल्यांकन करें कि क्या licensing चाहिए।
  2. Aurangabad आधारित आवश्यक लाइसेंस और पोर्टल्स की पहचान करें।
  3. DGFT के माध्यम से licensing requirements के लिए documentation तैयार करें।
  4. एक कानून-निष्ठ adhivakta या कानूनी सलाहकार से initial assessment लें।
  5. End-use-end-user verification के लिए robust verification process बनाएं।
  6. Record-keeping और compliance calendar बनाकर नियमित ऑडिट करें।
  7. ऑनलाइन अपडेट्स के लिए DGFT और MEA के公告/Notifications पर निगरानी रखें।

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