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दिल्ली, भारत

1994 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
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Vidhiśāstras-Advocates & Solicitors
दिल्ली, भारत

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LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
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Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया
Delhi, India में Trusts कानून पर विस्तृत मार्गदर्शिका

1. Delhi, India में Trusts कानून के बारे में: Delhi, India में Trusts कानून का संक्षिप्त अवलोकन

Trust एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें संपत्ति के मालिकाना हक को trustee के पास रखा जाता है और लाभार्थी के लिए उसका उपयोग नियंत्रित होता है।

दिल्ली में Trusts दो प्रमुख प्रकार से बनते हैं: private trusts और charitable/public trusts।

Trusts के गठन, संचालन और अनुपालन के लिए Delhi-आधारित निवासियों को trust deed, trustees की नियुक्ति, और नियमित कॉम्प्लायंस जैसी चीजें जाननी आवश्यक हैं।

दिल्ली में Trusts के लिए इन नियमों के साथ आयकर कानून और प्रमाणन आवश्यक होता है, ताकि कर-देय और दान-छूट मिल सके।

“A trust is an obligation annexed to the ownership of property.”

Source: The Indian Trusts Act 1882, Section 3 (Definitional reference). Official text available on central legislature portals.

“Registration under section 12A is essential for claiming exemption under section 11 and 12.”

Source: Income Tax Department, Government of India. Official guidance on charitable trust exemptions.

“A charitable trust may obtain 12A and 12AA registration to claim tax exemptions under Sections 11 and 12.”

Source: Income Tax Department - Charitable Trusts guidelines. Official IT portal addresses charitable exemptions.

तथ्यों का सार - Trusts Delhi में संपत्ति संरक्षण, दान-आय के शुद्धिकरण और वैधानिक पंजीकरण से जुड़े नियमों के तहत संचालित होते हैं।

नवीन परिवर्तन - FCRA और IT अधिनियम के अंतर्गत दान-आय और विदेशी योगदान के नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं; Delhi निवासियों को अद्यतन रहने की जरूरत है।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: Trusts कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Delhi, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें

  • परिदृश्य 1 - दिल्ली-आधारित परिवारिक ट्रस्ट बनाकर संपत्ति का नियोजन करें। परिवारिक सम्पत्ति का नियंत्रण और लाभार्थियों के हित सुरक्षित रखना है।
  • परिदृश्य 2 - दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य या समाज सेवाओं के लिए सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट स्थापित करना। दान स्वीकार कर अनुदान साझा करना लक्ष्य हो।
  • परिदृश्य 3 - वृद्धावस्था, विकलांगता या विशेष आवश्यकताओं वाले व्यक्तियों के लिए Delhi-आधारित ट्रस्ट चलाना। अनुपालन और फंड-प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  • परिदृश्य 4 - कॉर्पोरेट CSR फंडिंग के संचालन के लिए Trust-आधारित फंड बनाना। CSR नियमों के अनुरूप लेखा-जोखा और टैक्स क्लियरेंस चाहिए।
  • परिदृश्य 5 - Delhi के भीतर संपत्ति के हस्तांतरण के लिए ट्रस्ट बनाकर प्रॉपर्टी-मैनेजमेंट करना। विरासत-योजना और ट्रस्ट डीड की सख्त जरूरत होती है।
  • परिदृश्य 6 - छोटे बच्चों के लिए परिवारिक ट्रस्ट बनाकर उत्तराधिकार योजना बनानी हो, ताकि वैध guardian-appointment आसान रहे।

इन परिस्थितियों में एक अनुभवी ट्रस्ट वकील Delhi-आधारित पन्ने-आधारित परामर्श दे सकता है। वे ट्रस्ट डीड, पंजीकरण, कर-अपेक्षित छूट, और आवश्यक बदलावों में मार्गदर्शन दे सकते हैं।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: Delhi, India में Trusts को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें

  • Indian Trusts Act, 1882 - private trusts के निर्माण, दायित्व, और ट्रस्टी-धारणाओं के बारे में केंद्रीय कानून।
  • Income Tax Act, 1961 - Sections 11-13 के तहत charitable/trusts को कर-छूट मिलती है; 12A/12AA और 80G पंजीकरण आवश्यक हो सकता है।
  • Societies Registration Act, 1860 - volunteer organizations और कुछ मामलों में ट्रस्ट/सोसाइटी के रूप में पंजीकरण के लिए प्रयुक्त।

दिल्ली में Trusts के पंजीकरण, आय-कर छूट और दान-सम्बन्धी अनुपालनों के लिए इन कानूनों का समन्वय आवश्यक रहता है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: 10-12 प्रश्न-उत्तर

Trust क्या है?

Trust एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें संपत्ति के स्वामित्व की जिम्मेदारी trustee पर होती है और beneficiary के लाभ के लिए उसे नियंत्रित किया जाता है।

दिल्ली में ट्रस्ट बनाने के लिए कौन से कागज़ चाहिए?

ทั่วไป आवश्यक दस्तावेज: ट्रस्ट डीड, एक-से-एक ट्रस्टर्स-नामावली, पते के सबूत, संपत्ति के प्रमाण, और पंजीकरण-सम्बन्धी फॉर्म।

Private trust और charitable trust में क्या अंतर है?

Private trust का मुख्य उद्देश्य कुछ विशेष लाभार्थियों के लिए संपत्ति रखना है, जबकि charitable trust का उद्देश्य सार्वजनिक लाभ है और आयकर कानून के तहत छूट मिल सकती है।

12A/12AA पंजीकरण क्यों जरूरी है?

यह पंजीकरण कर-छूट के लिए आवश्यक है; बिना पंजीकरण के charitable trusts को इनकम-टैक्स छूट नहीं मिलती।

80G छूट कब मिलती है?

80G आवेदन सेCharitable trusts या NGOs दानकर्ताओं पर आयकर-छूट का दावा कर सकते हैं, यदि वे 12A/12AA के नियमों का पालन करें।

Trust Deed कितनी महत्त्वपूर्ण है?

Trust Deed ट्रस्ट के संचालन, ट्रस्टी-कर्तव्य और लाभार्थियों के अधिकारों को स्पष्ट बनाती है; इसे लिखित रूप में रखना आवश्यक है।

ट्रस्ट में ट्रस्टीज की नियुक्ति कैसे होती है?

ट्रस्ट डीड में ट्रस्टीज के नाम, उनके कर्तव्य, और कितने समय के लिए नियुक्ति है इसका उल्लेख होता है।

ट्रस्ट को संरक्षित रखने के लिए क्या कदम चाहिए?

कठोर अकाउंटिंग, सालाना रिटर्न, और 12A/12AA जैसे पंजीकरण की समय-समय पर निगरानी करें।

कब ट्रस्ट खत्म किया जा सकता है?

ट्रस्ट डीड के अनुसार या कानून के अनुसार ट्रस्ट की समाप्ति के उपाय और प्रक्रिया बताई जाती है।

विदेशी फंडिंग (FCRA) का क्या वास्ता है?

विदेशी योगदान लेने वाले ट्रस्ट के पास FCRA पंजीकरण और नियमित अनुपालनों की जरूरत होती है; Delhi-based ट्रस्टों के लिए महत्वपूर्ण है।

दिल्ली में ट्रस्ट का परिसंपत्ति-हस्तांतरण कैसे देखा जाता है?

प्रॉपर्टी ट्रांसफर, हर बार ट्रस्ट डीड के अनुरूप, पंजीकृत दस्तावेज़ों के साथ किया जाना चाहिए।

ट्रस्ट से जुड़ी शिकायतें कैसे निपटाई जाती हैं?

ट्रस्ट से जुड़ी शिकायतों के लिए न्यायालय या आयोग के सामने ट्रस्ट-डीड, अकाउंट्स और पंजीकरण प्रमाण प्रस्तुत करने पड़ते हैं।

Foreign contributions ke नियम Delhi में कैसे लागू होते हैं?

FCRA नियम के अनुसार विदेशी योगदान केवल वैध पंजीकरण के साथ स्वीकार किया जा सकता है; अनुपालन आवश्यक है।

5. अतिरिक्त संसाधन: Trusts से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  • Income Tax Department, Government of India - charitable trusts के लिए 12A/12AA, 80G आदि के नियमों की आधिकारिक गाइडेंस। https://www.incometaxindia.gov.in
  • The National Trust - विकलांगता एवं अन्य सुविधाओं के लिए सरकारी संस्था, Trusts और फाउंडेशनों के लिए मार्गदर्शन। https://thenationaltrust.gov.in
  • Ministry of Corporate Affairs (MCA) - Section 8 कंपनियों के माध्यम से charitable गतिविधियाँ संचालित करने के बारे में मार्गदर्शन और पंजीकरण सूचना। https://www.mca.gov.in

इन संगठनों के संसाधन Delhi-आधारित ट्रस्ट के लिए उपयोगी पंजीकरण, लेखांकन और अनुपालन के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हैं।

6. अगले कदम: Trusts वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने उद्देश्य और बजट को स्पष्ट करें ताकि सही विशेषज्ञता मिल सके।
  2. दिल्ली के कानून-फर्म या स्वतंत्र ट्रस्ट वकील से प्राथमिक संपर्क करें।
  3. फर्म के अनुभवी ट्रस्ट-डिपार्टमेंट की credentials और केस-ट्रैक रिकॉर्ड चेक करें।
  4. पहली बैठक में डीड, पंजीकरण, टैक्स-छूट आदि पर सवाल-पत्र और शुल्क संरचना पूछें।
  5. मौजूदा ट्रस्टों के साथ उनकी सफलताओं, डिफॉल्ट मिनिमाइजेशन आदि पर संदर्भ लें।
  6. समझौता करने से पहले एक छोटा-सा proposal और engagement letter लें।
  7. FCRA, 12A/12AA आदि आवश्यक पंजीकरण के लिए समय-सीमा तय करें और कार्रवाई शुरू करें।

दिल्ली निवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: स्थानीय नियमों के अनुसार पंजीकरण, रिटर्न फॉर्म और सुरक्षा-योग्य अकाउंटिंग प्रथाओं को प्राथमिकता दें।

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