दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ वसीयत और वसीयतपत्र वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

Kochhar & Co.
दिल्ली, भारत

1994 में स्थापित
उनकी टीम में 50 लोग
Hindi
English
ओवरव्यूकोचर एंड को. (“फर्म”) भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट लॉ फर्मों में से एक है।नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई,...
LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

LAW CHAMBER OF ADVOCATE RAJVEER SINGH

15 minutes मुफ़्त परामर्श
दिल्ली, भारत

2016 में स्थापित
उनकी टीम में 10 लोग
English
Hindi
Welcome to the Law Chamber of Advocate Rajveer Singh, Advocate Rajveer Singh is an Advocate and Registered Trademark Attorney with over 8 years of experience in Supreme Court of India, High Courts and District Courts. With a robust practice spanning multiple domains, we offer comprehensive...
जैसा कि देखा गया

भारत वसीयत और वसीयतपत्र वकीलों द्वारा उत्तरित कानूनी प्रश्न

हमारे 1 कानूनी प्रश्न ब्राउज़ करें वसीयत और वसीयतपत्र के बारे में भारत में और वकीलों के उत्तर पढ़ें, या मुफ़्त में अपने प्रश्न पूछें.

संपत्ति का विभाजन
वसीयत और वसीयतपत्र परिवार वसीयत अनुमोदन
कक्षा 2 के वारिस (पिता) को प्रॉपर्टी की बिक्री अनुबंध में परिवार के सदस्य के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है क्योंकि पहले पंजीकरण के समय वह उपस्थित नहीं थे। विभाजन के दौरान, क्या वह कक्षा 1 - पत्नी (स्वर्गीय), 3 पुत्रों के संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति में अपना...
वकील का उत्तर Remedium Reel Attorneys द्वारा

यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकारी को ट्रांसप्रोवे रजिस्ट्री में प्रशासन पत्र प्राप्त करने के लिए 2 या 3 व्यक्तियों को नियुक्त करना होता है जो उन्हें अन्य उत्तराधिकारियों की इच्छाओं के अनुरूप संपत्ति का प्रशासन करने का अधिकार देता...

पूरा उत्तर पढ़ें
1 उत्तर
Delhi, India में Will & Testament कानून की विस्तृत गाइड

1. Delhi, India में Will & Testament कानून के बारे में: [ Delhi, India में Will & Testament कानून का संक्षिप्त अवलोकन]

Will एक कानूनी दस्तावेज है जो मृत्यु के बाद संपत्ति配ित करने के लिए बनाया जाता है। दिल्ली में Will और Testament के मामलों को मुख्यतः भारतीय Succession Act, 1925 संचालित करता है। न्यायालय प्रक्रिया के अंतर्गत प्रभुत्व-प्रमाणन (probate) जरूरी हो सकता है ताकि Executor संपत्ति का अधिकार प्राप्त कर सके।

कौन बना सकता है, इसकी आयुसीमा सामान्यतः 18 वर्ष से अधिक और मानसिक रूप से स्वास्थ्यपूर्ण स्थिति को मापती है। Will में संपत्ति की पूरी जानकारी, परिसंपत्तियों के विवरण, उत्तराधिकारियों के नाम और Executor का नाम शामिल होना चाहिए। Will को लिखित रूप में, Testator के हस्ताक्षर के साथ, कम-से-कम दो गवाहों के हस्ताक्षर से प्रमाणित किया जाना चाहिए।

Delhi में Will का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, लेकिन पंजीकरण से अदालत में प्रस्तुत करने में सुविधा होती है और दावे के समय उसे मजबूत बनाता है। Self-proved Will का प्रावधान Indian Succession Act में है, जिससे अभिलेख को ग़वाही के बिना भी प्रमाणित किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बात- immovable संपत्ति के मामले में प्रायः probate की आवश्यकता होती है ताकि संपत्ति का ट्रांसफर वैध रूप से हो सके। अगर Will Mumbai, Delhi या अन्य राज्यों में समान संपत्ति के लिए है, तो अलग-अलग अदालतों में कई प्रॉब्लेट प्रक्रियाओं की जरूरत आ सकती है।

“A will shall be in writing, signed by the testator, or by some other person in his presence and by his direction; and shall be attested by at least two witnesses.”

Source: Indian Succession Act, 1925, Section 63

“Probate is the legal process by which a will is proved in court and accepted as a valid document.”

Source: Delhi High Court guidance on probate and succession matters

सूचित उद्धरण- Delhi के निवासियों के लिए Will बनाते समय व्यक्तिगत परिसंपत्तियों का स्पष्ट नक़्शा रखें, संपत्ति के स्थान के अनुसार सही अदालत का चयन करें, और Executor की भूमिका स्पष्ट करें।

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: [Will कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले 4-6 विशिष्ट परिदृश्यों की सूची बनाएं। Delhi, India से संबंधित वास्तविक उदाहरण दें]

  • Delhi में immovable property का विभाजन- एक परिवार के कई सदस्य हों और Delhi स्थित फ्लैट, दुकान आदि हों; गलत विवरण पर दावों के स्पष्टीकरण के लिए वकील की मदद जरूरी है।
  • नए Will के साथ पुराना Will बदलना या रद्द करना- पुराने Will को बदला जाना हो या नया Will बन रहा हो, तो कानूनी प्रक्रिया और प्रभाव समझना आवश्यक है।
  • Cross-state property (दिल्ली से बाहर) के probate- अगर दिल्ली से बाहर भी संपत्ति है तो बहु-राज्य probate की जरूरत पड़ सकती है।
  • Minor बच्चों के संरक्षण और उत्तराधिकारी योजना- संरक्षक नियुक्त करना, guardianship और trust-आधारित व्यवस्था स्पष्ट करनी होती है।
  • Blended फेमिली या अपरिचित रिश्तेदारों के दावों का समाधान- विवादित मामलों में वैध विकल्प और वैधानिक सीमाओं की पहचान जरूरी है।
  • Non-resident या foreign properties वाले मामले- विदेशी संपत्ति पर भारतीय कानून और विदेशी निकायों के साथ समन्वय चाहिए।

दिल्ली के वास्तविक उदाहरणों में, एक वरिष्ठ नागरिक ने दिल्ली में स्थित मकान अपने შვილों के बीच कैसे विभाजित किया, इसकी स्पष्ट Will और Executor नियुक्ति आवश्यक होती है। दूसरे उदाहरण में, अगर प्रॉपर्टी पंजीकरण के समय Will पर डायरेक्ट बेनिफिशियरी नामित है, तो probate प्रक्रिया तेज़ हो सकती है।

3. स्थानीय कानून अवलोकन: [ Delhi, India में Will & Testament को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानूनों का नाम से उल्लेख करें]

  • The Indian Succession Act, 1925 - Will, testament, codicils, proof और probate के मुख्य प्रावधान यही नियंत्रित करते हैं।
  • The Registration Act, 1908 - Will की registration वैकल्पिक है; registration से दावे में स्पष्टता बढ़ती है।
  • The Transfer of Property Act, 1882 - Will के द्वारा संपत्ति के transfer नियमों और प्रभाव के संदर्भ देता है।

ध्यान दें कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और कश्मीरी-हिदू जैसे विविध व्यक्तिगत कानून Delhi में Will के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: [10-12 प्रश्न-उत्तर जोड़े तैयार करें]

Will क्या लिखित होना चाहिए?

हाँ, Will को लिखित रूप में होना चाहिए, हस्ताक्षर गणना से पहले हों और कम-से-कम दो गवाहों के हस्ताक्षर होने चाहिए।

क्या Will का पंजीकरण अनिवार्य है?

नहीं, Will का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। लेकिन पंजीकरण से दस्तावेज़ की सुरक्षा बढ़ती है और अदालत में प्रस्तुति आसान होती है।

Probatene के लिए Delhi High Court में कहाँ आवेदन करें?

Delhi High Court के Probate विभाग में Will के प्रमाणन के लिए आवेदन किया जाता है; डॉक्टर, शिकायत और प्रमाणन प्रक्रियाएं मामले के अनुसार निर्धारित होती हैं।

क्या Will में guardian और executor बताना जरूरी है?

खास तौर पर बच्चों के लिए guardian और estate के administration के लिए executor बताना उपयुक्त रहता है। बिना नाम के executor अदालत द्वारा नियुक्त किया जा सकता है।

क्या मैं अपने Will को बाद में बदल सकता हूँ?

हाँ, आप नया Will बना सकते हैं या Codicil के जरिये परिवर्तन कर सकते हैं; पुराने Will की वैधता तब तक रहती है जब तक नया Will वैध न हो।

यदि मैं दिल्ली में रहती हूँ पर संपत्ति दूसरे राज्य में है?

तो आपको Cross-state probate की जरूरत पड़ सकती है; ऐसे मामलों में अलग-अलग राज्यों की अदालतें निर्देश दे सकती हैं।

Will पर काबिज संपत्ति movable (चल-त्त संपत्ति) और immovable संपत्ति पर क्या प्रभाव होता है?

Will movable संपत्ति जैसे bank balance, jewelry आदि पर executor को तुरंत नियंत्रण नहीं देता; immovable संपत्ति पर probate जरूरी हो सकता है ताकि ट्रांसफर वैध हो सके।

क्या Will पर undue influence या fraud से हस्ताक्षर हो सकता है?

ऐसा विचारणीय मामला अदालत द्वारा scrutinized किया जाएगा; testamentary capacity और coercion के प्रमाण महत्वपूर्ण होते हैं।

क्या मैं Will ऑनलाइन बना सकता हूँ?

अधिकांश स्थिति में Will ऑनलाइन बनना मान्य नहीं माना जाता है; यह कदम लिखित, हस्ताक्षरित और गवाहों द्वारा समर्थित होना चाहिए।

Will किस समय प्रभावी होता है?

Testator के मृत्यु के बाद Will प्रभावी होता है; Executor को probate मिलने पर ही संपत्ति के वितरण की शक्तियाँ मिलती हैं।

Will और Taxation का क्या संबंध है?

Will से estate में होने वाले ट्रांसफर पर आयकर या संपत्ति-कर संबंधित नियम लागू हो सकते हैं; एकTax-advisor से मिलकर योजना बनाना उपयोगी है।

क्या मैं Will बनाने के लिए Unmarried Partners को छोड़ सकता/सकती हूँ?

Will में ऐसी विवेक-निर्भर संरचना संभव है, परन्तु नियम और अदालत के निर्णय स्पष्ट होते हैं; अन्यथा heirs के अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

कौन सा दस्तावेज़ Will के साथ रखना उचित है?

Will के साथ एक list of assets, bank accounts, liabilities, और executor का प्रमाणपत्र शामिल करें; death certificate और identity proofs भी रखें।

अगर Will में गलतियाँ हों तो?

गलतियाँ होने पर अदालत वैधता पर निर्णय लेती है; सलाहकार द्वारा संशोधन या नया Will बन सकता है।

Will कब invalidate हो सकता है?

यदि testator ने मानसिक स्वास्थ्य के अभाव में sign किया, undue influence हुआ हो, या attesting witnesses गलत हों, तो Will अस्वीकार किया जा सकता है।

क्या minor heirs के लिए अलग से प्रावधान करना जरूरी है?

हां, minor heirs के लिए guardian और caretaking plan बनाना उचित रहता है; अदालत guardian appointment के निर्देश दे सकती है।

Will पर contest कब किया जा सकता है?

अगर कोई दावा करता है कि Will असल में valid नहीं है या fraud हुआ है, तो contest संभव है; अदालत निर्णय देगा।

Hindi-व्यक्तियों के लिए कोई विशेष नियम?

Hindus, Christians, Muslims आदि के लिए personal कानून भी Will के संचालन को प्रभावित कर सकता है; सलाह रखना उचित है।

5. अतिरिक्त संसाधन: Will & Testament से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - मुफ्त कानूनी सहायता और probate से जुड़ी जानकारी उपलब्ध।
  • Bar Council of Delhi - वकील एडवाइस और डायरियाँ उपलब्ध; Delhi क्षेत्र के लिए मार्गदर्शन।
  • Bar Council of India - राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी पेशे के मानक और वकील-निर्देशन।

6. अगले कदम: Will वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपनी संपत्ति, बैंक-खाते, और उत्तराधिकारियों की सूची बनाएं ताकि स्पष्टता मिले।
  2. दिल्ली क्षेत्र के अनुभव वाले Will & Testament वकील अथवा अधिवक्ता से initial consultation लें।
  3. अपने मौजूदा दस्तावेज़ों के साथ (यदि कोई हो) एक ड्राफ्ट Will-विकल्प पर चर्चा करें।
  4. Executor, guardians और beneficiaries के नाम स्पष्ट करें और उनकी पहचान दर्ज करें।
  5. Will को attestation और self-proved बनाने के तरीके समझें; जरूरत हो तो notarization शर्तें जानें।
  6. Will की registration पर विचार करें यदि आपको सुरक्षा की आवश्यकता है।
  7. Will के originals सुरक्षित स्थान पर रखें और Executor को एक copy दें; copies को सुरक्षित स्थान पर रखें।

टिप्स और सावधानियाँ- Delhi निवासियों के लिए Will बनाते समय स्थानीय संपत्ति की स्थिति और relevant personal law को ध्यान में रखें। असमान दावों से बचने के लिए स्पष्ट language और professional draft करवाएं।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से दिल्ली में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, वसीयत और वसीयतपत्र सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

दिल्ली, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।