जम्मू में सर्वश्रेष्ठ अन्यायपूर्ण मृत्यु वकील

अपनी ज़रूरतें हमारे साथ साझा करें, कानूनी फर्मों से संपर्क प्राप्त करें।

मुफ़्त। 2 मिनट लगते हैं।

ADV HARPREET SINGH AND ASSOCIATES
जम्मू, भारत

2022 में स्थापित
उनकी टीम में 19 लोग
Hindi
English
Urdu
Kashmiri
अधिवक्ता हरप्रीत सिंह: जटिल कराधान और कॉर्पोरेट विधि में एक भरोसेमंद कानूनी रणनीतिकारविधिक जटिलताओं की निरंतर...
जैसा कि देखा गया

1. जम्मू, भारत में अन्यायपूर्ण मृत्यु कानून के बारे में: जम्मू, भारत में अन्यायपूर्ण मृत्यु कानून का संक्षिप्त अवलोकन

जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के लिए अन्यायपूर्ण मृत्यु के मामले सामान्यतः दायित्व कानून और वाद-प्रतिवाद के रास्ते से सुलझते हैं। इन मामलों में निर्भर व्यक्तियों को क्षतिपूर्ति का दावा करने का अधिकार मिलता है। जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित क्षेत्र के रूप में भारतीय कानून के अधीन है, इसलिए मानक भारतीय कानून यहां भी प्रचलित हैं।

कानूनी remedies मुख्य रूप से दो धाराओं से मिलती हैं: (1) सही-तरीके से मर चुके व्यक्ति के कानूनी प्रतिनिधि के द्वारा नागरिक अदालत में The Fatal Accidents Act 1855 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का दावा, और (2) Motor Vehicles Act 1988 के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को मुआवजा प्राप्त करना।

आधिकारिक उद्धरण: "The Motor Vehicles Act, 1988 provides for compensation to the dependants of a person killed in a motor accident." - National Portal of India. https://www.india.gov.in/

“The Fatal Accidents Act, 1855 provides a remedy for dependants to recover damages from the wrongdoer in cases of death caused by wrongful act or neglect.”

इन क्षमताओं का अभ्यास जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय कानूनों के अनुरूप किया जाता है। इसके अलावा नागरिक-आपराधिक कानून के भीतर 304A IPC जैसे अपराधों के दायरे भी अकसर जाँचे जाते हैं।

आधिकारिक उद्धरण: "Section 166 of the Motor Vehicles Act deals with compensation for death or bodily injury arising out of motor vehicle accidents." - https://indiacode.nic.in

2. आपको वकील की आवश्यकता क्यों हो सकती है: जम्मू, भारत से संबंधित वास्तविक उदाहरण सहित 4-6 विशिष्ट परिदृश्य

कई परिस्थितियाँ ऐसी हैं जिनमें आपदा के बाद कानूनी सलाहटर की जरूरत महसूस होती है। एक सक्षम अधिवक्ता नुकसान के दायरे, समयसीमा और दावा-प्रक्रिया को स्पष्ट कर सकता है।

  • 101 वर्ष के माता-पिता के लिए सड़क दुर्घटना से पुत्र की मृत्यु पर The Fatal Accidents Act 1855 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का दावा।
  • कठोर सड़क दुर्घटना में परिवार के सदस्यों की मृत्यु के कारण Motor Vehicles Act का मुआवजा प्राप्त करना।
  • अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही से मृत्यु होने पर चिकित्सा negligence के दायरे में civil liability तय कराना।
  • निर्माण स्थलों या कारखाने में काम के दौरान मौत होने पर औद्योगिक दुर्घटना के दायरे में दावा दायर करना।
  • Defective product या दवा से मौत होने पर उपभोक्ता मंचों के साथ-साथ civil suit के विकल्प तलाशना।
  • सरकारी सेवाओं के कारण हुई कथित लापरवाही पर न्याय प्राप्ति के लिए IPC 304A के अंतर्गत अपराध-निवारण और Civil claim एक साथ चलाने की रणनीति।

जम्मू क्षेत्र में एक उदाहरण के समान, मृतक के परिवार ने सड़क दुर्घटना के बाद insurer से मुआवजे के लिए दावा किया; इसके परिणामस्वरूप वास्तविक मुआवजे और उपचारात्मक लागतों की भाग-धारणा संभव हो पाई।

नोट: अदालतें सामान्यतः यह पूछती हैं कि दावा किस कानून के तहत है और क्या समय-सीमा पूरी हो चुकी है।

उद्धरण: National Legal Services Authority (NALSA) - "Legal aid and advice for wrongful death claims helps preserve the rights of dependants." https://nalsa.gov.in

3. स्थानीय कानून अवलोकन: जम्मू, भारत में अन्यायपूर्ण मृत्यु को नियंत्रित करने वाले 2-3 विशिष्ट कानून

The Fatal Accidents Act, 1855 के अनुसार मृत्यु के कारण कानूनी प्रतिनिधि को नुकसान-ऋण से क्षतिपूर्ति का दावा करने का अधिकार मिलता है।

The Motor Vehicles Act, 1988 के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु के मामले में परिजनों को मुआवजा दिया जाता है, और insurer से भुगतान का निर्देश दिया जा सकता है।

Indian Penal Code, 1860 (Section 304A) के अंतर्गत मृत्यु के कारण होने वाली आरोप-प्रत्यारोप अवहेलना criminal liability बनती है; Civil remedies के साथ साथ criminal proceedings भी चलाए जा सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर UT के अंतर्गत इन केंद्रीय कानूनों को लागू किया जाता है; Article 370 के अनुच्छेद हटने के बाद स्थानीय कानून-व्यवस्था भारतीय कानूनों के अनुरूप है।

उद्धरण: "Section 166 of the Motor Vehicles Act, 1988 provides compensation to dependants in motor accidents." - indiacode.nic.in https://indiacode.nic.in

उद्धरण: "The Fatal Accidents Act enables dependants to recover damages for death caused by wrongful act or neglect." - National Portal of India https://www.india.gov.in

4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: 10-12 प्रश्न-उत्तर

इस विषय से जुड़ा wrongful death क्या है?

यह किसी की मृत्यु को एक गलत कृत्य या उपेक्षा के कारण होने के परिणामस्वरूप निधन होने के दावे से जुड़ा civil remedy है।

कौन-से मामलों में मैं दावा कर सकता हूँ?

Road accident, medical negligence, workplace दुर्घटना, defective product से होने वाली मृत्यु आदि में dependants को क्षतिपूर्ति का दावा मिल सकता है।

मॉडर्नssp Motor Vehicles Act के अंतर्गत मैं कैसे दावा कर सकता हूँ?

dependants को कानूनन मुआवजे का अधिकार है; insurer और court द्वारा compensation तय किया जाता है, समय-सीमा के भीतर दायर करना जरूरी है।

कौन-सी इकाई claim दायर कर सकती है?

मृतक के कानूनी प्रतिनिधि या dependants, जैसे spouse, children, या parents, The Fatal Accidents Act के अंतर्गत अधिकार रखते हैं।

क्या मुझे एक अधिवक्ता की जरूरत होगी?

हाँ; एक अनुभवी वकील समयसीमा, रिकॉर्डिंग, और फॉर्मेट के अनुरूप दावे को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

क्या यह लोक-लाभ हेतु है या व्यक्तिगत मामला है?

यह एक व्यक्तिगत-हक का मामला है, जिसमें family के साथ साथ dependants का आर्थिक हित जुड़ा होता है।

समय-सीमा क्या है?

सामान्यतया Limitation Act के तहत दावों के लिए निर्धारित समय-सीमा होती है; सड़क दुर्घटना के मामलों में आम तौर पर 2-3 वर्ष की सीमा होती है, किन्तु परिस्थितियाँ बदल सकती हैं।

क्या मैं एक साथ criminal case भी चला सकता/सकती हूँ?

हाँ; यदि किसी मौत के पीछे negligent act का अपराध अंकित हो, IPC 304A के अंतर्गत criminal case भी दर्ज किया जा सकता है।

क्या अदालतें मुआवजा किस प्रकार निर्धारित करती हैं?

निर्भरकर्ता की वर्तमान आय, आय-भविष्य, आर्थिक नुकसान, चिकित्सा लागतों आदि पर आधारित एक तात्कालिक वा स्थायी मुआवजा तय किया जाता है।

कौन-सी अदालत में यह दावा दायर होता है?

सामान्यतः नागरिक अदालतें, यथास्थिती के अनुसार जिला कोर्ट या उपयुक्त उच्च न्यायालय के समक्ष दावेदारी की जाती है।

किस प्रकार का दस्तावेजीकरण चाहिए?

मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार के पहचान प्रमाण, death cause के medical records, accident रिपोर्ट, पेंशन या आय के प्रमाण जैसी चीजें जरूरी होती हैं।

क्या सरकारी मुआवजे के विकल्प भी उपलब्ध हैं?

कुछ मामलों में सरकारी योजनाओं के अंतर्गत विशेष मुआवजा या सहायता मिल सकती है, इसके लिए JKLSA या NALSA सलाह देती है।

क्या अदालत से पहले mediation संभव है?

हाँ; कई मामलों में mediation या compromise से जल्दी निपटान हो सकता है, विशेषकर परिवारों के बीच समझौते के लिए।

किस प्रकार का juridique परामर्श आवश्यक है?

civil liability, insurance claims, और IPC 304A जैसे criminal provisions की जानकारी के साथ expertise चाहिए होती है।

5. अतिरिक्त संसाधन: अन्यायपूर्ण मृत्यु से संबंधित 3 विशिष्ट संगठन

  • National Legal Services Authority (NALSA) - कानूनी aid और guidance के लिए अधिकृत राष्ट्रीय संस्था. https://nalsa.gov.in
  • Jammu & Kashmir State Legal Services Authority (JKLSA) - जम्मू-कश्मीर में कानूनी सहायता सेवाओं की व्यवस्था. https://jklsa.nic.in
  • National Consumer Disputes Redressal Commission (NCDRC) - उपभोक्ता मामलों में शिकायतों के अधिकार और समाधान. https://ncdrc.nic.in

6. अगले कदम: अन्यायपूर्ण मृत्यु वकील खोजने के लिए 5-7 चरणीय प्रक्रिया

  1. अपने क्षेत्र में wrongful death या tort litigation में अनुभव वाले अधिवक्ता का चयन करें।
  2. JK क्षेत्राधिकार के हिसाब से अनुभवी कानून-परामर्शदाता की सूची बनाएं।
  3. पूर्व मामले उदाहरण, सफलता दर और शुल्क संरचना पर प्रश्न-पत्र बनाएं।
  4. उपयुक्त अदालतों में डायरेक्टेड काउंसलिंग के लिए पहले से नियुक्तियों के लिए คॉन्टैक्ट करें।
  5. कागजी आवश्यकताओं के लिए दस्तावेजों का संकलन करें, जैसे death certificate, accident reports, medical records आदि।
  6. Consultation के दौरान courtroom approach, strategy, और अनुमानित costs पर स्पष्ट समझ बनाएं।
  7. यदि संभव हो तो समान परिस्थितियों में सफल पूर्व केसों के अनुभव साझा करें और निर्णय-समय-सीमा समझें।

Lawzana आपको योग्य कानूनी पेशेवरों की चयनित और पूर्व-जाँच की गई सूची के माध्यम से जम्मू में में सर्वश्रेष्ठ वकील और कानूनी फर्म खोजने में मदद करता है। हमारा प्लेटफ़ॉर्म अभ्यास क्षेत्रों, अन्यायपूर्ण मृत्यु सहित, अनुभव और ग्राहक प्रतिक्रिया के आधार पर तुलना करने की अनुमति देने वाली रैंकिंग और वकीलों व कानूनी फर्मों की विस्तृत प्रोफ़ाइल प्रदान करता है।

प्रत्येक प्रोफ़ाइल में फर्म के अभ्यास क्षेत्रों, ग्राहक समीक्षाओं, टीम सदस्यों और भागीदारों, स्थापना वर्ष, बोली जाने वाली भाषाओं, कार्यालय स्थानों, संपर्क जानकारी, सोशल मीडिया उपस्थिति, और प्रकाशित लेखों या संसाधनों का विवरण शामिल है। हमारे प्लेटफ़ॉर्म पर अधिकांश फर्म अंग्रेजी बोलती हैं और स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों कानूनी मामलों में अनुभवी हैं।

जम्मू, भारत में में शीर्ष-रेटेड कानूनी फर्मों से उद्धरण प्राप्त करें — तेज़ी से, सुरक्षित रूप से, और बिना अनावश्यक परेशानी के।

अस्वीकरण:

इस पृष्ठ पर दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी सलाह नहीं है। हम सामग्री की सटीकता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन कानूनी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, और कानून की व्याख्या भिन्न हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के लिए विशिष्ट सलाह हेतु हमेशा एक योग्य कानूनी पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

हम इस पृष्ठ की सामग्री के आधार पर की गई या न की गई कार्रवाइयों के लिए सभी दायित्व को अस्वीकार करते हैं। यदि आपको लगता है कि कोई जानकारी गलत या पुरानी है, तो कृपया contact us, और हम उसकी समीक्षा करेंगे और जहाँ उचित हो अपडेट करेंगे।